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*एटा: इसौली में झाड़ियों में दिखा अजगर, एसडीएम के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर अजगर को पकड़ा।* जलेसर/एटा: जनपद एटा के जलेसर तहसील क्षेत्र अंतर्गत गांव इसौली में आज एक अजगर दिखाई दिया। झाड़ियों में अजगर छिपे होने की खबर पूरे क्षेत्र के आग की तरह फैल गई। इसौली गाँव से भीलनगर जाने वाले रास्ते के पास झाड़ियां में अजगर कहां से आ गया इसके बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका है। झाड़ियों में अजगर को देखकर ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया और देखते ही देखते आसपास के गावों के सैकडों लोगों की भीड़ अजगर को देखने के लिए इकट्ठा हो गई। स्थानीय लोगों ने जंगल में अजगर देखकर सकरौली पुलिस और एसडीएम जलेसर को सूचना दी। झाड़ियों में अजगर होने की सूचना को एसडीएम जलेसर सुश्री भावना विमल ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को रेस्क्यू करने के लिए निर्देशित किया। सूचना मिलते ही सकरौली पुलिस के चौकी इंचार्ज जरानी कलां जितेंद्र तेवतिया और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू करते हुए झाड़ियां में छिपे अजगर को पड़कर अपने कब्जे में ले लिया और वन विभाग जलेसर की टीम अजगर को किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के लिए अपने साथ ले गई और अजगर को उसके प्रवास में सकुशल छोड़ दिया। वन विभाग जलेसर की रेस्क्यू टीम द्वारा अजगर के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। रेस्क्यू टीम में क्षेत्रीय वन अधिकारी गिरजेश तिवारी, वन दरोगा अमरेश कुमार सिंह, वनरक्षक चमन सिंह, परवेज उस्मानी और रामनरेश शामिल रहे।

8 hrs ago
user_आदित्य कुमार  पत्रकार
आदित्य कुमार पत्रकार
पत्रकार जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
8 hrs ago

*एटा: इसौली में झाड़ियों में दिखा अजगर, एसडीएम के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर अजगर को पकड़ा।* जलेसर/एटा: जनपद एटा के जलेसर तहसील क्षेत्र अंतर्गत गांव इसौली में आज एक अजगर दिखाई दिया। झाड़ियों में अजगर छिपे होने की खबर पूरे क्षेत्र के आग की तरह फैल गई। इसौली गाँव से भीलनगर जाने वाले रास्ते के पास झाड़ियां में अजगर कहां से आ गया इसके बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका है। झाड़ियों में अजगर को देखकर ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया और देखते ही देखते आसपास के गावों के सैकडों लोगों की भीड़ अजगर को देखने के लिए इकट्ठा हो गई। स्थानीय लोगों ने जंगल में अजगर देखकर सकरौली पुलिस और एसडीएम जलेसर को सूचना दी। झाड़ियों में अजगर होने की सूचना को एसडीएम

जलेसर सुश्री भावना विमल ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को रेस्क्यू करने के लिए निर्देशित किया। सूचना मिलते ही सकरौली पुलिस के चौकी इंचार्ज जरानी कलां जितेंद्र तेवतिया और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू करते हुए झाड़ियां में छिपे अजगर को पड़कर अपने कब्जे में ले लिया और वन विभाग जलेसर की टीम अजगर को किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के लिए अपने साथ ले गई और अजगर को उसके प्रवास में सकुशल छोड़ दिया। वन विभाग जलेसर की रेस्क्यू टीम द्वारा अजगर के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। रेस्क्यू टीम में क्षेत्रीय वन अधिकारी गिरजेश तिवारी, वन दरोगा अमरेश कुमार सिंह, वनरक्षक चमन सिंह, परवेज उस्मानी और रामनरेश शामिल रहे।

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  • पत्रकार योगेन्द्र प्रताप सिंह की खास रिपोर्ट एटा में जीटी रोड पर छ्छेना फ्लाईओवर के पास अज्ञात ट्रक ने ऑटो के मारी टक्कर कई लोग गंभीर हालत में हुए घायल
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    पत्रकार योगेन्द्र प्रताप सिंह की खास रिपोर्ट
एटा में जीटी रोड पर छ्छेना फ्लाईओवर के पास अज्ञात ट्रक ने ऑटो के मारी टक्कर कई लोग गंभीर हालत में हुए घायल
