नूंह जिले की फास्ट ट्रैक विशेष पोक्सो अदालत ने एक नाबालिग बच्ची के अपहरण, हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी अब्बास पुत्र उमरदीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र के गांव दोहा निवासी आरोपी अब्बास पर अदालत ने कुल ₹17 हजार का जुर्माना भी लगाया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट पोक्सो डॉ. आशु संजीव तिंजन की अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत यह फैसला सुनाया। पुलिस प्रवक्ता से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला वर्ष 2024 का है। शिकायत में बताया गया था कि करीब सात वर्षीय बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी, तभी उसका अपहरण कर लिया गया। दोपहर बाद बच्ची के अचानक लापता होने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद अगले दिन फिरोजपुर झिरका थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी अब्बास को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की, जिसके आधार पर सरसों के खेत से बच्ची का शव बरामद किया गया, जिसे जमीन में दबाया गया था। पुलिस ने मामले की गहन जांच करते हुए आवश्यक साक्ष्य जुटाए और मजबूत आरोप पत्र अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान विभिन्न गवाहों और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप साबित हुए, जिसके बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य तथ्यों को देखते हुए अब्बास को दोषी करार दिया और उसे हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
नूंह जिले की फास्ट ट्रैक विशेष पोक्सो अदालत ने एक नाबालिग बच्ची के अपहरण, हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी अब्बास पुत्र उमरदीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र के गांव दोहा निवासी आरोपी अब्बास पर अदालत ने कुल ₹17 हजार का जुर्माना भी लगाया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट पोक्सो डॉ. आशु संजीव तिंजन की अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत यह फैसला सुनाया। पुलिस प्रवक्ता से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला वर्ष 2024 का है। शिकायत में बताया गया था कि करीब सात वर्षीय बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी, तभी उसका अपहरण कर लिया गया। दोपहर बाद बच्ची के अचानक लापता होने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद अगले दिन फिरोजपुर झिरका थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी अब्बास को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की, जिसके आधार पर सरसों के खेत से बच्ची का शव बरामद किया गया, जिसे जमीन में दबाया गया था। पुलिस ने मामले की गहन जांच करते हुए आवश्यक साक्ष्य जुटाए और मजबूत आरोप पत्र अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान विभिन्न गवाहों और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप साबित हुए, जिसके बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य तथ्यों को देखते हुए अब्बास को दोषी करार दिया और उसे हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
- मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से दिल्ली के उपराज्यपाल श्री तरनजीत सिंह सधूँ ने संत कबीर कुटीर पर शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान, दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों पर सौहार्दपूर्ण चर्चा हुई।1
- पलवल में अचानक आए तेज तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। इस बदले मौसम के कारण दर्जनों स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं पूरे शहर में व्यापक जलभराव की स्थिति देखने को मिली। राष्ट्रीय राजमार्ग भी जलभराव से अछूता नहीं रहा, जहाँ वाहनों की गति पूरी तरह थम गई। शहर की एक बड़ी समस्या पलवल के एलिवेटेड पुल से सामने आई, जहाँ से झरने की तरह पानी की बौछारें नीचे सड़क पर गिर रही थीं, जिससे वाहन चालक परेशान हो गए। इसकी वजह साइड में लगे बरसाती पानी को नीचे लाने वाले पाइपों का क्षतिग्रस्त होना बताया गया है। इस स्थिति को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की लापरवाही का नतीजा बताया जा रहा है, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा। एलिवेटेड पुल के नीचे से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालक सड़क पर भारी जलभराव और ऊपर से गिरते पानी से बेहद परेशान दिखे और प्रशासन को कोसते नजर आए। पलवल की न्यू कॉलोनी, जिसे पॉश क्षेत्र कहा जाता है, वहाँ भी भीषण जलभराव हुआ, गलियाँ पूरी तरह जलमग्न हो गईं, जगह-जगह पेड़ टूटे नजर आए और सीवर भी बारिश के