“10 साल की उम्र में घर छोड़ा, अयोध्या पहुंचे… फिर बने ‘फरसा वाले बाबा’ — चंद्रशेखर की रहस्यमयी मौत की पूरी कहानी #RPRNEWSTV ब्रज क्षेत्र में सनसनी मचा देने वाली घटना… फरसा वाले बाबा के नाम से मशहूर संत चंद्रशेखर की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ऐसा संत… जिसने बचपन में घर छोड़ा, अयोध्या की राह पकड़ी… और जीवन गौ सेवा को समर्पित कर दिया। लेकिन आखिर उनके साथ हुआ क्या? आइए शुरू से अंत तक पूरी कहानी समझते हैं… बचपन और परिवार: चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा मूल रूप से नगला भोपाल गांव के रहने वाले थे, जो सिरसागंज जिला फिरोजाबाद क्षेत्र में आता है। उनका परिवार एक साधारण ग्रामीण परिवार था। परिवार में दो सगे भाई बताए जाते हैं, और दोनों भाइयों के चार-चार बेटे हैं। लेकिन चंद्रशेखर बचपन से ही अलग स्वभाव के थे… 10 साल की उम्र में घर छोड़ना बताया जाता है कि जब उनकी उम्र महज 10 साल थी, तभी उन्होंने घर छोड़ दिया। उसी समय देश में बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना हुई थी। इसी दौर में वे सीधे अयोध्या पहुंच गए। इतनी छोटी उम्र में ही उनका झुकाव धर्म और साधु जीवन की ओर हो गया था। मसन्यास और ‘फरसा वाले बाबा’ बनने की कहानी: अयोध्या से लौटने के बाद उन्होंने पूरी तरह सन्यास का रास्ता अपना लिया। उन्होंने सांसारिक जीवन त्याग दिया और गौ सेवा में लग गए। बाबा हमेशा अपने साथ एक फरसा कुल्हाड़ी जैसा हथियार रखते थे इसी वजह से लोग उन्हें “फरसा वाले बाबा” कहने लगे धीरे-धीरे वे ब्रज क्षेत्र में एक निडर गौ सेवक के रूप में प्रसिद्ध हो गए ब्रज और बरसाना में सक्रियता: सन्यास के बाद बाबा ब्रज क्षेत्र में सक्रिय रहे बाद में बरसाना में आकर बस गए यहां उन्होंने गौ रक्षा को लेकर अपनी पहचान और मजबूत की स्थानीय लोगों में उनकी पकड़ और प्रभाव काफी बढ़ गया तेवर और विवाद: बाबा के तेवर काफी सख्त माने जाते थे वे कई बार खुद गौ तस्करों के खिलाफ मोर्चा खोल देते थे इसी वजह से वे कई बार विवादों में भी रहे लेकिन समर्थकों के बीच उनकी छवि एक निडर संत की बनी रही मौत की रात – हादसा या साजिश घटना वाले दिन बाबा कथित तौर पर गौ तस्करों का पीछा कर रहे थे तभी एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी इस घटना में उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई हत्या के आरोप और बवाल जहां एक तरफ इसे सड़क हादसा बताया गया वहीं दूसरी तरफ समर्थकों ने इसे सोची-समझी साजिश और हत्या बताया घटना के बाद पूरे ब्रज क्षेत्र में बवाल मच गया सड़क जाम, प्रदर्शन और पथराव की घटनाएं सामने आईं पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया लेकिन लोगों का गुस्सा लगातार बना रहा एक बच्चा… जिसने 10 साल की उम्र में घर छोड़ा एक संत… जिसने जीवन गौ सेवा को समर्पित किया और एक मौत… जिसने पूरे क्षेत्र में सवाल खड़े कर दिए क्या फरसा वाले बाबा की मौत एक हादसा थी… या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है इस सवाल का जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएगा… लेकिन फिलहाल ब्रज की जमीन पर तनाव और गुस्सा साफ देखा जा सकता है। इस पूरे घटनाक्रम पर आप लोगों की क्या राय है कमेंट करके जरूर बताएं
