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यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! 24 IAS अफसरों का तबादला, 10 जिलों के DM बदले गए 📋🚀 उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 24 IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इस फेरबदल में 10 जिलों के जिलाधिकारी (DM) भी बदल दिए गए हैं। मुख्य अपडेट्स: अयोध्या के नए DM: बाराबंकी के डीएम शशांक त्रिपाठी अब अयोध्या की जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रमुख तबादले: अविनाश कुमार को अलीगढ़ और ईशा प्रिया को अंबेडकर नगर का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। अन्य बदलाव: कविता मीणा को हापुड़ और अनुपम शुक्ला को गाजीपुर भेजा गया है। मुख्यमंत्री के विशेष सचिव: अयोध्या के पूर्व डीएम निखिल टीकाराम फुंडे अब मुख्यमंत्री के विशेष सचिव होंगे।
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यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! 24 IAS अफसरों का तबादला, 10 जिलों के DM बदले गए 📋🚀 उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 24 IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इस फेरबदल में 10 जिलों के जिलाधिकारी (DM) भी बदल दिए गए हैं। मुख्य अपडेट्स: अयोध्या के नए DM: बाराबंकी के डीएम शशांक त्रिपाठी अब अयोध्या की जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रमुख तबादले: अविनाश कुमार को अलीगढ़ और ईशा प्रिया को अंबेडकर नगर का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। अन्य बदलाव: कविता मीणा को हापुड़ और अनुपम शुक्ला को गाजीपुर भेजा गया है। मुख्यमंत्री के विशेष सचिव: अयोध्या के पूर्व डीएम निखिल टीकाराम फुंडे अब मुख्यमंत्री के विशेष सचिव होंगे।
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- आगरा के बरहन थाना क्षेत्र के नगला वरी गांव में दबंगई का खौफनाक मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि खेत में काम कर रही महिलाओं पर कुछ दबंगों ने अचानक हमला कर दिया। आरोप है कि महिलाओं को घेरकर बेरहमी से पीटा गया और जमीन पर पटक-पटक कर लहूलुहान कर दिया गया। इस घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और उनकी तलाश जारी है।3
- बीजेपी सरकार खराबी है क्योंकि अपना भला चाहती है वह 🥺🥺1
- थाना अवागढ़, गांव शहनोआ… गांव में उस दिन धूप भी कुछ ज्यादा ही “तथ्यात्मक” थी—सब कुछ साफ दिख रहा था, बस सच छोड़कर। करीब 200 नौजवान मोटरसाइकिलों पर सवार होकर नारे लगाते हुए थाने पहुंचे। हर मोटरसाइकिल पर तीन-तीन सवार—जैसे लोकतंत्र की सीटें भी शेयरिंग पर चल रही हों। थाने में घुसते ही आवाजें गूंजने लगीं— “हमारे साथ अन्याय हुआ है!” “हम पर हमला हुआ है!” थानेदार साहब ने चश्मा ठीक किया और मन ही मन कहा— “आज फिर सच छुट्टी पर है… और कहानी ड्यूटी पर।” भीड़ में हर आदमी पीड़ित था, हर आदमी गवाह था, और हर आदमी अपनी-अपनी कहानी का हीरो भी। फर्क सिर्फ इतना था कि हर कहानी दूसरे से अलग थी। रिपोर्टर महोदय कैमरा लेकर पहुंचे। कैमरा ऑन हुआ… और सच ऑफ हो गया। अब शुरू हुआ एक नया अध्याय— “पहचान का प्रदर्शन” कैमरे के सामने हर कोई अपनी-अपनी पहचान, अपनी-अपनी जाति, अपने-अपने दर्द का बखान करने लगा। कोई बोला—“हमारे साथ इसलिए हुआ क्योंकि हम ये हैं…” दूसरा बोला—“हमारे साथ इसलिए हुआ क्योंकि हम वो हैं…” और तभी सवाल हवा में तैर गया— “आखिर हम अपनी ही पहचान को लेकर इतने संवेदनशील क्यों हैं?” जब खुद बोलते हैं तो गर्व… और जब कोई दूसरा बोल दे तो अपमान? जाति, जो कभी पहचान थी, अब जैसे बहस का हथियार बन गई थी। हर कोई उसे ढाल की तरह भी इस्तेमाल कर रहा था… और तलवार की तरह भी। कैमरा