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ए है हमारे गांव का विकास देख लिजिए आपका काम सबके सामने आ गया है
Ramkishor Pal
ए है हमारे गांव का विकास देख लिजिए आपका काम सबके सामने आ गया है
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- ए है हमारे गांव का विकास देख लिजिए आपका काम सबके सामने आ गया है1
- सीतापुर:होमगार्ड राम प्रताप रावत ने अपने ही जिला कमांडेंट श्याम जीत शाही पर ₹20,000 मांगने व ड्यूटी से हटाए जाने की धमकी देने का लगाया गंभीर आरोप1
- कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम-एसपी ने परखी तैयारियां कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम-एसपी ने परखी तैयारियां लहरपुर में हुई महत्वपूर्ण बैठक, श्रद्धालुओं की सुरक्षा से लेकर यातायात व्यवस्था तक पर दिए आवश्यक निर्देश संवाददाता , नरेश गुप्ता लहरपुर, सीतापुर। शिव शक्ति सनातन सेवा समिति के तत्वावधान में श्री त्यागी बाबा के संरक्षण में आयोजित होने वाली भव्य कांवड़ यात्रा एवं विशाल भंडारे की तैयारियों को लेकर गुरुवार को लहरपुर स्थित खेमकरन इंटर कॉलेज में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. एवं पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने की। बैठक में कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने भोजन, पेयजल, विश्राम स्थल तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुचारु रखने के लिए पुलिस-प्रशासन द्वारा किए गए सुरक्षा इंतजामों की भी समीक्षा की गई। प्रशासन की ओर से प्रमुख मार्गों, संवेदनशील स्थानों और विश्राम स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुगम तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। बैठक में उपजिलाधिकारी लहरपुर धामनी एम. दास, क्षेत्राधिकारी लहरपुर, प्रभारी निरीक्षक लहरपुर, आयोजन समिति के सदस्य, गणमान्य नागरिक तथा शासन-प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन की अपील: कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु निर्धारित मार्गों एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस-प्रशासन को सूचना दें।1
- yah aadami bahut hi kam Karta Hai uske bare mein Janna ho to comment jarur Karen yah aadami ko FIR kam kar raha hai kam karta hai aur कभी-कभी Kam nahin Karta Hai uske bare mein Janna ho to organic1
- सिधौली और बिसवां से आने वाले हाईवे से ग्राम मंझा की तरफ जाने वाला मुख्य मार्ग इस समय बेहद खराब स्थिति में है। रास्ते पर कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया है। सबसे बड़ी परेशानी स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को हो रही है। आखिर बच्चे बोर्ड परीक्षा देने कैसे निकलेंगे और महिलाएं व ग्रामीण इस रास्ते से कैसे आवागमन करेंगे? संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर जनसमस्या का तत्काल संज्ञान लें और रास्ते को चलने योग्य बनाने की व्यवस्था करें। लोगों को राहत मिलना बेहद जरूरी है।1
- प्राथमिक विद्यालय मर्दन खेड़ा में बच्चों से छत पर लगवाई झाड़ू, प्रधानाचार्य पर गंभीर आरोप1
- बहराइच ब्रेकिंग: नानपारा के कालीकुंडा मंदिर के सरोवर में जलभराव मामला। 👉 अब मंदिर गेट पर प्रदर्शन शुरू। 👉 अतिक्रमण के कारण पानी के दबाव से नाला टूटने का आरोप। 👉 जलभराव और अतिक्रमण हटाने की मांग।1