“10 साल की उम्र में घर छोड़ा, अयोध्या पहुंचे… फिर बने ‘फरसा वाले बाबा’ — चंद्रशेखर की रहस्यमयी मौत की पूरी कहानी #RPRNEWSTV ब्रज क्षेत्र में सनसनी मचा देने वाली घटना… फरसा वाले बाबा के नाम से मशहूर संत चंद्रशेखर की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ऐसा संत… जिसने बचपन में घर छोड़ा, अयोध्या की राह पकड़ी… और जीवन गौ सेवा को समर्पित कर दिया। लेकिन आखिर उनके साथ हुआ क्या? आइए शुरू से अंत तक पूरी कहानी समझते हैं… बचपन और परिवार: चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा मूल रूप से नगला भोपाल गांव के रहने वाले थे, जो सिरसागंज जिला फिरोजाबाद क्षेत्र में आता है। उनका परिवार एक साधारण ग्रामीण परिवार था। परिवार में दो सगे भाई बताए जाते हैं, और दोनों भाइयों के चार-चार बेटे हैं। लेकिन चंद्रशेखर बचपन से ही अलग स्वभाव के थे… 10 साल की उम्र में घर छोड़ना बताया जाता है कि जब उनकी उम्र महज 10 साल थी, तभी उन्होंने घर छोड़ दिया। उसी समय देश में बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना हुई थी। इसी दौर में वे सीधे अयोध्या पहुंच गए। इतनी छोटी उम्र में ही उनका झुकाव धर्म और साधु जीवन की ओर हो गया था। मसन्यास और ‘फरसा वाले बाबा’ बनने की कहानी: अयोध्या से लौटने के बाद उन्होंने पूरी तरह सन्यास का रास्ता अपना लिया। उन्होंने सांसारिक जीवन त्याग दिया और गौ सेवा में लग गए। बाबा हमेशा अपने साथ एक फरसा कुल्हाड़ी जैसा हथियार रखते थे इसी वजह से लोग उन्हें “फरसा वाले बाबा” कहने लगे धीरे-धीरे वे ब्रज क्षेत्र में एक निडर गौ सेवक के रूप में प्रसिद्ध हो गए ब्रज और बरसाना में सक्रियता: सन्यास के बाद बाबा ब्रज क्षेत्र में सक्रिय रहे बाद में बरसाना में आकर बस गए यहां उन्होंने गौ रक्षा को लेकर अपनी पहचान और मजबूत की स्थानीय लोगों में उनकी पकड़ और प्रभाव काफी बढ़ गया तेवर और विवाद: बाबा के तेवर काफी सख्त माने जाते थे वे कई बार खुद गौ तस्करों के खिलाफ मोर्चा खोल देते थे इसी वजह से वे कई बार विवादों में भी रहे लेकिन समर्थकों के बीच उनकी छवि एक निडर संत की बनी रही मौत की रात – हादसा या साजिश घटना वाले दिन बाबा कथित तौर पर गौ तस्करों का पीछा कर रहे थे तभी एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी इस घटना में उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई हत्या के आरोप और बवाल जहां एक तरफ इसे सड़क हादसा बताया गया वहीं दूसरी तरफ समर्थकों ने इसे सोची-समझी साजिश और हत्या बताया घटना के बाद पूरे ब्रज क्षेत्र में बवाल मच गया सड़क जाम, प्रदर्शन और पथराव की घटनाएं सामने आईं पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया लेकिन लोगों का गुस्सा लगातार बना रहा एक बच्चा… जिसने 10 साल की उम्र में घर छोड़ा एक संत… जिसने जीवन गौ सेवा को समर्पित किया और एक मौत… जिसने पूरे क्षेत्र में सवाल खड़े कर दिए क्या फरसा वाले बाबा की मौत एक हादसा थी… या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है इस सवाल का जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएगा… लेकिन फिलहाल ब्रज की जमीन पर तनाव और गुस्सा साफ देखा जा सकता है। इस पूरे घटनाक्रम पर आप लोगों की क्या राय है कमेंट करके जरूर बताएं
- Post by Vinay_creator1121
- Post by ATV INDIA HD (Ajeet chauhan)1
