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कौशाम्बी जिले की चायल तहसील के उपकेंद्र पैगंबरपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले देवरा और बदनपुर गांवों में लगातार हो रही बिजली कटौती से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। इस समय धान की रोपाई का मौसम चल रहा है, ऐसे में बिजली न मिलने के कारण किसानों को खेतों की सिंचाई और खेती से जुड़े अन्य कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, रात के समय बिजली गायब रहने से लोगों को अंधेरे में रहने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे अंधेरे में रोस्टिंग (भूनाई) सहित कई घरेलू कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। बिजली संकट से त्रस्त ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और विद्युत विभाग से गुहार लगाई है कि क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति को तत्काल सुचारु किया जाए ताकि उन्हें इस समस्या से राहत मिल सके।
HEMRAJ MAURYA
कौशाम्बी जिले की चायल तहसील के उपकेंद्र पैगंबरपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले देवरा और बदनपुर गांवों में लगातार हो रही बिजली कटौती से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। इस समय धान की रोपाई का मौसम चल रहा है, ऐसे में बिजली न मिलने के कारण किसानों को खेतों की सिंचाई और खेती से जुड़े अन्य कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, रात के समय बिजली गायब रहने से लोगों को अंधेरे में रहने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे अंधेरे में रोस्टिंग (भूनाई) सहित कई घरेलू कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। बिजली संकट से त्रस्त ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और विद्युत विभाग से गुहार लगाई है कि क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति को तत्काल सुचारु किया जाए ताकि उन्हें इस समस्या से राहत मिल सके।
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- कौशाम्बी जिले की चायल तहसील के उपकेंद्र पैगंबरपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले देवरा और बदनपुर गांवों में लगातार हो रही बिजली कटौती से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। इस समय धान की रोपाई का मौसम चल रहा है, ऐसे में बिजली न मिलने के कारण किसानों को खेतों की सिंचाई और खेती से जुड़े अन्य कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, रात के समय बिजली गायब रहने से लोगों को अंधेरे में रहने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे अंधेरे में रोस्टिंग (भूनाई) सहित कई घरेलू कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। बिजली संकट से त्रस्त ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और विद्युत विभाग से गुहार लगाई है कि क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति को तत्काल सुचारु किया जाए ताकि उन्हें इस समस्या से राहत मिल सके।1
- कौशाम्बी के कोखराज थाना क्षेत्र में सात बच्चों की मां के घर छोड़ने के चर्चित मामले में एक नया मोड़ आ गया है। दो दिन पहले महिला के अपनी बेटी के ससुर के साथ फरार होने की खबरें सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों में तेजी से प्रसारित हुई थीं, जिसके बाद अब महिला ने खुद सामने आकर इन सभी दावों का खंडन किया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो और कोखराज थाने पहुंचकर दिए बयान में महिला ने स्पष्ट किया है कि वह किसी के साथ भागी नहीं थी, बल्कि अपनी मां के साथ घर से गई थी। महिला ने आरोप लगाया है कि उसका पति आए दिन उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज करता था, जिससे नाराज होकर वह बिना किसी को बताए घर छोड़कर चली गई थी। महिला के सामने आने के बाद मामले की वास्तविक स्थिति को लेकर नई तस्वीर सामने आई है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, महिला के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।1
- कौशाम्बी में सम्धी और सम्धन का एक बड़ा कांड सामने आया है। इस पूरे मामले को लेकर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है, जिसमें इस बड़े घटनाक्रम का खुलासा किया गया है।1
- जंतर-मंतर पहुंचे अरविंद केजरीवाल और सोनम वांगचुक के साथ जुटी भारी भीड़ को देखकर अब मोदी-शाह की नींद उड़ने वाली है। जंतर-मंतर पर उमड़े इस जबरदस्त जनसैलाब को देखकर साफ है कि विरोधियों की नींद उड़ जाएगी।1
- कौशाम्बी के पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण के नेतृत्व में हाई-इंटेंसिटी बलवा ड्रिल का अभ्यास किया गया। शुक्रवार, 17 जुलाई को आयोजित इस अभ्यास की शुरुआत एसपी द्वारा परेड की सलामी लेने के साथ हुई। इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य जिले में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करना और विपरीत परिस्थितियों में न्यूनतम बल का प्रयोग कर शांति स्थापित करना है। अभ्यास के दौरान पुलिस कर्मियों ने दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस होकर भीड़ को तितर-बितर करने की विभिन्न विधिक कड़ियों का अभ्यास किया। इसमें आंसू गैस गन, एंटी राइट गन, चिली बम, रबर बुलेट और हैंड ग्रेनेड जैसे उपकरणों के प्रयोग का प्रशिक्षण दिया गया। अभ्यास को क्रमवार तरीके से पूरा किया गया, जिसमें सबसे पहले एलआईयू द्वारा सूचनाएं जुटाई गईं, जिसके बाद नागरिक पुलिस ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया। चेतावनी के बाद अग्निशमन दल द्वारा पानी की बौछार, टीयर गैस स्क्वाड द्वारा आंसू गैस और लाठी पार्टी द्वारा न्यूनतम बल प्रयोग का प्रदर्शन किया गया। यदि उपद्रवी हिंसा जारी रखते हैं, तो आत्मरक्षा में अग्नेयास्त्रों का उपयोग करने के लिए फायर पार्टी द्वारा फायरिंग का भी अभ्यास कराया गया। इस प्रदर्शन के दौरान घायलों को तुरंत उपचार देने के लिए प्राथमिक चिकित्सा टीम और एम्बुलेंस की आपातकालीन कार्रवाई का भी पूर्वाभ्यास हुआ। भीड़ हटने के बाद सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रिजर्व पुलिस टीम ने पिकेट लगाने का अभ्यास किया और पूरी प्रक्रिया पर ड्रोन कैमरे से कड़ी निगरानी रखी गई। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने पूरी ड्रिल का बारीकी से निरीक्षण कर छोटी-मोटी त्रुटियों को सुधारने का मार्गदर्शन दिया और पुलिसकर्मियों के उत्साहवर्धन के लिए उनकी सराहना की। अभ्यास में अपर पुलिस अधीक्षक अमिता सिंह, क्षेत्राधिकारी मंझनपुर सौरभ सामंत, क्षेत्राधिकारी चायल शिवांक सिंह, क्षेत्राधिकारी अपराध अरुण शुक्ला और पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक सहित समस्त थाना प्रभारी शामिल रहे।1
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में पुलिस पर मजदूरों के ऊपर बल प्रयोग करने का गंभीर आरोप लगा है। यह पूरा मामला मंझनपुर थाना क्षेत्र की नारा पुलिस चौकी का है, जहाँ मजदूरों के खिलाफ पुलिसिया बल का इस्तेमाल किया गया है।1