Shuru
Apke Nagar Ki App…
सीएमओ कार्यालय में एंटी करप्शन की टीम ने मारा छापा, विकलांग विभाग के बाबू शशिकांत को रिश्वत लेते हुए लिया हिरासत में मथुरा - फ्लैश , सीएमओ कार्यालय में एंटी करप्शन की टीम ने मारा छापा, विकलांग विभाग के बाबू शशिकांत को रिश्वत लेते हुए लिया हिरासत में करीब 10 हजार रुपए की रिश्वत लेने हुए रंगे हाथ दबोचा, स्वास्थ विभाग में मचा हड़कंप अपनी गाड़ी में बिठाकर बाबू को अपने साथ ले गई एंटी करप्शन की टीम, कुछ दिन पूर्व ही स्वास्थ विभाग के एक कर्मचारी को 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते किया था गिरफ्तार, स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त है भ्रष्टाचार की जड़ कई बार हो चुकी है कार्यवाही पर सुधारने का नाम नहीं ले रहा है स्वास्थ विभाग,
RPR NEWS TV
सीएमओ कार्यालय में एंटी करप्शन की टीम ने मारा छापा, विकलांग विभाग के बाबू शशिकांत को रिश्वत लेते हुए लिया हिरासत में मथुरा - फ्लैश , सीएमओ कार्यालय में एंटी करप्शन की टीम ने मारा छापा, विकलांग विभाग के बाबू शशिकांत को रिश्वत लेते हुए लिया हिरासत में करीब 10 हजार रुपए की रिश्वत लेने हुए रंगे हाथ दबोचा, स्वास्थ विभाग में मचा हड़कंप अपनी गाड़ी में बिठाकर बाबू को अपने साथ ले गई एंटी करप्शन की टीम, कुछ दिन पूर्व ही स्वास्थ विभाग के एक कर्मचारी को 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते किया था गिरफ्तार, स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त है भ्रष्टाचार की जड़ कई बार हो चुकी है कार्यवाही पर सुधारने का नाम नहीं ले रहा है स्वास्थ विभाग,
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- थाना - महावन * माननीय मुख्यमंत्री उ0प्र0 सरकार की महत्वाकांक्षी योजना *“मिशन शक्ति”* के अन्तर्गत महिला सशक्तिकरण हेतु चलाए जा रहे अभियान फेज 5.0 द्वितीय चरण 30 दिवसीय अभियान के क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा के निर्देशन में *थाना महावन से मिशन शक्ति टीम द्वारा ऋषिकुल इंटरनेशनल स्कूल*में शिक्षिकाओं व छात्राओं को हेल्पलाइन नंबरों व महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई1
- Post by Subhash Chand1
- Post by Brajvir Singh1
- मथुरा में मामूली टक्कर लगने के बाद कार सवार कार सवार स्टूडेंट एक युवक से भिड़ गया। उनके बीच जमकर गाली गलौज हुई। उनमें से एक युवक ने दूसरे को चाकू मार दिया। चाकू लगने से युवक घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने ले गई। घटना सोमवार को थाना जैंत से महज 100 मीटर दूर नेशनल हाईवे की है। सोमवार की सुबह BSA इंजीनियरिंग कॉलेज के पास के रहने वाले ललित मोहन भारद्वाज अपने भाई हरिदत्त, भतीजे अंश और वंश के साथ अपने पैतृक गांव नौहझील जा रहे थे। अपनी अर्टिगा गाड़ी से जा रहे ललित की गाड़ी की अलवर पुल के पास KIA गाड़ी से मामूली टक्कर हो गई। जिस पर KIA कार सवार युवकों ने शीशा खोलकर गाली दी और गाड़ी को भगा ले गए।KIA कार सवार स्टूडेंट मौके से भागकर थाना जैंत से सौ मीटर पहले बाबा द ढाबा पर खड़े हो गए। उनके पीछे से ललित और भाई पहुंचे। इसी बीच हरिदत्त ने एक स्टूडेंट्स के घूंसा मार दिया। जिसके बाद दूसरा स्टूडेंट कार के पास गया। चाकू निकालकर ललित की पीठ में मार दिया।ललित का आरोपी स्टूडेंट सुशांत उसके भाई निशांत और दोस्त विजय से झगड़ा हुआ था। इसी दौरान तीनों स्टूडेंट में से एक ने ललित के 3 चाकू पीठ में मार दिए। जिससे ललित गंभीर रूप से घायल हो गया। खून से लथपथ ललित को देख उसका भाई इलाज के लिए पहले वृंदावन स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय ले गए जहां गंभीर रूप से घायल होने के कारण निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और तीनों आरोपी छात्रों को हिरासत में ले लिया। आरोपी छात्र GLA यूनिवर्सिटी के छात्र हैं जिसमें से एक बीटेक कर रहा है जबकि 2 डिप्लोमा कर रहे हैं। यह तीनों रिफाइनरी क्षेत्र में स्थित राधा टाउन में रहते हैं। थाना जैंत प्रभारी उमेश त्रिपाठी ने बताया कि तीनों को हिरासत में ले लिया है, पूछताछ की जा रही है अभी तहरीर नहीं मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।1
