इंदौर बुधनी रेल लाइन:भूमि अधिग्रहण में देरी से पिछड़ रही परियोजना, 2030 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य कन्नौद तहसील में 20 किलोमीटर जमीन अब तक नहीं मिली रेलवे को "इंदौर बुधनी नई रेल लाइन प्रोजेक्ट, 7500 करोड रुपए लागत, 205 किलोमीटर कुल दूरी 2030 तक काम पूरा करने का लक्ष्य, 35 किलोमीटर हिस्से में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया बाकी, 68 किलोमीटर तक काम हो जाएगी जबलपुर की दूरी" कन्नौद, इंदौर बुधनी नई ब्रांड गेज रेल लाइन प्रोजेक्ट रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है पहले से देरी का सामना कर रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति जमीन अधिग्रहण की सुस्त प्रक्रिया के कारण धीमी है कई गांव में मुआवजा और सीमांकन संबंधी औपचारिकता है पूरी नहीं हो पाने से निर्माण कार्य तय गति से धीमा चल रहा है, रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अब इस रेल पर लाइन को पूरा करने का लक्ष्य बढ़ाकर 2030 तक कर दिया गया है जिससे क्षेत्र वासियों को सीधी रेल कनेक्टिविटी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा, इंदौर- बुधनी रेल लाइन प्रोजेक्ट में रेलवे ने सबसे चुनौती पूर्ण और सबसे बड़ी 8.5 किलोमीटर की टनल का काम शुरू कर दिया है आरवीएनएल के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक बागलीतहसील में कमलापुर गांव के पास बन रही इस टनल में 5% काम पूरा कर लिया गया है अगले 3 साल में इस टनल का काम पूरा करने का टारगेट है टनल के साथ ही बाकी हिस्से में भी काम होगा सिर्फ टनल के प्रोजेक्ट की लागत 1000 करोड रुपए है यहां दो टनल बनेगी दूसरी एस्केप टनल आपातकालीन स्थिति के लिए बनाई जाएगी टनल के साथ ही रेलवे ने 30% अर्थवर्थ पूरा कर लिया है रेलवे ने अलग-अलग सेशन में काम शुरू किया है अंडरपास ब्रिज का काम रेलवे कर रहा है "किसानों की जा रही उपजाऊ जमीन" कन्नौद तहसील में 20 किलोमीटर जमीन अधिग्रहण नहीं हुई है इसके अलावा कई स्थानों पर किसानों का विरोध भी चल रहा है किसानों का कहना है कि रेल लाइन के लिए उनकी उपजाऊ जमीन जा रही है प्रशासन नियमों के हिसाब से मुआवजा नहीं दे पा रहा है मुआवजे की राशि काफी कम है किसानों ने कहा कि उन्हें बाजार कीमत से मुआवजा दिया जाए या जो जमीन जा रही है उसके बदले दूसरी खेती योग जमीन उपलब्ध कराई जाए "कम होगी दूरी समय बचेगा" रेलवे की जानकारो के मुताबिक इंदौर- बुदनी नई रेल लाइन यात्री और रेलवे दोनों के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण है इस लाइन से जबलपुर की दूरी 68 किलोमीटर कम हो जाएगी फिलहाल भोपाल इटारसी होते हुए ट्रेन जाती है अभी करीब 554 किलोमीटर दूरी है जो नई रेल लाइन से 486 किलोमीटर तक रह जाएगी, करीब 1 घंटे तक का समय भी बचेगा इसके अलावा उत्तर से दक्षिण की ट्रेनों को भी फायदा होगा मालगाड़ी और यात्री ट्रेनों के लिए नया रूट तैयार हो जाएगा "दो लंबी टनल लेवल क्रॉसिंग नहीं" परियोजना में 80 बड़े पुल और दो टनल (1.24 किलोमीटर 8.64 किलोमीटर) प्रस्तावित है सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रूट पर कोई लेवल क्रॉसिंग नहीं होगी अंडर पास और ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे टनल का डिजाइन वन्य जीव क्षेत्र को सुरक्षित रखते हुए तैयार किया गया है योजना के अनुसार 2027-28 में बुधनी से सलकनपुर 2028- 29 में मांगलिया गांव से खेरी कन्नौद तक और 2029- 30 तक पूरा ट्रैक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है
इंदौर बुधनी रेल लाइन:भूमि अधिग्रहण में देरी से पिछड़ रही परियोजना, 2030 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य कन्नौद तहसील में 20 किलोमीटर जमीन अब तक नहीं मिली रेलवे को "इंदौर बुधनी नई रेल लाइन प्रोजेक्ट, 7500 करोड रुपए लागत, 205 किलोमीटर कुल दूरी 2030 तक काम पूरा करने का लक्ष्य, 35 किलोमीटर हिस्से में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया बाकी, 68 किलोमीटर तक काम हो जाएगी जबलपुर की दूरी" कन्नौद, इंदौर बुधनी नई ब्रांड गेज रेल लाइन प्रोजेक्ट रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है पहले से देरी का सामना कर रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति जमीन अधिग्रहण की सुस्त प्रक्रिया के कारण धीमी है कई गांव में मुआवजा और सीमांकन संबंधी औपचारिकता है पूरी नहीं हो पाने से निर्माण कार्य तय गति से धीमा चल रहा है, रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अब इस रेल पर लाइन को पूरा करने का लक्ष्य बढ़ाकर 2030 तक कर दिया गया है जिससे क्षेत्र वासियों को सीधी रेल कनेक्टिविटी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा, इंदौर- बुधनी रेल लाइन प्रोजेक्ट में रेलवे ने सबसे चुनौती पूर्ण और सबसे बड़ी 8.5 किलोमीटर की टनल का काम शुरू कर दिया है आरवीएनएल के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक बागलीतहसील में कमलापुर गांव के पास बन रही इस टनल में 5% काम पूरा कर लिया गया है अगले 3 साल में इस टनल का काम पूरा करने का टारगेट है टनल के साथ ही बाकी हिस्से में भी काम होगा सिर्फ टनल के प्रोजेक्ट की लागत 1000 करोड रुपए है यहां दो टनल बनेगी दूसरी एस्केप टनल आपातकालीन स्थिति के लिए बनाई जाएगी टनल के साथ ही रेलवे ने 30% अर्थवर्थ पूरा कर लिया है रेलवे ने अलग-अलग सेशन में काम शुरू किया है अंडरपास ब्रिज का काम रेलवे कर रहा है "किसानों की जा रही उपजाऊ जमीन" कन्नौद तहसील में 20 किलोमीटर जमीन अधिग्रहण नहीं हुई है इसके अलावा कई स्थानों पर किसानों का विरोध भी चल रहा है किसानों का कहना है कि रेल लाइन के लिए उनकी उपजाऊ जमीन जा रही है प्रशासन नियमों के हिसाब से मुआवजा नहीं दे पा रहा है मुआवजे की राशि काफी कम है किसानों ने कहा कि उन्हें बाजार कीमत से मुआवजा दिया जाए या जो जमीन जा रही है उसके बदले दूसरी खेती योग जमीन उपलब्ध कराई जाए "कम होगी दूरी समय बचेगा" रेलवे की जानकारो के मुताबिक इंदौर- बुदनी नई रेल लाइन यात्री और रेलवे दोनों के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण है इस लाइन से जबलपुर की दूरी 68 किलोमीटर कम हो जाएगी फिलहाल भोपाल इटारसी होते हुए ट्रेन जाती है अभी करीब 554 किलोमीटर दूरी है जो नई रेल लाइन से 486 किलोमीटर तक रह जाएगी, करीब 1 घंटे तक का समय भी बचेगा इसके अलावा उत्तर से दक्षिण की ट्रेनों को भी फायदा होगा मालगाड़ी और यात्री ट्रेनों के लिए नया रूट तैयार हो जाएगा "दो लंबी टनल लेवल क्रॉसिंग नहीं" परियोजना में 80 बड़े पुल और दो टनल (1.24 किलोमीटर 8.64 किलोमीटर) प्रस्तावित है सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रूट पर कोई लेवल क्रॉसिंग नहीं होगी अंडर पास और ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे टनल का डिजाइन वन्य जीव क्षेत्र को सुरक्षित रखते हुए तैयार किया गया है योजना के अनुसार 2027-28 में बुधनी से सलकनपुर 2028- 29 में मांगलिया गांव से खेरी कन्नौद तक और 2029- 30 तक पूरा ट्रैक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है
- इंदौर बुधनी रेल लाइन:भूमि अधिग्रहण में देरी से पिछड़ रही परियोजना, 2030 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य कन्नौद तहसील में 20 किलोमीटर जमीन अब तक नहीं मिली रेलवे को "इंदौर बुधनी नई रेल लाइन प्रोजेक्ट, 7500 करोड रुपए लागत, 205 किलोमीटर कुल दूरी 2030 तक काम पूरा करने का लक्ष्य, 35 किलोमीटर हिस्से में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया बाकी, 68 किलोमीटर तक काम हो जाएगी जबलपुर की दूरी" कन्नौद, इंदौर बुधनी नई ब्रांड गेज रेल लाइन प्रोजेक्ट रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है पहले से देरी का सामना कर रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति जमीन अधिग्रहण की सुस्त प्रक्रिया के कारण धीमी है कई गांव में मुआवजा और सीमांकन संबंधी औपचारिकता है पूरी नहीं हो पाने से निर्माण कार्य तय गति से धीमा चल रहा है, रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अब इस रेल पर लाइन को पूरा करने का लक्ष्य बढ़ाकर 2030 तक कर दिया गया है जिससे क्षेत्र वासियों को सीधी रेल कनेक्टिविटी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा, इंदौर- बुधनी रेल लाइन प्रोजेक्ट में रेलवे ने सबसे चुनौती पूर्ण और सबसे बड़ी 8.5 किलोमीटर की टनल का काम शुरू कर दिया है आरवीएनएल के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक बागलीतहसील में कमलापुर गांव के पास बन रही इस टनल में 5% काम पूरा कर लिया गया है अगले 3 साल में इस टनल का काम पूरा करने का टारगेट है टनल के साथ ही बाकी हिस्से में भी काम होगा सिर्फ टनल के प्रोजेक्ट की लागत 1000 करोड रुपए है यहां दो टनल बनेगी दूसरी एस्केप टनल आपातकालीन स्थिति के लिए बनाई जाएगी टनल के साथ ही रेलवे ने 30% अर्थवर्थ पूरा कर लिया है रेलवे ने अलग-अलग सेशन में काम शुरू किया है अंडरपास ब्रिज का काम रेलवे कर रहा है "किसानों की जा रही उपजाऊ जमीन" कन्नौद तहसील में 20 किलोमीटर जमीन अधिग्रहण नहीं हुई है इसके अलावा कई स्थानों पर किसानों का विरोध भी चल रहा है किसानों का कहना है कि रेल लाइन के लिए उनकी उपजाऊ जमीन जा रही है प्रशासन नियमों के हिसाब से मुआवजा नहीं दे पा रहा है मुआवजे की राशि काफी कम है किसानों ने कहा कि उन्हें बाजार कीमत से मुआवजा दिया जाए या जो जमीन जा रही है उसके बदले दूसरी खेती योग जमीन उपलब्ध कराई जाए "कम होगी दूरी समय बचेगा" रेलवे की जानकारो के मुताबिक इंदौर- बुदनी नई रेल लाइन यात्री और रेलवे दोनों के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण है इस लाइन से जबलपुर की दूरी 68 किलोमीटर कम हो जाएगी फिलहाल भोपाल इटारसी होते हुए ट्रेन जाती है अभी करीब 554 किलोमीटर दूरी है जो नई रेल लाइन से 486 किलोमीटर तक रह जाएगी, करीब 1 घंटे तक का समय भी बचेगा इसके अलावा उत्तर से दक्षिण की ट्रेनों को भी फायदा होगा मालगाड़ी और यात्री ट्रेनों के लिए नया रूट तैयार हो जाएगा "दो लंबी टनल लेवल क्रॉसिंग नहीं" परियोजना में 80 बड़े पुल और दो टनल (1.24 किलोमीटर 8.64 किलोमीटर) प्रस्तावित है सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रूट पर कोई लेवल क्रॉसिंग नहीं होगी अंडर पास और ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे टनल का डिजाइन वन्य जीव क्षेत्र को सुरक्षित रखते हुए तैयार किया गया है योजना के अनुसार 2027-28 में बुधनी से सलकनपुर 2028- 29 में मांगलिया गांव से खेरी कन्नौद तक और 2029- 30 तक पूरा ट्रैक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है1
- कन्नौद पुलिस की एक अच्छी पहल बढ़ती दुर्घटना को देखकर नेशनल हाईवे पर लगाए कैमरे एवं सुरक्षा के किया पूरे इंतजाम अब तेज गति से चलने वाले वहां पर भी होगी कार्रवाई आई देखी क्या कहना है एडिशनल एसपी सौम्या जैन का1
- 📢 📌 सीहोर जिले में आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा बाजारों, भीड़-भाड़ वाले स्थानों, सुनसान इलाकों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पैदल एवं वाहन गश्त की जा रही है। 📌 होटल, लॉज, ढाबों आदि की भी सघन चेकिंग की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। 📌 कानून व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने हेतु यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- देवास / भोपाल में किसान महापंचायत में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे लोकसभा में प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी के मुख्य उपस्थिती में जीतू पटवारी एवं धर्मेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में एक विशाल किसान महाचोपाल का आयोजन किया गया जिसमें विगत दिनों मोदी सरकार द्वारा अमेरिका के साथ स्वीकृत किसान विरोधी ट्रेड ड्रिल को लेकर राहुल गांधी जी खड़के जी ने किसानो को संबोधित किया,किसान महाचोपाल में देवास जिला किसान कांग्रेस के अध्यक्ष विश्वजीत सिंह चौहान के नेतृत्व में जिले के सैकड़ो किसानों ने किसान महाचोपाल में भाग लिया इस दौरान विश्वजीत सिंह चौहान ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री धर्मेंद्र सिंह चौहान पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह जी राहुल,कुणाल चौधरी जी से भेंट की ।इस अवसर पर वरिष्ठ नेताओं ने देवास जिला किसान कांग्रेस द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आने वाला समय कांग्रेस पार्टी का है आप सब साथी किसानों को एक जुट रखो ट्रेड ड्रिल की कमियों को उन्हें बताएं एवं जागरूक करे । इस अवसर पर श्री चौहान के साथ बड़ी संख्या में हाटपिपल्या विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस जनों के साथ जिले के किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे।4