पानी में उफनते दिखे, जिससे पानी का निकलना मुश्किल हो गया। हालांकि, कुछ लोगों ने इस बदले मौसम से गर्मी से राहत मिलने और खुशनुमा मौसम का अनुभव होने पर खुशी जताई, इसे पहाड़ों जैसा ठंडा बताया। वहीं, एक बुजुर्ग ने जलभराव को मुसीबत बताते हुए सरकार और प्रशासन से ध्यान देने की अपील की। जलभराव की स्थिति पर डॉ. महावीर मलिक ने बताया कि इसके लिए सिर्फ प्रशासन और सरकार ही नहीं, बल्कि आम आदमी भी जिम्मेदार है, क्योंकि पॉलीथीन का अंधाधुंध प्रयोग नालियों में रुकावट पैदा कर जलभराव का एक बड़ा कारण बनता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह बारिश किसानों, खासकर दलहनी फसलें बोने वालों के लिए लाभदायक रहेगी। इस बीच, नगर परिषद के अधिकारियों पर भी आरोप लगे हैं कि वे 'रोम जल रहा था, नीरो चैन की बंसी बजा रहा था' की कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। एक व्यक्ति ने शिकायत की कि वह सोमवार सुबह 10:30 बजे नाला टूटने की शिकायत लेकर नगर परिषद के ईओ से मिलने गए, तो वे दफ्तर में सोए हुए मिले और उन्हें बाद में आने को कहा गया। हालांकि, इस आरोप की सत्यता की पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन अगर यह सच है, तो इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।1
- सोहना में पर्यटन विभाग की करीब साढ़े 9 एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का प्रशासन का अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। पीर कॉलोनी को लगभग पूरी तरह से कब्जा मुक्त कराने के बाद, शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पहाड़ कॉलोनी में बने कई अवैध पक्के निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया। वार्ड नंबर-13 स्थित इन दोनों कॉलोनियों में वर्षों से लोगों ने मकान बनाकर निवास करना शुरू कर दिया था। प्रशासन के अनुसार, यह भूमि पर्यटन विभाग की थी जिस पर अवैध रूप से निर्माण किए गए थे। पीर कॉलोनी में लगभग 250 मकानों को हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है, जबकि पहाड़ कॉलोनी में करीब 100 मकानों पर कार्रवाई जारी है। कार्रवाई से पहले प्रशासन ने मुनादी करवाकर लोगों को मकान खाली करने और अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद बड़ी संख्या में परिवारों ने अपने घरों से सामान निकालकर अन्य स्थानों पर शिफ्ट कर लिया। पूरे अभियान के दौरान क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस कार्रवाई ने सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि जिस भूमि को अब अवैध कब्जा बताया जा रहा है, वहां वर्षों से बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं। जिला नोडल अधिकारी आर.एस. बाठ ने बताया कि पर्यटन विभाग की पूरी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर विभाग को सौंपा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पीर कॉलोनी में कार्रवाई पूरी हो चुकी है और पहाड़ कॉलोनी में भी यह अभियान लगातार जारी है। प्रशासन का लक्ष्य पर्यटन विभाग की पूरी भूमि को कब्जा मुक्त कराना है।1
- नूंह जिले की फास्ट ट्रैक विशेष पोक्सो अदालत ने एक नाबालिग बच्ची के अपहरण, हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में अब्बास नामक दोषी को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर कुल 17 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट पोक्सो डॉ. आशु संजीव तिंजन की अदालत ने फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र के गांव दोहा निवासी अब्बास पुत्र उमरदीन को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया। पुलिस प्रवक्ता से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला वर्ष 2024 का है।1
- देशभर से विभिन्न वीडियो, रील और दावे सामने आने के बीच, अब सभी की नज़रें 6 जून पर टिकी हैं। इस बात पर सबकी निगाहें हैं कि क्या जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होंगे, जिसका जवाब कल मिलने की उम्मीद है।1
- मिलत टाइम्स के एक पत्रकार की एक फर्जी पत्रकार से भिड़ंत हो गई है। इस घटना के बाद आगे क्या हुआ, यह देखने के लिए कहा गया है।1
- गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर में 'महा योद्धा डीजे' बुकिंग के लिए उपलब्ध है, जिसे 'डीजे जेवर किंग' और 'डीजे बास किंग' के नाम से जाना जाता है। राहुल ठाकुर के इस डीजे की आवाज को बेजोड़ बताया गया है, दावा किया गया है कि इसका कोई मुकाबला नहीं कर सकता। जो लोग डीजे बुक करना चाहते हैं, वे राहुल ठाकुर से 9761175399 या 9528683840 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।1
- हरियाणा ने वैश्विक निवेशकों के लिए पहली पसंद के रूप में अपनी स्थिति स्थापित कर ली है।1