गौशाला में गौवंशो की मौत, लोगों ने लगाए आरोप -- गौशाला में नहीं है चारा पानी की व्यवस्था, कार्रवाई की मांग दिगौड़ा 15 सितंबर दिगौड़ा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम भगवंतपुरा की गौशाला फैली अव्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। आरोप हैं कि गौशाला में बंद गौवंश की आए दिन मौत हो रही है। गौशाला में गौवंशो को खाने पीने व रहने की जिम्मेदारों द्वारा उचित व्यवस्था नहीं बनाई जा रही है। गौवंशों के रखरखाव व संरक्षण के लिए शासन प्रशासन से मिलने वाली राशि पर गौशाला के जिम्मेदारों द्वारा भारी हेराफेरी की जा रही है। गांव के लोगों ने कलेक्टर से मांग की है कि भगवंतपुरा गौशाला की जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्यवाही की जाए। भगवंतपुरा गांव के सुनील घोष, कृपाल ठाकुर, गनपत सिंह, ब्रजेंद्र सिंह, हेमु अहिरवार ने आरोप लगाते हुए बताया है कि सोमवार को गौशाला में दो गौवंश की मौत हो गई। गौशाला में जिम्मेदारों द्वारा चारा, भूसा व पानी की उचित व्यवस्था नहीं बनाई गई है, जिससे आए दिन गौशाला में गौवंश की मौत हो रही है। उक्त लोगों ने आरोप लगाए हैं कि गौशाला में 150 गौवंशों की उचित व्यवस्था बनाने के लिए शासन द्वारा प्रत्येक गौवंश को एक दिन के 40 रुपए दिए जाते हैं और गौशाला में केवल 30 से 35 गौंवश ही बचे हुए हैं। बाकी के गौवंशों के रखरखाव के लिए मिलने वाली लाखों रुपयों की राशि का हेरफेर जिम्मेदारों द्वारा किया जा रहा है। लोगों ने गौशाला की बदहाल स्थिति को लेकर कलेक्टर से जांच व निरीक्षण कराने और दोषियों पर सख्त कार्यवाही करने की मांग की है।
गौशाला में गौवंशो की मौत, लोगों ने लगाए आरोप -- गौशाला में नहीं है चारा पानी की व्यवस्था, कार्रवाई की मांग दिगौड़ा 15 सितंबर दिगौड़ा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम भगवंतपुरा की गौशाला फैली अव्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। आरोप हैं कि गौशाला में बंद गौवंश की आए दिन मौत हो रही है। गौशाला में गौवंशो को खाने पीने व रहने की जिम्मेदारों द्वारा उचित
व्यवस्था नहीं बनाई जा रही है। गौवंशों के रखरखाव व संरक्षण के लिए शासन प्रशासन से मिलने वाली राशि पर गौशाला के जिम्मेदारों द्वारा भारी हेराफेरी की जा रही है। गांव के लोगों ने कलेक्टर से मांग की है कि भगवंतपुरा गौशाला की जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्यवाही की जाए। भगवंतपुरा गांव के सुनील घोष, कृपाल ठाकुर, गनपत सिंह, ब्रजेंद्र सिंह, हेमु अहिरवार
ने आरोप लगाते हुए बताया है कि सोमवार को गौशाला में दो गौवंश की मौत हो गई। गौशाला में जिम्मेदारों द्वारा चारा, भूसा व पानी की उचित व्यवस्था नहीं बनाई गई है, जिससे आए दिन गौशाला में गौवंश की मौत हो रही है। उक्त लोगों ने आरोप लगाए हैं कि गौशाला में 150 गौवंशों की उचित व्यवस्था बनाने के लिए शासन द्वारा प्रत्येक गौवंश को
एक दिन के 40 रुपए दिए जाते हैं और गौशाला में केवल 30 से 35 गौंवश ही बचे हुए हैं। बाकी के गौवंशों के रखरखाव के लिए मिलने वाली लाखों रुपयों की राशि का हेरफेर जिम्मेदारों द्वारा किया जा रहा है। लोगों ने गौशाला की बदहाल स्थिति को लेकर कलेक्टर से जांच व निरीक्षण कराने और दोषियों पर सख्त कार्यवाही करने की मांग की है।
