देहरादून ने जीती मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी , सीएम धामी ने दिया 5 लाख का चेक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ननूरखेड़ा, देहरादून में मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी 2025-26 के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देहरादून जनपद को विजेता ट्रॉफी एवं 05 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भव्य समापन केवल एक प्रतियोगिता का अंत नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के उज्ज्वल खेल भविष्य की नई शुरुआत है। खेल आयोजन आज हमारे गाँव-गाँव, न्याय पंचायतों और दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचान देने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उत्तराखंड में खेल प्रतियोगिताएं अब जनचेतना का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि भी बन चुका है। इस आयोजन में 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के खातों में भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत खेल जगत में नई ऊँचाइयों को छू रहा है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों के माध्यम से देश में खेलों की संस्कृति को नई ऊर्जा मिली है। देश में फिटनेस एक जन आंदोलन बन चुकी है। हमारी युवा पीढ़ी खेलों के प्रति नए उत्साह और समर्पण के साथ आगे बढ़ रही है। आज भारत ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेलों और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऐतिहासिक प्रदर्शन कर रहा है। हमारे खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड संख्या में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है और कई खेलों में भारत ने विश्व पटल पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित की है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेलों को नई प्राथमिकता मिली है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और सम्मान मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। उत्तराखंड को देवभूमि के साथ खेलभूमि के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर आगे बढ़ी है। 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल और भव्य आयोजन इसका सशक्त प्रमाण बना है, जिसने उत्तराखंड का मान पूरे देश में बढ़ाया है। इन खेलों में हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर 7वाँ स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आधुनिक और विश्वस्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है। हमारे स्टेडियम, प्रशिक्षण केंद्र और सुविधाएँ अब राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी सक्षम हो चुकी हैं। सरकार द्वारा राज्य में स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान पर कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियाँ स्थापित की जाएँगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की नई खेल नीति में खिलाड़ियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अनेक प्रावधान किए गए हैं। हल्द्वानी में प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई जा रही है। इसमें खिलाड़ी आधुनिक कोचिंग, खेल विज्ञान और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना और मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को मासिक छात्रवृत्ति के साथ-साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। सरकार खिलाड़ियों के साथ-साथ उन्हें तैयार करने वाले प्रशिक्षकों का भी पूरा ध्यान रख रही है। उनके मानदेय और प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी की गई है, ताकि वे और बेहतर ढंग से नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मान देने के लिए “उत्तराखंड खेल रत्न”, “द्रोणाचार्य पुरस्कार” और “हिमालय खेल रत्न” जैसे सम्मान भी दिए जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की मेहनत को सही पहचान मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष से खेल महाकुंभ तथा अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में आवेदन करने पर 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा। खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि 23 नवम्बर 2025 से न्याय पंचायत स्तर से शुरू हुई खेल प्रतियोगिताओं का समापन 18 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के साथ किया जा रहा है। इसमें हर खिलाड़ी और जनप्रतिनिधि को जोड़ा गया। इसमें 01 लाख 62 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में 26 खेल स्पर्धाएँ शामिल की गईं। आगामी राष्ट्रीय खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 के ओलंपिक खेलों के लिए इस तरह के आयोजन खेल प्रतिभाओं को आगे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। इस अवसर पर विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख सचिव खेल श्री अमित सिन्हा, खेल निदेशक डॉ. आशीष चौहान, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून श्री अभिनव शाह एवं खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