    user_जुर्म का पर्दाफाश
    जुर्म का पर्दाफाश
    Press Midea जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    15 min ago
  • एटा जिले में एक सड़क हादस े मे ं ऑटो चालक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। मलावन थाना क्षेत्र के छछैना के पास जीटी रोड पर एक कंटेनर ने सवारियो ं से भरे ऑटो को टक्कर मार दी। घायलों को एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर ऑटो मे ं फंस े लोगों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। मलावन थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
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    एटा जिले में एक सड़क हादस े मे ं ऑटो चालक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। मलावन थाना क्षेत्र के छछैना के पास जीटी रोड पर एक कंटेनर ने सवारियो ं से भरे ऑटो को टक्कर मार दी। घायलों को एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर ऑटो मे ं फंस े लोगों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। मलावन थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
    user_Shan Mohammad
    Shan Mohammad
    Local News Reporter जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • प्रजापति समाज सेवक गिरीश दक्ष सेनाध्यक्ष जलेसर
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    प्रजापति समाज सेवक गिरीश दक्ष सेनाध्यक्ष जलेसर
    user_गिरीश प्रजापति Prajapati
    गिरीश प्रजापति Prajapati
    जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *दरोगा की मनमानी से हजारों जिंदगियां दांव पर, 25 फीट गहरे खड्डे के किनारे भारी वाहनों का दौड़ना, मौत का खेल बन गया निर्माण स्थल* एटा, 6 फरवरी 2026 जिले के एटा-बरहन रेलवे लाइन पर गेट संख्या 22सी (समपार क्रॉसिंग) के पास फ्लाईओवर (रेलवे ओवर ब्रिज) निर्माण कार्य के दौरान एक चौंकाने वाली लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। स्थानीय दरोगा ने बिना किसी उच्चाधिकारी के आदेश, बिना लिखित अनुमति और बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए रास्ते को पूरी तरह खोल दिया, जिससे भारी-भरकम वाहनों, ट्रकों और अन्य यानों का आवागमन हो रहा है। यह फैसला इतना जोखिम भरा है कि विशेषज्ञों की मानें तो किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता है। मौके पर मौजूद वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि निर्माण स्थल पर *25 फीट गहरा गड्ढा* खोदा गया है, जिसमें फ्लाईओवर के लिए आरसीसी सरिया (रॉड) का जाल बिछाया जा रहा है। इसी गड्ढे के ठीक किनारे से सड़क गुजर रही है, जहां भारी वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य यातायात बिना किसी बैरिकेडिंग या सुरक्षा व्यवस्था के आवाजाही कर रहे हैं। आसपास की भीड़ में हजारों लोग जमा दिखाई दे रहे हैं, जिनमें स्थानीय निवासी, स्कूली *छात्र-छात्राएं* और अभिभावक शामिल हैं। पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही। *सबसे बड़ा सवाल:* दरोगा जी ने यह निर्णय अकेले कैसे ले लिया? उत्तर मध्य रेलवे निर्माण खंड कानपुर या एसडीएम जलेसर जैसी उच्च स्तरीय अनुमति के बिना रास्ता खोलना क्या नियमों का खुला उल्लंघन नहीं है? निर्माण कार्य के दौरान सड़क को पूरी तरह बंद रखने और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने के प्रावधान हैं, लेकिन यहां तो उल्टा हो रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूली *छात्र-छात्राओं* की मुख्य मांग थी कि परीक्षा के दौरान (फरवरी-मार्च 2026 सत्र चल रहा है) दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित निकासी हो, लेकिन *दरोगा* के इस फैसले ने स्थिति को और *खतरनाक* बना दिया है। अब भारी वाहन गुजर रहे हैं, जिससे गड्ढे में गिरने या दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। एक छोटी सी चूक भी दर्जनों जिंदगियों को तहस-नहस कर सकती है।