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विदिशा जिला कलेक्ट्रेट में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई में आज वार्ड क्रमांक 33 के कॉलोनीवासी अपनी समस्याओं को लेकर पहुँचे। उन्होंने विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता के नाम एक शिकायती आवेदन सौंपा, जिसमें अपनी कॉलोनी की बदहाल सड़कों की मरम्मत कार्य की माँग की गई। कॉलोनीवासियों ने कलेक्टर से उम्मीद जताई है कि वे उनकी शिकायत पर ध्यान देंगे। वहीं, शहर की अन्य कॉलोनियों और वार्डों-मोहल्लों में भी सड़कों की बदहाल स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण राहगीरों को आने-जाने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अब देखना यह होगा कि कलेक्टर महोदय इन शिकायतों पर कितना संज्ञान लेते हैं।
Vinod Mehra
विदिशा जिला कलेक्ट्रेट में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई में आज वार्ड क्रमांक 33 के कॉलोनीवासी अपनी समस्याओं को लेकर पहुँचे। उन्होंने विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता के नाम एक शिकायती आवेदन सौंपा, जिसमें अपनी कॉलोनी की बदहाल सड़कों की मरम्मत कार्य की माँग की गई। कॉलोनीवासियों ने कलेक्टर से उम्मीद जताई है कि वे उनकी शिकायत पर ध्यान देंगे। वहीं, शहर की अन्य कॉलोनियों और वार्डों-मोहल्लों में भी सड़कों की बदहाल स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण राहगीरों को आने-जाने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अब देखना यह होगा कि कलेक्टर महोदय इन शिकायतों पर कितना संज्ञान लेते हैं।
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- मध्य प्रदेश में वक्फ कानून 2026 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेता जहीर खान ने इस कानून के संबंध में केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने वक्फ बोर्ड और मंदिर समितियों की संरचना को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा कि सरकार का यह फैसला मुस्लिम समाज की भावनाओं से सीधा जुड़ा है। वक्फ कानून 2026 लागू होने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जहीर खान ने केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार से पूछा कि यदि देश के बड़े मंदिर समितियों में कभी किसी मुस्लिम सदस्य को शामिल करने का प्रस्ताव नहीं रखा जाता, तो फिर वक्फ से जुड़े मामलों में इस तरह का हस्तक्षेप क्यों किया जा रहा है? उन्होंने सरकार से सवाल किया कि यदि वह समानता की बात करती है, तो क्या मुसलमानों को भी मंदिर प्रबंधन समितियों में प्रतिनिधित्व देने पर विचार करेगी? जहीर खान ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार को सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए और किसी भी समुदाय की धार्मिक संस्थाओं के मामलों में संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए। फिलहाल, वक्फ कानून 2026 को लेकर प्रदेश में लगातार राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन उठाए गए सवालों का क्या जवाब देती है।1
- यहाँ स्थित एक चमत्कारी मंदिर अपनी अनूठी मान्यताओं और गहरी धार्मिक आस्था के कारण दूर-दूर से आने वाले भक्तों को अपनी ओर खींचता है। यह दृढ़ता से माना जाता है कि जो भी व्यक्ति सच्चे मन से यहाँ प्रार्थना करता है, उसकी इच्छा अवश्य पूरी होती है। इस मंदिर की विशेष परंपराएँ और यहाँ का आध्यात्मिक माहौल इसे पूरे क्षेत्र का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र बनाते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली से एक झकझोर कर रख देने वाला दृश्य सामने आया है, जहां एक लाचार बुजुर्ग को अपनी बीमार पत्नी को इलाज न मिलने पर हाथ ठेले पर लादकर जिला अस्पताल पहुंचाना पड़ा। यह घटना सरकारी वादों की पोल खोलती है और इसे हमारे स्वास्थ्य तंत्र का आईना बताया गया है। इस तस्वीर के अनुसार, जहां सरकारी विज्ञापनों में स्वास्थ्य सेवाएँ दौड़ती दिखती हैं, वहीं ज़मीन पर एम्बुलेंस केवल कागज़ों में ही सायरन बजाती हैं। इमरजेंसी वार्ड, जिसे जीवन की अंतिम उम्मीद बताया गया है, वहां घंटों तक कोई देखने वाला नहीं था। बुजुर्ग की काँपती आवाज़ में जब यह आशंका झलकी कि "अगर यहाँ रही तो मर जाएगी", तब यह सिर्फ एक मरीज का नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो गया। करोड़ों के बजट, बैठकों और दावों के बावजूद, अगर एक बुजुर्ग को अपनी पत्नी के लिए ठेले को ही एम्बुलेंस बनाना पड़े, तो यह स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत और व्यवस्था की गहरी विफलता को दर्शाता है।1
- हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के साथ हुए एक विवाद और इसके कारण बढ़ते विरोध के बाद दिया गया है। जानकारी के अनुसार, रेणु भाटिया ने अपना त्यागपत्र मुख्यमंत्री को भेज दिया है और उसे स्वीकार करने का अनुरोध किया है।1
