logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

प्राथमिक विद्यालय मर्दन खेड़ा में बच्चों से छत पर लगवाई झाड़ू, प्रधानाचार्य पर गंभीर आरोप

15 hrs ago
user_Mohd Javed
Mohd Javed
News Anchor सीतापुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
15 hrs ago

प्राथमिक विद्यालय मर्दन खेड़ा में बच्चों से छत पर लगवाई झाड़ू, प्रधानाचार्य पर गंभीर आरोप

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • अटरिया,200 साल पुराने महद्देउआ बाबा शिवधाम पर बदहाली का साया शौचालय से प्रतीक्षालय तक मूलभूत सुविधाओं का अभाव, पुजारी व व्यवस्थापक ने प्रशासन से मांगा धाम के कायाकल्प का खाका संवाददाता,, नरेश गुप्ता अटरिया/सिधौली, सीतापुर। धार्मिक आस्था और स्थानीय विरासत से जुड़े अटरिया क्षेत्र के करीब दो सदी पुराने महद्देउआ बाबा शिवधाम पर इन दिनों बदहाली का साया मंडरा रहा है। धारावाहिक घड़ी गांव में स्थित इस प्राचीन शिव मंदिर में दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन परिसर में पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मंदिर से जुड़े लोगों ने प्रशासन से स्थलीय निरीक्षण कराकर धाम के समग्र विकास और कायाकल्प की मांग उठाई है। धार्मिक आस्था का केंद्र, सुविधाओं का इंतजार स्थानीय लोगों के अनुसार महद्देउआ बाबा शिवधाम करीब 200 वर्ष पुराना धार्मिक स्थल है। पीढ़ियों से क्षेत्र के लोगों की आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है। सावन, महाशिवरात्रि, कार्तिक पूर्णिमा, सोमवती अमावस्या और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है तथा धार्मिक आयोजन और मेले भी आयोजित होते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बावजूद मंदिर परिसर में उनकी सुविधा के अनुरूप व्यवस्थाओं का विस्तार नहीं हो सका है। शौचालय, अतिथि एवं प्रतीक्षालय, यज्ञशाला, पेयजल, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था जैसी जरूरतें आज भी प्रमुख समस्या बनी हुई हैं। महंत और पुजारी ने प्रशासन से लगाई गुहार मंदिर के थानापति महंत मनोहर पुरी जी महाराज और मौजूदा पुजारी सावन पुरी ने प्रशासन से मंदिर परिसर का निरीक्षण कराकर आवश्यक विकास कार्य कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा प्राचीन धाम है। ऐसे में इसकी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। पीढ़ियों से परिवार निभा रहा मंदिर की जिम्मेदारी रामगढ़ निवासी प्रवीण सिंह उर्फ गोलू सिंह के मुताबिक, उनके परिवार के पूर्वज लंबे समय से मंदिर की देखरेख और यहां होने वाले धार्मिक आयोजनों की व्यवस्थाओं में योगदान देते रहे हैं। वर्तमान में भी परिवार मंदिर से जुड़े आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाता है। उनके अनुसार धार्मिक पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने के कारण लोगों को असुविधा होती है। विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शौचालय व बैठने की व्यवस्था की कमी गंभीर समस्या बन जाती है। 40 साल पहले हुआ था बड़ा जीर्णोद्धार प्रवीण सिंह ने बताया कि मंदिर परिसर का आखिरी बड़ा जीर्णोद्धार करीब 40 वर्ष पूर्व उनके परिवार के बुजुर्गों द्वारा कराया गया था। इसके बाद समय के साथ परिसर में आवश्यक मरम्मत और सुविधाओं के विस्तार की जरूरत बढ़ती गई, लेकिन व्यापक स्तर पर कायाकल्प नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से मरम्मत और विकास कार्यों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यदि समय रहते ध्यान दिया जाए तो इस प्राचीन धाम को धार्मिक पर्यटन और स्थानीय आस्था के एक बेहतर केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। सिर्फ जीर्णोद्धार नहीं, सुविधाओं का भी हो विस्तार मंदिर से जुड़े लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल भवन की मरम्मत तक विकास कार्य सीमित न रहें, बल्कि श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शौचालय, प्रतीक्षालय, यज्ञशाला, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश, रास्तों की मरम्मत और परिसर के सौंदर्यीकरण की भी व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने की मांग भी उठाई गई है। प्राचीन धरोहर बचाने की जिम्मेदारी किसकी? स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब दो सौ वर्ष पुराने इस शिवधाम की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित करना जरूरी है। लोगों की अपेक्षा है कि प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण कराए और उपलब्ध सरकारी योजनाओं के माध्यम से मंदिर के विकास की संभावनाओं का आकलन करे। अब देखना यह है कि स्थानीय लोगों की इस मांग पर प्रशासन कब तक पहल करता है और महद्देउआ बाबा शिवधाम को बदहाली से निकालकर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।
