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*अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर हादसे का खतरा: सड़क किनारे खड़े बजरी-ईंटों से भरे ट्रैक्टर बने परेशानी, बस स्टैंड की उठी मांग* दो ट्रकों की भिड़ंत में टला बड़ा हादसा, स्थानीय समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल दिनारा। दिनारा स्थित अशोक होटल–पिछोर तिराहे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब सड़क पर खड़े बजरी से भरे ट्रैक्टरों के कारण दो ट्रकों की आपस में भिड़ंत हो गई। गनीमत रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था और सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास आए दिन बजरी और ईंटों से भरे ट्रैक्टर सड़क के किनारे अथवा सड़क के हिस्से में खड़े दिखाई देते हैं। इसके अलावा सड़क किनारे खड़े आपे वाहनों के कारण भी मार्ग संकरा होने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनती है। ऐसे में तेज गति से आने वाले वाहनों के लिए अचानक सामने आने वाले वाहन या अवरोध दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। समाजसेवी कल्लू महाराज सहित स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि इस मार्ग पर यातायात का दबाव लगातार बना रहता है। दिनभर भारी वाहन, ट्रैक्टर, बसें और अन्य छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क किनारे वाहनों के खड़े रहने से वाहन चालकों को निकलने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पूर्व में इसी क्षेत्र में कई सड़क हादसे हो चुके हैं। हालांकि इन घटनाओं के कारणों और जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित जांच के बाद ही किया जा सकता है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों से तत्काल यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की जा रही है। बस स्टैंड बनाने की मांग ने पकड़ा जोर अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास व्यवस्थित बस स्टैंड बनाए जाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। समाजसेवियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बसों, यात्रियों और ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अन्य वाहनों के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध हो जाए, तो मुख्य सड़क पर अनावश्यक भीड़ और वाहनों के रुकने की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। समाजसेवी पुष्पेंद्र तिवारी, जितेंद्र लोधी, छोटू पाल, गजेंद्र लोधी, मैथिलीशरण गुप्त और आनंद शर्मा सहित अन्य लोगों ने मांग उठाते हुए कहा कि यात्रियों की सुविधा और सड़क सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान पर व्यवस्थित बस स्टैंड की आवश्यकता है। ‘बड़ा हादसा होने का इंतजार क्यों स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि सड़क पर वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से बार-बार यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, तो संबंधित विभागों को समय रहते व्यवस्था क्यों नहीं करनी चाहिए? लोगों ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों, पुलिस और प्रशासन द्वारा मौके का निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाया जाए। लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल हादसे के बाद की कार्रवाई नहीं, बल्कि हादसा होने से पहले की सावधानी भी है। इसलिए अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर पार्किंग, बसों के ठहराव और भारी वाहनों के खड़े होने के लिए उचित व्यवस्था की जाए, ताकि यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस जनहित की मांग पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं। *अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर हादसे का खतरा: सड़क किनारे खड़े बजरी-ईंटों से भरे ट्रैक्टर बने परेशानी, बस स्टैंड की उठी मांग* दो ट्रकों की भिड़ंत में टला बड़ा हादसा, स्थानीय समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल दिनारा। दिनारा स्थित अशोक होटल–पिछोर तिराहे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब सड़क पर खड़े बजरी से भरे ट्रैक्टरों के कारण दो ट्रकों की आपस में भिड़ंत हो गई। गनीमत रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था और सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास आए दिन बजरी और ईंटों से भरे ट्रैक्टर सड़क के किनारे अथवा सड़क के हिस्से में खड़े दिखाई देते हैं। इसके अलावा सड़क किनारे खड़े आपे वाहनों के कारण भी मार्ग संकरा होने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनती है। ऐसे में तेज गति से आने वाले वाहनों के लिए अचानक सामने आने वाले वाहन या अवरोध दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। समाजसेवी कल्लू महाराज सहित स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि इस मार्ग पर यातायात का दबाव लगातार बना रहता है। दिनभर भारी वाहन, ट्रैक्टर, बसें