- अटरिया,200 साल पुराने महद्देउआ बाबा शिवधाम पर बदहाली का साया शौचालय से प्रतीक्षालय तक मूलभूत सुविधाओं का अभाव, पुजारी व व्यवस्थापक ने प्रशासन से मांगा धाम के कायाकल्प का खाका संवाददाता,, नरेश गुप्ता अटरिया/सिधौली, सीतापुर। धार्मिक आस्था और स्थानीय विरासत से जुड़े अटरिया क्षेत्र के करीब दो सदी पुराने महद्देउआ बाबा शिवधाम पर इन दिनों बदहाली का साया मंडरा रहा है। धारावाहिक घड़ी गांव में स्थित इस प्राचीन शिव मंदिर में दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन परिसर में पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मंदिर से जुड़े लोगों ने प्रशासन से स्थलीय निरीक्षण कराकर धाम के समग्र विकास और कायाकल्प की मांग उठाई है। धार्मिक आस्था का केंद्र, सुविधाओं का इंतजार स्थानीय लोगों के अनुसार महद्देउआ बाबा शिवधाम करीब 200 वर्ष पुराना धार्मिक स्थल है। पीढ़ियों से क्षेत्र के लोगों की आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है। सावन, महाशिवरात्रि, कार्तिक पूर्णिमा, सोमवती अमावस्या और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है तथा धार्मिक आयोजन और मेले भी आयोजित होते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बावजूद मंदिर परिसर में उनकी सुविधा के अनुरूप व्यवस्थाओं का विस्तार नहीं हो सका है। शौचालय, अतिथि एवं प्रतीक्षालय, यज्ञशाला, पेयजल, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था जैसी जरूरतें आज भी प्रमुख समस्या बनी हुई हैं। महंत और पुजारी ने प्रशासन से लगाई गुहार मंदिर के थानापति महंत मनोहर पुरी जी महाराज और मौजूदा पुजारी सावन पुरी ने प्रशासन से मंदिर परिसर का निरीक्षण कराकर आवश्यक विकास कार्य कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा प्राचीन धाम है। ऐसे में इसकी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। पीढ़ियों से परिवार निभा रहा मंदिर की जिम्मेदारी रामगढ़ निवासी प्रवीण सिंह उर्फ गोलू सिंह के मुताबिक, उनके परिवार के पूर्वज लंबे समय से मंदिर की देखरेख और यहां होने वाले धार्मिक आयोजनों की व्यवस्थाओं में योगदान देते रहे हैं। वर्तमान में भी परिवार मंदिर से जुड़े आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाता है। उनके अनुसार धार्मिक पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने के कारण लोगों को असुविधा होती है। विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शौचालय व बैठने की व्यवस्था की कमी गंभीर समस्या बन जाती है। 40 साल पहले हुआ था बड़ा जीर्णोद्धार प्रवीण सिंह ने बताया कि मंदिर परिसर का आखिरी बड़ा जीर्णोद्धार करीब 40 वर्ष पूर्व उनके परिवार के बुजुर्गों द्वारा कराया गया था। इसके बाद समय के साथ परिसर में आवश्यक मरम्मत और सुविधाओं के विस्तार की जरूरत बढ़ती गई, लेकिन व्यापक स्तर पर कायाकल्प नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से मरम्मत और विकास कार्यों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यदि समय रहते ध्यान दिया जाए तो इस प्राचीन धाम को धार्मिक पर्यटन और स्थानीय आस्था के एक बेहतर केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। सिर्फ जीर्णोद्धार नहीं, सुविधाओं का भी हो विस्तार मंदिर से जुड़े लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल भवन की मरम्मत तक विकास कार्य सीमित न रहें, बल्कि श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शौचालय, प्रतीक्षालय, यज्ञशाला, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश, रास्तों की मरम्मत और परिसर के सौंदर्यीकरण की भी व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने की मांग भी उठाई गई है। प्राचीन धरोहर बचाने की जिम्मेदारी किसकी? स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब दो सौ वर्ष पुराने इस शिवधाम की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित करना जरूरी है। लोगों की अपेक्षा है कि प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण कराए और उपलब्ध सरकारी योजनाओं के माध्यम से मंदिर के विकास की संभावनाओं का आकलन करे। अब देखना यह है कि स्थानीय लोगों की इस मांग पर प्रशासन कब तक पहल करता है और महद्देउआ बाबा शिवधाम को बदहाली से निकालकर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।1