यह निर्माण उत्तर मध्य रेलवे के तहत एटा-बरहन खंड पर चल रहा है, जहां कुल 6 समपार फाटकों पर आरओबी बनाए जा रहे हैं। गेट 22 पर काम 2025-26 में तेजी से शुरू हुआ, लेकिन सुरक्षा और स्थानीय सुविधाओं की अनदेखी हो रही है। पहले से ही सड़क अवरुद्ध होने से स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर था, अब यह मनमानी फैसला मौत को दावत दे रहा है। *प्रशासन से सवाल है:* 👉बिना आदेश के रास्ता खोलने वाले दरोगा पर क्या कार्रवाई होगी? 👉क्या सुरक्षा मानकों की जांच होगी? 👉क्या तत्काल बैरिकेडिंग, साइनेज और वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी? स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो जनहित याचिका तक पहुंचने की चेतावनी दी जा रही है। यह मामला न केवल निर्माण की लापरवाही का है, बल्कि आम जनता की जान से खिलवाड़ का भी है। प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर इस मौत के गड्ढे को सुरक्षित बनाना होगा, वरना कोई बड़ा हादसा होने पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
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    *दरोगा की मनमानी से हजारों जिंदगियां दांव पर, 25 फीट गहरे खड्डे के किनारे भारी वाहनों का दौड़ना, मौत का खेल बन गया निर्माण स्थल* 
एटा, 6 फरवरी 2026 जिले के एटा-बरहन रेलवे लाइन पर गेट संख्या 22सी (समपार क्रॉसिंग) के पास फ्लाईओवर (रेलवे ओवर ब्रिज) निर्माण कार्य के दौरान एक चौंकाने वाली लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। स्थानीय दरोगा ने बिना किसी उच्चाधिकारी के आदेश, बिना लिखित अनुमति और बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए रास्ते को पूरी तरह खोल दिया, जिससे भारी-भरकम वाहनों, ट्रकों और अन्य यानों का आवागमन हो रहा है। यह फैसला इतना जोखिम भरा है कि विशेषज्ञों की मानें तो किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता है। मौके पर मौजूद वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि निर्माण स्थल पर *25 फीट गहरा गड्ढा* खोदा गया है, जिसमें फ्लाईओवर के लिए आरसीसी सरिया (रॉड) का जाल बिछाया जा रहा है। इसी गड्ढे के ठीक किनारे से सड़क गुजर रही है, जहां भारी वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य यातायात बिना किसी बैरिकेडिंग या सुरक्षा व्यवस्था के आवाजाही कर रहे हैं। आसपास की भीड़ में हजारों लोग जमा दिखाई दे रहे हैं, जिनमें स्थानीय निवासी, स्कूली *छात्र-छात्राएं* और अभिभावक शामिल हैं। पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
*सबसे बड़ा सवाल:* दरोगा जी ने यह निर्णय अकेले कैसे ले लिया? उत्तर मध्य रेलवे निर्माण खंड कानपुर या एसडीएम जलेसर जैसी उच्च स्तरीय अनुमति के बिना रास्ता खोलना क्या नियमों का खुला उल्लंघन नहीं है? निर्माण कार्य के दौरान सड़क को पूरी तरह बंद रखने और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने के प्रावधान हैं, लेकिन यहां तो उल्टा हो रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूली *छात्र-छात्राओं* की मुख्य मांग थी कि परीक्षा के दौरान (फरवरी-मार्च 2026 सत्र चल रहा है) दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित निकासी हो, लेकिन *दरोगा* के इस फैसले ने स्थिति को और *खतरनाक* बना दिया है। अब भारी वाहन गुजर रहे हैं, जिससे गड्ढे में गिरने या दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। एक छोटी सी चूक भी दर्जनों जिंदगियों को तहस-नहस कर सकती है।यह निर्माण उत्तर मध्य रेलवे के तहत एटा-बरहन खंड पर चल रहा है, जहां कुल 6 समपार फाटकों पर आरओबी बनाए जा रहे हैं। गेट 22 पर काम 2025-26 में तेजी से शुरू हुआ, लेकिन सुरक्षा और स्थानीय सुविधाओं की अनदेखी हो रही है। पहले से ही सड़क अवरुद्ध होने से स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर था, अब यह मनमानी फैसला मौत को दावत दे रहा है। *प्रशासन से सवाल है:* 👉बिना आदेश के रास्ता खोलने वाले दरोगा पर क्या कार्रवाई होगी?
👉क्या सुरक्षा मानकों की जांच होगी?