और अन्य छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क किनारे वाहनों के खड़े रहने से वाहन चालकों को निकलने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पूर्व में इसी क्षेत्र में कई सड़क हादसे हो चुके हैं। हालांकि इन घटनाओं के कारणों और जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित जांच के बाद ही किया जा सकता है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों से तत्काल यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की जा रही है। बस स्टैंड बनाने की मांग ने पकड़ा जोर अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास व्यवस्थित बस स्टैंड बनाए जाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। समाजसेवियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बसों, यात्रियों और ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अन्य वाहनों के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध हो जाए, तो मुख्य सड़क पर अनावश्यक भीड़ और वाहनों के रुकने की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। समाजसेवी पुष्पेंद्र तिवारी, जितेंद्र लोधी, छोटू पाल, गजेंद्र लोधी, मैथिलीशरण गुप्त और आनंद शर्मा सहित अन्य लोगों ने मांग उठाते हुए कहा कि यात्रियों की सुविधा और सड़क सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान पर व्यवस्थित बस स्टैंड की आवश्यकता है। ‘बड़ा हादसा होने का इंतजार क्यों स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि सड़क पर वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से बार-बार यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, तो संबंधित विभागों को समय रहते व्यवस्था क्यों नहीं करनी चाहिए? लोगों ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों, पुलिस और प्रशासन द्वारा मौके का निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाया जाए। लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल हादसे के बाद की कार्रवाई नहीं, बल्कि हादसा होने से पहले की सावधानी भी है। इसलिए अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर पार्किंग, बसों के ठहराव और भारी वाहनों के खड़े होने के लिए उचित व्यवस्था की जाए, ताकि यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस जनहित की मांग पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं।

9 hrs ago
user_Ranu rajput पत्रकार
Ranu rajput पत्रकार
करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
9 hrs ago

*अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर हादसे का खतरा: सड़क किनारे खड़े बजरी-ईंटों से भरे ट्रैक्टर बने परेशानी, बस स्टैंड की उठी मांग* दो ट्रकों की भिड़ंत में टला बड़ा हादसा, स्थानीय समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल दिनारा। दिनारा स्थित अशोक होटल–पिछोर तिराहे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब सड़क पर खड़े बजरी से भरे ट्रैक्टरों के कारण दो ट्रकों की आपस में भिड़ंत हो गई। गनीमत रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था और सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास आए दिन बजरी और ईंटों से भरे ट्रैक्टर सड़क के किनारे अथवा सड़क के हिस्से में खड़े दिखाई देते हैं। इसके अलावा सड़क किनारे खड़े आपे वाहनों के कारण भी मार्ग संकरा होने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनती है। ऐसे में तेज गति से आने वाले वाहनों के लिए अचानक सामने आने वाले वाहन या अवरोध दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। समाजसेवी कल्लू महाराज सहित स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि इस मार्ग पर यातायात का दबाव लगातार बना रहता है। दिनभर भारी वाहन, ट्रैक्टर, बसें और अन्य छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क किनारे वाहनों के खड़े रहने से वाहन चालकों को निकलने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पूर्व में इसी क्षेत्र में कई सड़क हादसे हो चुके हैं। हालांकि इन घटनाओं के कारणों और जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित जांच के बाद ही किया जा सकता है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों से तत्काल यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की जा रही है। बस स्टैंड बनाने की मांग ने पकड़ा जोर अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास व्यवस्थित बस स्टैंड बनाए जाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। समाजसेवियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बसों, यात्रियों और ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अन्य वाहनों के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध हो जाए, तो मुख्य सड़क पर अनावश्यक भीड़ और वाहनों के रुकने की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। समाजसेवी पुष्पेंद्र