- गांव में बेची जा रही शराब का विरोध, 50 युवाओं की बनी निगरानी समिति, ग्रामीणों ने थाना प्रभारी को दिया आवेदन, शराब बेचने वालों पर सख्त कार्यवाही की मांग दिगौड़ा 15 सितंबर दिगौड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सैराई के लोगों ने थाना प्रभारी मनीष मिश्रा को आवेदन दिया है। बताया गया है कि गांव में कई स्थानों पर अवैध तरीके से शराब बेची जा रही है, जिससे गांव के लोग शराब पीने के आदी हो रहे हैं और घर परिवार सहित गांव में आए दिन विवाद हो रहे हैं। गांव में शराब की बिक्री पर पाबंदी लगाने के लिए ग्रामीणों ने पंचनामा बनाकर थाना प्रभारी को सौंपा है। ग्राम सैराई के सरपंच रंजीत यादव, अरविंद सिंह बुंदेला, गजराज सिंह घोष, प्रभान सिंह घोष, राजेंद्र घोष, पप्पू घोष, भगवत बुंदेला, विजय घोष, जसवंत घोष, रामसजीवन बाल्मीकि, राम सिंह घोष सहित अन्य लोगों ने बताया है कि सैराई गांव में कई स्थानों पर अवैध तरीके से शराब बेची जा रही है। शराब पीने की वजह से गांव के युवा सहित अन्य लोग लड़ाई झगड़ा करते हैं और घर परिवार में भी विवाद करते हैं, जिससे गांव का माहौल बिगड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को ग्रामवासियों ने मंदिर प्रांगण में बैठक कर गांव में शराबबंदी लागू करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया। गांव के जो लोग शराब को बेच रहे हैं, उन लोगों को सख्त चेतावनी दी गई कि 20 सितंबर के बाद गांव में उनके द्वारा शराब नहीं बेची जाए। इसके बाद ग्रामीणों ने पंचनामा बनाया और गांव में अवैध तरीके से आने वाली शराब और गांव में शराब बेचने वालों की निगरानी के लिए 50 युवाओं की एक निगरानी समिति का भी गठन किया गया। इसके बाद मंगलवार को सैराई गांव के लोगों ने थाना दिगौड़ा में आकर थाना प्रभारी को आवेदन व पंचनामा देकर गांव में बाहर से आने वाली शराब पर रोक लगाने की मांग की गई और फिर भी यदि बाहर से कोई गांव में शराब बेचने के लिए लाता है तो ग्रामवासी उसको पकड़कर, पुलिस को सौंपने की बात कही गई। साथ ही यदि गांव में कोई भी व्यक्ति शराब बेचता पाया जाता है तो उस पर सख्त कार्यवाही करने की मांग की गई है।1
- तीन साल से क्षतिग्रस्त पुलिया पर ,ग्रामीणो ने निजी ख़र्च पर वनाया जुगाडू पुल *टीकमगढ़/मोहनगढ़।* बुंदेलखंड जुगाड़ के लिए जाना जाता है, लेकिन जब जुगाड़ पर ही जान जोखिम में डालनी पड़े तो जिम्मेदारों पर सवाल खड़े होते हैं। ऐसा ही मामला मोहनगढ़ तहसील की ग्राम पंचायत रानीपुरा में सामने आया है। यहां रानीपुरा से पठलन मोहल्ला को जोड़ने वाली पुलिया तालाब के भराव के कारण तीन साल पहले क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से करीब 250 की आबादी वाले इस क्षेत्र के ग्रामीण, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और स्कूली बच्चे नाव के सहारे आवागमन को मजबूर हैं। कई बार शव यात्रा तक नाव से ले जानी पड़ी। आवागमन जारी रखने के लिए ग्रामीणों ने निजी खर्चे से करीब 70 फीट लंबा जुगाड़ू पुल तैयार किया है, लेकिन वह भी सुरक्षित नहीं है। गहरा पानी होने से हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कई बार अधिकारियों से मांग की, लेकिन स्थायी पुलिया नहीं बनी। वहीं अधिकारियों ने जांच कराकर समाधान का आश्वासन दिया है। तीन साल से क्षतिग्रस्त पुलिया पर ,ग्रामीणो ने निजी ख़र्च पर वनाया जुगाडू पुल *टीकमगढ़/मोहनगढ़।