👉क्या तत्काल बैरिकेडिंग, साइनेज और वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी?
स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो जनहित याचिका तक पहुंचने की चेतावनी दी जा रही है। यह मामला न केवल निर्माण की लापरवाही का है, बल्कि आम जनता की जान से खिलवाड़ का भी है। प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर इस मौत के गड्ढे को सुरक्षित बनाना होगा, वरना कोई बड़ा हादसा होने पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
    user_आदित्य कुमार  पत्रकार
    आदित्य कुमार पत्रकार
    पत्रकार जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • *दरोगा की मनमानी से हजारों जिंदगियां दांव पर, 25 फीट गहरे खड्डे के किनारे भारी वाहनों का दौड़ना, मौत का खेल बन गया निर्माण स्थल* *रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट✍️* एटा/जलेसर ~ 6 फरवरी 2026 जिले के एटा-बरहन रेलवे लाइन पर गेट संख्या 22सी (समपार क्रॉसिंग) के पास फ्लाईओवर (रेलवे ओवर ब्रिज) निर्माण कार्य के दौरान एक चौंकाने वाली लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। स्थानीय दरोगा ने बिना किसी उच्चाधिकारी के आदेश, बिना लिखित अनुमति और बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए रास्ते को पूरी तरह खोल दिया, जिससे भारी-भरकम वाहनों, ट्रकों और अन्य यानों का आवागमन हो रहा है। यह फैसला इतना जोखिम भरा है कि विशेषज्ञों की मानें तो किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता है। मौके पर मौजूद वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि निर्माण स्थल पर *25 फीट गहरा गड्ढा* खोदा गया है, जिसमें फ्लाईओवर के लिए आरसीसी सरिया (रॉड) का जाल बिछाया जा रहा है। इसी गड्ढे के ठीक किनारे से सड़क गुजर रही है, जहां भारी वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य यातायात बिना किसी बैरिकेडिंग या सुरक्षा व्यवस्था के आवाजाही कर रहे हैं। आसपास की भीड़ में हजारों लोग जमा दिखाई दे रहे हैं, जिनमें स्थानीय निवासी, स्कूली *छात्र-छात्राएं* और अभिभावक शामिल हैं। पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही। *सबसे बड़ा सवाल:* दरोगा जी ने यह निर्णय अकेले कैसे ले लिया? उत्तर मध्य रेलवे निर्माण खंड कानपुर या एसडीएम जलेसर जैसी उच्च स्तरीय अनुमति के बिना रास्ता खोलना क्या नियमों का खुला उल्लंघन नहीं है? निर्माण कार्य के दौरान सड़क को पूरी तरह बंद रखने और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने के प्रावधान हैं, लेकिन यहां तो उल्टा हो रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूली *छात्र-छात्राओं* की मुख्य मांग थी कि परीक्षा के दौरान (फरवरी-मार्च 2026 सत्र चल रहा है) दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित निकासी हो, लेकिन *दरोगा* के इस फैसले ने स्थिति को और *खतरनाक* बना दिया है। अब भारी वाहन गुजर रहे हैं, जिससे गड्ढे में गिरने या दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। एक छोटी सी चूक भी दर्जनों जिंदगियों को तहस-नहस कर सकती है।यह निर्माण उत्तर मध्य रेलवे के तहत एटा-बरहन खंड पर चल रहा है, जहां कुल 6 समपार फाटकों पर आरओबी बनाए जा रहे हैं। गेट 22 पर काम 2025-26 में तेजी से शुरू हुआ, लेकिन सुरक्षा और स्थानीय सुविधाओं की अनदेखी हो रही है। पहले से ही सड़क अवरुद्ध होने से स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर था, अब यह मनमानी फैसला मौत को दावत दे रहा है। *प्रशासन से सवाल है:* 👉बिना आदेश के रास्ता खोलने वाले दरोगा पर क्या कार्रवाई होगी? 👉क्या सुरक्षा मानकों की जांच होगी? 👉क्या तत्काल बैरिकेडिंग, साइनेज और वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी? स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो जनहित याचिका तक पहुंचने की चेतावनी दी जा रही है। यह मामला न केवल निर्माण की लापरवाही का है, बल्कि आम जनता की जान से खिलवाड़ का भी है। प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर इस मौत के गड्ढे को सुरक्षित बनाना होगा, वरना कोई बड़ा हादसा होने पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