- 2.05 लाख की रिश्वत मांगने वाली संविदा पर्यवेक्षक 5 हजार लेते रंगे हाथों गिरफ्तार आंगनवाड़ी सहायिका को कार्यकर्ता बनाने के नाम पर मांगी थी मोटी रकम, लोकायुक्त की कार्रवाई से विभाग में हड़कंप संवाददाता ईस्हाक गौरी खंडवा जिले के खालवा क्षेत्र में महिला एवं बाल विकास विभाग की संविदा पर्यवेक्षक अंजिला मोहे को आज गुरुवार को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी ने आंगनवाड़ी सहायिका से कार्यकर्ता पद पर पदस्थापना कराने के नाम पर कुल 2 लाख 5 हजार रुपये की मांग की थी। जानकारी के अनुसार, 27 वर्षीय सलिता पालवी, निवासी ग्राम मोजवाड़ी, अक्टूबर 2025 से आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-1 मोजवाड़ी में सहायिका के पद पर कार्यरत हैं। मोजवाड़ी आंगनवाड़ी केंद्र-3 में कार्यकर्ता पद रिक्त होने पर उन्होंने नियमानुसार आवेदन प्रस्तुत किया था। आरोप है कि सेक्टर सांवलीखेड़ा की संविदा पर्यवेक्षक अंजिला मोहे (55), निवासी ग्राम मलगांव ने पहले सहायिका पद पर नियुक्ति के नाम पर 5 हजार रुपये लिए थे और बाद में कार्यकर्ता पद पर पदस्थापना के लिए 2 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की। कुल 2.05 लाख रुपये की रिश्वत की मांग से विभाग में हड़कंप मच गया। शिकायत के बाद बिछाया गया ट्रैप——पीड़िता सलिता पालवी ने मामले की शिकायत लोकायुक्त इंदौर के विशेष पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की। शिकायत का सत्यापन होने के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। गुरुवार को आरोपी को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई में लोकायुक्त इंस्पेक्टर प्रतिभा तोमर, आशुतोष मिठास, आरक्षक विजय कुमार, शिवप्रकाश पाराशर, कमलेश परिहार, आदित्य सिंह भदौरिया, मनीष माथुर एवं महिला आरक्षक अनिता प्रजापति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस कार्रवाई के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग में हड़कंप की स्थिति है और मामले की आगे की जांच जारी है।1
- Post by Mp hardaकमताड़ा गार्डन कमताड़ा1
- हरसूद। आगामी त्योहारों होली, रंग पंचमी एवं ईद के मद्देनज़र हरसूद थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में हरसूद एसडीएम आर.सी. खतेड़िया, तहसीलदार संगीता महतो, थाना प्रभारी राजकुमार राठौर सहित शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- इंदौर बैतूल हाईवे स्थित कन्नौज थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले कलवार घाट डेंजर जोन पर हैलोजन व संकेतक लगाऐ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने किया निरीक्षण कन्नौद, देवास एसपी पुनीत गेहलोत के मार्गदर्शन में कन्नौद थाना क्षेत्र के कलवार घाट को दुर्घटनामुक्त बनाने के लिए कन्नौद पुलिस द्वारा विशेष मुहिम चलाई गई। गुरुवार को कन्नौद थाना प्रभारी तेहजीब काजी ने जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर बैतूल नेशनल हाईवे पर कन्नौद थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले कलवार घाट का यह 90 डिग्री का तीखा मोड़ लगातार सड़क दुर्घटनाओं के कारण एक्सीडेंट ज़ोन बन चुका था, जहां आए दिन हादसे हो रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए कन्नौद पुलिस ने इस मोड़ पर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के मेमो (डेमो कार) रखकर राहगीरों एवं वाहन चालकों को संकेतों के माध्यम से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की समझाइश दी। साथ ही रात्रिकालीन दृश्यता बढ़ाने के लिए हैलोजन लाइटें लगाई गईं। इसके अलावा क्षेत्र की निगरानी के लिए त्रिनेत्रम योजना के अंतर्गत कैमरे स्थापित किए गए हैं तथा तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए स्पीड ब्रेकर भी बनाए गए हैं, ताकि कोई भी वाहन चालक तेज गति से वाहन न चला सके। पुलिस प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य इस खतरनाक मोड़ पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। गुरुवार को एडिशनल एसपी सौम्या जैन एवं थाना प्रभारी तहजीब काजी सहित मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया।3