    1
    अटरिया,200 साल पुराने महद्देउआ बाबा शिवधाम पर बदहाली का साया
शौचालय से प्रतीक्षालय तक मूलभूत सुविधाओं का अभाव, पुजारी व व्यवस्थापक ने प्रशासन से मांगा धाम के कायाकल्प का खाका
संवाददाता,, नरेश गुप्ता 
अटरिया/सिधौली, सीतापुर। धार्मिक आस्था और स्थानीय विरासत से जुड़े अटरिया क्षेत्र के करीब दो सदी पुराने महद्देउआ बाबा शिवधाम पर इन दिनों बदहाली का साया मंडरा रहा है। धारावाहिक घड़ी गांव में स्थित इस प्राचीन शिव मंदिर में दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन परिसर में पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मंदिर से जुड़े लोगों ने प्रशासन से स्थलीय निरीक्षण कराकर धाम के समग्र विकास और कायाकल्प की मांग उठाई है।
धार्मिक आस्था का केंद्र, सुविधाओं का इंतजार
स्थानीय लोगों के अनुसार महद्देउआ बाबा शिवधाम करीब 200 वर्ष पुराना धार्मिक स्थल है। पीढ़ियों से क्षेत्र के लोगों की आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है। सावन, महाशिवरात्रि, कार्तिक पूर्णिमा, सोमवती अमावस्या और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है तथा धार्मिक आयोजन और मेले भी आयोजित होते हैं।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बावजूद मंदिर परिसर में उनकी सुविधा के अनुरूप व्यवस्थाओं का विस्तार नहीं हो सका है। शौचालय, अतिथि एवं प्रतीक्षालय, यज्ञशाला, पेयजल, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था जैसी जरूरतें आज भी प्रमुख समस्या बनी हुई हैं।
महंत और पुजारी ने प्रशासन से लगाई गुहार
मंदिर के थानापति महंत मनोहर पुरी जी महाराज और मौजूदा पुजारी सावन पुरी ने प्रशासन से मंदिर परिसर का निरीक्षण कराकर आवश्यक विकास कार्य कराए जाने की मांग की है।
उनका कहना है कि यह केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा प्राचीन धाम है। ऐसे में इसकी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।
पीढ़ियों से परिवार निभा रहा मंदिर की जिम्मेदारी
रामगढ़ निवासी प्रवीण सिंह उर्फ गोलू सिंह के मुताबिक, उनके परिवार के पूर्वज लंबे समय से मंदिर की देखरेख और यहां होने वाले धार्मिक आयोजनों की व्यवस्थाओं में योगदान देते रहे हैं। वर्तमान में भी परिवार मंदिर से जुड़े आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाता है।
उनके अनुसार धार्मिक पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने के कारण लोगों को असुविधा होती है। विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शौचालय व बैठने की व्यवस्था की कमी गंभीर समस्या बन जाती है।
40 साल पहले हुआ था बड़ा जीर्णोद्धार
प्रवीण सिंह ने बताया कि मंदिर परिसर का आखिरी बड़ा जीर्णोद्धार करीब 40 वर्ष पूर्व उनके परिवार के बुजुर्गों द्वारा कराया गया था। इसके बाद समय के साथ परिसर में आवश्यक मरम्मत और सुविधाओं के विस्तार की जरूरत बढ़ती गई, लेकिन व्यापक स्तर पर कायाकल्प नहीं हो सका।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से मरम्मत और विकास कार्यों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यदि समय रहते ध्यान दिया जाए तो इस प्राचीन धाम को धार्मिक पर्यटन और स्थानीय आस्था के एक बेहतर केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
सिर्फ जीर्णोद्धार नहीं, सुविधाओं का भी हो विस्तार
मंदिर से जुड़े लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल भवन की मरम्मत तक विकास कार्य सीमित न रहें, बल्कि श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शौचालय, प्रतीक्षालय, यज्ञशाला, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश, रास्तों की मरम्मत और परिसर के सौंदर्यीकरण की भी व्यवस्था की जाए।
इसके साथ ही धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने की मांग भी उठाई गई है।
प्राचीन धरोहर बचाने की जिम्मेदारी किसकी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब दो सौ वर्ष पुराने इस शिवधाम की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित करना जरूरी है। लोगों की अपेक्षा है कि प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण कराए और उपलब्ध सरकारी योजनाओं के माध्यम से मंदिर के विकास की संभावनाओं का आकलन करे।
अब देखना यह है कि स्थानीय लोगों की इस मांग पर प्रशासन कब तक पहल करता है और महद्देउआ बाबा शिवधाम को बदहाली से निकालकर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।
