हमीरपुर जिले के मौदहा नगर पालिका परिषद में कार्यरत आउटसोर्स ड्राइवर विकास मधुपिया ने अधिशासी अधिकारी (ईओ) और नगर पालिका अध्यक्ष पर मानसिक उत्पीड़न, जातिसूचक टिप्पणी करने और बदले की भावना से नौकरी से हटाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मोहल्ला हैदरगंज के निवासी और स्वर्गीय कालीचरण मधुपिया के पुत्र विकास ने इस मामले को लेकर राज्य अनुसूचित जाति आयोग में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। विकास का कहना है कि वह पिछले करीब 10 वर्षों से नगर पालिका में आउटसोर्स ड्राइवर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बीते 16 जुलाई 2026 को उन्हें कार्यालय में बुलाकर उनका मोबाइल छीन लिया गया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करते हुए नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। विकास के अनुसार, उनके साथ पहले भी अभद्र व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न किया गया था, जिसकी शिकायत उन्होंने शासन और संबंधित अधिकारियों से की थी। उनका आरोप है कि इसी पूर्व शिकायत से बौखलाकर अब बदले की भावना के तहत उन्हें ड्राइवर के पद से हटा दिया गया है। इसके साथ ही, उन्हें व उनके परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं और अनुसूचित जाति का होने के कारण उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। विकास मधुपिया ने राज्य अनुसूचित जाति आयोग से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ दलित उत्पीड़न सहित संबंधित धाराओं में सख्त कार्रवाई करने और उन्हें दोबारा ड्राइवर के पद पर बहाल करने की गुहार लगाई है।
हमीरपुर जिले के मौदहा नगर पालिका परिषद में कार्यरत आउटसोर्स ड्राइवर विकास मधुपिया ने अधिशासी अधिकारी (ईओ) और नगर पालिका अध्यक्ष पर मानसिक उत्पीड़न, जातिसूचक टिप्पणी करने और बदले की भावना से नौकरी से हटाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मोहल्ला हैदरगंज के निवासी और स्वर्गीय कालीचरण मधुपिया के पुत्र विकास ने इस मामले को लेकर राज्य अनुसूचित जाति आयोग में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। विकास का कहना है कि वह पिछले करीब 10 वर्षों से नगर पालिका में आउटसोर्स ड्राइवर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बीते 16 जुलाई 2026 को उन्हें कार्यालय में बुलाकर उनका मोबाइल छीन लिया गया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करते हुए नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। विकास के अनुसार, उनके साथ पहले भी अभद्र व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न किया गया था, जिसकी शिकायत उन्होंने शासन और संबंधित अधिकारियों से की थी। उनका आरोप है कि इसी पूर्व शिकायत से बौखलाकर अब बदले की भावना के तहत उन्हें ड्राइवर के पद से हटा दिया गया है। इसके साथ ही, उन्हें व उनके परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं और अनुसूचित जाति का होने के कारण उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। विकास मधुपिया ने राज्य अनुसूचित जाति आयोग से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ दलित उत्पीड़न सहित संबंधित धाराओं में सख्त कार्रवाई करने और उन्हें दोबारा ड्राइवर के पद पर बहाल करने की गुहार लगाई है।
- हमीरपुर के मौदहा थाना क्षेत्र के बजरंगपुर डेरा में देर रात करीब 12:45 बजे दुकान में चोरी की कोशिश कर रहे दो युवकों को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। ये दोनों युवक दुकान का ताला काट रहे थे, तभी दुकान संचालक ने उन्हें देख लिया और शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंच गए और दोनों आरोपियों को घेरकर पकड़ लिया। पीड़ित का दावा है कि चोरी की इस कोशिश का एक वीडियो भी बनाया गया है, जिसे सबूत के तौर पर पुलिस को सौंप दिया गया है। इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ मौदहा थाने में लिखित तहरीर देकर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई करने में जुटी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में राठ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला दीवानपुरा निवासी 18 वर्षीय छात्रा श्रुति साहू ने कथित रूप से जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी। परिजनों के अनुसार, वह NEET परीक्षा में अपेक्षित अंक न आने के कारण पिछले कुछ समय से गहरे मानसिक तनाव में थी। हालत बिगड़ने पर उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और बाद में उरई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। श्रुति पिछले कई वर्षों से कानपुर में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी और डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी। परीक्षा परिणाम उम्मीद के अनुरूप न आने से वह काफी परेशान रहने लगी थी और इस आत्मघाती कदम के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया। बताया जाता है कि करीब पांच वर्ष पूर्व श्रुति की मां ने भी जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतका का पोस्टमार्टम उरई में कराया गया है। इस घटना से दुखी परिजनों, विशेषकर मृतका के पिता ने अपनी बेटी की मौत पर गहरा दुख जताते हुए परीक्षा व्यवस्था और संबंधित तंत्र के प्रति भारी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होने पर ही उनकी बेटी की आत्मा को शांति मिलेगी। पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- बांदा के तिंदवारी नगर पंचायत स्थित प्रसिद्ध हजरत काले शहीद बाबा का दरबार गंदगी का अड्डा बन गया है। पिछले करीब 6 महीने से इस पवित्र स्थान के आसपास कोई सफाईकर्मी नहीं पहुंचा है, जिसके कारण यहां दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को