- बुरहानपुर जिले के लालबाग थाना क्षेत्र के सिंधिबस्ती इलाके से बड़ी संख्या में महिला और पुरुष आज जनसुनवाई में अपनी शिकायत लेकर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। वे एक स्थानीय युवक द्वारा बार-बार की जा रही झूठी शिकायतों की जाँच की मांग कर रहे थे। शिकायतकर्ता सोनम तुलसवानी ने बताया कि इसी क्षेत्र का युवक पवन आसवानी उनके पति नीतू तुलसवानी के खिलाफ लगातार झूठी शिकायतें दर्ज कराता रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पवन आसवानी के खिलाफ पहले से ही कई मामले दर्ज हैं, और उसकी इन हरकतों के कारण पूरे क्षेत्र के महिला-पुरुष भयभीत हैं। क्षेत्र की महिलाओं ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से इस मामले में न्याय दिलाने की गुहार लगाई है और संबंधित दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।4
- आज भोपाल के संत हिरदाराम नगर स्थित 3 EME सेंटर (आर्मी क्षेत्र) में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर महापौर मालती राय ने अभियान के अंतर्गत 5 हजार पौधे रोपड़ की शुरुआत करते हुए स्वयं एक पौधा लगाया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती कुसुम चतुर्वेदी और आर्मी के अधिकारी गण भी उपस्थित रहे। महापौर मालती राय ने बताया कि यह अभियान मां के सम्मान और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।1
- शमशाबाद के ग्राम हिंगली के एक परिवार ने आज जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई। परिवार का आरोप है कि पिछले तीन सालों से चल रहे जमीन विवाद में पुलिस प्रशासन ने भी उनकी कोई मदद नहीं की है। उन्होंने बताया कि गाँव के ही हरि सिंह नाम के व्यक्ति ने उनकी एक बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है और तीन सालों से वह कब्जा नहीं छोड़ रहा। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में पटवारी, तहसीलदार और थाने में भी शिकायत की थी। उनका कहना है कि जमीन की नपती (माप) भी कर दी गई थी, इसके बावजूद उन्हें अपनी जमीन वापस नहीं मिली है। परिवार ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि पुलिस प्रशासन उनकी मदद करने के बजाय उनके ही परिवार पर झूठे मामले दर्ज कर उन्हें परेशान कर रहा है।4
- कुरुक्षेत्र के LNJP अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया अस्पताल पहुंचीं। यह मामला एक डॉक्टर पर ओपीडी में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित गलत हरकत करने के आरोप से जुड़ा है। इस घटना को लेकर रेणु भाटिया ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सवाल उठाया कि "बच्ची को डॉक्टर के पास अकेले कैसे छोड़ दिया गया?" मामले की गंभीरता को देखते हुए, नर्स और स्टाफ सहित कई लोगों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं।1
- सीहोर जिले के पास सोमवार को हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पांच लोगों में से चार का मंगलवार को राजगढ़ जिले के कालीपीठ थाना क्षेत्र के भियापुरा गांव में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। एक ही गांव से बनेसिंह तंवर (25), देवीराम तंवर (60), भगवान सिंह तंवर (45) और गुलाब सिंह तंवर (32) की चार अर्थियां एक साथ उठीं, जिससे पूरे गांव में मातम पसर गया और हर आंख नम हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। यह हृदयविदारक हादसा सोमवार दोपहर करीब 2:45 बजे आष्टा के पास गोदी जोड़ के समीप हुआ था, जब भियापुरा से एक बोलेरो में सवार 9 लोग मानसिक रूप से अस्वस्थ बनेसिंह को देवास जिले के काटा फोड़ इलाज के लिए ले जा रहे थे और बोलेरो की सामने से आ रहे एक ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि इंदर सिंह, राजाराम, राधेश्याम और हेमराज घायल हो गए। इनमें से दो, राधेश्याम और राजाराम का इलाज भोपाल में तथा हेमराज व इंदर सिंह का इलाज सीहोर में चल रहा है। वहीं, बोलेरो चालक अमरसिंह तंवर (45) निवासी सेमलाबे का अंतिम संस्कार 3 किलोमीटर दूर उसके पैतृक गांव में किया गया। मंगलवार दोपहर 12 बजे चारों शव गांव पहुंचने पर ग्रामीणों और परिजनों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि चारों की मौत एक साथ हुई है, इसलिए उनका अंतिम संस्कार भी एक ही चिता पर किया जाएगा। इसके उपरांत, गांव के बाहर एक बड़ी चिता तैयार की गई और दोपहर करीब 1 बजे चारों की अंतिम यात्रा एक साथ निकाल कर, उन्हें एक ही बड़ी चिता पर लिटाकर अंतिम संस्कार किया गया। हादसे के बाद भियापुरा और सेमलाबे दोनों गांवों में गहरा शोक का माहौल रहा; मंगलवार दोपहर तक दोनों गांवों में चूल्हे नहीं जले और ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार होने तक अन्न ग्रहण नहीं किया। हादसे की सूचना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पूर्व विधायक बापू सिंह तंवर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और आसपास के गांवों के लोग अंतिम विदाई देने पहुंचे। एक साथ चार शवों की अंतिम यात्रा और एक ही चिता पर अंतिम संस्कार का यह मार्मिक दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।4