मानदेय न मिलने से मनरेगा कर्मियों में आक्रोश, चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी जुलाई 2025 से भुगतान लंबित, सहायक विकास अधिकारी को सौंपा ज्ञापन पनवाड़ी (महोबा)। विकासखंड पनवाड़ी में कार्यरत मनरेगा कर्मियों ने लंबे समय से मानदेय भुगतान न होने पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से शीघ्र भुगतान की मांग की है। इस संबंध में कर्मियों ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा उपायुक्त श्रम एवं रोजगार को संबोधित ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी पनवाड़ी के माध्यम से सहायक विकास अधिकारी कमलेश अनुरागी को सौंपा। ज्ञापन में मनरेगा कर्मियों ने बताया कि जनपद में कार्यरत ग्राम रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखा सहायक, तकनीकी सहायक तथा अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी विभागीय निर्देशों के अनुसार लगातार कार्य कर रहे हैं और जनपद के लक्ष्यों की पूर्ति में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने एसआईआर, क्रॉप सर्वे सहित अन्य विभागीय कार्यों में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कर्मियों का आरोप है कि विभागीय शिथिलता के कारण जुलाई 2025 से अब तक उनका मानदेय भुगतान नहीं किया गया है, जबकि ईपीएफ की देयता भी काफी समय से लंबित है। दीपावली के समय भी वेतन नहीं मिल सका और अब होली के अवसर पर भी भुगतान न होने से कर्मचारियों की पारिवारिक जिम्मेदारियां प्रभावित हो रही हैं। आर्थिक संकट के कारण कर्मचारी विभागीय दायित्वों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन नहीं बना पा रहे हैं। मनरेगा कर्मियों का कहना है कि प्रदेश के कई जिलों में मानदेय न मिलने के कारण कर्मचारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं और कुछ स्थानों पर आत्महत्या जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। कर्मचारियों ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 में वर्णित “जीवन के अधिकार” के विपरीत स्थिति बताया है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने 23 फरवरी 2026 को ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त एवं रोजगार गारंटी आयुक्त से मिलकर स्थिति की जानकारी दी थी। कर्मचारियों का कहना है कि हाल ही में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक मानव दिवस सृजित होने पर सराहना की थी। ऐसे में जब प्रशासनिक मद अधिक बना है, तब भी कर्मचारियों को मानदेय और ईपीएफ का भुगतान न होना चिंता का विषय है। मनरेगा कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही लंबित मानदेय और ईपीएफ का भुगतान नहीं किया गया तो वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। इसके तहत 6 मार्च से काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया गया है। साथ ही 9 मार्च को उप मुख्यमंत्री को जनता दर्शन में ज्ञापन देने, 10 से 15 मार्च तक क्षेत्र के विधायक, विधान परिषद सदस्य, सांसद व मंत्रियों को स्थिति से अवगत कराने तथा 16 मार्च को मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में पहुंचकर समस्या रखने का भी निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर सुशील कुमार, जितेश कुमार, रियाज अहमद, संतोष कुमार, अनिल कुमार, मैयादीन, देवेश कुमार, अजय कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, प्रभु दयाल, देवकरन सिंह, राजेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, अमित, अमर सिंह, कृष्ण कुमार, बृजेंद्र मिश्रा, ठाकुरदास और अवधेश कुमार सहित अन्य मनरेगा कर्मचारी उपस्थित रहे।
मानदेय न मिलने से मनरेगा कर्मियों में आक्रोश, चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी जुलाई 2025 से भुगतान लंबित, सहायक विकास अधिकारी को सौंपा ज्ञापन पनवाड़ी (महोबा)। विकासखंड पनवाड़ी में कार्यरत मनरेगा कर्मियों ने लंबे समय से मानदेय भुगतान न होने पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से शीघ्र भुगतान की मांग की है। इस संबंध में कर्मियों ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा उपायुक्त श्रम एवं रोजगार को संबोधित ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी पनवाड़ी के माध्यम से सहायक विकास अधिकारी कमलेश अनुरागी को सौंपा। ज्ञापन में मनरेगा कर्मियों ने बताया कि जनपद में कार्यरत ग्राम रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखा सहायक, तकनीकी सहायक तथा अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी विभागीय निर्देशों के अनुसार लगातार कार्य कर रहे हैं और जनपद के लक्ष्यों की पूर्ति में सक्रिय