तिवारी, जितेंद्र लोधी, छोटू पाल, गजेंद्र लोधी, मैथिलीशरण गुप्त और आनंद शर्मा सहित अन्य लोगों ने मांग उठाते हुए कहा कि यात्रियों की सुविधा और सड़क सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान पर व्यवस्थित बस स्टैंड की आवश्यकता है। ‘बड़ा हादसा होने का इंतजार क्यों स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि सड़क पर वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से बार-बार यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, तो संबंधित विभागों को समय रहते व्यवस्था क्यों नहीं करनी चाहिए? लोगों ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों, पुलिस और प्रशासन द्वारा मौके का निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाया जाए। लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल हादसे के बाद की कार्रवाई नहीं, बल्कि हादसा होने से पहले की सावधानी भी है। इसलिए अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर पार्किंग, बसों के ठहराव और भारी वाहनों के खड़े होने के लिए उचित व्यवस्था की जाए, ताकि यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस जनहित की मांग पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं। *अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर हादसे का खतरा: सड़क किनारे खड़े बजरी-ईंटों से भरे ट्रैक्टर बने परेशानी, बस स्टैंड की उठी मांग* दो ट्रकों की भिड़ंत में टला बड़ा हादसा, स्थानीय समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल दिनारा। दिनारा स्थित अशोक होटल–पिछोर तिराहे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब सड़क पर खड़े बजरी से भरे ट्रैक्टरों के कारण दो ट्रकों की आपस में भिड़ंत हो गई। गनीमत रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था और सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास आए दिन बजरी और ईंटों से भरे ट्रैक्टर सड़क के किनारे अथवा सड़क के हिस्से में खड़े दिखाई देते हैं। इसके अलावा सड़क किनारे खड़े आपे वाहनों के कारण भी मार्ग संकरा होने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनती है। ऐसे में तेज गति से आने वाले वाहनों के लिए अचानक सामने आने वाले वाहन या अवरोध दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। समाजसेवी कल्लू महाराज सहित स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि इस मार्ग पर यातायात का दबाव लगातार बना रहता है। दिनभर भारी वाहन, ट्रैक्टर, बसें और अन्य छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क किनारे वाहनों के खड़े रहने से वाहन चालकों को निकलने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पूर्व में इसी क्षेत्र में कई सड़क हादसे हो चुके हैं। हालांकि इन घटनाओं के कारणों और जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित जांच के बाद ही किया जा सकता है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों से तत्काल यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की जा रही है। बस स्टैंड बनाने की मांग ने पकड़ा जोर अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास व्यवस्थित बस स्टैंड बनाए जाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। समाजसेवियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बसों, यात्रियों और ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अन्य वाहनों के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध हो जाए, तो मुख्य सड़क पर अनावश्यक भीड़ और वाहनों के रुकने की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। समाजसेवी पुष्पेंद्र तिवारी, जितेंद्र लोधी, छोटू पाल, गजेंद्र लोधी, मैथिलीशरण गुप्त और आनंद शर्मा सहित अन्य लोगों ने मांग उठाते हुए कहा कि यात्रियों की सुविधा और सड़क सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान पर व्यवस्थित बस स्टैंड की आवश्यकता है। ‘बड़ा हादसा होने का इंतजार क्यों स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि सड़क पर वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से बार-बार यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, तो संबंधित विभागों को समय रहते व्यवस्था क्यों नहीं करनी चाहिए? लोगों ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों, पुलिस और प्रशासन द्वारा मौके का निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाया जाए। लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल हादसे के बाद की कार्रवाई नहीं, बल्कि हादसा होने से पहले की सावधानी भी है। इसलिए अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर पार्किंग, बसों के ठहराव और भारी वाहनों के खड़े होने के लिए उचित व्यवस्था की जाए, ताकि यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस जनहित की मांग पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं।