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    *दरोगा की मनमानी से हजारों जिंदगियां दांव पर, 25 फीट गहरे खड्डे के किनारे भारी वाहनों का दौड़ना, मौत का खेल बन गया निर्माण स्थल* 
*रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट✍️*
एटा/जलेसर ~ 6 फरवरी 2026 जिले के एटा-बरहन रेलवे लाइन पर गेट संख्या 22सी (समपार क्रॉसिंग) के पास फ्लाईओवर (रेलवे ओवर ब्रिज) निर्माण कार्य के दौरान एक चौंकाने वाली लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। स्थानीय दरोगा ने बिना किसी उच्चाधिकारी के आदेश, बिना लिखित अनुमति और बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए रास्ते को पूरी तरह खोल दिया, जिससे भारी-भरकम वाहनों, ट्रकों और अन्य यानों का आवागमन हो रहा है। यह फैसला इतना जोखिम भरा है कि विशेषज्ञों की मानें तो किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता है। मौके पर मौजूद वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि निर्माण स्थल पर *25 फीट गहरा गड्ढा* खोदा गया है, जिसमें फ्लाईओवर के लिए आरसीसी सरिया (रॉड) का जाल बिछाया जा रहा है। इसी गड्ढे के ठीक किनारे से सड़क गुजर रही है, जहां भारी वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य यातायात बिना किसी बैरिकेडिंग या सुरक्षा व्यवस्था के आवाजाही कर रहे हैं। आसपास की भीड़ में हजारों लोग जमा दिखाई दे रहे हैं, जिनमें स्थानीय निवासी, स्कूली *छात्र-छात्राएं* और अभिभावक शामिल हैं। पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
*सबसे बड़ा सवाल:* दरोगा जी ने यह निर्णय अकेले कैसे ले लिया? उत्तर मध्य रेलवे निर्माण खंड कानपुर या एसडीएम जलेसर जैसी उच्च स्तरीय अनुमति के बिना रास्ता खोलना क्या नियमों का खुला उल्लंघन नहीं है? निर्माण कार्य के दौरान सड़क को पूरी तरह बंद रखने और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने के प्रावधान हैं, लेकिन यहां तो उल्टा हो रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूली *छात्र-छात्राओं* की मुख्य मांग थी कि परीक्षा के दौरान (फरवरी-मार्च 2026 सत्र चल रहा है) दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित निकासी हो, लेकिन *दरोगा* के इस फैसले ने स्थिति को और *खतरनाक* बना दिया है। अब भारी वाहन गुजर रहे हैं, जिससे गड्ढे में गिरने या दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। एक छोटी सी चूक भी दर्जनों जिंदगियों को तहस-नहस कर सकती है।यह निर्माण उत्तर मध्य रेलवे के तहत एटा-बरहन खंड पर चल रहा है, जहां कुल 6 समपार फाटकों पर आरओबी बनाए जा रहे हैं। गेट 22 पर काम 2025-26 में तेजी से शुरू हुआ, लेकिन सुरक्षा और स्थानीय सुविधाओं की अनदेखी हो रही है। पहले से ही सड़क अवरुद्ध होने से स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर था, अब यह मनमानी फैसला मौत को दावत दे रहा है। *प्रशासन से सवाल है:* 👉बिना आदेश के रास्ता खोलने वाले दरोगा पर क्या कार्रवाई होगी?
👉क्या सुरक्षा मानकों की जांच होगी?
👉क्या तत्काल बैरिकेडिंग, साइनेज और वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी?
