चूरू में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए बीएसएफ जवानों की निगरानी में विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की सक्रिय मौजूदगी ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए एक बहुस्तरीय व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत बीएसएफ और पुलिस बल की निगरानी में उनका सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित किया जा रहा है। परीक्षा केंद्रों पर प्रशासन की विशेष नजर रहेगी, और अधिकारियों को निष्पक्ष तथा पारदर्शी परीक्षा कराने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन युवाओं के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा के आयोजन को लेकर पूरी तरह सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
चूरू में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए बीएसएफ जवानों की निगरानी में विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की सक्रिय मौजूदगी ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए एक बहुस्तरीय व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत बीएसएफ और पुलिस बल की निगरानी में उनका सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित किया जा रहा है। परीक्षा केंद्रों पर प्रशासन की विशेष नजर रहेगी, और अधिकारियों को निष्पक्ष तथा पारदर्शी परीक्षा कराने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन युवाओं के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा के आयोजन को लेकर पूरी तरह सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
- जी वी न्यूज़ की एक रिपोर्ट के अनुसार, भरत तिवारी द्वारा हथियार उठाए जाने के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है। इस खबर में यह सुझाव दिया गया है कि यदि प्रशासन युवा पीढ़ी के साथ शक्ति से नहीं, बल्कि समझदारी से व्यवहार करे, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं को कम किया जा सकता है। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से दी गई है।1
- चूरू में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए बीएसएफ जवानों की निगरानी में विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की सक्रिय मौजूदगी ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए एक बहुस्तरीय व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत बीएसएफ और पुलिस बल की निगरानी में उनका सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित किया जा रहा है। परीक्षा केंद्रों पर प्रशासन की विशेष नजर रहेगी, और अधिकारियों को निष्पक्ष तथा पारदर्शी परीक्षा कराने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन युवाओं के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा के आयोजन को लेकर पूरी तरह सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।2
- 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व किया। रविवार की सुबह इस भव्य आयोजन में हजारों की संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री के साथ योगाभ्यास किया। इस वर्ष योग दिवस की मुख्य थीम "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing) रखी गई है। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ व सक्रिय रहने के लिए योग की अनिवार्यता पर विस्तार से चर्चा की। जनसभा और देशवासियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि योग अब किसी उम्र या सीमा के बंधनों में नहीं बंधा है। उन्होंने यह भी बताया कि 21 जून पृथ्वी पर सबसे लंबा दिन होता है, और योग के कारण यह अब दुनिया का सबसे बड़ा सामूहिक उत्सव बन गया है। प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य के प्रति एक नया लक्ष्य तय करते हुए कहा कि, "हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम 20 की उम्र के मुकाबले 40 में अधिक लचीले हों, 30 की तुलना में 50 में अधिक ऊर्जावान महसूस करें और 70 की उम्र तक आते-आते लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों को पूरी तरह से मात दे सकें।" कोलकाता के इस मुख्य आयोजन के साथ-साथ आज पूरी दुनिया योग के रंग में रंगी नजर आई। भारत के अलावा विश्वभर के लगभग 2,500 से अधिक स्थानों और 210 से अधिक भारतीय मिशनों में इस दिन को एक वैश्विक पर्व और जन-आंदोलन के रूप में बड़े पैमाने पर मनाया गया। कोलकाता के इस कार्यक्रम में समाज के हर वर्ग—युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों—ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो वैश्विक मंच पर भारत की इस प्राचीन विद्या की बढ़ती लोकप्रियता और प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।1
- 21 जून को पिलानी में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम योग मंदिर ट्रस्ट के सहयोग से, ब्लॉक आयुर्वेद कार्यालय, नगर पालिका पिलानी और नगर पालिका विद्याविहार के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। इसमें सैकड़ों नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों और आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योगाचार्य राजकुमार भास्कर के निर्देशन में आयुष मंत्रालय के कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार सामूहिक योगाभ्यास कराया गया। इस दौरान सूरजगढ़ की सुदेशना योग सेवा समिति के बाल योग साधकों ने आकर्षक योग प्रदर्शन प्रस्तुत किया। योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 20 योग साधकों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी लोगों को स्वच्छता और योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक और योग साधक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिससे पूरे पिलानी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।1
- विवाह सम्पन्न होने के बाद लड़के का अपने ससुराल जाना एक ऐसी अनोखी परंपरा है जो आज भी प्रचलन में है। यह प्रथा मौजूदा समय में भी जारी है, जहाँ सामान्य रीति-रिवाजों से हटकर शादी के उपरांत दूल्हा ही अपने ससुराल जाता है।1
- यह संदेश 'नर सेवा ही नारायण सेवा' के सिद्धांत को समझते हुए गरीब बच्चों का सहारा बनने का आह्वान करता है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि आर्थिक सहयोग के बिना कुछ भी संभव नहीं है, इसलिए सभी से मिलकर इन बच्चों की मदद के लिए सहयोग करने का आग्रह किया गया है। संस्था के प्रति यह प्रण लिया गया है कि इसके सेवा और समर्पण के भाव को देखकर लोग इसके साथ चलने का संकल्प लें।1
- शहर के एक होटल के तहखाने से एक चौंकाने वाला और सनसनीखेज खुलासा सामने आया है, जिसे 'कलिकाल का विकराल रूप' बताया जा रहा है। यहाँ से कई युवतियों को बरामद किए जाने की खबर मिली है। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए मामले की विस्तृत जाँच शुरू कर दी। इस गंभीर घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है, और होटल प्रबंधन पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- चांनाथ भोजगढ जैतपुरा उदयपुरवाटी1