फतेहाबाद तहसील के तहत आने वाले ग्राम पंचायत लहर पट्टी लहर के उपग्राम बास महुआ से मंगलवार को दर्जनों महिला एवं पुरुष ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने गांव स्थित तालाब की खुदाई और गहरीकरण कराए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से तालाब में गाद भरी होने के कारण उसकी जलधारण क्षमता काफी कम हो गई है। इसी कारण बरसात के दौरान गांव में गंभीर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे बारिश का पानी तालाब में इकट्ठा होने के बजाय गांव की गलियों और आबादी वाले क्षेत्रों में भर जाता है। इस जलभराव के चलते बच्चों को स्कूल आने-जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है और कई रास्ते पूरी तरह से पानी में डूब जाते हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होता है तथा ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। दिए गए प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत लहर पट्टी लहर की गाटा संख्या 136, जिसका कुल रकबा 1.521080 हेक्टेयर है, में से 0.521080 हेक्टेयर क्षेत्र में सर्वसम्मति से तालाब की खुदाई एवं गहरीकरण कराने का प्रस्ताव किया गया है। उनका मानना है कि तालाब की उचित सफाई और गहराई होने से बरसाती पानी का बेहतर संचयन होगा तथा गांव को जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि गांव के ही दौजीराम पुत्र भजनलाल तथा गोपाल पुत्र भजनलाल तालाब की खुदाई का विरोध कर रहे हैं और कार्य में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से जनहित को ध्यान में रखते हुए तालाब की खुदाई एवं गहरीकरण के आदेश जारी करने और कार्य में अवरोध उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। इस दौरान संजू सिंह कुशवाह पुत्र लज्जाराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, जिनमें दर्जनों महिला एवं पुरुष शामिल थे, तहसील परिसर में उपस्थित रहे।
फतेहाबाद तहसील के तहत आने वाले ग्राम पंचायत लहर पट्टी लहर के उपग्राम बास महुआ से मंगलवार को दर्जनों महिला एवं पुरुष ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने गांव स्थित तालाब की खुदाई और गहरीकरण कराए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से तालाब में गाद भरी होने के कारण उसकी जलधारण क्षमता काफी कम हो गई है। इसी कारण बरसात के दौरान गांव में गंभीर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे बारिश का पानी तालाब में इकट्ठा होने के बजाय गांव की गलियों और आबादी वाले क्षेत्रों में भर जाता है। इस जलभराव के चलते बच्चों को स्कूल आने-जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है और कई रास्ते पूरी तरह से पानी में डूब जाते हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होता है तथा ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। दिए गए प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत लहर पट्टी लहर की गाटा संख्या 136, जिसका कुल रकबा 1.521080 हेक्टेयर है, में से 0.521080 हेक्टेयर क्षेत्र में सर्वसम्मति से तालाब की खुदाई एवं गहरीकरण कराने का प्रस्ताव किया गया है। उनका मानना है कि तालाब की उचित सफाई और गहराई होने से बरसाती पानी का बेहतर संचयन होगा तथा गांव को जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि गांव के ही दौजीराम पुत्र भजनलाल तथा गोपाल पुत्र भजनलाल तालाब की खुदाई का विरोध कर रहे हैं और कार्य में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से जनहित को ध्यान में रखते हुए तालाब की खुदाई एवं गहरीकरण के आदेश जारी करने और कार्य में अवरोध उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। इस दौरान संजू सिंह कुशवाह पुत्र लज्जाराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, जिनमें दर्जनों महिला एवं पुरुष शामिल थे, तहसील परिसर में उपस्थित रहे।
- आगरा की थाना लोहामंडी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक सनसनीखेज हत्या के मामले का खुलासा किया है, जिसमें एक भाई ने ही दूसरे भाई की हत्या की सुपारी दी थी। पुलिस ने इस मामले में 'मिर्ची गैंग' का पर्दाफाश करते हुए छोटे भाई समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, बड़े भाई, जो एक बड़े जूते के व्यापारी थे, ने छोटे भाई को अपने कारोबार से अलग कर दिया था। इसी रंजिश के चलते छोटे भाई ने बड़े भाई की हत्या करवाने की साजिश रची और इसके लिए गैंग को ₹2 लाख 50 हजार की सुपारी दी थी। यह भी सामने आया है कि कुछ दिन पहले ही शातिर अपराधियों ने व्यापारी की आंखों में मिर्ची डालकर उन्हें मारने की कोशिश की थी। इस पूरे मामले का खुलासा डीसीपी सिटी अली अब्बास ने एक प्रेस वार्ता के माध्यम से किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि पुलिस ने छोटे भाई सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।1
- फिरोजाबाद के सैलई चौराहे पर व्यापार मंडल अध्यक्ष अंबेश शर्मा के नेतृत्व में व्यापारीगण अपनी समस्याओं को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि सड़क और बिजली के खंभों पर मरकरी लाइटें न लगी होने से इलाके में काफी अंधेरा रहता है, जिसके कारण उनका व्यापार पूरी तरह से चौपट हो गया है। व्यापारियों ने यह भी बताया कि अंधेरे और खराब सड़कों की वजह से महिलाएं और ग्राहक इस क्षेत्र में आने से कतराते हैं, जिससे उनके प्रतिष्ठानों पर ग्राहकों की आवाजाही न के बराबर हो गई है। व्यापारियों ने कई बार उच्च अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराने के लिए शिकायत पत्र दिए हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने ऐलान किया है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया जाता है और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो वे पुतला दहन करेंगे।3