- Post by Brijveer Jadoun Mathura India news 28 reporter1
- Post by ATV INDIA HD (Ajeet chauhan)1
- #RPRNEWSTV ब्रज क्षेत्र में सनसनी मचा देने वाली घटना… फरसा वाले बाबा के नाम से मशहूर संत चंद्रशेखर की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ऐसा संत… जिसने बचपन में घर छोड़ा, अयोध्या की राह पकड़ी… और जीवन गौ सेवा को समर्पित कर दिया। लेकिन आखिर उनके साथ हुआ क्या? आइए शुरू से अंत तक पूरी कहानी समझते हैं… बचपन और परिवार: चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा मूल रूप से नगला भोपाल गांव के रहने वाले थे, जो सिरसागंज जिला फिरोजाबाद क्षेत्र में आता है। उनका परिवार एक साधारण ग्रामीण परिवार था। परिवार में दो सगे भाई बताए जाते हैं, और दोनों भाइयों के चार-चार बेटे हैं। लेकिन चंद्रशेखर बचपन से ही अलग स्वभाव के थे… 10 साल की उम्र में घर छोड़ना बताया जाता है कि जब उनकी उम्र महज 10 साल थी, तभी उन्होंने घर छोड़ दिया। उसी समय देश में बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना हुई थी। इसी दौर में वे सीधे अयोध्या पहुंच गए। इतनी छोटी उम्र में ही उनका झुकाव धर्म और साधु जीवन की ओर हो गया था। मसन्यास और ‘फरसा वाले बाबा’ बनने की कहानी: अयोध्या से लौटने के बाद उन्होंने पूरी तरह सन्यास का रास्ता अपना लिया। उन्होंने सांसारिक जीवन त्याग दिया और गौ सेवा में लग गए। बाबा हमेशा अपने साथ एक फरसा कुल्हाड़ी जैसा हथियार रखते थे इसी वजह से लोग उन्हें “फरसा वाले बाबा” कहने लगे धीरे-धीरे वे ब्रज क्षेत्र में एक निडर गौ सेवक के रूप में प्रसिद्ध हो गए ब्रज और बरसाना में सक्रियता: सन्यास के बाद बाबा ब्रज क्षेत्र में सक्रिय रहे बाद में बरसाना में आकर बस गए यहां उन्होंने गौ रक्षा को लेकर अपनी पहचान और मजबूत की स्थानीय लोगों में उनकी पकड़ और प्रभाव काफी बढ़ गया तेवर और विवाद: बाबा के तेवर काफी सख्त माने जाते थे वे कई बार खुद गौ तस्करों के खिलाफ मोर्चा खोल देते थे इसी वजह से वे कई बार विवादों में भी रहे लेकिन समर्थकों के बीच उनकी छवि एक निडर संत की बनी रही मौत की रात – हादसा या साजिश घटना वाले दिन बाबा कथित तौर पर गौ तस्करों का पीछा कर रहे थे तभी एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी इस घटना में उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई हत्या के आरोप और बवाल जहां एक तरफ इसे सड़क हादसा बताया गया वहीं दूसरी तरफ समर्थकों ने इसे सोची-समझी साजिश और हत्या बताया घटना के बाद पूरे ब्रज क्षेत्र में बवाल मच गया सड़क जाम, प्रदर्शन और पथराव की घटनाएं सामने आईं पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया लेकिन लोगों का गुस्सा लगातार बना रहा एक बच्चा… जिसने 10 साल की उम्र में घर छोड़ा एक संत… जिसने जीवन गौ सेवा को समर्पित किया और एक मौत… जिसने पूरे क्षेत्र में सवाल खड़े कर दिए क्या फरसा वाले बाबा की मौत एक हादसा थी… या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है इस सवाल का जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएगा… लेकिन फिलहाल ब्रज की जमीन पर तनाव और गुस्सा साफ देखा जा सकता है। इस पूरे घटनाक्रम पर आप लोगों की क्या राय है कमेंट करके जरूर बताएं1
- Post by ATV INDIA HD (Ajeet chauhan)1
- Post by MD news(रिपोर्टर)1