    user_Naresh Gupta Reporter
    Naresh Gupta Reporter
    सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • लखीमपुर के सेठ घाट मंदिर में भागवत कथा शुरू राधे ब्रजराज झूला महोत्सव के साथ सुशील पांडे कर रहे वाचन लखीमपुर के सैधरी ग्राम स्थित सेठ घाट मंदिर में राधे ब्रजराज झूला महोत्सव के साथ भागवत कथा का शुभारंभहो गया है। यह आयोजन आज से शुरू हुआ है। कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक और शाम 7:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक किया जाएगा। इस अवसर पर कथावाचक सुशील पांडे व्यास पीठ पर मौजूद रहेंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कथा का श्रवण करने का आग्रह किया है। राधे ब्रजराज झूला महोत्सव 17 अगस्त से शुरू हो चुका है। इस महोत्सव के तहत भजन संध्या और भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।
    1
    लखीमपुर के सेठ घाट मंदिर में भागवत कथा शुरू
राधे ब्रजराज झूला महोत्सव के साथ सुशील पांडे कर रहे वाचन
लखीमपुर के सैधरी ग्राम स्थित सेठ घाट मंदिर में राधे ब्रजराज झूला महोत्सव के साथ भागवत कथा का शुभारंभहो गया है। यह आयोजन आज से शुरू हुआ है। कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक और शाम 7:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक किया जाएगा।
इस अवसर पर कथावाचक सुशील पांडे व्यास पीठ पर मौजूद रहेंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कथा का श्रवण करने का आग्रह किया है। राधे ब्रजराज झूला महोत्सव 17 अगस्त से शुरू हो चुका है। इस महोत्सव के तहत भजन संध्या और भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।
    user_Sandeep kumar gupta
    Sandeep kumar gupta
    Electrician लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बाढ़ के पानी के बीच ट्रैक्टर से गांव पहुंचे विधायक शशांक वर्मा, ग्रामीणों से जाना हाल *निघासन के नया पुरैना में विधायक शशांक वर्मा ने एसडीएम के साथ किया स्थलीय निरीक्षण, राहत सामग्री वितरित कर दिया हरसंभव मदद का भरोसा* लखीमपुर खीरी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की जमीनी स्थिति जानने के लिए निघासन विधायक शशांक वर्मा ने गुरुवार को एसडीएम यदुवीर सिंह के साथ तहसील निघासन के बाढ़ प्रभावित ग्राम नया पुरैना का स्थलीय भ्रमण किया। गांव तक पहुंचने के लिए विधायक और एसडीएम ट्रैक्टर से मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। विधायक ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन, सरकार एवं जनप्रतिनिधि उनके साथ हैं। उन्होंने ग्रामीणों से राहत कार्यों से संबंधित जानकारी लेते हुए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान विधायक द्वारा प्रभावित ग्रामीणों को लंच पैकेट वितरित किए गए। उन्होंने जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री समय से पहुंचाने पर जोर दिया। एसडीएम ने भी ग्रामीणों से संवाद कर बाढ़ की स्थिति और स्थानीय स्तर पर उत्पन्न समस्याओं की जानकारी ली। ग्रामीणों से संवाद के दौरान आवागमन, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं से संबंधित विषयों पर जानकारी ली गई। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं के अनुसार राहत कार्यों को प्राथमिकता से संचालित करने के लिए कहा। *बाढ़ प्रभावित गांव में पहुंची स्वास्थ्य टीम, बाटी औषधियां* बाढ़ प्रभावित ग्राम नया पुरैना में सीएचसी निघासन की स्वास्थ्य टीम भी पहुंची। टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया तथा जरूरत के अनुसार जीवनरक्षक एवं आवश्यक औषधियों का वितरण किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों से स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की अपील की। *धौरहरा के बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंची राहत, राजस्व टीम ने बांटे लंच पैकेट* एसडीएम राशि कृष्णा के नेतृत्व में राजस्व टीम ने तहसील धौरहरा के बाढ़ प्रभावित ग्राम गोडियाना, चंदौली, चकदहा, ओझापुरवा, गनापुर, डुंडकी, गौढ़ी, मांझासुमाली, मिर्जापुर मल्लापुर, परसा एवं कैरातीपुरवा में पहुंचकर ग्रामीणों को लंच पैकेट वितरित किए। टीम ने प्रभावित परिवारों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा बाढ़ की स्थिति में प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
    1
    बाढ़ के पानी के बीच ट्रैक्टर से गांव पहुंचे विधायक शशांक वर्मा, ग्रामीणों से जाना हाल