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  • टोकन व्यवस्था बंद होने से खाद वितरण में अव्यवस्था, किसानों में नाराजगी खबर: मगरौनी, जिला शिवपुरी (मध्य प्रदेश) रिपोर्ट: जितेन्द्र शाक्य टोकन व्यवस्था बंद होने से खाद वितरण में अव्यवस्था, किसानों में नाराजगी मगरौनी में इफको बाजार से खाद वितरण के लिए पहले लागू टोकन व्यवस्था बंद होने के बाद किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसान खाद लेने की उम्मीद में तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां तहसीलदार द्वारा लगभग 400 टोकन काटे गए। किसानों का आरोप है कि देर शाम तक केवल 136 किसानों को ही टोकन उपलब्ध कराए गए, जबकि शेष किसानों को अगले दिन आने के लिए कह दिया गया। इससे सुबह से लाइन में लगे किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिली। इस संबंध में इफको बाजार संचालक सतीश धाकड़ का कहना है कि शेष किसानों को शनिवार को टोकन वितरित किए जाएंगे। वहीं किसानों का कहना है कि यदि सभी को टोकन नहीं देने थे तो पहले से 400 टोकन काटने का क्या औचित्य था। उनका कहना है कि सुबह से घंटों इंतजार कराने के बाद शाम को "कल आना" कह देना किसानों के साथ अन्याय है।
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    टोकन व्यवस्था बंद होने से खाद वितरण में अव्यवस्था, किसानों में नाराजगी
खबर: मगरौनी, जिला शिवपुरी (मध्य प्रदेश)
रिपोर्ट: जितेन्द्र शाक्य
टोकन व्यवस्था बंद होने से खाद वितरण में अव्यवस्था, किसानों में नाराजगी
मगरौनी में इफको बाजार से खाद वितरण के लिए पहले लागू टोकन व्यवस्था बंद होने के बाद किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसान खाद लेने की उम्मीद में तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां तहसीलदार द्वारा लगभग 400 टोकन काटे गए।
किसानों का आरोप है कि देर शाम तक केवल 136 किसानों को ही टोकन उपलब्ध कराए गए, जबकि शेष किसानों को अगले दिन आने के लिए कह दिया गया। इससे सुबह से लाइन में लगे किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
इस संबंध में इफको बाजार संचालक सतीश धाकड़ का कहना है कि शेष किसानों को शनिवार को टोकन वितरित किए जाएंगे। वहीं किसानों का कहना है कि यदि सभी को टोकन नहीं देने थे तो पहले से 400 टोकन काटने का क्या औचित्य था। उनका कहना है कि सुबह से घंटों इंतजार कराने के बाद शाम को "कल आना" कह देना किसानों के साथ अन्याय है।
    user_Jitendra shakya
    Jitendra shakya
    Media Consultant नरवर, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • नरवर। नरवर थाना क्षेत्र के ग्राम बरखाड़ी में बीती रात भैंस चोरी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की सूझबूझ और तत्परता से भैंसों को ले जा रही बुलेरो पिकअप गाड़ी को पकड़ लिया गया, जिसमें से तीन भैंसों को बचा लिया गया, जबकि चार भैंसें अभी भी गायब बताई जा रही हैं। नरवर। नरवर थाना क्षेत्र के ग्राम बरखाड़ी में बीती रात भैंस चोरी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की सूझबूझ और तत्परता से भैंसों को ले जा रही बुलेरो पिकअप गाड़ी को पकड़ लिया गया, जिसमें से तीन भैंसों को बचा लिया गया, जबकि चार भैंसें अभी भी गायब बताई जा रही हैं।
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    नरवर। नरवर थाना क्षेत्र के ग्राम बरखाड़ी में बीती रात भैंस चोरी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की सूझबूझ और तत्परता से भैंसों को ले जा रही बुलेरो पिकअप गाड़ी को पकड़ लिया गया, जिसमें से तीन भैंसों को बचा लिया गया, जबकि चार भैंसें अभी भी गायब बताई जा रही हैं।
नरवर। नरवर थाना क्षेत्र के ग्राम बरखाड़ी में बीती रात भैंस चोरी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की सूझबूझ और तत्परता से भैंसों को ले जा रही बुलेरो पिकअप गाड़ी को पकड़ लिया गया, जिसमें से तीन भैंसों को बचा लिया गया, जबकि चार भैंसें अभी भी गायब बताई जा रही हैं।
    user_Anil Bhargava
    Anil Bhargava
    मीडिया नरवर, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • एसएसपी बीवीजीटीएस द्वारा वर्षा ऋतु के दृष्टिगत यातायात पुलिसकर्मियों को सुरक्षित एवं सुचारु रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन करने हेतु रेनकोट वितरित किए गए। जनपद झाँसी में आमजन की सुरक्षा एवं निर्बाध यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए झाँसी पुलिस निरंतर प्रतिबद्ध है। 🌧️🚦
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    एसएसपी बीवीजीटीएस द्वारा वर्षा ऋतु के दृष्टिगत यातायात पुलिसकर्मियों को सुरक्षित एवं सुचारु रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन करने हेतु रेनकोट वितरित किए गए।
जनपद झाँसी में आमजन की सुरक्षा एवं निर्बाध यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए झाँसी पुलिस निरंतर प्रतिबद्ध है। 🌧️🚦
    user_Abhishek Jain
    Abhishek Jain
    झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • *अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर हादसे का खतरा: सड़क किनारे खड़े बजरी-ईंटों से भरे ट्रैक्टर बने परेशानी, बस स्टैंड की उठी मांग* दो ट्रकों की भिड़ंत में टला बड़ा हादसा, स्थानीय समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल दिनारा। दिनारा स्थित अशोक होटल–पिछोर तिराहे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब सड़क पर खड़े बजरी से भरे ट्रैक्टरों के कारण दो ट्रकों की आपस में भिड़ंत हो गई। गनीमत रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था और सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास आए दिन बजरी और ईंटों से भरे ट्रैक्टर सड़क के किनारे अथवा सड़क के हिस्से में खड़े दिखाई देते हैं। इसके अलावा सड़क किनारे खड़े आपे वाहनों के कारण भी मार्ग संकरा होने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनती है। ऐसे में तेज गति से आने वाले वाहनों के लिए अचानक सामने आने वाले वाहन या अवरोध दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। समाजसेवी कल्लू महाराज सहित स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि इस मार्ग पर यातायात का दबाव लगातार बना रहता है। दिनभर भारी वाहन, ट्रैक्टर, बसें और अन्य छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क किनारे वाहनों के खड़े रहने से वाहन चालकों को निकलने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पूर्व में इसी क्षेत्र में कई सड़क हादसे हो चुके हैं। हालांकि इन घटनाओं के कारणों और जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित जांच के बाद ही किया जा सकता है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों से तत्काल यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की जा रही है। बस स्टैंड बनाने की मांग ने पकड़ा जोर अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास व्यवस्थित बस स्टैंड बनाए जाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। समाजसेवियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बसों, यात्रियों और ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अन्य वाहनों के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध हो जाए, तो मुख्य सड़क पर अनावश्यक भीड़ और वाहनों के रुकने की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। समाजसेवी पुष्पेंद्र तिवारी, जितेंद्र लोधी, छोटू पाल, गजेंद्र लोधी, मैथिलीशरण गुप्त और आनंद शर्मा सहित अन्य लोगों ने मांग उठाते हुए कहा कि यात्रियों की सुविधा और सड़क सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान पर व्यवस्थित बस स्टैंड की आवश्यकता है। ‘बड़ा हादसा होने का इंतजार क्यों स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि सड़क पर वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से बार-बार यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, तो संबंधित विभागों को समय रहते व्यवस्था क्यों नहीं करनी चाहिए? लोगों ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों, पुलिस और प्रशासन द्वारा मौके का निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाया जाए। लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल हादसे के बाद की कार्रवाई नहीं, बल्कि हादसा होने से पहले की सावधानी भी है। इसलिए अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर पार्किंग, बसों के ठहराव और भारी वाहनों के खड़े होने के लिए उचित व्यवस्था की जाए, ताकि यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस जनहित की मांग पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं। *अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर हादसे का खतरा: सड़क किनारे खड़े बजरी-ईंटों से भरे ट्रैक्टर बने परेशानी, बस स्टैंड की उठी मांग* दो ट्रकों की भिड़ंत में टला बड़ा हादसा, स्थानीय समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल दिनारा। दिनारा स्थित अशोक होटल–पिछोर तिराहे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब सड़क पर खड़े बजरी से भरे ट्रैक्टरों के कारण दो ट्रकों की आपस में भिड़ंत हो गई। गनीमत रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था और सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास आए दिन बजरी और ईंटों से भरे ट्रैक्टर सड़क के किनारे अथवा सड़क के हिस्से में खड़े दिखाई देते हैं। इसके अलावा सड़क किनारे खड़े आपे वाहनों के कारण भी मार्ग संकरा होने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनती है। ऐसे में तेज गति से आने वाले वाहनों के लिए अचानक सामने आने वाले वाहन या अवरोध दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। समाजसेवी कल्लू महाराज सहित स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि इस मार्ग पर यातायात का दबाव लगातार बना रहता है। दिनभर भारी वाहन, ट्रैक्टर, बसें और अन्य छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क