अटरिया,200 साल पुराने महद्देउआ बाबा शिवधाम पर बदहाली का साया शौचालय से प्रतीक्षालय तक मूलभूत सुविधाओं का अभाव, पुजारी व व्यवस्थापक ने प्रशासन से मांगा धाम के कायाकल्प का खाका संवाददाता,, नरेश गुप्ता अटरिया/सिधौली, सीतापुर। धार्मिक आस्था और स्थानीय विरासत से जुड़े अटरिया क्षेत्र के करीब दो सदी पुराने महद्देउआ बाबा शिवधाम पर इन दिनों बदहाली का साया मंडरा रहा है। धारावाहिक घड़ी गांव में स्थित इस प्राचीन शिव मंदिर में दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन परिसर में पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मंदिर से जुड़े लोगों ने प्रशासन से स्थलीय निरीक्षण कराकर धाम के समग्र विकास और कायाकल्प की मांग उठाई है। धार्मिक आस्था का केंद्र, सुविधाओं का इंतजार स्थानीय लोगों के अनुसार महद्देउआ बाबा शिवधाम करीब 200 वर्ष पुराना धार्मिक स्थल है। पीढ़ियों से क्षेत्र के लोगों की आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है। सावन, महाशिवरात्रि, कार्तिक पूर्णिमा, सोमवती अमावस्या और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है तथा धार्मिक आयोजन और मेले भी आयोजित होते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बावजूद मंदिर परिसर में उनकी सुविधा के अनुरूप व्यवस्थाओं का विस्तार नहीं हो सका है। शौचालय, अतिथि एवं प्रतीक्षालय, यज्ञशाला, पेयजल, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था जैसी जरूरतें आज भी प्रमुख समस्या बनी हुई हैं। महंत और पुजारी ने प्रशासन से लगाई गुहार मंदिर के थानापति महंत मनोहर पुरी जी महाराज और मौजूदा पुजारी सावन पुरी ने प्रशासन से मंदिर परिसर का निरीक्षण कराकर आवश्यक विकास कार्य कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा प्राचीन धाम है। ऐसे में इसकी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। पीढ़ियों से परिवार निभा रहा मंदिर की जिम्मेदारी रामगढ़ निवासी प्रवीण सिंह उर्फ गोलू सिंह के मुताबिक, उनके परिवार के पूर्वज लंबे समय से मंदिर की देखरेख और यहां होने वाले धार्मिक आयोजनों की व्यवस्थाओं में योगदान देते रहे हैं। वर्तमान में भी परिवार मंदिर से जुड़े आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाता है। उनके अनुसार धार्मिक पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने के कारण लोगों को असुविधा होती है। विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शौचालय व बैठने की व्यवस्था की कमी गंभीर समस्या बन जाती है। 40 साल पहले हुआ था बड़ा जीर्णोद्धार प्रवीण सिंह ने बताया कि मंदिर परिसर का आखिरी बड़ा जीर्णोद्धार करीब 40 वर्ष पूर्व उनके परिवार के बुजुर्गों द्वारा कराया गया था। इसके बाद समय के साथ परिसर में आवश्यक मरम्मत और सुविधाओं के विस्तार की जरूरत बढ़ती गई, लेकिन व्यापक स्तर पर कायाकल्प नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से मरम्मत और विकास कार्यों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यदि समय रहते ध्यान दिया जाए तो इस प्राचीन धाम को धार्मिक पर्यटन और स्थानीय आस्था के एक बेहतर केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। सिर्फ जीर्णोद्धार नहीं, सुविधाओं का भी हो विस्तार मंदिर से जुड़े लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल भवन की मरम्मत तक विकास कार्य सीमित न रहें, बल्कि श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शौचालय, प्रतीक्षालय, यज्ञशाला, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश, रास्तों की मरम्मत और परिसर के सौंदर्यीकरण की भी व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने की मांग भी उठाई गई है। प्राचीन धरोहर बचाने की जिम्मेदारी किसकी? स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब दो सौ वर्ष पुराने इस शिवधाम की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित करना जरूरी है। लोगों की अपेक्षा है कि प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण कराए और उपलब्ध सरकारी योजनाओं के माध्यम से मंदिर के विकास की संभावनाओं का आकलन करे। अब देखना यह है कि स्थानीय लोगों की इस मांग पर प्रशासन कब तक पहल करता है और महद्देउआ बाबा शिवधाम को बदहाली से निकालकर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।