देहरादून ने जीती मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी , सीएम धामी ने दिया 5 लाख का चेक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ननूरखेड़ा, देहरादून में मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी 2025-26 के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देहरादून जनपद को विजेता ट्रॉफी एवं 05 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भव्य समापन केवल एक प्रतियोगिता का अंत नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के उज्ज्वल खेल भविष्य की नई शुरुआत है। खेल आयोजन आज हमारे गाँव-गाँव, न्याय पंचायतों और दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचान देने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उत्तराखंड में खेल प्रतियोगिताएं अब जनचेतना का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि भी बन चुका है। इस आयोजन में 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के खातों में भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत खेल जगत में नई ऊँचाइयों को छू रहा है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों के माध्यम से देश में खेलों की संस्कृति
को नई ऊर्जा मिली है। देश में फिटनेस एक जन आंदोलन बन चुकी है। हमारी युवा पीढ़ी खेलों के प्रति नए उत्साह और समर्पण के साथ आगे बढ़ रही है। आज भारत ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेलों और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऐतिहासिक प्रदर्शन कर रहा है। हमारे खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड संख्या में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है और कई खेलों में भारत ने विश्व पटल पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित की है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेलों को नई प्राथमिकता मिली है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और सम्मान मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। उत्तराखंड को देवभूमि के साथ खेलभूमि के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर आगे बढ़ी है। 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल और भव्य आयोजन इसका सशक्त प्रमाण बना है, जिसने उत्तराखंड का मान पूरे देश में बढ़ाया है। इन खेलों में हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर 7वाँ स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आधुनिक और विश्वस्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण देश के
अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है। हमारे स्टेडियम, प्रशिक्षण केंद्र और सुविधाएँ अब राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी सक्षम हो चुकी हैं। सरकार द्वारा राज्य में स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान पर कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियाँ स्थापित की जाएँगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की नई खेल नीति में खिलाड़ियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अनेक प्रावधान किए गए हैं। हल्द्वानी में प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई जा रही है। इसमें खिलाड़ी आधुनिक कोचिंग, खेल विज्ञान और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना और मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को मासिक छात्रवृत्ति के साथ-साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। सरकार खिलाड़ियों के साथ-साथ उन्हें तैयार करने वाले प्रशिक्षकों का भी पूरा ध्यान रख रही है। उनके मानदेय और प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी की गई है, ताकि वे और बेहतर ढंग से नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मान देने के लिए
“उत्तराखंड खेल रत्न”, “द्रोणाचार्य पुरस्कार” और “हिमालय खेल रत्न” जैसे सम्मान भी दिए जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की मेहनत को सही पहचान मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष से खेल महाकुंभ तथा अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में आवेदन करने पर 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा। खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि 23 नवम्बर 2025 से न्याय पंचायत स्तर से शुरू हुई खेल प्रतियोगिताओं का समापन 18 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के साथ किया जा रहा है। इसमें हर खिलाड़ी और जनप्रतिनिधि को जोड़ा गया। इसमें 01 लाख 62 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में 26 खेल स्पर्धाएँ शामिल की गईं। आगामी राष्ट्रीय खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 के ओलंपिक खेलों के लिए इस तरह के आयोजन खेल प्रतिभाओं को आगे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। इस अवसर पर विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख सचिव खेल श्री अमित सिन्हा, खेल निदेशक डॉ. आशीष चौहान, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून श्री अभिनव शाह एवं खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- तूफान तो आपने बहुत देखे होंगे, लेकिन अंतरिक्ष से आने वाले इस तूफान को आपने कभी नहीं देखा होगा। ये सौर तूफान है, जो चुपचाप सूर्य में होने वाले विस्फोटों से निकलता है और पलक झपकते ही हमारे सैटेलाइटस को खत्म कर जाता है। इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रिक का यह सबसे बड़ा दुश्मन है। दुनियाभर के सौर वैज्ञानिक इस पर नजर रखते हैं। इनके बारे में कहानी लम्बी कभी और चर्चा करेंगे। फिलहाल आप इस भयानक खतरे वाले वीडियो को देखिए।1