किनारे वाहनों के खड़े रहने से वाहन चालकों को निकलने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पूर्व में इसी क्षेत्र में कई सड़क हादसे हो चुके हैं। हालांकि इन घटनाओं के कारणों और जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित जांच के बाद ही किया जा सकता है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों से तत्काल यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की जा रही है। बस स्टैंड बनाने की मांग ने पकड़ा जोर अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास व्यवस्थित बस स्टैंड बनाए जाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। समाजसेवियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बसों, यात्रियों और ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अन्य वाहनों के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध हो जाए, तो मुख्य सड़क पर अनावश्यक भीड़ और वाहनों के रुकने की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। समाजसेवी पुष्पेंद्र तिवारी, जितेंद्र लोधी, छोटू पाल, गजेंद्र लोधी, मैथिलीशरण गुप्त और आनंद शर्मा सहित अन्य लोगों ने मांग उठाते हुए कहा कि यात्रियों की सुविधा और सड़क सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान पर व्यवस्थित बस स्टैंड की आवश्यकता है। ‘बड़ा हादसा होने का इंतजार क्यों स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि सड़क पर वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से बार-बार यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, तो संबंधित विभागों को समय रहते व्यवस्था क्यों नहीं करनी चाहिए? लोगों ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों, पुलिस और प्रशासन द्वारा मौके का निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाया जाए। लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल हादसे के बाद की कार्रवाई नहीं, बल्कि हादसा होने से पहले की सावधानी भी है। इसलिए अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर पार्किंग, बसों के ठहराव और भारी वाहनों के खड़े होने के लिए उचित व्यवस्था की जाए, ताकि यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस जनहित की मांग पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं।
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    *अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर हादसे का खतरा: सड़क किनारे खड़े बजरी-ईंटों से भरे ट्रैक्टर बने परेशानी, बस स्टैंड की उठी मांग*

दो ट्रकों की भिड़ंत में टला बड़ा हादसा, स्थानीय समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

दिनारा। दिनारा स्थित अशोक होटल–पिछोर तिराहे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब सड़क पर खड़े बजरी से भरे ट्रैक्टरों के कारण दो ट्रकों की आपस में भिड़ंत हो गई। गनीमत रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था और सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास आए दिन बजरी और ईंटों से भरे ट्रैक्टर सड़क के किनारे अथवा सड़क के हिस्से में खड़े दिखाई देते हैं। इसके अलावा सड़क किनारे खड़े आपे वाहनों के कारण भी मार्ग संकरा होने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनती है। ऐसे में तेज गति से आने वाले वाहनों के लिए अचानक सामने आने वाले वाहन या अवरोध दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।

समाजसेवी कल्लू महाराज सहित स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि इस मार्ग पर यातायात का दबाव लगातार बना रहता है। दिनभर भारी वाहन, ट्रैक्टर, बसें और अन्य छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क किनारे वाहनों के खड़े रहने से वाहन चालकों को निकलने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पूर्व में इसी क्षेत्र में कई सड़क हादसे हो चुके हैं। हालांकि इन घटनाओं के कारणों और जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित जांच के बाद ही किया जा सकता है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों से तत्काल यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की जा रही है।

बस स्टैंड बनाने की मांग ने पकड़ा जोर

अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास व्यवस्थित बस स्टैंड बनाए जाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। समाजसेवियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बसों, यात्रियों और ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अन्य वाहनों के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध हो जाए, तो मुख्य सड़क पर अनावश्यक भीड़ और वाहनों के रुकने की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।

समाजसेवी पुष्पेंद्र तिवारी, जितेंद्र लोधी, छोटू पाल, गजेंद्र लोधी, मैथिलीशरण गुप्त और आनंद शर्मा सहित अन्य लोगों ने मांग उठाते हुए कहा कि यात्रियों की सुविधा और सड़क सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान पर व्यवस्थित बस स्टैंड की आवश्यकता है।