अटरिया,200 साल पुराने महद्देउआ बाबा शिवधाम पर बदहाली का साया शौचालय से प्रतीक्षालय तक मूलभूत सुविधाओं का अभाव, पुजारी व व्यवस्थापक ने प्रशासन से मांगा धाम के कायाकल्प का खाका संवाददाता,, नरेश गुप्ता अटरिया/सिधौली, सीतापुर। धार्मिक आस्था और स्थानीय विरासत से जुड़े अटरिया क्षेत्र के करीब दो सदी पुराने महद्देउआ बाबा शिवधाम पर इन दिनों बदहाली का साया मंडरा रहा है। धारावाहिक घड़ी गांव में स्थित इस प्राचीन शिव मंदिर में दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन परिसर में पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मंदिर से जुड़े लोगों ने प्रशासन से स्थलीय निरीक्षण कराकर धाम के समग्र विकास और कायाकल्प की मांग उठाई है। धार्मिक आस्था का केंद्र, सुविधाओं का इंतजार स्थानीय लोगों के अनुसार महद्देउआ बाबा शिवधाम करीब 200 वर्ष पुराना धार्मिक स्थल है। पीढ़ियों से क्षेत्र के लोगों की आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है। सावन, महाशिवरात्रि, कार्तिक पूर्णिमा, सोमवती अमावस्या और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है तथा धार्मिक आयोजन और मेले भी आयोजित होते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बावजूद मंदिर परिसर में उनकी सुविधा के अनुरूप व्यवस्थाओं का विस्तार नहीं हो सका है। शौचालय, अतिथि एवं प्रतीक्षालय, यज्ञशाला, पेयजल, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था जैसी जरूरतें आज भी प्रमुख समस्या बनी हुई हैं। महंत और पुजारी ने प्रशासन से लगाई गुहार मंदिर के थानापति महंत मनोहर पुरी जी महाराज और मौजूदा पुजारी सावन पुरी ने प्रशासन से मंदिर परिसर का निरीक्षण कराकर आवश्यक विकास कार्य कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा प्राचीन धाम है। ऐसे में इसकी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। पीढ़ियों से परिवार निभा रहा मंदिर की जिम्मेदारी रामगढ़ निवासी प्रवीण सिंह उर्फ गोलू सिंह के मुताबिक, उनके परिवार के पूर्वज लंबे समय से मंदिर की देखरेख और यहां होने वाले धार्मिक आयोजनों की व्यवस्थाओं में योगदान देते रहे हैं। वर्तमान में भी परिवार मंदिर से जुड़े आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाता है। उनके अनुसार धार्मिक पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने के कारण लोगों को असुविधा होती है। विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शौचालय व बैठने की व्यवस्था की कमी गंभीर समस्या बन जाती है। 40 साल पहले हुआ था बड़ा जीर्णोद्धार प्रवीण सिंह ने बताया कि मंदिर परिसर का आखिरी बड़ा जीर्णोद्धार करीब 40 वर्ष पूर्व उनके परिवार के बुजुर्गों द्वारा कराया गया था। इसके बाद समय के साथ परिसर में आवश्यक मरम्मत और सुविधाओं के विस्तार की जरूरत बढ़ती गई, लेकिन व्यापक स्तर पर कायाकल्प नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से मरम्मत और विकास कार्यों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यदि समय रहते ध्यान दिया जाए तो इस प्राचीन धाम को धार्मिक पर्यटन और स्थानीय आस्था के एक बेहतर केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। सिर्फ जीर्णोद्धार नहीं, सुविधाओं का भी हो विस्तार मंदिर से जुड़े लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल भवन की मरम्मत तक विकास कार्य सीमित न रहें, बल्कि श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शौचालय, प्रतीक्षालय, यज्ञशाला, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश, रास्तों की मरम्मत और परिसर के सौंदर्यीकरण की भी व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने की मांग भी उठाई गई है। प्राचीन धरोहर बचाने की जिम्मेदारी किसकी? स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब दो सौ वर्ष पुराने इस शिवधाम की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित करना जरूरी है। लोगों की अपेक्षा है कि प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण कराए और उपलब्ध सरकारी योजनाओं के माध्यम से मंदिर के विकास की संभावनाओं का आकलन करे। अब देखना यह है कि स्थानीय लोगों की इस मांग पर प्रशासन कब तक पहल करता है और महद्देउआ बाबा शिवधाम को बदहाली से निकालकर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।
- कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम-एसपी ने परखी तैयारियां कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम-एसपी ने परखी तैयारियां लहरपुर में हुई महत्वपूर्ण बैठक, श्रद्धालुओं की सुरक्षा से लेकर यातायात व्यवस्था तक पर दिए आवश्यक निर्देश संवाददाता , नरेश गुप्ता लहरपुर, सीतापुर। शिव शक्ति सनातन सेवा समिति के तत्वावधान में श्री त्यागी बाबा के संरक्षण में आयोजित होने वाली भव्य कांवड़ यात्रा एवं विशाल भंडारे की तैयारियों को लेकर गुरुवार को लहरपुर स्थित खेमकरन इंटर कॉलेज में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. एवं पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने की। बैठक में कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने भोजन, पेयजल, विश्राम स्थल तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुचारु रखने के लिए पुलिस-प्रशासन द्वारा किए गए सुरक्षा इंतजामों की भी समीक्षा की गई। प्रशासन की ओर से प्रमुख मार्गों, संवेदनशील स्थानों और विश्राम स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुगम तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। बैठक में उपजिलाधिकारी लहरपुर धामनी एम. दास, क्षेत्राधिकारी लहरपुर, प्रभारी निरीक्षक लहरपुर, आयोजन समिति के सदस्य, गणमान्य नागरिक तथा शासन-प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन की अपील: कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु निर्धारित मार्गों एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस-प्रशासन को सूचना दें।1
- सिधौली और बिसवां से आने वाले हाईवे से ग्राम मंझा की तरफ जाने वाला मुख्य मार्ग इस समय बेहद खराब स्थिति में है। रास्ते पर कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया है। सबसे बड़ी परेशानी स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को हो रही है। आखिर बच्चे बोर्ड परीक्षा देने कैसे निकलेंगे और महिलाएं व ग्रामीण इस रास्ते से कैसे आवागमन करेंगे? संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर जनसमस्या का तत्काल संज्ञान लें और रास्ते को चलने योग्य बनाने की व्यवस्था करें। लोगों को राहत मिलना बेहद जरूरी है।1
- ए है हमारे गांव का विकास देख लिजिए आपका काम सबके सामने आ गया है1
- थाना गोमतीनगर क्षेत्रांतर्गत महिला की हत्या की घटना के संबन्ध में पुलिस उपायुक्त पूर्वी डॉ0 दीक्षा शर्मा द्वारा दी गयी बाइट👆1
- फर्रुखाबाद। थाना राजेपुर क्षेत्र के कढक्का गांव निवासी सोनम और उनकी मां के साथ दबंगों द्वारा कथित रूप से लाठी-डंडों से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने मामले में कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि दबंगों ने मां-बेटी के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। मामले को लेकर महिला सुरक्षा पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पीड़ितों ने संबंधित अधिकारियों से घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।2
- अटरिया,200 साल पुराने महद्देउआ बाबा शिवधाम पर बदहाली का साया शौचालय से प्रतीक्षालय तक मूलभूत सुविधाओं का अभाव, पुजारी व व्यवस्थापक ने प्रशासन से मांगा धाम के कायाकल्प का खाका संवाददाता,, नरेश गुप्ता अटरिया/सिधौली, सीतापुर। धार्मिक आस्था और स्थानीय विरासत से जुड़े अटरिया क्षेत्र के करीब दो सदी पुराने महद्देउआ बाबा शिवधाम पर इन दिनों बदहाली का साया मंडरा रहा है। धारावाहिक घड़ी गांव में स्थित इस प्राचीन शिव मंदिर में दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन परिसर में पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मंदिर से जुड़े लोगों ने प्रशासन से स्थलीय निरीक्षण कराकर धाम के समग्र विकास और कायाकल्प की मांग उठाई है। धार्मिक आस्था का केंद्र, सुविधाओं का इंतजार स्थानीय लोगों के अनुसार महद्देउआ बाबा शिवधाम करीब 200 वर्ष पुराना धार्मिक स्थल है। पीढ़ियों से क्षेत्र के लोगों की आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है। सावन, महाशिवरात्रि, कार्तिक पूर्णिमा, सोमवती अमावस्या और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है तथा धार्मिक आयोजन और मेले भी आयोजित होते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बावजूद मंदिर परिसर में उनकी सुविधा के अनुरूप व्यवस्थाओं का विस्तार नहीं हो सका है। शौचालय, अतिथि एवं प्रतीक्षालय, यज्ञशाला, पेयजल, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था जैसी जरूरतें आज भी प्रमुख समस्या बनी हुई हैं। महंत और पुजारी ने प्रशासन से लगाई गुहार मंदिर के थानापति महंत मनोहर पुरी जी महाराज और मौजूदा पुजारी सावन पुरी ने प्रशासन से मंदिर परिसर का निरीक्षण कराकर आवश्यक विकास कार्य कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा प्राचीन धाम है। ऐसे में इसकी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। पीढ़ियों से परिवार निभा रहा मंदिर की जिम्मेदारी रामगढ़ निवासी प्रवीण सिंह उर्फ गोलू सिंह के मुताबिक, उनके परिवार के पूर्वज लंबे समय से मंदिर की देखरेख और यहां होने वाले धार्मिक आयोजनों की व्यवस्थाओं में योगदान देते रहे हैं। वर्तमान में भी परिवार मंदिर से जुड़े आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाता है। उनके अनुसार धार्मिक पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने के कारण लोगों को असुविधा होती है। विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शौचालय व बैठने की व्यवस्था की कमी गंभीर समस्या बन जाती है। 