* बुंदेलखंड जुगाड़ के लिए जाना जाता है, लेकिन जब जुगाड़ पर ही जान जोखिम में डालनी पड़े तो जिम्मेदारों पर सवाल खड़े होते हैं। ऐसा ही मामला मोहनगढ़ तहसील की ग्राम पंचायत रानीपुरा में सामने आया है। यहां रानीपुरा से पठलन मोहल्ला को जोड़ने वाली पुलिया तालाब के भराव के कारण तीन साल पहले क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से करीब 250 की आबादी वाले इस क्षेत्र के ग्रामीण, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और स्कूली बच्चे नाव के सहारे आवागमन को मजबूर हैं। कई बार शव यात्रा तक नाव से ले जानी पड़ी। आवागमन जारी रखने के लिए ग्रामीणों ने निजी खर्चे से करीब 70 फीट लंबा जुगाड़ू पुल तैयार किया है, लेकिन वह भी सुरक्षित नहीं है। गहरा पानी होने से हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कई बार अधिकारियों से मांग की, लेकिन स्थायी पुलिया नहीं बनी। वहीं अधिकारियों ने जांच कराकर समाधान का आश्वासन दिया है।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ टीकमगढ़ में आज पटवारी संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर स्वामित्व योजना अंतर्गत पंजीयन कार्य में निष्पादक बनाए जाने के विरोध में पटवारी संघ जिला इकाई टीकमगढ़ द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। इस दौरान बड़ी संख्या में पटवारी मौजूद रहे। पटवारी संघ ने कहा है कि पटवारी को निष्पादक (विक्रेता) ना बनाया जाए। कोई भी पटवारी मध्यप्रदेश का यह कार्य नहीं करेगा। जिस मकान का मालिक पहले से मकान मालिक है और उसका नाम खसरा में लिखा हुआ है। पटवारी उसको उसी की भूमि की कैसे रजिस्ट्री करेगा। क्योंकि अगर भूमि पटवारी के नाम होती तो पटवारी विक्रय कर सकता था। जब वह पहले से वह मकान उसी व्यक्ति के नाम पहले से है तो कैसे विक्रय होगा।1
- दाह संस्कार भी बना मुसीबत, कीचड़ भरे पानी से होकर गुजरने को मजबूर ग्रामीण दाह संस्कार भी बना मुसीबत, कीचड़ भरे पानी से होकर गुजरने को मजबूर ग्रामीण बल्देवगढ़ के गणेशपुरा में बदहाल रास्ते से ग्रामीण परेशान, जिम्मेदारों की अनदेखी पर उठ रहे सवाल बल्देवगढ़। गणेशपुरा गांव में दाह संस्कार के लिए जाने वाला रास्ता इन दिनों बदहाली का शिकार है। रास्ते में कीचड़ और पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों को शव लेकर भी गंदे और कीचड़ भरे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि अंतिम यात्रा के दौरान ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के बाद रास्ते की स्थिति और भी खराब हो गई है। जहां अंतिम संस्कार के समय लोगों को श्रद्धा और सम्मान के साथ अंतिम यात्रा पूरी करनी चाहिए, वहीं उन्हें कीचड़ और जलभराव से जूझना पड़ रहा है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार जिम्मेदारों का ध्यान इस समस्या की ओर दिलाया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि दाह संस्कार स्थल तक जाने वाले मार्ग की तत्काल मरम्मत कर जलभराव और कीचड़ की समस्या दूर कराई जाए, ताकि किसी परिवार को अंतिम यात्रा के समय ऐसी परेशानी न उठानी पड़े। ग्रामीणों का सवाल है—जब इंसान की अंतिम यात्रा के रास्ते की भी सुध नहीं ली जा रही, तो जिम्मेदार आखिर कब जागेंगे?1
- बार थाना क्षेत्र के गढ़िया गांव में 12 सितंबर को हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। बार थाना क्षेत्र के गढ़िया गांव में 12 सितंबर को हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि गढ़िया गांव निवासी तोरण सिंह के बेटे सत्यपाल उर्फ सोनू की बातचीत बस्तगुवां गांव की एक युवती से होती थी। इसी बात को लेकर मुख्य आरोपी यशप्रताप परमार नाराज था। पुलिस के अनुसार आरोपी ने सोनू को पहले भी युवती से बातचीत बंद करने की धमकी दी थी। 