*निघासन के नया पुरैना में विधायक शशांक वर्मा ने एसडीएम के साथ किया स्थलीय निरीक्षण, राहत सामग्री वितरित कर दिया हरसंभव मदद का भरोसा*
लखीमपुर खीरी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की जमीनी स्थिति जानने के लिए निघासन विधायक शशांक वर्मा ने गुरुवार को एसडीएम यदुवीर सिंह के साथ तहसील निघासन के बाढ़ प्रभावित ग्राम नया पुरैना का स्थलीय भ्रमण किया। गांव तक पहुंचने के लिए विधायक और एसडीएम ट्रैक्टर से मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली।
विधायक ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन, सरकार एवं जनप्रतिनिधि उनके साथ हैं। उन्होंने ग्रामीणों से राहत कार्यों से संबंधित जानकारी लेते हुए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान विधायक द्वारा प्रभावित ग्रामीणों को लंच पैकेट वितरित किए गए। उन्होंने जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री समय से पहुंचाने पर जोर दिया। एसडीएम ने भी ग्रामीणों से संवाद कर बाढ़ की स्थिति और स्थानीय स्तर पर उत्पन्न समस्याओं की जानकारी ली।
ग्रामीणों से संवाद के दौरान आवागमन, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं से संबंधित विषयों पर जानकारी ली गई। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं के अनुसार राहत कार्यों को प्राथमिकता से संचालित करने के लिए कहा।
*बाढ़ प्रभावित गांव में पहुंची स्वास्थ्य टीम, बाटी औषधियां*
बाढ़ प्रभावित ग्राम नया पुरैना में सीएचसी निघासन की स्वास्थ्य टीम भी पहुंची। टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया तथा जरूरत के अनुसार जीवनरक्षक एवं आवश्यक औषधियों का वितरण किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों से स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की अपील की।
*धौरहरा के बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंची राहत, राजस्व टीम ने बांटे लंच पैकेट*
एसडीएम राशि कृष्णा के नेतृत्व में राजस्व टीम ने तहसील धौरहरा के बाढ़ प्रभावित ग्राम गोडियाना, चंदौली, चकदहा, ओझापुरवा, गनापुर, डुंडकी, गौढ़ी, मांझासुमाली, मिर्जापुर मल्लापुर, परसा एवं कैरातीपुरवा में पहुंचकर ग्रामीणों को लंच पैकेट वितरित किए। टीम ने प्रभावित परिवारों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा बाढ़ की स्थिति में प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
    user_Harsh Gupta Journalist
    Harsh Gupta Journalist
    Local News Reporter लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बिहार सरकार की तारीफ वाली वीडियो पर 1 लाख व्यूज आने पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को सरकार 10 हजार रुपये देगी। नोट: यह योजना सिर्फ उन्हीं इन्फ्लुएंसर्स के लिए है, जो सरकार की ‘गुड बुक’ में शामिल हैं।
    1
    बिहार सरकार की तारीफ वाली वीडियो पर 1 लाख व्यूज आने पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को सरकार 10 हजार रुपये देगी।
नोट: यह योजना सिर्फ उन्हीं इन्फ्लुएंसर्स के लिए है, जो सरकार की ‘गुड बुक’ में शामिल हैं।
    user_संदीप कुमार शर्मा
    संदीप कुमार शर्मा
    Photographer लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कर्मचारियों के बचाव में जुटा पार्क प्रशासन सूरज के परिजनों की मांग के बावजूद संबंधित कर्मचारियों को सामने नहीं ला रहा विभाग पलिया नगर के मोहल्ला टेहरा शहरी निवासी सूरज का चौथे दिन भी कोई सुराग नहीं लग सका। लगातार तलाश के बावजूद शव बरामद न होने से आक्रोशित परिजनों ने दुधवा टाइगर रिजर्व पहुंचकर प्रदर्शन किया और पार्क प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। परिजनों ने सूरज की तलाश तेज कराने के साथ ही घटना से जुड़े कर्मचारियों को उनके सामने लाकर पूछताछ किए जाने की मांग की। प्रदर्शन की सूचना पर पलिया कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और सूरज की तलाश में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। परिजन लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि सूरज के साथ घटना के दौरान मौजूद बताए जा रहे कर्मचारियों को उनके सामने लाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। उनका‌ ये भी कहना है कि तीनों साथी जंगल से फूल खोदकर ला रहे थे, ये इतना बड़ा अपराध तो था नहीं, जो कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की और बीस-बीस हजार रुपयों की मांग की। परिजनों ने कर्मचारी कोमल, अशोक दरोगा, अश्विनी बाचर, प्रदीप बाचर, मन्नू और राकेश पर सूरज के साथ मारपीट