40 साल पहले हुआ था बड़ा जीर्णोद्धार प्रवीण सिंह ने बताया कि मंदिर परिसर का आखिरी बड़ा जीर्णोद्धार करीब 40 वर्ष पूर्व उनके परिवार के बुजुर्गों द्वारा कराया गया था। इसके बाद समय के साथ परिसर में आवश्यक मरम्मत और सुविधाओं के विस्तार की जरूरत बढ़ती गई, लेकिन व्यापक स्तर पर कायाकल्प नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से मरम्मत और विकास कार्यों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यदि समय रहते ध्यान दिया जाए तो इस प्राचीन धाम को धार्मिक पर्यटन और स्थानीय आस्था के एक बेहतर केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। सिर्फ जीर्णोद्धार नहीं, सुविधाओं का भी हो विस्तार मंदिर से जुड़े लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल भवन की मरम्मत तक विकास कार्य सीमित न रहें, बल्कि श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शौचालय, प्रतीक्षालय, यज्ञशाला, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश, रास्तों की मरम्मत और परिसर के सौंदर्यीकरण की भी व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने की मांग भी उठाई गई है। प्राचीन धरोहर बचाने की जिम्मेदारी किसकी? स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब दो सौ वर्ष पुराने इस शिवधाम की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित करना जरूरी है। लोगों की अपेक्षा है कि प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण कराए और उपलब्ध सरकारी योजनाओं के माध्यम से मंदिर के विकास की संभावनाओं का आकलन करे। अब देखना यह है कि स्थानीय लोगों की इस मांग पर प्रशासन कब तक पहल करता है और महद्देउआ बाबा शिवधाम को बदहाली से निकालकर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।1
- लखनऊ में दो कत्ल, फिर आत्महत्या। पहले पत्नी को गोली मारी फिर बहन का मर्डर किया और उसके बाद खुद सुसाइड कर लिया। पति पत्नी बैंकर्स थे। लखनऊ में बेहद सनसनीखेज वारदात। SBI कर्मी मानस ने पहले हुसड़िया स्थित घर में अपनी अविवाहित बहन सीबा की गोली मारकर हत्या की। इसके बाद गोमतीनगर में ICICI बैंक के बाहर अपनी पत्नी और बैंककर्मी दिव्या मिश्रा को गोली मार दी। दिव्या की भी मौत हो गई। पत्नी और बहन की हत्या के बाद मानस ने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। दो हत्याएं और एक आत्महत्या—दिनदहाड़े हुई इस वारदात से लखनऊ दहल गया। पुलिस पूरे घटनाक्रम, हत्या की वजह और वारदात की टाइमलाइन की जांच में जुटी है।2
- *लखनऊ- SBI अफसर ने बैंक मैनेजर पत्नी की हत्या की:* लिखा- धोखा दिया; बहन को मारकर खुदकुशी की, यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा बोलीं- जीजा साइको था दिव्या मिश्रा गोमती नगर के विवेक खंड स्थित ICICI बैंक में डिप्टी/रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर तैनात थीं। मानस वाजपेयी दोपहर करीब 12:00 बजे बैंक के बाहर घात लगाकर पहुंचा। जैसे ही दिव्या किसी काम से बैंक के गेट पर पहुंचीं, मानस ने उनसे थोड़ी बहस की और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दिव्या की मौत हो गई।2. व्हाट्सएप पर लगाया खौफनाक स्टेटसपत्नी की हत्या करने के बाद आरोपी मानस ने अपने व्हाट्सएप (WhatsApp) अकाउंट पर एक बेहद चौंकाने वाला स्टेटस अपलोड किया। उसने लिखा:"आज मैंने अपनी पत्नी की हत्या कर दी क्योंकि उसने मुझे धोखा दिया... अब मुझे खुद को और अपनी बहन को भी मारना होगा। उसकी बहन प्रज्ञा और भारत (जीजा) सब कुछ जानते हैं।"3. घर जाकर बहन को मारा और खुदकुशी कीबैंक से भागकर मानस हुसड़िया चौराहे के पास स्थित अपने किराए के घर पहुंचा। वहां उसने कमरे के अंदर जाकर तेज आवाज में हनुमान चालीसा चलाई, अपनी 28 वर्षीय मानसिक रूप से बीमार बहन शीबा की गोली मारकर हत्या की और फिर खुद को भी गोली मार ली। जब पड़ोसियों ने व्हाट्सएप स्टेटस देखा और पुलिस को सूचना दी, तो घर के अंदर दोनों भाई-बहन के शव बरामद हुए। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा लखनऊ दैनिक समाचार पत्र1