‘बड़ा हादसा होने का इंतजार क्यों

स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि सड़क पर वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से बार-बार यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, तो संबंधित विभागों को समय रहते व्यवस्था क्यों नहीं करनी चाहिए? लोगों ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों, पुलिस और प्रशासन द्वारा मौके का निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाया जाए।

लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल हादसे के बाद की कार्रवाई नहीं, बल्कि हादसा होने से पहले की सावधानी भी है। इसलिए अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर पार्किंग, बसों के ठहराव और भारी वाहनों के खड़े होने के लिए उचित व्यवस्था की जाए, ताकि यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस जनहित की मांग पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं।
*अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर हादसे का खतरा: सड़क किनारे खड़े बजरी-ईंटों से भरे ट्रैक्टर बने परेशानी, बस स्टैंड की उठी मांग*
दो ट्रकों की भिड़ंत में टला बड़ा हादसा, स्थानीय समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
दिनारा। दिनारा स्थित अशोक होटल–पिछोर तिराहे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब सड़क पर खड़े बजरी से भरे ट्रैक्टरों के कारण दो ट्रकों की आपस में भिड़ंत हो गई। गनीमत रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था और सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास आए दिन बजरी और ईंटों से भरे ट्रैक्टर सड़क के किनारे अथवा सड़क के हिस्से में खड़े दिखाई देते हैं। इसके अलावा सड़क किनारे खड़े आपे वाहनों के कारण भी मार्ग संकरा होने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनती है। ऐसे में तेज गति से आने वाले वाहनों के लिए अचानक सामने आने वाले वाहन या अवरोध दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
समाजसेवी कल्लू महाराज सहित स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि इस मार्ग पर यातायात का दबाव लगातार बना रहता है। दिनभर भारी वाहन, ट्रैक्टर, बसें और अन्य छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क किनारे वाहनों के खड़े रहने से वाहन चालकों को निकलने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पूर्व में इसी क्षेत्र में कई सड़क हादसे हो चुके हैं। हालांकि इन घटनाओं के कारणों और जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित जांच के बाद ही किया जा सकता है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों से तत्काल यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की जा रही है।
बस स्टैंड बनाने की मांग ने पकड़ा जोर
अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास व्यवस्थित बस स्टैंड बनाए जाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। समाजसेवियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बसों, यात्रियों और ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अन्य वाहनों के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध हो जाए, तो मुख्य सड़क पर अनावश्यक भीड़ और वाहनों के रुकने की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
समाजसेवी पुष्पेंद्र तिवारी, जितेंद्र लोधी, छोटू पाल, गजेंद्र लोधी, मैथिलीशरण गुप्त और आनंद शर्मा सहित अन्य लोगों ने मांग उठाते हुए कहा कि यात्रियों की सुविधा और सड़क सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान पर व्यवस्थित बस स्टैंड की आवश्यकता है।
‘बड़ा हादसा होने का इंतजार क्यों
स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि सड़क पर वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से बार-बार यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, तो संबंधित विभागों को समय रहते व्यवस्था क्यों नहीं करनी चाहिए? लोगों ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों, पुलिस और प्रशासन द्वारा मौके का निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाया जाए।
लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल हादसे के बाद की कार्रवाई नहीं, बल्कि हादसा होने से पहले की सावधानी भी है। इसलिए अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर पार्किंग, बसों के ठहराव और भारी वाहनों के खड़े होने के लिए उचित व्यवस्था की जाए, ताकि यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस जनहित की मांग पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं।
    user_Ranu rajput पत्रकार
    Ranu rajput पत्रकार
    करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
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