करने और रुपये मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद से पार्क प्रशासन उनकी मदद करने के बजाय संबंधित कर्मचारियों का बचाव करने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना है कि मांग के बावजूद सक्षम अधिकारी अब तक संबंधित कर्मचारियों को उनके सामने नहीं ला रहे हैं। परिजनों से बातचीत करने पहुंचे दुधवा के एसडीओ महावीर ने बताया कि सूरज के शव की तलाश लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि शव बरामद होने के बाद सुसंगत धाराओं में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने मामले की जांच किए जाने की बात भी कही। वहीं‌ पलिया प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे ने बताया कि पुलिस और संबंधित टीमों द्वारा सूरज की तलाश की जा रही है। शव मिलने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई संभव हो सकेगी। हालांकि, परिजनों का कहना है कि चार दिन बीत जाने के बाद भी शव का बरामद न होना और संबंधित कर्मचारियों को उनके सामने न लाया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। पहला ये कि पार्क प्रशासन का मानना है कि सूरज की मौत ही नहीं हुई है, यदि मौत नहीं हुई तो ड्रोन से उसकी तलाश क्यों की जा रही है। दूसरी तरफ पार्क प्रशासन का‌ ये भी कहना है कि सूरज को कोई जानवर खा गया होगा, जिस कारण उसका‌ शव नहीं मिल रहा है। यदि मौत नहीं हुई है तो चार दिन बीत जाने के बाद आखिर अभी तक सूरज घर क्यों नहीं पहुंचा। सबसे दिलचस्प पहलू ये है‌ कि सूरज जब पानी में कूदा था, तब उस समय वन विभाग के पांच कर्मचारी कोमल, दरोगा अशोक, अश्विनी वाचर, प्रदीप वाचर, मन्नू और राकेश मौजूद थे। सूरज के साथी साहिन‌ का कहना है कि सूरज जब पानी में डूबने लगा, तो वो बचाने के लिए चिल्लाया भी था, लेकिन उसे बचाने का प्रयास नहीं किया गया। साहिन‌ के अनुसार सूरज वन कर्मचारियों के सामने ही डूब गया था। इस स्थिति से यह सिद्ध होता है कि सूरज की निश्चित रूप से पानी‌ में डूबकर मौत हो गयी है। उधर एसडीओ महावीर का कहना है कि शव मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल ये उठता है कि जब वन विभाग भी आश्वस्त है कि सूरज की मौत हो गयी, तो फिर इंतजार आखिरकार किस‌ बात का किया जा रहा है। तत्काल सम्बंधित दोषी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और कार्रवाई अमल में लाई जाए। बता दें कि यदि सूरज और उसका साथी पानी में छलांग न लगाते तो निश्चित रूप से उनसे जुर्माना वसूलने या फिर तीनों को जेल भेजने में वन विभाग जरा भी देरी‌ नहीं करता। पार्क प्रशासन की ओर से दिए जा रहे जवाबों और प्रतिक्रियाओं से परिजनों में असंतोष है। उनका आरोप है कि विभागीय कर्मचारी होने के कारण उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। परिजनों ने स्पष्ट किया कि जब तक सूरज का शव बरामद नहीं होता और घटना से जुड़े सभी कर्मचारियों की निष्पक्ष जांच कराकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
    4
    कर्मचारियों के बचाव में जुटा पार्क प्रशासन

सूरज के परिजनों की मांग के बावजूद संबंधित कर्मचारियों को सामने नहीं ला रहा विभाग
पलिया नगर के मोहल्ला टेहरा शहरी निवासी सूरज का चौथे दिन भी कोई सुराग नहीं लग सका। लगातार तलाश के बावजूद शव बरामद न होने से आक्रोशित परिजनों ने दुधवा टाइगर रिजर्व पहुंचकर प्रदर्शन किया और पार्क प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। परिजनों ने सूरज की तलाश तेज कराने के साथ ही घटना से जुड़े कर्मचारियों को उनके सामने लाकर पूछताछ किए जाने की मांग की।
प्रदर्शन की सूचना पर पलिया कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और सूरज की तलाश में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। परिजन लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि सूरज के साथ घटना के दौरान मौजूद बताए जा रहे कर्मचारियों को उनके सामने लाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। उनका‌ ये भी कहना है कि तीनों साथी जंगल से फूल खोदकर ला रहे थे, ये इतना बड़ा अपराध तो था नहीं, जो कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की और बीस-बीस हजार रुपयों की मांग की।
परिजनों ने कर्मचारी कोमल, अशोक दरोगा, अश्विनी बाचर, प्रदीप बाचर, मन्नू और राकेश पर सूरज के साथ मारपीट करने और रुपये मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद से पार्क प्रशासन उनकी मदद करने के बजाय संबंधित कर्मचारियों का बचाव करने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना है कि मांग के बावजूद सक्षम अधिकारी अब तक संबंधित कर्मचारियों को उनके सामने नहीं ला रहे हैं।