कूड़े के ढेर और भारी बदबू का सामना करना पड़ रहा है। नगर पंचायत द्वारा लगवाई गई सार्वजनिक लैट्रिन भी महीनों से भरी पड़ी है और नालियां गंदगी से पटी हैं। इस तेज बदबू के कारण आसपास रहने वाले लगभग 150 लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। सुबह-शाम नमाज और दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु भी नाक बंद कर दरबार तक पहुंचने के लिए मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने इस गंभीर समस्या की शिकायत कुछ दिन पहले फोन के माध्यम से नगर पंचायत के प्रतिनिधि से की थी। शिकायत पर प्रतिनिधि ने बताया था कि सफाई वाला टैंकर खराब है, इसलिए काम रुका हुआ है। हालांकि, इस टैंकर के ठीक होने का इंतजार करते-करते एक पूरा महीना बीत चुका है, लेकिन न तो टैंकर ठीक कराया गया और न ही परिसर की सफाई कराई जा सकी। इस बदहाली पर नाराजगी जताते हुए स्थानीय निवासी ने कहा कि यहाँ रोजाना बाहरी जिलों से लोग मन्नत मांगने आते हैं, लेकिन इतने पवित्र स्थान पर चारों तरफ फैली गंदगी को देखकर शर्म आती है। लैट्रिन पूरी तरह जाम होने की वजह से लोग मजबूरी में खुले में जाने को मजबूर हैं। मौके पर उपस्थित उमेश निधि सिंह, ममता बगिया और अन्य ग्रामीणों ने मांग की है कि नगर पंचायत तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था कर परिसर और लैट्रिन के टैंक की सफाई करवाए। साथ ही, यहाँ नियमित रूप से सफाईकर्मी की तैनाती की जाए ताकि त्योहारों और जुमे के दिन आने वाली भीड़ को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।3
- बांदा के देहात कोतवाली जमालपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पथरी गांव में खुलेआम अवैध बालू खनन का खेल दिन-रात जारी है, जिसका एक वीडियो वायरल हो गया है। क्षेत्र में बालू चोर बेहद सक्रिय हो चुके हैं और ट्रैक्टरों के जरिए धड़ल्ले से बालू की चोरी को अंजाम दे रहे हैं। इस खुलेआम चल रहे अवैध खनन के कारण बड़े पैमाने पर राजस्व की चोरी हो रही है। इस खेल को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर रात-दिन चलने वाले इस अवैध धंधे का असली मास्टर माइंड कौन है। बालू चोरों की इन हरकतों के कारण क्षेत्र में कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है, जिसे देखते हुए 'सावधान इंडिया' का आह्वान करते हुए सचेत किया गया है।1
- दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस की कार्रवाई को लेकर सियासत काफी तेज हो गई है। इस मामले में समाजवादी पार्टी महिला सभा की जिला अध्यक्ष अर्चना सिंह पटेल ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर की गई पुलिसिया कार्रवाई और कथित लाठीचार्ज की कड़ी आलोचना की है। अर्चना सिंह पटेल ने सीधे तौर पर सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि जब छात्रों का प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण था, तो उन पर बल प्रयोग क्यों किया गया? इसके साथ ही उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों का हौसला भी बढ़ाया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस नई पीढ़ी पर गर्व है जो हक की लड़ाई लड़ रही है।1
- कृपया विषय को अधिक से अधिक जनमानस में प्रकाशित किया जाए1
- पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति अपने गृह जनपद हमीरपुर पहुंचीं, जहां उन्होंने मुख्यालय के सर्किट हाउस में जनता की समस्याओं को सुना और उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने देश के विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर मीडिया के सवालों के जवाब दिए। वंदे मातरम बिल पेश होने के सवाल पर साध्वी निरंजन ज्योति ने इसका पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम का सबको स्वागत करना चाहिए, क्योंकि इसी गीत को गाकर देश की आजादी के लिए लाखों लोगों ने अपने प्राणों को न्योछावर किया है। उन्होंने कहा कि उनके सम्मान में वंदे मातरम करना और इसका अभिनंदन करना चाहिए, क्योंकि हम भारत माता की वंदना करते हैं और भारत में रहने वाले सभी लोगों को इसका वंदन-अभिनंदन करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने गृह मंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि संवैधानिक तरीके से अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दूसरी तरफ, कई अन्य संवेदनशील मुद्दों पर उन्होंने प्रतिक्रिया देने से साफ इनकार कर दिया। सोनम वांगचुक की हड़ताल की तीन शर्तों से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो उनका कोई बयान सुना है और न ही उनकी शर्तें सुनी हैं, इसलिए वह इस पर कोई जवाब नहीं दे पाएंगी। जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के प्रोटेस्ट के सवाल पर भी उन्होंने कहा कि वह इस पर कोई जवाब नहीं दे पाएंगी, जबकि जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जारी किए गए नोटिस से जुड़े सवाल पर उन्होंने 'नो कमेंट' कहकर टिप्पणी करने से परहेज किया।4
- हमीरपुर के मौदहा में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का बुलडोजर चलने से हड़कंप मच गया है। भारी पुलिस बल और राजस्व टीम की मौजूदगी में की गई इस बड़ी कार्रवाई के दौरान मीरा तालाब की भीठ पर बने तीन अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। मौदहा में तीन अलग-अलग स्थानों पर बुलडोजर चलाकर इन अवैध निर्माणों को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया, जिससे अतिक्रमण कार्यों में भारी हड़कंप मच गया। प्रशासन की इस कार्रवाई के तहत एक निर्माणकर्ता को नोटिस भी थमाया गया है। मौके पर मौजूद एसडीएम कर्णवीर सिंह ने साफ तौर पर कहा है कि अवैध निर्माण पर यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और अतिक्रमण हटाओ अभियान को आगे भी इसी तरह चलाया जाएगा।1