आजमगढ़ के पवई थाना पुलिस ने पीआरवी पुलिसकर्मियों पर हमला करने, उन्हें बंधक बनाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने तथा सरकारी सीयूजी मोबाइल और नकदी लूटने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया सरकारी सीयूजी मोबाइल और ₹700 नकद भी बरामद किए हैं। यह घटना 4 जुलाई की रात करीब 10:30 बजे घटी, जब डायल-112 पर एक पारिवारिक विवाद की सूचना मिली थी। इस पर पीआरवी-7470 पर तैनात कांस्टेबल भीमसेन और होमगार्ड चालक बलिराम चौहान ग्राम चकराम गरीब पहुंचे थे। शिकायतकर्ता से पूछताछ के दौरान, मनोज बिंद, विनय बिंद, संतोष बिंद, वंशराज बिंद समेत कुछ अन्य लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमलावरों पर आरोप है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों की नेमप्लेट तोड़ी, उन्हें बंधक बनाया, जान से मारने की धमकी दी और सरकारी सीयूजी मोबाइल तथा कांस्टेबल की जेब से ₹700 लूट लिए। इस संबंध में थाना पवई पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत, 5 जुलाई को उपनिरीक्षक ओमप्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को खण्डौरा अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मनोज बिंद, विनय बिंद, संतोष बिंद और वंशराज बिंद, निवासी ग्राम चकराम गरीब, थाना पवई के रूप में हुई है। पुलिस ने मनोज बिंद के कब्जे से लूटा गया सरकारी सीयूजी मोबाइल और अन्य आरोपियों के कब्जे से कुल ₹700 बरामद किए, जिसके आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस भी बढ़ा दी गई है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट, बंधक बनाने और मोबाइल व नकदी छीनने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, इन गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से भी चोरी और आर्म्स एक्ट सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय भेजते हुए आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
आजमगढ़ के पवई थाना पुलिस ने पीआरवी पुलिसकर्मियों पर हमला करने, उन्हें बंधक बनाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने तथा सरकारी सीयूजी मोबाइल और नकदी लूटने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया सरकारी सीयूजी मोबाइल और ₹700 नकद भी बरामद किए हैं। यह घटना 4 जुलाई की रात करीब 10:30 बजे घटी, जब डायल-112 पर एक पारिवारिक विवाद की सूचना मिली थी। इस पर पीआरवी-7470 पर तैनात कांस्टेबल भीमसेन और होमगार्ड चालक बलिराम चौहान ग्राम चकराम गरीब पहुंचे थे। शिकायतकर्ता से पूछताछ के दौरान, मनोज बिंद, विनय बिंद, संतोष बिंद, वंशराज बिंद समेत कुछ अन्य लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमलावरों पर आरोप है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों की नेमप्लेट तोड़ी, उन्हें बंधक बनाया, जान से मारने की धमकी दी और सरकारी सीयूजी मोबाइल तथा कांस्टेबल की जेब से ₹700 लूट लिए। इस संबंध में थाना पवई पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत, 5 जुलाई को उपनिरीक्षक ओमप्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को खण्डौरा अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मनोज बिंद, विनय बिंद, संतोष बिंद और वंशराज बिंद, निवासी ग्राम चकराम गरीब, थाना पवई के रूप में हुई है। पुलिस ने मनोज बिंद के कब्जे से लूटा गया सरकारी सीयूजी मोबाइल और अन्य आरोपियों के कब्जे से कुल ₹700 बरामद किए, जिसके आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस भी बढ़ा दी गई है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट, बंधक बनाने और मोबाइल व नकदी छीनने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, इन गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से भी चोरी और आर्म्स एक्ट सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय भेजते हुए आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
- आजमगढ़ में परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई किरण की पहल से दो बिखरते परिवारों को एक बार फिर नया सहारा मिला है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में थाना कोतवाली परिसर स्थित परिवार परामर्श प्रकोष्ठ में आयोजित एक बैठक के दौरान काउंसलिंग और मध्यस्थता के माध्यम से दो पारिवारिक विवादों का सफलतापूर्वक समझौता कराया गया। इस बैठक में कुल 11 प्रकरणों के दोनों पक्षों को फोन और नोटिस के जरिए बुलाया गया था, जिनमें से सात मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए। गहन काउंसलिंग और आपसी संवाद के बाद दो मामलों में पति-पत्नी के मतभेद दूर किए गए और वे परिवारों को पुनः साथ रहने के लिए राजी हो गए। सुलझे हुए मामलों में, एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर भरण-पोषण न देने तथा घर से निकालने का आरोप लगाया था, जबकि दूसरे मामले में पति पर दहेज की मांग और ससुराल वालों द्वारा दंपति को घर में न रहने देने की शिकायत थी। काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों को आपसी संवाद, सहनशीलता और पारिवारिक मूल्यों का महत्व समझाया गया, जिसके परिणामस्वरूप दोनों परिवारों में फिर से सामंजस्य स्थापित हो गया। समझौता कराने वाले परिवारों में गंभीरपुर थाना क्षेत्र की सुलताना और जीयनपुर थाना क्षेत्र की नाजो के परिवार शामिल रहे। पुलिस के अनुसार, 'नई किरण' प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य पारिवारिक विघटन को रोकना, बिखरते रिश्तों को जोड़ना और परिवारों में आपसी सामंजस्य स्थापित करना है। यह पहल न केवल परिवारों को एक नई दिशा दे रही है, बल्कि पारिवारिक न्यायालयों पर बढ़ते कार्यभार को कम करने में भी सहायक साबित हो रही है। शेष मामलों में दोनों पक्षों को अगली तिथि पर उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं, जिन पर आगे मध्यस्थता की कार्रवाई की जाएगी।1