स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो जनहित याचिका तक पहुंचने की चेतावनी दी जा रही है। यह मामला न केवल निर्माण की लापरवाही का है, बल्कि आम जनता की जान से खिलवाड़ का भी है। प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर इस मौत के गड्ढे को सुरक्षित बनाना होगा, वरना कोई बड़ा हादसा होने पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
    user_Ravendra Jadon पत्रकार
    Ravendra Jadon पत्रकार
    पत्रकार जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा पेश किए गए बजट 2025/26 पर चर्चा और प्रेस वार्ता करने हाथरस पहुंचे राज्य सरकार के दर्जा प्राप्त मंत्री वाई पी सिंह पत्रकारों से वार्ता की इस दौरान जब उनसे एपस्टीन फाइल्स को लेकर सवाल किया तो उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष मुद्दाविहीन है।
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    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा पेश किए गए बजट 2025/26 पर चर्चा और प्रेस वार्ता करने हाथरस पहुंचे राज्य सरकार के दर्जा प्राप्त मंत्री वाई पी सिंह पत्रकारों से वार्ता की इस दौरान जब उनसे एपस्टीन फाइल्स को लेकर सवाल किया तो उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष मुद्दाविहीन है।
    user_Sunil kumar
    Sunil kumar
    पत्रकार हाथरस, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    42 min ago
  • शोभायात्रा के साथ-साथ काली की सवारी तलवारबाजी करती चल रही थी। शोभा यात्रा में माता काली के भव्य स्वरूप की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। शोभा यात्रा का श्री गणेश समाजसेवी किशनवीर सिंह, विकास देवा वार्ष्णेय, बबलू सिसोदिया आदि ने जाहरवीर यात्रा की पीठ की पूजा करके कराया । शोभायात्रा में बाबा जाहरवीर को फूलों से सज्जित डोले में सजाया गया। शोभा यात्रा मोहल्ला गौसगंज से नोरंगाबाद, हुर्मतगंज, राठी चौराहा सब्जी मंडी, जीटी रोड, बड़ा बाजार, नयागंज बाजार, मोहल्ला दमदमा बड़े डाकखाने के पास से गुजरकर बाबा जाहरवीर मठ गौसगंज पर समाप्त हुई। जगह-जगह शोभा यात्रा का पुष्प वर्षा करके स्वागत किया गया। अतिथियो का माल्यार्पण तथा पगड़ी पहना कर भव्य स्वागत किया गया ।अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि वह बाबा जाहरवीर की पूजा सच्चे मन से करने से मनोकामना पूरी होती है तथा दुख दर्द संकट दूर हो जाते हैं। हमारे क्षेत्र में बाबा जाहरवीर की जोत बड़ी श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। इस अवसर पर बाबा के स्थान पर कई दिनों तक जागरण का आयोजन किया जाता है ।पुलिस सुरक्षा में लगी हुई थी । प्रमुख रूप से अशोक उपाध्याय सोनू, पंकज पचौरी, मनोज यादव ,अवधेश बघेल, अमन गुप्ता, अमर सिंह यादव प्रमुख रूप से मौजूद थे।
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    शोभायात्रा के साथ-साथ काली की सवारी तलवारबाजी करती चल रही थी।  शोभा यात्रा में माता काली के भव्य स्वरूप की झांकी आकर्षण का केंद्र रही।
शोभा यात्रा का श्री गणेश समाजसेवी किशनवीर सिंह, विकास देवा वार्ष्णेय, बबलू सिसोदिया आदि ने जाहरवीर यात्रा की पीठ की पूजा करके कराया । शोभायात्रा में बाबा जाहरवीर को फूलों से सज्जित डोले में सजाया गया। शोभा यात्रा मोहल्ला गौसगंज से नोरंगाबाद, हुर्मतगंज, राठी चौराहा सब्जी मंडी, जीटी रोड, बड़ा बाजार, नयागंज बाजार, मोहल्ला दमदमा बड़े डाकखाने के पास से गुजरकर बाबा जाहरवीर मठ गौसगंज पर समाप्त हुई। जगह-जगह शोभा यात्रा का पुष्प वर्षा करके स्वागत किया गया। अतिथियो का माल्यार्पण तथा पगड़ी पहना कर भव्य स्वागत किया गया ।अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि वह बाबा जाहरवीर की पूजा सच्चे मन से करने से मनोकामना पूरी होती है तथा दुख दर्द संकट दूर हो जाते हैं। हमारे क्षेत्र में  बाबा जाहरवीर की जोत बड़ी श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। इस अवसर पर बाबा के स्थान पर कई दिनों तक जागरण का आयोजन किया जाता है ।पुलिस सुरक्षा में लगी हुई थी । प्रमुख रूप से अशोक उपाध्याय सोनू, पंकज पचौरी, मनोज यादव ,अवधेश बघेल, अमन गुप्ता, अमर सिंह यादव प्रमुख रूप से मौजूद थे।