योगदान दे रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने एसआईआर, क्रॉप सर्वे सहित अन्य विभागीय कार्यों में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कर्मियों का आरोप है कि विभागीय शिथिलता के कारण जुलाई 2025 से अब तक उनका मानदेय भुगतान नहीं किया गया है, जबकि ईपीएफ की देयता भी काफी समय से लंबित है। दीपावली के समय भी वेतन नहीं मिल सका और अब होली के अवसर पर भी भुगतान न होने से कर्मचारियों की पारिवारिक जिम्मेदारियां प्रभावित हो रही हैं। आर्थिक संकट के कारण कर्मचारी विभागीय दायित्वों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन नहीं बना पा रहे हैं। मनरेगा कर्मियों का कहना है कि प्रदेश के कई जिलों में मानदेय न मिलने के कारण कर्मचारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं और कुछ स्थानों
पर आत्महत्या जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। कर्मचारियों ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 में वर्णित “जीवन के अधिकार” के विपरीत स्थिति बताया है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने 23 फरवरी 2026 को ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त एवं रोजगार गारंटी आयुक्त से मिलकर स्थिति की जानकारी दी थी। कर्मचारियों का कहना है कि हाल ही में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक मानव दिवस सृजित होने पर सराहना की थी। ऐसे में जब प्रशासनिक मद अधिक बना है, तब भी कर्मचारियों को मानदेय और ईपीएफ का भुगतान न होना चिंता का विषय है। मनरेगा कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही लंबित मानदेय और ईपीएफ का भुगतान
नहीं किया गया तो वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। इसके तहत 6 मार्च से काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया गया है। साथ ही 9 मार्च को उप मुख्यमंत्री को जनता दर्शन में ज्ञापन देने, 10 से 15 मार्च तक क्षेत्र के विधायक, विधान परिषद सदस्य, सांसद व मंत्रियों को स्थिति से अवगत कराने तथा 16 मार्च को मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में पहुंचकर समस्या रखने का भी निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर सुशील कुमार, जितेश कुमार, रियाज अहमद, संतोष कुमार, अनिल कुमार, मैयादीन, देवेश कुमार, अजय कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, प्रभु दयाल, देवकरन सिंह, राजेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, अमित, अमर सिंह, कृष्ण कुमार, बृजेंद्र मिश्रा, ठाकुरदास और अवधेश कुमार सहित अन्य मनरेगा कर्मचारी उपस्थित रहे।
- #महोबा जिले में पनवाड़ी वन क्षेत्र से अवैध रूप से काटी गई लकड़ी को रात के अंधेरे में बाहर निकाले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार देर रात अज्ञात लोग वाहनों के माध्यम से वन क्षेत्र से लकड़ी निकाल कर ले जा रहे हैं। इससे क्षेत्र में अवैध कटान और लकड़ी तस्करी की आशंका गहरा गई है। ग्रामीणों का कहना है कि दिन के समय निगरानी के कारण तस्कर सक्रिय नहीं हो पाते, इसलिए रात के अंधेरे का फायदा उठाकर लकड़ी को ठिकाने लगाया जा रहा है। लगातार हो रही इस गतिविधि से वन संपदा को नुकसान पहुंच रहा है। मामले को लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। Nitendra Jha #mahobainsight #ikvnews #bundelkhand #BreakingNews #trendingpost #बुंदेलखंड #महोबा #पनवाडी #माफिया1
- आज का दिन इतिहास बन गया1
- Post by Livguard Nishant Shivhare1
- मानदेय न मिलने से मनरेगा कर्मियों में आक्रोश, चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी जुलाई 2025 से भुगतान लंबित, सहायक विकास अधिकारी को सौंपा ज्ञापन पनवाड़ी (महोबा)। विकासखंड पनवाड़ी में कार्यरत मनरेगा कर्मियों ने लंबे समय से मानदेय भुगतान न होने पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से शीघ्र भुगतान की मांग की है। इस संबंध में कर्मियों ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा उपायुक्त श्रम एवं रोजगार को संबोधित ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी पनवाड़ी के माध्यम से सहायक विकास अधिकारी कमलेश अनुरागी को सौंपा। ज्ञापन में मनरेगा कर्मियों ने