- हरिद्वार के बहादुरपुर जट में सुबह-सुबह कार्रवाई के लिए पहुंची विजिलेंस टीम को स्थानीय युवकों के विरोध और हमले का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि टीम किसी शिकायत के आधार पर छापेमारी करने पहुंची थी, तभी मौके पर मौजूद कुछ युवकों ने विरोध शुरू कर दिया, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए। सूचना मिलते ही पथरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है।1
- अल्मोड़ा। वनाग्नि की संभावित घटनाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए सिमतोला इको पार्क में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा। मॉक ड्रिल के तहत सुबह सिमतोला क्षेत्र में आग लगने की काल्पनिक सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन तंत्र सक्रिय किया गया। वन चेतना केंद्र एनटीडी को स्टेजिंग एरिया बनाकर राहत और बचाव कार्यों का संचालन किया गया। वन विभाग की टीम ने फायर लाइन बनाकर और उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रदर्शन किया। पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर यातायात और भीड़ नियंत्रण संभाला। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों ने घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का अभ्यास किया, जबकि चिकित्सा विभाग ने प्राथमिक उपचार और एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई। आपदा प्रबंधन विभाग ने पूरे अभियान का समन्वय किया। अभ्यास के दौरान विभागों की तैयारियों का आकलन किया गया और सुधार के बिंदुओं पर चर्चा हुई। वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं वृत्त चंद्रशेखर जोशी ने मॉक ड्रिल का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह ने कहा कि ऐसे अभ्यास आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को मजबूत करते हैं और जन-धन की हानि को कम करने में सहायक होते हैं। प्रशासन ने लोगों से वनाग्नि के प्रति सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत संबंधित विभागों को देने की अपील की है। इस दौरान प्रभागीय वनाधिकारी सिविल सोयम प्रभाग प्रदीप धौलाखंडी, आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल, रेंजर मनोज सनवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।1
- कव्वाली अच्छी लगी हो तो लाइक करना फॉलो करना 🙏🙏👍👍1
- Post by शैल शक्ति1
- Post by Laxman bisht1
- *चम्पावत: सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026 की तैयारियों का जिलाधिकारी मनीष कुमार ने लिया जायजा,1
- *किसानों की आर्थिकी की मजबूती हेतु जो भी संभव होगा वह किया जाएगा* जिलाधिकारी *आर्थिक रूप से कमजोर लोगों हेतु लालकुआं में बनाए गए आवासों का किराया नहीं बढ़ेगा-जिलाधिकारी रयाल* मा० मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार प्रदेश में आम जनमानस को केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने तथा जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से *जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार* अभियान के दूसरे चरण के अंतर्गत जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में बुधवार को नगर पंचायत लालकुआं परिसर में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र से आए लोगों द्वारा सिंचाई, विद्युत, सड़क, पेयजल, आदि से संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता से रखा। शिविर में नगर पंचायत लालकुआं अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए सरकार द्वारा बनाए गए आवासों में रह रहे लोगों द्वारा अवगत कराया कि नगर पंचायत द्वारा उनका भवन किराया बढ़ाया जा रहा है, जिसे न बढ़ाए जाने की मांग परिवारों द्वारा जिलाधिकारी के समक्ष रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल कार्यवाही करते हुए अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत लालकुआं को निर्देश दिए कि इन सभी परिवारों का भवन किराया न बढ़ाया जाय, पूर्व में निर्धारित दरों पर ही उनसे किराया लिया जाए। इसके साथ ही इन परिवारों द्वारा पेयजल की भी समस्या जिलाधिकारी के समक्ष रखी, पेयजल की समस्या के संबंध में भी जिलाधिकारी ने जल स्थान को दो दिन के भीतर प्रत्येक परिवार के घर पर जाकर पेयजल की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त इन भवनों की जीर्ण शीर्ण स्थिति पर उप जिलाधिकारी एवं ईओ नगर पालिका को संबंधित कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम के समन्वय कर तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। शिविर में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए किसानों द्वारा सिंचाई की समस्या से अवगत कराया। जिसमें अनेक गांवों में क्षतिग्रस्त सिंचाई गूल को शीघ्र मरम्मत कराए जाने, नई गूलों का निर्माण किए जाने, गूलों में हुए अतिक्रमण को हटाए जाने, बंद सिंचाई नहरों व गूलों की सफाई करने की मांग रखी गई। इन सभी समस्याओं को गंभीरता पूर्वक लेते हुए *जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों हेतु हर संभव मदद की जाएगी* उन्होंने सिंचाई एवं लघु सिंचाई एवं नलकूप विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को पर्याप्त सिंचाईं सुविधा मिले यह जिम्मेदारी विभागों की है उन्होंने इन सभी गूलों एवं नहरों की मरम्मत, सफाई करने के साथ ही नई गूलों के प्रस्ताव तैयार कर अगली जिला योजना में प्रस्तावित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने इन गूलों एवं नहरों में हुए *अतिक्रमण को भी तत्काल हटाने की कार्यवाही के निर्देश अधिकारियों को दिए।