    user_JIMMY VARSHNEY
    JIMMY VARSHNEY
    पत्रकार सिकंदरा राव, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    44 min ago
  • पत्रकार योगेन्द्र प्रताप सिंह की खास रिपोर्ट जलेसर। एटा। उत्तर प्रदेश। जनपद एटा में जलेसर क्षेत्र के दरोगा की मनमानी से हजारों जिंदगियां लगी दांव पर, 25 फीट गहरे गड्डे के किनारे भारी वाहनों की लम्बी दौड़, जिले के एटा-बरहन रेलवे लाइन पर गेट संख्या 22 सी (समपार क्रॉसिंग) के पास फ्लाईओवर (रेलवे ओवर ब्रिज) निर्माण कार्य के दौरान एक चौंकाने वाली लापरवाही और मनमानी का मामला आया सामने। स्थानीय दरोगा ने बिना किसी उच्चाधिकारी के आदेश, बिना लिखित अनुमति और बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए रास्ते को पूरी तरह खोल दिया, जिससे भारी-भरकम वाहनों और अन्य यानों का आवागमन किया जा रहा है। यह फैसला इतना जोखिम भरा है, कि विशेषज्ञों की मानें तो किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता है। मौके पर मौजूद वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है, कि निर्माण स्थल पर 25 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया है, जिसमें फ्लाईओवर के लिए आरसीसी सरिया (रॉड) का जाल बिछाया जा रहा है। इसी गड्ढे के ठीक किनारे से सड़क गुजर रही है, जहां भारी वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य यातायात बिना किसी बैरिकेडिंग या सुरक्षा व्यवस्था के आवाजाही कर रहे हैं। आसपास की भीड़ में हजारों लोग की भीड़ जमा दिखाई दे रही है, जिनमें स्थानीय निवासी, स्कूली छात्र-छात्राएं और अभिभावक शामिल हैं। पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद हैं, लेकिन कोई सख्त कार्यवाही नजर नहीं आ रही। सबसे बड़ा सवाल: है, कि दरोगा जी ने यह निर्णय अकेले कैसे ले लिया? उत्तर मध्य रेलवे निर्माण खंड कानपुर या उपजिलाधिकारी जलेसर जैसी उच्च स्तरीय अनुमति के बिना रास्ता खोलना क्या नियमों का खुला उल्लंघन नहीं है? निर्माण कार्य के दौरान सड़क को पूरी तरह बंद रखने और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने के प्रावधान हैं, लेकिन यहां तो उल्टा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है, कि स्कूली छात्र-छात्राओं की मुख्य मांग थी, कि परीक्षा के दौरान (फरवरी-मार्च 2026 सत्र चल रहा है) दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित निकासी हो, लेकिन दरोगा के इस फैसले ने स्थिति को और खतरनाक बना दिया है। अब भारी वाहन गुजर रहे हैं, जिससे गड्ढे में गिरने या दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। एक छोटी सी चूक भी दर्जनों जिंदगियों को तहस-नहस कर सकती है। यह निर्माण उत्तर मध्य रेलवे के तहत एटा-बरहन खंड पर चल रहा है, जहां कुल 6 समपार फाटकों पर आरओबी बनाए जा रहे हैं। गेट 22 पर काम 2025-26 में तेजी से शुरू हुआ, लेकिन सुरक्षा और स्थानीय सुविधाओं की अनदेखी हो रही है। पहले से ही सड़क अवरुद्ध होने से स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर था, अब यह मनमानी फैसला मौत को दावत दे रहा है। प्रशासन से सवाल है: बिना आदेश के रास्ता खोलने वाले दरोगा पर क्या कार्यवाही होगी? क्या सुरक्षा मानकों की जांच होगी? क्या तत्काल बैरिकेडिंग, साइनेज और वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी? स्थानीय लोग आक्रोशित हैं, और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो जनहित याचिका तक पहुंचने की चेतावनी दी जा रही है। यह मामला न केवल निर्माण की लापरवाही का है, बल्कि आम जनता की जान से खिलवाड़ का भी है। प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर इस मौत के गड्ढे को सुरक्षित बनाना होगा, वरना कोई बड़ा हादसा होने पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