परिजनों से बातचीत करने पहुंचे दुधवा के एसडीओ महावीर ने बताया कि सूरज के शव की तलाश लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि शव बरामद होने के बाद सुसंगत धाराओं में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने मामले की जांच किए जाने की बात भी कही।
वहीं‌ पलिया प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे ने बताया कि पुलिस और संबंधित टीमों द्वारा सूरज की तलाश की जा रही है। शव मिलने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई संभव हो सकेगी।
हालांकि, परिजनों का कहना है कि चार दिन बीत जाने के बाद भी शव का बरामद न होना और संबंधित कर्मचारियों को उनके सामने न लाया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। पहला ये कि पार्क प्रशासन का मानना है कि सूरज की मौत ही नहीं हुई है, यदि मौत नहीं हुई तो ड्रोन से उसकी तलाश क्यों की जा रही है। दूसरी तरफ पार्क प्रशासन का‌ ये भी कहना है कि सूरज को कोई जानवर खा गया होगा, जिस कारण उसका‌ शव नहीं मिल रहा है। यदि मौत नहीं हुई है तो चार दिन बीत जाने के बाद आखिर अभी तक सूरज घर क्यों नहीं पहुंचा। सबसे दिलचस्प पहलू ये है‌ कि सूरज जब पानी में कूदा था, तब उस समय वन विभाग के पांच कर्मचारी कोमल, दरोगा अशोक, अश्विनी वाचर, प्रदीप वाचर, मन्नू और राकेश मौजूद थे। सूरज के साथी साहिन‌ का कहना है कि सूरज जब पानी में डूबने लगा, तो वो बचाने के लिए चिल्लाया भी था, लेकिन उसे बचाने का प्रयास नहीं किया गया। साहिन‌ के अनुसार सूरज वन कर्मचारियों के सामने ही डूब गया था। इस स्थिति से यह सिद्ध होता है कि सूरज की निश्चित रूप से पानी‌ में डूबकर मौत हो गयी है। उधर एसडीओ महावीर का कहना है कि शव मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल ये उठता है कि जब वन विभाग भी आश्वस्त है कि सूरज की मौत हो गयी, तो फिर इंतजार आखिरकार किस‌ बात का किया जा रहा है। तत्काल सम्बंधित दोषी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और कार्रवाई अमल में लाई जाए। बता दें कि यदि सूरज और उसका साथी पानी में छलांग न लगाते तो निश्चित रूप से उनसे जुर्माना वसूलने या फिर तीनों को जेल भेजने में वन विभाग जरा भी देरी‌ नहीं करता। पार्क प्रशासन की ओर से दिए जा रहे जवाबों और प्रतिक्रियाओं से परिजनों में असंतोष है। उनका आरोप है कि विभागीय कर्मचारी होने के कारण उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। परिजनों ने स्पष्ट किया कि जब तक सूरज का शव बरामद नहीं होता और घटना से जुड़े सभी कर्मचारियों की निष्पक्ष जांच कराकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
    user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारियों ने तिरंगा यात्रा माध्यम से शासन के प्रति जताया विरोध लखीमपुर-खीरी। लखीमपुर विकास भवन से चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारियों ने तिरंगा यात्रा निकाली जो सौजन्या चौक, गुरु गोविंद सिंह चौक , रोडवेज बस स्टेशन से होती हुई डीएम कार्यालय पहुंची जहां शासन के वेतन नीतियों के विरोध में नारेबाजी की और वेतन एवं पुरानी पेंशन बहाल किए जाने से सम्बन्धित मांग पत्र डीएम अंजनी कुमार सिंह को सौंपा जिसमें कहा गया है कि कर्मचारियों की पेंशन बुढ़ापे में लाठी के सहारे जैसी होती है जिससे वृद्धावस्था में सम्मानजनक जीवन जिया जा सकता है।मांग पत्र डीएम को सौंपने के बाद तिरंगा यात्रा कार्यक्रम का समापन कर दिया।
    1
    चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारियों ने तिरंगा यात्रा माध्यम से शासन के प्रति जताया विरोध 
लखीमपुर-खीरी। लखीमपुर विकास भवन से चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारियों ने तिरंगा यात्रा निकाली जो सौजन्या चौक, गुरु गोविंद सिंह चौक , रोडवेज बस स्टेशन से होती हुई डीएम कार्यालय पहुंची जहां शासन के वेतन नीतियों के विरोध में नारेबाजी की और वेतन एवं पुरानी पेंशन बहाल किए जाने से सम्बन्धित मांग पत्र डीएम अंजनी कुमार सिंह को सौंपा जिसमें कहा गया है कि कर्मचारियों की पेंशन बुढ़ापे में लाठी के सहारे जैसी होती है जिससे वृद्धावस्था में सम्मानजनक जीवन जिया जा सकता है।मांग पत्र डीएम को सौंपने के बाद तिरंगा यात्रा कार्यक्रम का समापन कर दिया।
    user_Sudhakar Prasad awasthi
    Sudhakar Prasad awasthi
