मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले और छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के जनकपुर के पास स्थित ग्राम पंचायत उचेहरा के राजामाड़ा (रामवन) क्षेत्र में एक अद्भुत घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। यहाँ मंदिर की आरती और घंटी की ध्वनि सुनकर जंगली भालू सुबह-शाम प्रसाद ग्रहण करने पहुँचते हैं और बिना किसी को नुकसान पहुँचाए या उपद्रव किए वापस जंगल लौट जाते हैं। यह स्थल अपनी धार्मिक आस्था और प्रकृति के अनोखे संगम के लिए जाना जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह सिलसिला वर्ष 2013 से लगातार जारी है। जैसे ही मंदिर में आरती शुरू होती है और घंटियों की ध्वनि गूंजती है, जंगल से एक दर्जन से अधिक भालू कुटी परिसर तक आ जाते हैं। प्रसाद ग्रहण करने के बाद वे शांतिपूर्वक वापस जंगल की ओर चले जाते हैं। एक सेवादार महिला ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बाबा की आवाज और घंटियों की ध्वनि सुनकर भालू परिसर में आते हैं और बाबा के हाथों से प्रसाद लेते हैं। कुटी में रहने वाले सीताराम बाबा पुजारी राजामाड़ा ने बताया कि वर्ष 2013 से पहले वे माहोरा पहाड़ क्षेत्र में रहते थे। जब वे राजामाड़ा (रामवन) पहुँचे, तो उनके आगमन के कुछ महीनों बाद ही भालुओं का यहाँ आना शुरू हो गया और यह क्रम धीरे-धीरे नियमित हो गया। आज भी प्रतिदिन सुबह-शाम आरती के समय भालू प्रसाद लेने आते हैं। स्थानीय ग्रामीण इस घटना को बाबा की दिव्य कृपा और चमत्कार मानते हैं, जबकि कुछ लोग इसे भालुओं के व्यवहार और वर्षों से बनी स्वाभाविक आदत के रूप में देखते हैं। कारण चाहे जो भी हो, जंगली भालुओं का धार्मिक स्थल पर आकर प्रसाद ग्रहण करना निश्चित रूप से लोगों के लिए कौतूहल, आस्था और आकर्षण का विषय बना हुआ है। इस अद्भुत नज़ारे को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुँचते हैं और इसे भगवान की माया मानते हैं। पुजारी का कहना है कि ये भालू नहीं बल्कि जामवंत हैं, और अगर आप इन्हें प्यार देंगे तो ये भी आपको प्यार देंगे। जब उनसे भालुओं से डर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें भालुओं से नहीं, बल्कि इंसानों से डर लगता है।
मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले और छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के जनकपुर के पास स्थित ग्राम पंचायत उचेहरा के राजामाड़ा (रामवन) क्षेत्र में एक अद्भुत घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। यहाँ मंदिर की आरती और घंटी की ध्वनि सुनकर जंगली भालू सुबह-शाम प्रसाद ग्रहण करने पहुँचते हैं और बिना किसी को नुकसान पहुँचाए या उपद्रव किए वापस जंगल लौट जाते हैं। यह स्थल अपनी धार्मिक आस्था और प्रकृति के अनोखे संगम के लिए जाना जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह सिलसिला वर्ष 2013 से लगातार जारी है। जैसे ही मंदिर में आरती शुरू होती है और घंटियों की ध्वनि गूंजती है, जंगल से एक दर्जन से अधिक भालू कुटी परिसर तक आ जाते हैं। प्रसाद ग्रहण करने के बाद वे शांतिपूर्वक वापस जंगल की ओर चले जाते हैं। एक सेवादार महिला ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बाबा की आवाज और घंटियों की ध्वनि सुनकर भालू परिसर में आते हैं और बाबा के हाथों से प्रसाद लेते हैं। कुटी में रहने वाले सीताराम बाबा पुजारी राजामाड़ा ने बताया कि वर्ष 2013 से पहले वे माहोरा पहाड़ क्षेत्र में रहते थे। जब वे राजामाड़ा (रामवन) पहुँचे, तो उनके आगमन के कुछ महीनों बाद ही भालुओं का यहाँ आना शुरू हो गया और यह क्रम धीरे-धीरे नियमित हो गया। आज भी प्रतिदिन सुबह-शाम आरती के समय भालू प्रसाद लेने आते हैं। स्थानीय ग्रामीण इस घटना को बाबा की दिव्य कृपा और चमत्कार मानते हैं, जबकि कुछ लोग इसे भालुओं के व्यवहार और वर्षों से बनी स्वाभाविक आदत के रूप में देखते हैं। कारण चाहे जो भी हो, जंगली भालुओं का धार्मिक स्थल पर आकर प्रसाद ग्रहण करना निश्चित रूप से लोगों के लिए कौतूहल, आस्था और आकर्षण का विषय बना हुआ है। इस अद्भुत नज़ारे को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुँचते हैं और इसे भगवान की माया मानते हैं। पुजारी का कहना है कि ये भालू नहीं बल्कि जामवंत हैं, और अगर आप इन्हें प्यार देंगे तो ये भी आपको प्यार देंगे। जब उनसे भालुओं से डर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें भालुओं से नहीं, बल्कि इंसानों से डर लगता है।