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    पत्रकार योगेन्द्र प्रताप सिंह की खास रिपोर्ट
जलेसर। एटा। उत्तर प्रदेश। जनपद एटा में जलेसर क्षेत्र के दरोगा की मनमानी से हजारों जिंदगियां लगी दांव पर, 25 फीट गहरे गड्डे के किनारे भारी वाहनों की लम्बी दौड़, जिले के एटा-बरहन रेलवे लाइन पर गेट संख्या 22 सी (समपार क्रॉसिंग) के पास फ्लाईओवर (रेलवे ओवर ब्रिज) निर्माण कार्य के दौरान एक चौंकाने वाली लापरवाही और मनमानी का मामला आया सामने। स्थानीय दरोगा ने बिना किसी उच्चाधिकारी के आदेश, बिना लिखित अनुमति और बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए रास्ते को पूरी तरह खोल दिया, जिससे भारी-भरकम वाहनों और अन्य यानों का आवागमन किया जा रहा है। यह फैसला इतना जोखिम भरा है, कि विशेषज्ञों की मानें तो किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता है। मौके पर मौजूद वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है, कि निर्माण स्थल पर 25 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया है, जिसमें फ्लाईओवर के लिए आरसीसी सरिया (रॉड) का जाल बिछाया जा रहा है। इसी गड्ढे के ठीक किनारे से सड़क गुजर रही है, जहां भारी वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य यातायात बिना किसी बैरिकेडिंग या सुरक्षा व्यवस्था के आवाजाही कर रहे हैं। आसपास की भीड़ में हजारों लोग की भीड़ जमा दिखाई दे रही है, जिनमें स्थानीय निवासी, स्कूली छात्र-छात्राएं और अभिभावक शामिल हैं। पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद हैं, लेकिन कोई सख्त कार्यवाही नजर नहीं आ रही। सबसे बड़ा सवाल: है, कि दरोगा जी ने यह निर्णय अकेले कैसे ले लिया? उत्तर मध्य रेलवे निर्माण खंड कानपुर या उपजिलाधिकारी जलेसर जैसी उच्च स्तरीय अनुमति के बिना रास्ता खोलना क्या नियमों का खुला उल्लंघन नहीं है? निर्माण कार्य के दौरान सड़क को पूरी तरह बंद रखने और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने के प्रावधान हैं, लेकिन यहां तो उल्टा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है, कि स्कूली छात्र-छात्राओं की मुख्य मांग थी, कि परीक्षा के दौरान (फरवरी-मार्च 2026 सत्र चल रहा है) दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित निकासी हो, लेकिन दरोगा के इस फैसले ने स्थिति को और खतरनाक बना दिया है। अब भारी वाहन गुजर रहे हैं, जिससे गड्ढे में गिरने या दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। एक छोटी सी चूक भी दर्जनों जिंदगियों को तहस-नहस कर सकती है। यह निर्माण उत्तर मध्य रेलवे के तहत एटा-बरहन खंड पर चल रहा है, जहां कुल 6 समपार फाटकों पर आरओबी बनाए जा रहे हैं। गेट 22 पर काम 2025-26 में तेजी से शुरू हुआ, लेकिन सुरक्षा और स्थानीय सुविधाओं की अनदेखी हो रही है। पहले से ही सड़क अवरुद्ध होने से स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर था, अब यह मनमानी फैसला मौत को दावत दे रहा है। प्रशासन से सवाल है: बिना आदेश के रास्ता खोलने वाले दरोगा पर क्या कार्यवाही होगी? क्या सुरक्षा मानकों की जांच होगी? क्या तत्काल बैरिकेडिंग, साइनेज और वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी? स्थानीय लोग आक्रोशित हैं, और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो जनहित याचिका तक पहुंचने की चेतावनी दी जा रही है। यह मामला न केवल निर्माण की लापरवाही का है, बल्कि आम जनता की जान से खिलवाड़ का भी है। प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर इस मौत के गड्ढे को सुरक्षित बनाना होगा, वरना कोई बड़ा हादसा होने पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
    user_जुर्म का पर्दाफाश
    जुर्म का पर्दाफाश
    Press Midea जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    28 min ago
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