    Local News Reporter लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • पुलिसकर्मियों को दिया गया अग्निशमन उपकरणों के संचालन का प्राथमिक प्रशिक्षण लखीमपुर-खीरी मे अग्निशमन तथा आपात सेवा मुख्यालय, लखनऊ के निर्देश पर जनपद खीरी में पुलिसकर्मियों को अग्निशमन एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्राथमिक प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी, जनपद खीरी के निर्देशानुसार गुरुवार को जिले के विभिन्न थानों एवं फायर स्टेशनों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को अग्निशमन उपकरणों के प्राथमिक संचालन, आग लगने की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदम तथा सुरक्षित तरीके से आग पर काबू पाने के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को आपात स्थिति में प्रारंभिक स्तर पर प्रभावी ढंग से कार्रवाई करने के लिए तैयार करना रहा। इसी क्रम में FSSO लखीमपुर द्वारा थाना खीरी में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। वहीं FSSO गोला ने थाना मैलानी, FSSO पलिया ने थाना भीरा तथा प्रभारी फायर स्टेशन निघासन ने फायर स्टेशन पर उपस्थित डायल-112 के पुलिसकर्मियों को अग्निशमन उपकरणों के उपयोग एवं प्राथमिक अग्निशमन संबंधी प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को आग की विभिन्न परिस्थितियों में सावधानी बरतने, उपलब्ध अग्निशमन संसाधनों का सही उपयोग करने तथा घटना स्थल पर स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए त्वरित कार्रवाई करने के बारे में भी जागरूक किया गया। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से पुलिसकर्मी आगजनी या अन्य आपात परिस्थितियों में अग्निशमन विभाग की टीम के पहुंचने से पहले प्रारंभिक स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।
    1
    पुलिसकर्मियों को दिया गया अग्निशमन उपकरणों के संचालन का प्राथमिक प्रशिक्षण
लखीमपुर-खीरी मे अग्निशमन तथा आपात सेवा मुख्यालय, लखनऊ के निर्देश पर जनपद खीरी में पुलिसकर्मियों को अग्निशमन एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्राथमिक प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी, जनपद खीरी के निर्देशानुसार गुरुवार को जिले के विभिन्न थानों एवं फायर स्टेशनों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को अग्निशमन उपकरणों के प्राथमिक संचालन, आग लगने की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदम तथा सुरक्षित तरीके से आग पर काबू पाने के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को आपात स्थिति में प्रारंभिक स्तर पर प्रभावी ढंग से कार्रवाई करने के लिए तैयार करना रहा।
इसी क्रम में FSSO लखीमपुर द्वारा थाना खीरी में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। वहीं FSSO गोला ने थाना मैलानी, FSSO पलिया ने थाना भीरा तथा प्रभारी फायर स्टेशन निघासन ने फायर स्टेशन पर उपस्थित डायल-112 के पुलिसकर्मियों को अग्निशमन उपकरणों के उपयोग एवं प्राथमिक अग्निशमन संबंधी प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को आग की विभिन्न परिस्थितियों में सावधानी बरतने, उपलब्ध अग्निशमन संसाधनों का सही उपयोग करने तथा घटना स्थल पर स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए त्वरित कार्रवाई करने के बारे में भी जागरूक किया गया।
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से पुलिसकर्मी आगजनी या अन्य आपात परिस्थितियों में अग्निशमन विभाग की टीम के पहुंचने से पहले प्रारंभिक स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।
    user_Harsh Gupta Journalist
    Harsh Gupta Journalist
    Local News Reporter लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • विलंबित गन्ना मूल्य भुगतान पर ब्याज की पूरी जानकारी न उपलब्ध कराने पर धरने पर बैठे किसान सचिव ने दो साल का डेटा उपलब्ध कराने के लिए मांगा 15 से 20 दिन का समय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में विलंबित गन्ना मूल्य भुगतान पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज दिलाए जाने एवं उसका विवरण उपलब्ध कराने को लेकर पूर्व में दी गयी चेतावनी के अनुसार आज गुरुवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के तहसील अध्यक्ष तरसेम सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों किसान सहकारी गन्ना विकास समिति में धरने पर बैठ गये। धरने पर बैठे किसानों ने बताया गया कि 16 जुलाई 2026 को उच्च न्यायालय ने गन्ना पेराई सत्र 1996-97 से 2025-26 तक के सभी पेराई सत्रों में 14 दिन से अधिक की देरी पर 15 प्रतिशत की दर से विलंबित गन्ना मूल्य भुगतान पर ब्याज दिए जाने का आदेश दिया है। इसके बावजूद किसानों को अब तक ब्याज