- उप निरीक्षक श्री सत्येंद्र सिंह जी को किया सम्मान उप निरीक्षक श्री सत्येंद्र सिंह जी को उनकी बहादुरी और कर्तव्य निष्ठा के लिए सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बरेली जयपुर एक्सप्रेसवे पर एक स्कूल बस में आग लगने की घटना में 38 स्कूल बच्चों को सुरक्षित निकालकर अपनी जान को खतरे में डालकर उनकी रक्षा की। विनोद दीक्षित, संस्थापक अध्यक्ष, बृज यातायात एवं पर्यावरण जन जागरूकता समिति ने कहा कि श्री सत्येंद्र सिंह जी की इस बहादुरी और कर्तव्य निष्ठा के लिए उन्हें समिति की तरफ से सम्मानित किया गया। श्री सत्येंद्र सिंह जी, इस बहादुरी की सराहना की जा रही है और उन्हें सच्चे देशभक्त का परिचय देने के लिए सम्मानित किया गया । Transport Department Government Of Uttar Pradesh Arto Mathura DM Mathura UP Police बृज यातायात एवं पर्यावरण जनजागरूकता समिति उत्तर प्रदेश Sdm Chhata Adgzone Agra Uttar Pradesh Traffic Police Mathura Traffic Police Surendra Chaturvedi Pooja Yadav Hindustan Tehelka News Chhoti Si Baat1
- Post by Rakesh dixit1
- आगामी 2027 में भाजपा के साथ गठबंधन में चुनावी समर में कूदने वाली है यूपी में शिवसेना शिंदे गुट भगवान श्री कृष्ण की नगरी में भी अपना प्रत्याशी उतारने के लिए जी जान से मेहनत करने लगी शिवसेना शिंदे गुट । आज वृंदावन में आए शिवसेना-एनडीए गठबंधन के मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक, डॉ. अभिषेक वर्मा ने किया बड़ा ऐलान शिव सेना शिंदे गुट के राष्ट्रीय समन्वयक, शिवसेना-एनडीए गठबंधन के नेता अभिषेक बर्मा ने की वृन्दावन में बड़ी घोषणा आगामी चुनाव में 20 सीटों की करेंगे भाजपा से यूपी में मांग । कट्टर हिंदुत्व के एजेंडे के साथ आगामी 2027 के चुनावी मैदान में उतरने को तैयार है शिव सेना शिंदे गुट । महाराष्ट्र के वाद यूपी में भी पैर फैलाने को आतुर है अब शिवसेना शिंदे गुट । वृन्दावन में प्रेस वार्ता कर शिव सेना शिंदे गुट के नेताओं ने किया यूपी में चुनाव लड़ने का ऐलान । क्या 2027 में विपक्ष के लिए एक नई चुनौती के रूप में सामने होगी शिव सेना शिंदे गुट की पार्टी । वाइट,,,, डॉ अभिषेक वर्मा,,राष्ट्रीय समन्वयक, शिवसेना-एनडीए गठबंधन शिंदे गुट ।3
- अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोशिएशन के तत्वाधान में आज शहीद भगत सिंह,राजगुरु,और सुखदेव के बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में रक्तदान किया । आपका अपना धर्मेन्द्र तोमर जिला अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह मथुरा1
- Post by Subhash Chand1
- मथुरा - फ्लैश , सीएमओ कार्यालय में एंटी करप्शन की टीम ने मारा छापा, विकलांग विभाग के बाबू शशिकांत को रिश्वत लेते हुए लिया हिरासत में करीब 10 हजार रुपए की रिश्वत लेने हुए रंगे हाथ दबोचा, स्वास्थ विभाग में मचा हड़कंप अपनी गाड़ी में बिठाकर बाबू को अपने साथ ले गई एंटी करप्शन की टीम, कुछ दिन पूर्व ही स्वास्थ विभाग के एक कर्मचारी को 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते किया था गिरफ्तार, स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त है भ्रष्टाचार की जड़ कई बार हो चुकी है कार्यवाही पर सुधारने का नाम नहीं ले रहा है स्वास्थ विभाग,1