12 सितंबर की शाम करीब चार बजे यशप्रताप अपने 5-6 साथियों के साथ गढ़िया गांव पहुंचा। आरोप है कि हमलावरों ने तोरण सिंह के पैतृक मकान पर सोनू को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। सोनू किसी तरह मौके से बचकर निकल गया। इसके बाद हमलावरों ने खाली और सूने मकान पर कई राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यशप्रताप परमार निवासी जिगना, दतिया, शिवम रावत, अजमेर रावत उर्फ नन्ना और सुरेंद्र रावत निवासीगण शिवपुरी के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन देशी तमंचे 315 बोर, चार जिंदा कारतूस, एक 12 बोर की अदिया और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक ज्ञान सिंह, अशोक कुमार सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।1
- जतारा अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ा वार्ड नंबर 5, शिवा साहू की पहल से पहुंची बिजली अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ा वार्ड नंबर 5, शिवा साहू की पहल से पहुंची बिजली जतारा। लंबे समय से बिजली सुविधा का इंतजार कर रहे नगर के वार्ड नंबर 5 के रहवासियों के लिए आखिरकार राहत की खबर सामने आई है। वार्ड में बिजली व्यवस्था नहीं होने से लोगों को अंधेरे और परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। रहवासियों की समस्या को देखते हुए वार्ड नंबर 15 के पार्षद प्रतिनिधि शिवा साहू ने पहल करते हुए वार्ड नंबर 5 में बिजली लाइन विस्तार का कार्य कराया। इसके तहत करीब 20 बिजली खंभे लगाकर लाइन खींची गई तथा 25 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया। इस पूरे कार्य पर करीब 5 लाख 68 हजार रुपये की लागत आई है। बिजली व्यवस्था शुरू होने के बाद वार्ड के रहवासियों के घरों और गलियों में रोशनी पहुंची, जिससे लोगों में खुशी का माहौल है। रहवासियों ने बिजली सुविधा मिलने पर शिवा साहू सहित सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। लोगों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। इस अवसर पर वार्ड नंबर 5 के पार्षद नंदकिशोर कुशवाहा, वार्ड नंबर 6 के पार्षद प्रतिनिधि देवेंद्र अहिरवार, समाजसेवी दुलीचंद महाजन, नगर उपाध्यक्ष गजेंद्र रैकवार, नारायण रैकवार सहित अन्य लोग मौजूद रहे। रिपोर्टर — महेंद्र कुमार दुबे बॉबी, जतारा1
- देरी,कमलपुरा रोड पर युवक पर नकाबपोश बदमाशों का हमला जिम के लिए जाता था युवक देरी,कमलपुरा रोड पर युवक पर नकाबपोश बदमाशों का हमला! टीकमगढ़। पलेरा से जिम करके घर लौट रहे निखिल सोनी उर्फ़ निक्की के साथ कमलपुरा रोड पर 5–6 नकाबपोश बदमाशों ने डंडों से मारपीट कर दी। घटना देरी चौकी अंतर्गत बताई जा रही है। मारपीट में निखिल सोनी गंभीर रूप से घायल हो गए। पलेरा जनपद के ब्लॉक अध्यक्ष अतुल खटीक ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका उपचार किया गया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल, पुलिस जाँच कर कार्रवाई का इंतजार।1
- टीकमगढ़ में पटवारी संघ का विरोध, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन। स्वामित्व योजना में पटवारियों को निष्पादक (विक्रेता) बनाए जाने के विरोध में जिला इकाई ने उठाई आवाज। पटवारी संघ ने कहा “कोई भी पटवारी यह कार्य नहीं करेगा।” टीकमगढ़ में पटवारी संघ का विरोध, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन। स्वामित्व योजना में पटवारियों को निष्पादक (विक्रेता) बनाए जाने के विरोध में जिला इकाई ने उठाई आवाज। पटवारी संघ ने कहा “कोई भी पटवारी यह कार्य नहीं करेगा।” टीकमगढ़ में पटवारी संघ का विरोध, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन। स्वामित्व योजना में पटवारियों को निष्पादक (विक्रेता) बनाए जाने के विरोध में जिला इकाई ने उठाई आवाज। पटवारी संघ ने कहा “कोई भी पटवारी यह कार्य नहीं करेगा।”1