की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इससे पूर्व में वो लोग समिति सचिव के पास जानकारी लेने के लिए गये थे और चेतावनी भी दी थी यदि जल्द पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाएगी तो 20 अगस्त से वो लोग धरने पर बैठ जाएंगे। किसानों का कहना है कि यदि उन लोगों को पूरा विवरण उपलब्ध करा दिया जाएगा, तो सभी किसानों को इस बात की जानकारी हो जाएगी कि उन्हें कितना भुगतान मिलना है, लेकिन जिम्मेदार लापरवाही का शिकार हैं और आए दिन किसा‌नों को टरकाने में लगे हुए हैं। धरने पर बैठे किसानों ने चेतावनी भी दी है कि यदि निर्धारित अवधि तक डेटा उपलब्ध नहीं कराया गया तो वो लोग वृहद आन्दोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बजाज मिल प्रबन्धन और गन्ना विभाग की होगी।
    2
    विलंबित गन्ना मूल्य भुगतान पर ब्याज की पूरी जानकारी न उपलब्ध कराने पर धरने पर बैठे किसान

सचिव ने दो साल का डेटा उपलब्ध कराने के लिए मांगा 15 से 20 दिन का समय
उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में विलंबित गन्ना मूल्य भुगतान पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज दिलाए जाने एवं उसका विवरण उपलब्ध कराने को लेकर पूर्व में दी गयी चेतावनी के अनुसार आज गुरुवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के तहसील अध्यक्ष तरसेम सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों किसान सहकारी गन्ना विकास समिति में धरने पर बैठ गये। धरने पर बैठे किसानों ने बताया गया कि 16 जुलाई 2026 को उच्च न्यायालय ने गन्ना पेराई सत्र 1996-97 से 2025-26 तक के सभी पेराई सत्रों में 14 दिन से अधिक की देरी पर 15 प्रतिशत की दर से विलंबित गन्ना मूल्य भुगतान पर ब्याज दिए जाने का आदेश दिया है। इसके बावजूद किसानों को अब तक ब्याज की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इससे पूर्व में वो लोग समिति सचिव के पास जानकारी लेने के लिए गये थे और चेतावनी भी दी थी यदि जल्द पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाएगी तो 20 अगस्त से वो लोग धरने पर बैठ जाएंगे। किसानों का कहना है कि यदि उन लोगों को पूरा विवरण उपलब्ध करा दिया जाएगा, तो सभी किसानों को इस बात की जानकारी हो जाएगी कि उन्हें कितना भुगतान मिलना है, लेकिन जिम्मेदार लापरवाही का शिकार हैं और आए दिन किसा‌नों को टरकाने में लगे हुए हैं। धरने पर बैठे किसानों ने चेतावनी भी दी है कि यदि निर्धारित अवधि तक डेटा उपलब्ध नहीं कराया गया तो वो लोग वृहद आन्दोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बजाज मिल प्रबन्धन और गन्ना विभाग की होगी।
    user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • लखनऊ में ICICI बैंक की असिस्टेंट मैनेजर दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या लखनऊ से बड़ी खबर- पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा की बहन थीं दिव्या मिश्रा, हत्यारे ने बैंक से बाहर बुलाकर मारी गोली, पुलिस जांच में जुटी प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार हमलावर युवक अकेला ही था और उसके दोनों हाथों में पिस्टल थी, उसने पहले महिला से कुछ बात करने की कोशिश की, महिला द्वारा ध्यान न दिए जाने पर हमलावर युवक ने महिला बैंक अधिकारी को 2 गोलियां मार दीं और ऑटो में बैठकर भाग गया।बैंक के पास ही बैंक की महिला अधिकारी की दिनदहाड़े हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। बड़ी संख्या में स्थानीय पुलिस व अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।⤵️
    1
    लखनऊ में ICICI बैंक की असिस्टेंट मैनेजर दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या
लखनऊ से बड़ी खबर-
पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा की बहन थीं दिव्या मिश्रा,
हत्यारे ने बैंक से बाहर बुलाकर मारी गोली, पुलिस जांच में जुटी
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार हमलावर युवक अकेला ही था और उसके दोनों हाथों में पिस्टल थी, उसने पहले महिला से कुछ बात करने की कोशिश की,
महिला द्वारा ध्यान न दिए जाने पर हमलावर युवक ने महिला बैंक अधिकारी को 2 गोलियां मार दीं और ऑटो में बैठकर भाग गया।बैंक के पास ही बैंक की महिला अधिकारी की दिनदहाड़े हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। बड़ी संख्या में स्थानीय पुलिस व अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।⤵️
    user_Journalist Shahid lakhahi
    Journalist Shahid lakhahi
    Mechanic लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.