- आजमगढ़ के फूलपुर में पीडब्ल्यूडी और रेलवे की सरकारी भूमि पर चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान लगभग 100 दुकानें और एक दर्जन दो-मंजिला मकान ध्वस्त कर दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूर्व में जारी नोटिसों के बाद नियमानुसार की गई थी। इस व्यापक अभियान के बाद कई प्रभावित परिवारों के सामने अब आजीविका और रोजगार की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। हालांकि, प्रशासन अपनी कार्रवाई को सही ठहराते हुए इस बात पर जोर दे रहा है कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना अत्यंत आवश्यक था। इस घटना ने एक महत्वपूर्ण सवाल को जन्म दिया है कि क्या ऐसे मामलों में अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ प्रभावित लोगों के पुनर्वास और उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।1
- आज़मगढ़ के सदर अस्पताल के ब्लड बैंक से जुड़ी शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर, एक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ब्लड बैंक के रिकॉर्ड, स्टॉक और संबंधित प्रक्रियाओं की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, फिलहाल जांच अभी जारी है और किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है; अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट के आधार पर ही लिया जाएगा।1
- अतरौलिया में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक स्मरण पंखवाड़ा का आयोजन किया। इस अवसर पर, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष ने बयान दिया कि पार्टी 2027 में आजमगढ़ की सभी 10 सीटों पर जीत दर्ज करेगी।1
- सांसद अफजाल अंसारी ने एक तीखा बयान देते हुए कहा है कि मुख्तार अंसारी की विरासत अब अब्बास संभालेगा। उन्होंने उन लोगों पर कटाक्ष किया जो अब 'शंकराचार्य' बने घूम रहे हैं, यह तंज करते हुए कि जब मुख्तार अंसारी जीवित थे, तब वे सभी 'बिल में घुसे हुए' थे। अफजाल अंसारी ने अपने इस बयान के माध्यम से 'बाहुबली बृजेश सिंह' को परोक्ष रूप से लक्षित किया है।1
- मोहम्मदाबाद गोहाना विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एकदिवसीय जिला कार्यकर्ता महासम्मेलन और रैली के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस रैली में कार्यकर्ताओं ने बसपा प्रत्याशी जे. के. आजाद के विरोध में 'बाहरी भगाओ' के नारे लगाए, जिससे कार्यक्रम में गहमा-गहमी का माहौल रहा।1
- आजमगढ़ के पवई थाना पुलिस ने पीआरवी पुलिसकर्मियों पर हमला करने, उन्हें बंधक बनाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने तथा सरकारी सीयूजी मोबाइल और नकदी लूटने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया सरकारी सीयूजी मोबाइल और ₹700 नकद भी बरामद किए हैं। यह घटना 4 जुलाई की रात करीब 10:30 बजे घटी, जब डायल-112 पर एक पारिवारिक विवाद की सूचना मिली थी। इस पर पीआरवी-7470 पर तैनात कांस्टेबल भीमसेन और होमगार्ड चालक बलिराम चौहान ग्राम चकराम गरीब पहुंचे थे। शिकायतकर्ता से पूछताछ के दौरान, मनोज बिंद, विनय बिंद, संतोष बिंद, वंशराज बिंद समेत कुछ अन्य लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमलावरों पर आरोप है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों की नेमप्लेट तोड़ी, उन्हें बंधक बनाया, जान से मारने की धमकी दी और सरकारी सीयूजी मोबाइल तथा कांस्टेबल की जेब से ₹700 लूट लिए। इस संबंध में थाना पवई पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत, 5 जुलाई को उपनिरीक्षक ओमप्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को खण्डौरा अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मनोज बिंद, विनय बिंद, संतोष बिंद और वंशराज बिंद, निवासी ग्राम चकराम गरीब, थाना पवई के रूप में हुई है। पुलिस ने मनोज बिंद के कब्जे से लूटा गया सरकारी सीयूजी मोबाइल और अन्य आरोपियों के कब्जे से कुल ₹700 बरामद किए, जिसके आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस भी बढ़ा दी गई है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट, बंधक बनाने और मोबाइल व नकदी छीनने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, इन गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से भी चोरी और आर्म्स एक्ट सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय भेजते हुए आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- आजमगढ़ जिले के लालगंज में दबंगई की एक घटना सामने आई है, जहाँ एक सर्राफा कारोबारी और उनके बेटे के साथ मारपीट की गई है। जानकारी के अनुसार, दबंगों ने सीधे उनकी दुकान में घुसकर कारोबारी और उनके बेटे पर हमला किया। इस मामले में सोनू सोनकर समेत कुल तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है।1