- अनूपपुर जिले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी ने अधिकारियों को अनुकंपा नियुक्ति संबंधी प्रकरणों के त्वरित और गंभीरता से निराकरण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में कहा कि जिला अनुकंपा समिति की अनुशंसा पर पात्र हितग्राहियों को समय-सीमा में नियुक्ति दी जाए और लंबित मामलों की नियमित समीक्षा हो। अनुकंपा नियुक्ति के सभी प्रकरणों को प्रत्येक माह अद्यतन किया जाए ताकि पात्र आवेदकों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ मिल सके। बैठक में श्रीमती अर्चना कुमारी ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना की विशेष समीक्षा करते हुए जनपद और नगरीय निकायवार शिविर लगाकर पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने संबल योजना, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नियमित शिविर आयोजित कर जनहितकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और कहा कि सभी पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित किया जाना सुनिश्चित हो। उन्होंने प्रगति संबंधी जानकारी नियमित रूप से जिला पंचायत कार्यालय को भेजने के भी निर्देश दिए। कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र में, मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने फसलों के रकबे में वृद्धि के लिए किसानों को जागरूक करने तथा कृषि अभियांत्रिकी विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कृषकों को सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना का लाभ दिलाते हुए कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक जागरूकता गतिविधियां संचालित करने को कहा। मत्स्य विभाग के अधिकारियों को जिले में केज कल्चर इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने और मत्स्य उत्पादों के विपणन के लिए मार्केटिंग लिंकेज को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। दारसागर में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हितग्राहियों का चयन किया जा चुका है, और केज कल्चर इकाइयों के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। मानसून की तैयारियों की समीक्षा करते हुए, श्रीमती अर्चना कुमारी ने जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों के अधिकारियों से आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली और संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए समयपूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु विकसित किए गए ट्रेंचिंग ग्राउंडों के बेहतर रखरखाव और उन्नयन के साथ-साथ अमृत योजना के तहत नगरीय निकायों में संचालित कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा करने पर बल दिया। पेयजल व्यवस्था, जल की गुणवत्ता और जलजनित बीमारियों की रोकथाम सहित अन्य विषयों पर भी समीक्षा की गई, और नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान, मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने 16 जून से विद्यालयों के संचालन को देखते हुए अधिकारियों को अपने आवंटित विद्यालयों का नियमित एवं सतत निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों के नामांकन, उपस्थिति (विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य स्टाफ की), मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता और आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित आकलन कर जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित हो सके। अंत में, उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों और मुख्य सचिव के प्रमुख एजेंडा बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर पात्र हितग्राहियों तक लाभ सुनिश्चित करने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।1
- शहडोल नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत शहडोल रेलवे स्टेशन पर बीती रात दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हो गया। इस घटना का एक वीडियो सोमवार दोपहर लगभग 2:30 बजे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच हुई झड़प स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। विवाद के बाद, स्थानीय लोगों ने तुरंत आरपीएफ पुलिस को सूचना दी, जिसके मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। इस दौरान घटना स्थल पर लोगों की अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई थी।1
- शहडोल में भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की जिला इकाई ने पत्रकारों के खिलाफ कथित तौर पर झूठी और भ्रामक शिकायतें दर्ज कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के प्रयासों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। महासंघ ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक, शहडोल को एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। महासंघ के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी द्वारा सौंपे गए आवेदन में कहा गया है कि महासंघ के वरिष्ठ पत्रकार रामराज गुप्ता (ब्लॉक महासचिव) और नीलेश सोनी (संभागीय उपाध्यक्ष) के खिलाफ पत्रकार सूर्यभान यादव ने फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई है। महासंघ ने इस शिकायत को प्रथम दृष्टया तथ्यहीन और भ्रामक बताया है। महासंघ के