* उन्होंने कहा कि भविष्य में सिंचाई से संबंधित समस्या प्रकाश में नहीं आनी चाहिए जो भी कार्य कराए जाने हैं यथाशीघ्र कर लिए जाए ,इन कार्यों में किसी प्रकार की भी लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। शिविर में क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या के संबंध में भी ग्रामीणों द्वारा अवगत कराया,उन्होंने मांग की कि लो वोल्टेज के कारण सिंचाई पम्पिंग में भी समस्या उत्पन्न होती है, उन्होंने अधिक क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाने की मांग की गई,उक्त समस्या के समाधान हेतु जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को मौके पर जाकर अधिक क्षमता के ट्रांसफर लगाए जाने हेतु आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि लो वोल्टेज के कारण सिंचाई व्यवस्था में भी समस्या उत्पन्न होती है उक्त समस्या के समाधान हेतु विद्युत विभाग व नलकूप विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्यवाही करें। शिविर में कुल 105 शिकायतें दर्ज कराई गई जिसमें से अधिकांश समस्याओं का जिलाधिकारी द्वारा मौके पर ही निस्तारण कराया गया। शेष समस्याओं के 15 दिन के भीतर समाधान हेतु संबंधित विभागों को निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन समस्याओं का यहां समाधान नहीं हुआ संबंधित विभाग उनका निस्तारण करते हुए संबंधित को भी अवगत कराएंगे। इस दौरान विभिन्न व्यक्तियों द्वारा लालकुआं क्षेत्र में अवैध शराब एवं नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायत भी जिलाधिकारी के सम्मुख रखी जिस संबंध में जिलाधिकारी ने राजस्व, पुलिस व आबकारी विभाग को नियमित छापेमारी कार्यवाही के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि अवैध शराब एवं नशीले पदार्थों के बिक्री और प्रचलन के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है इसे संयुक्त रूप से अभियान लगातार क्षेत्र में जारी रहेगा। शिविर में पेपर मिल द्वारा खुले में डाले जा रहे गंदे पानी से हो रहे प्रदूषण की शिकायत जिलाधिकारी के सम्मुख रखी गई इस संबंध में जिलाधिकारी ने आस्वस्त कराया की उत्सर्जन के जो भी मानक होंगे वह सुनिश्चित कराए जाएंगे इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से जांच की जाएगी उत्सर्जन सुरक्षित रहेगा। शिविर में विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल की समस्या से भी जिलाधिकारी को अवगत कराया गया,इस संबंध में पेयजल विभाग के अधिकारियों को समस्या के समाधान हेतु निर्देश दिए गए। इस दौरान विभिन्न लोगों द्वारा लंबे समय से रह रहे लोगों को भूमि मालिकाना हक दिलाए जाने के संबंध में आवेदन दिया गया जिस पर जिलाधिकारी ने अवगत कराया की इस संबंध में जिला स्तर पर कमेटी बनाई जा रही है शीघ्र ही कार्रवाई कराई जाएगी। शिविर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लालकुआं में एक्सरे मशीन उपलब्ध कराए जाने की मांग पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अवगत कराया की टेक्नीशियन न होने के कारण एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं जिस संबंध में जिलाधिकारी ने टेक्नीशियन का पद स्वीकृति हेतु शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश एसीएमओ को दिए। शिविर में गोला नदी में हो रहे भू कटाव की समस्या रखी गई इस संबंध में सिंचाई विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए। शिविर में गंगापुर कबड़वाल में घनी आबादी के बीच लगाए गए स्टोन क्रेशर के कारण हो रही समस्या व नुकसान आदि की समस्याएं रखी गई इस संबंध में जिलाधिकारी ने कहा कि जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन समस्याओं का समाधान मौके पर नहीं हो पाया है, उन समस्याओं को संबंधित विभागीय अधिकारी सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवम् संतुष्टि के आधार पर निस्तारित करना सुनिश्चित करें। शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 125 लोगों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा दी गई। इसी प्रकार आयुर्वेदिक विभाग द्वारा 60 व होम्योपैथिक विभाग द्वारा 55 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निशुल्क दवा दी गई। पंचायतीराज विभाग द्वारा 12 परिवार रजिस्टर की नकल दी गई, 8 जन्म-मृत्यु पंजीकरण किए गए,8 बीपीएल नकल दी गई। श्रम विभाग द्वारा 12 व्यक्तियों को को विभाग में पंजीकृत करने हेतु जानकारी देते हुए आवेदन प्रदान किए गए । पशुपालन विभाग द्वारा 24 पशुपालकों को वी विभागीय योजना से लाभान्वित किया गया। मतस्य विभाग द्वारा 3,विद्युत विभाग द्वारा 6, कृषि विभाग द्वारा 18,उद्यान विभाग द्वारा 14 व उद्योग विभाग द्वारा 10 लोगों को विभागीय योजनाओं से लाभान्वित करते हुए जानकारी दी गयी। बाल विकास विभाग द्वारा 4 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट प्रदान की गई।नसहकारिता विभाग द्वारा 11 व्यक्तियों को विभागीय योजना की जानकारी दी गयी। समाज कल्याण विभाग द्वारा 7 लाभार्थियों को समाज कल्याण की योजनाओं की जानकारी दी गई। शिविर में राजस्व विभाग द्वारा विभिन्न प्रमाण पत्र की कार्यवाही की गई। शिविर में 12 आधार कार्ड भी बनाए गए। इस दौरान अध्यक्ष नगर पंचायत लालकुआं सुरेन्द्र सिंह लौटनी, भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश महामंत्री दीपेंद्र कोश्यारी, सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण खाती, ज्येष्ठ उप प्रमुख हल्द्वानी कमल भण्डारी, उप जिलाधिकारी प्रमोद कुमार,तहसीलदार कुलदीप पाण्डे सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, स्थानीय जनता सहित विभागों के अधिकारी कर्मचारी आदि उपस्थित थे2