- दिल्ली में लोधी देवेंद्र सिंह ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान लक्की ट्रस्ट द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों की गूंज रक्षा मंत्रालय तक पहुँच गई, जिससे इन प्रयासों को विशेष पहचान मिली।1
- इटावा जिले के जसवन्तनगर क्षेत्र में की जा रही चैकिंग के दौरान एक मोपेड पर छह सवारियों को बैठा पाया गया। इस मामले की जानकारी एमटीएफ न्यूज़ द्वारा दी गई है।1
- फिरोजाबाद के थाना दक्षिण क्षेत्र स्थित ओम अस्पताल में हर्निया ऑपरेशन के बाद एक मरीज की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए मंगलवार को जमकर हंगामा किया। आसफाबाद के यादव नगर निवासी 46 वर्षीय राजेश कुमार शनिवार को स्टेशन रोड स्थित ओम हॉस्पिटल में हर्निया का ऑपरेशन कराने के लिए भर्ती हुए थे, और उसी दिन शाम को उनका ऑपरेशन किया गया था। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद राजेश कुमार की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उन्हें उचित उपचार नहीं दिया। उनका यह भी कहना है कि मरीज की गंभीर स्थिति के बावजूद, अस्पताल प्रबंधन उन पर छुट्टी कराने का दबाव बना रहा था, और इसी दौरान मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने इस चिकित्सकीय लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल की सूचना पर थाना दक्षिण पुलिस मौके पर पहुंची, जिन्होंने लोगों को समझाकर शांत कराया और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक का शव अभी भी अस्पताल में है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, अस्पताल के संचालक डॉक्टर गौरव अग्रवाल ने बताया कि दिव्यांग मरीज का ऑपरेशन सही तरीके से हुआ था और वह पूरी तरह स्वस्थ थे, संभवतः डिस्चार्ज से पहले उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उनकी मृत्यु हुई। हालांकि, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है ताकि मृत्यु का सही कारण पता चल सके। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परिजनों की तहरीर और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।1
- आगरा के थाना बरहन क्षेत्र निवासी रणदीप सिंह ने पुलिस कमिश्नर को दिए प्रार्थना पत्र में पुलिस महकमे में हलचल मचाने वाले गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने दावा किया है कि उसके घर हुई चोरी के मामले में बरामद हुए करीब 11 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के असली आभूषण पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से गायब कर दिए गए हैं। पीड़ित के अनुसार, वर्ष 2025 में उनके घर से लाखों के आभूषण और नकदी चोरी हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बरामदगी दिखाने के लिए जब पीड़ित अपनी पत्नी के साथ थाने पहुंचे, तो उन्हें केवल एक सोने की अंगूठी दिखाई गई, जबकि चोरी हुए अन्य बहुमूल्य आभूषण बरामदगी फर्द में शामिल नहीं किए गए थे। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने पीड़ित के मोबाइल में मौजूद असली बरामद आभूषणों की तस्वीरें तक हटवा दीं और बरामदगी का रिकॉर्ड बदल दिया। इतना ही नहीं, पीड़ित पर कथित रूप से फर्द पर जबरन हस्ताक्षर करने का दबाव भी बनाया गया। पीड़ित का यह भी दावा है कि चोरी के असली गहने आरोपियों की निशानदेही पर एक स्वर्णकार की दुकान से बरामद हुए थे, लेकिन संबंधित पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर मोटी रकम लेकर स्वर्णकार को जांच से बाहर कर दिया और फर्जी दस्तावेज तैयार कर पूरे मामले को दबाने की कोशिश की। इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं, और आरोप है कि इन्हीं अधिकारियों की मिलीभगत से बरामद किए गए असली आभूषण हड़प लिए गए। इन गंभीर आरोपों से आगरा पुलिस पर 'सबसे बड़ा दाग' लगने और पूरे विभाग में हड़कंप मचने की बात कही गई है।1
- आगरा की एत्मादपुर विधानसभा के विधायक डॉक्टर धर्मपाल सिंह ने एक विद्युत बिजली घर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहाँ पहुँचकर विद्युत सुधार परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।1
- MTF न्यूज़ ने एक तीखा सवाल उठाया है, जहाँ मूंछों पर ताव और चेहरे पर घमंड वाली स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही है। यह प्रश्न किया गया है कि क्या यह रवैया पुलिस के लिए एक चुनौती है या फिर सीधे-सीधे जनता को चुनौती दी जा रही है।1
- पुलिस कमिश्नर, आगरा दीपक कुमार के निर्देशानुसार, आगरा पुलिस द्वारा अपराधों पर नियंत्रण के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, 19 मई 2026 को अजय सोनी ने थाना लोहा मंडी में शिकायत दर्ज कराई कि जब वह शू प्लाजा से काम निपटाकर निकल रहे थे, तभी तीन नकाबपोश व्यक्तियों ने उनकी आंखों में मिर्च डालकर हमला किया और फरार हो गए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए, चूंकि कोई बड़ी घटना नहीं हुई थी, इसमें एनसीआर (NCR) पंजीकृत कर तत्काल जांच शुरू की। जांच के दौरान, पुलिस ने 'मिर्ची गैंग' के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। खुलासे में यह सामने आया कि पीड़ित अजय सोनी के भाई रिंकू सोनी ने ही जान से मारने की नियत से ढाई लाख रुपये की फिरौती के लिए इस हमले को अंजाम दिलवाया था। थाना लोहामंडी पुलिस ने सर्विलांस और एसओजी टीम नगर जोन के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई में वादी के भाई सहित कुल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। यह जानकारी एआईएन नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत द्वारा 2 जून 2026 को अपडेट की गई, जिसमें आगरा के लोहामंडी में घटित इस मिर्ची गैंग की घटना का पुलिस द्वारा सफल अनावरण किए जाने की पुष्टि हुई।1