बताया कि जनपद में कार्यरत ग्राम रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखा सहायक, तकनीकी सहायक तथा अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी विभागीय निर्देशों के अनुसार लगातार कार्य कर रहे हैं और जनपद के लक्ष्यों की पूर्ति में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने एसआईआर, क्रॉप सर्वे सहित अन्य विभागीय कार्यों में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कर्मियों का आरोप है कि विभागीय शिथिलता के कारण जुलाई 2025 से अब तक उनका मानदेय भुगतान नहीं किया गया है, जबकि ईपीएफ की देयता भी काफी समय से लंबित है। दीपावली के समय भी वेतन नहीं मिल सका और अब होली के अवसर पर भी भुगतान न होने से कर्मचारियों की पारिवारिक जिम्मेदारियां प्रभावित हो रही हैं। आर्थिक संकट के कारण कर्मचारी विभागीय दायित्वों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन नहीं बना पा रहे हैं। मनरेगा कर्मियों का कहना है कि प्रदेश के कई जिलों में मानदेय न मिलने के कारण कर्मचारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं और कुछ स्थानों पर आत्महत्या जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। कर्मचारियों ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 में वर्णित “जीवन के अधिकार” के विपरीत स्थिति बताया है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने 23 फरवरी 2026 को ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त एवं रोजगार गारंटी आयुक्त से मिलकर स्थिति की जानकारी दी थी। कर्मचारियों का कहना है कि हाल ही में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक मानव दिवस सृजित होने पर सराहना की थी। ऐसे में जब प्रशासनिक मद अधिक बना है, तब भी कर्मचारियों को मानदेय और ईपीएफ का भुगतान न होना चिंता का विषय है। मनरेगा कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही लंबित मानदेय और ईपीएफ का भुगतान नहीं किया गया तो वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। इसके तहत 6 मार्च से काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया गया है। साथ ही 9 मार्च को उप मुख्यमंत्री को जनता दर्शन में ज्ञापन देने, 10 से 15 मार्च तक क्षेत्र के विधायक, विधान परिषद सदस्य, सांसद व मंत्रियों को स्थिति से अवगत कराने तथा 16 मार्च को मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में पहुंचकर समस्या रखने का भी निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर सुशील कुमार, जितेश कुमार, रियाज अहमद, संतोष कुमार, अनिल कुमार, मैयादीन, देवेश कुमार, अजय कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, प्रभु दयाल, देवकरन सिंह, राजेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, अमित, अमर सिंह, कृष्ण कुमार, बृजेंद्र मिश्रा, ठाकुरदास और अवधेश कुमार सहित अन्य मनरेगा कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- श्री संकटमोचन धाम खरेला के पास खेतों में हाई टेंशन लाइन के पोल से हो रहें फाल्ट के कारण किसानों की फसलों में हो रही आगजनी से किसानों को हर वर्ष अपूर्णनीय क्षति का सामना करना पड़ रहा है, विद्युत विभाग की उदासीनता के चलते नहीं हो पा रहा है किसानों की समस्या का निदान,, जिम्मेदारों की चुप्पी किसानों के हित में घातक साबित हो रही हैं1
- उर्दमऊ में अवैध अफीम की खेती पर पुलिस का बड़ा एक्शन, आधा एकड़ फसल नष्ट; कई लोग रडार पर छतरपुर जिले में अवैध अफीम की खेती के खिलाफ गढ़ीमलहरा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम पंचायत उर्दमऊ और खिरी के बीच स्थित एक खेत में आधा एकड़ से अधिक भूमि पर की जा रही अफीम की अवैध खेती को पुलिस ने नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आगम जैन के निर्देश पर एसडीओपी अमित मिश्रा के मार्गदर्शन में गढ़ीमलहरा थाना प्रभारी रीता सिंह की टीम द्वारा की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मलखान कुशवाहा के खेत में बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर खेत में लगी अफीम की फसल पर कार्रवाई की। सूत्रों के अनुसार इस अवैध खेती में करीब 6 लोगों की साझेदारी बताई जा रही है, जिनमें मलखान कुशवाहा के साथ सहयोगी राजेन्द्र दीक्षित (सरपंच) सहित अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच जारी है।3
- Post by गणेश यादव1
- ब्रेकिंग जालौन में सडक किनारे खेत में मिला लापता बुजुर्ग का शव1