अनुसार, ग्राम साखी के सरपंच हीरालाल साकेत ने नीलेश सोनी को दूरभाष पर बताया था कि पत्रकार सूर्यभान यादव किसी अन्य संगठन के नाम पर राशि ले रहे हैं और अतिरिक्त धन की मांग कर रहे हैं। इस जानकारी की पुष्टि के लिए नीलेश सोनी ने सूर्यभान यादव से संपर्क किया, जिसके दौरान विवाद हुआ। बाद में, कथित तौर पर इस बातचीत का ऑडियो संपादित कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया और नीलेश सोनी के खिलाफ थाना ब्यौहारी में शिकायत दर्ज करा दी गई। महासंघ ने यह भी आरोप लगाया है कि ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता के खिलाफ भी बिना किसी ठोस आधार के शिकायत दर्ज की गई, जिससे उनकी पत्रकारिता और सामाजिक प्रतिष्ठा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इस मामले पर भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की ब्यौहारी ब्लॉक इकाई ने 17 जून 2026 को थाना प्रभारी ब्यौहारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण पत्रकारों में असंतोष बढ़ रहा है। महासंघ का कहना है कि पत्रकारों के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती है। संगठन ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति लगातार पत्रकार साथियों को बदनाम करने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। इसी के मद्देनजर, महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से वायरल ऑडियो की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। यदि शिकायतें झूठी और दुर्भावनापूर्ण पाई जाती हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। महासंघ ने प्रभावित पत्रकारों की प्रतिष्ठा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी अपील की है। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में निष्पक्ष और कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए न्याय सुनिश्चित करेगा। महासंघ ने स्पष्ट किया कि वह पत्रकारों की गरिमा और स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों का लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से विरोध करता रहेगा।1
- अनूपपुर के निगवानी स्थित मुख्य बाजार में एक खतरनाक गड्ढा लंबे समय से लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। हाल ही में एक छोटी बच्ची इस गड्ढे में गिर गई थी, पर गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा टल गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब इस मामले की शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच से की गई, तो उन्होंने गंभीरता दिखाने की बजाय "जो करना हो कर लो" जैसी संवेदनहीन बात कही। यदि यह आरोप सही है, तो यह जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन और पंचायत से यह मांग की जा रही है कि बाजार क्षेत्र में रोजाना आवागमन करने वाले सैकड़ों लोगों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस गड्ढे की तत्काल मरम्मत की जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार न करना पड़े। वीडियो के माध्यम से ऐसी लापरवाही पर कार्रवाई की अपील की गई है।1
- भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ, जिला इकाई शहडोल ने पत्रकारों के विरुद्ध की जा रही कथित झूठी और भ्रामक शिकायतों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। महासंघ ने शहडोल के पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि महासंघ के वरिष्ठ पत्रकार एवं ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता तथा संभागीय उपाध्यक्ष निलेश सोनी के खिलाफ पत्रकार सूर्यभान यादव द्वारा फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई गई है। महासंघ का दावा है कि इन शिकायतों के तथ्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है और बिना किसी पड़ताल के निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम साखी के सरपंच हीरालाल साकेत ने निलेश सोनी को कुछ शिकायतों के बारे में जानकारी दी थी, जिसके संबंध में तथ्य जानने के लिए निलेश सोनी ने दूरभाष पर संपर्क किया था। बातचीत के दौरान विवाद की स्थिति बनी और बाद में कथित तौर पर एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई। महासंघ ने आरोप लगाया है कि ऑडियो के साथ छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, और इसलिए इसकी तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। संगठन ने बताया कि रामराज गुप्ता के खिलाफ भी शिकायत दर्ज है, जिससे उनकी सामाजिक एवं पेशेवर छवि प्रभावित हुई है, तथा इस संबंध में 17 जून 2026 को भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की ब्यौहारी ब्लॉक इकाई द्वारा थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अभी तक मामले में कोई स्पष्ट नतीजा नहीं निकला है। महासंघ ने पुलिस प्रशासन से विशेष रूप से यह मांग की है कि वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ऑडियो अपने मूल रूप में है या उसमें किसी प्रकार का संपादन किया गया है, और जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि पत्रकारों के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। महासंघ ने प्रभावित पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग करते हुए, निष्पक्ष जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले पक्ष पर कानून के अनुसार कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाएगा और कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।4
- छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ अवैध गांजा बिक्री का विरोध करने पर एक विक्रेता द्वारा कथित तौर पर एक गर्भवती महिला के पेट पर मुक्का मारने का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि इस मामले में पुलिस से शिकायत करने के बाद भी पीड़िता को कोई सहायता नहीं मिली।1
- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर वन मंडल कार्यालय में रविवार को उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष अजीत दुबे को शासकीय वन विभाग रेस्ट हाउस में कमरा आवंटित नहीं किया गया। इस घटना से वन कर्मचारियों में भारी नाराजगी फैल गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी वन मंडल कार्यालय पहुँचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। कर्मचारियों ने डीएफओ कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए इस फैसले का कड़ा विरोध जताया। हालात को देखते हुए, प्रदेश अध्यक्ष अजीत दुबे अपने जिला पदाधिकारियों के साथ डीएफओ चंद्र कुमार अग्रवाल के चैंबर में पहुँचे, जहाँ दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत हुई। इस घटना के बाद वन विभाग के भीतर प्रशासन और कर्मचारी संगठन के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई है।1
- अनूपपुर में एकलव्य पैंथर्स खो-खो चैंपियनशिप द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता 2026 का 20 जून को भव्य और उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हो गया। यह प्रतियोगिता 18 जून से प्रारंभ हुई थी, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई बालक एवं बालिका टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और मैदान पूजन के साथ किया गया था। तीन दिनों तक चले रोमांचक मुकाबलों में खिलाड़ियों ने अनुशासन, टीम भावना और उत्कृष्ट खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और नागरिक उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के अंतिम परिणामों के अनुसार, बालिका वर्ग में टीम अर्वा क्वींस (रईस खान) विजेता बनी, जबकि आशुतोष स्टार गर्ल्स की टीम उपविजेता रही। वहीं, बालक वर्ग में राघवेंद्र टाइगर्स ने विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया और जितेंद्र वॉरियर्स उपविजेता रही। समापन समारोह में अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, और कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यप्रदेश खो-खो संघ के प्रदेश सचिव श्री संजय यादव ने की। विशिष्ट अतिथियों में जितेंद्र भट्ट (जिला उपाध्यक्ष भाजपा), भाजपा मंडल अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी, वार्ड 7 की पार्षद श्रीमती प्रवीण त्रिपाठी, भाजपा नेता अरुण सिंह, प्रवीण चौरसिया एवं जिले के समस्त पीटीआई गण शामिल थे। अतिथियों ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए खेलों को युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता एवं अनुशासन का महत्वपूर्ण माध्यम बताया और इस तरह की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं की सराहना की, जो जिले के खिलाड़ियों को नई पहचान प्रदान करती हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन संजय राठौर द्वारा किया गया। प्रतियोगिता के संरक्षक और एकेडमी अध्यक्ष आदर्श दुबे ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, प्रायोजकों, सहयोगी संस्थाओं, खेल प्रेमियों, स्वयंसेवकों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे अनूपपुर में पहली बार आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता बताते हुए जिले के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इस प्रतियोगिता के आयोजक मंडल में विवेक कुमार यादव और मो. इमरान की महत्वपूर्ण भूमिका रही। श्रीमती प्रवीण त्रिपाठी, रईस खान, जीतेंद्र भट्ट, आदर्श दुबे, राघवेंद्र सिंह (राघवेंद्र टाइगर्स), तेजभान सिंह, पवन कुमार चीनी (पवन वेंडर्स), अर्जुन सिंह एवं आशुतोष तिवारी ने प्रायोजकों के रूप में विशेष सहयोग प्रदान किया। समापन अवसर पर, मध्य प्रदेश खोखो संघ के सचिव संजय यादव एवं आयोजक मंडल द्वारा सभी विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, मेडल एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।1