सब रिकॉर्ड कर रहा था— सिर्फ चेहरे नहीं… सोच भी। एक बुजुर्ग, जो दूर खड़े सब देख रहे थे, धीरे से बोले— “पहचान से प्यार करो… लेकिन उसे लड़ाई का कारण मत बनाओ।” लेकिन उनकी आवाज भीड़ के शोर में खो गई। इसी बीच असली कहानी चुपचाप कोने से निकलकर आई— एक छोटी सी टक्कर… एक बच्चा… थोड़ी बहस… और फिर वही पुराना फार्मूला— “छोटी बात + भीड़ = बड़ा बवाल” शाम होते-होते सब थक चुके थे— लड़ाई से नहीं… अपनी-अपनी कहानी समझाते-समझाते। फिर वही हुआ जो अक्सर होता है— समझौता… शिकायत वापस… और “भाईचारा” फिर से इंस्टॉल। एक कड़वा सवाल कहानी खत्म हुई… लेकिन सवाल बाकी रह गया— क्या हम अपनी पहचान से प्यार करते हैं… या उसे दिखाने की होड़ में खुद को ही खो देते हैं? कैमरे के सामने अपनी जाति का बखान करना आसान है… लेकिन उसी पहचान के साथ दूसरे का सम्मान करना मुश्किल क्यों? अंत में… एक संदेश अगर आप इस कहानी की सच्चाई देखना चाहते हैं, तो सिर्फ शब्द मत पढ़िए… उन चेहरों को देखिए, उन आवाजों को सुनिए— जहां हर कोई अपनी पहचान को साबित करने में लगा था… और इंसानियत कहीं पीछे छूट गई थी।1
- महिला आरक्षण के नाम से परमानेंट सांसद बनाए रखना की बकडोर से रणनीति अपना रही है बीजेपी जिसे वह सन 2047 तक सत्ता में बनी रहे, महिला आरक्षण विधेयक आज अभी क्यों नहीं सन 2029 या 34 ही क्यों, महिला आरक्षण विधेयक में #पसमांदा_मुस्लिम_महिलाओं को शामिल क्यों नहीं ? #बहुआयामी_दल की महिलाओं से अपील1
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगामी 2027 के चुनावों के लिए एक बड़ा एलान किया है। इस वीडियो में देखें कि कैसे अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए जनता के लिए लोकलुभावन वादों की बौछार कर दी है। वीडियो की मुख्य बातें: 300 यूनिट मुफ्त बिजली: सपा की सरकार आने पर घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक कोई बिल नहीं देना होगा। महिलाओं को बड़ी मदद: महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सालाना ₹40,000 की आर्थिक सहायता का वादा। स्मार्ट मीटर और EVM पर प्रहार: अखिलेश यादव ने स्मार्ट मीटर की तुलना EVM से करते हुए इसे 'हेराफेरी' का नया जरिया बताया। सरकार को घेरा: महंगाई, बदहाल शिक्षा व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दों पर योगी सरकार की कड़ी आलोचना।1
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- आगरा के थाना एकता क्षेत्र के द्वारिका पुरी में पड़ोसियों के बीच हुआ मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पीड़िता के अनुसार, वह अपनी मां के घर पहुंची थीं, तभी घर के सामने एक ऑटो खड़ा था। ऑटो हटाने को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। आरोप है कि सैय्यद सलीम पक्ष के करीब 50 से 60 लोगों ने एकजुट होकर हमला कर दिया। हमलावरों ने घर की खिड़कियां, सीसीटीवी कैमरे और अन्य सामान में जमकर तोड़फोड़ की, साथ ही हरिओम तोमर के साथ मारपीट की गई। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि 13 वर्षीय बेटी के साथ अभद्रता और छेड़छाड़ की गई। पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सामने आया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।3
- ⚡ ऑटो हटाने की बात पर भड़का बवाल, 50-60 लोगों ने बोला हमला 🔥 घर पर धावा: खिड़कियां, कैमरे तोड़े, जमकर की तोड़फोड़ 💥 हरिओम तोमर से मारपीट, परिवार पर टूटा कहर 🎥 सीसीटीवी में कैद पूरी वारदात, सामने आई सच्चाई ❗ 13 साल की बेटी से छेड़छाड़ का आरोप, मामला गंभीर 🏃♂️ नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस, जांच शुरू 📍 थाना एकता क्षेत्र के द्वारिकापुरी में तनाव, बढ़ी सुरक्षा1
- बीजेपी सरकार सबसे ज्यादा खराब है1