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“मेहनत और आत्मविश्वास से मिलती है सफलता” — सृष्टि और दृष्टि “मेहनत और आत्मविश्वास से मिलती है सफलता” — सृष्टि और दृष्टि
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“मेहनत और आत्मविश्वास से मिलती है सफलता” — सृष्टि और दृष्टि “मेहनत और आत्मविश्वास से मिलती है सफलता” — सृष्टि और दृष्टि
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- “मेहनत और आत्मविश्वास से मिलती है सफलता” — सृष्टि और दृष्टि “मेहनत और आत्मविश्वास से मिलती है सफलता” — सृष्टि और दृष्टि1
- बगहा में अजगर और सियार का खौफनाक संघर्ष, लोगों की सूझबूझ से बची सियार की जान | VTR से सटे इलाके में वायरल हुआ रोमांचक वीडियो बगहा के शहरी इलाके में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे क्षेत्र में एक विशालकाय अजगर और सियार के बीच खौफनाक संघर्ष देखने को मिला। मामला तिरहुत नहर पुल स्थित विकास वैभव चौक के पास का है, जहां शनिवार को अजगर ने सियार को अपने चंगुल में जकड़ लिया था। सियार खुद को बचाने के लिए लगातार छटपटाता रहा, लेकिन अजगर की पकड़ इतनी मजबूत थी कि उसकी हालत बिगड़ने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काफी देर तक दोनों के बीच संघर्ष चलता रहा। इसी दौरान सुरेंद्र यादव की नजर इस घटना पर पड़ी और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पर्यावरण प्रेमी गजेंद्र यादव को दी। सूचना मिलते ही गजेंद्र यादव कुछ ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे और सियार की जान बचाने के लिए प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों ने जोर-जोर से शोर मचाया और मिट्टी व डेली फेंककर अजगर का ध्यान भटकाने की कोशिश की। लोगों की हिम्मत और सूझबूझ का असर हुआ और अजगर की पकड़ धीरे-धीरे ढीली पड़ गई। मौका मिलते ही सियार वहां से भाग निकला और अपनी जान बचाने में सफल रहा। वहीं लोगों की भीड़ और शोर से घबराकर अजगर झाड़ियों के रास्ते नहर की ओर निकल गया। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि हमारा चैनल नहीं करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे इलाकों में अक्सर जंगली जानवर भोजन की तलाश में रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच जाते हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बना रहता है। वन विभाग को सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंचकर जानवरों का रेस्क्यू कर उन्हें वापस जंगल में छोड़ देती है। ग्रामीणों ने बताया कि अजगर और सियार के बीच हुआ यह संघर्ष बेहद डरावना और रोमांच से भरपूर था, जिसे देखकर आसपास मौजूद लोग सहम गए।1
- पश्चिमी चंपारण के बेतिया में एक नई सड़क बनने के तुरंत बाद ही खराब हो गई। इस घटिया निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और वे जवाब मांग रहे हैं।2
- नौतन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में भव्य मातृ सम्मेलन आयोजित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य रंजीत कुमार भास्कर के नेतृत्व में विद्यालय शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और भारतीय संस्कृति का उत्कृष्ट केंद्र बना है। यहां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नैतिक शिक्षा, खेलकूद एवं सांस्कृतिक1
- पश्चिम चंपारण के नौतन में एक सरकारी हैंडपंप कई सालों से बंद पड़ा है। इसके कारण गाँव में पीने के पानी की भारी किल्लत है, खासकर बच्चों को काफी परेशानी हो रही है। स्थानीय वार्ड सदस्य और मुखिया भी इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।1
- सुगौली के बंगरा में राष्ट्रीय उच्च पथ पर पिछले दो दिनों से लाइटें नहीं जल रही हैं। इस कारण पूरा इलाका अंधेरे में डूबा है, जिससे किसी अनहोनी की आशंका बढ़ गई है।1
- पूर्वी चंपारण के पकड़ीदयाल में सफाईकर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। समय पर वेतन न मिलने से परेशान कर्मचारियों ने नेहरू चौक पर प्रदर्शन कर नगर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। चेतावनी दी गई है कि मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा सकती है।1
- पश्चिम चंपारण में कुर्मी महासभा के बैनर तले पटेल छात्रावास निर्माण को लेकर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन शहर के एक निजी होटल के सभागार में हुआ, जिसकी अध्यक्षता उदय पटेल ने की, जबकि मंच संचालन उमाशंकर पटेल ने किया। इस दौरान पटेल छात्रावास निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष सह विधायक कृष्ण कुमार मंटू पटेल ने कहा कि हर घर से सांसद, विधायक या मुखिया बनना संभव नहीं है, लेकिन हर परिवार से डॉक्टर, इंजीनियर, जज, वकील और प्रशासनिक अधिकारी जरूर बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य को लेकर हर क्षेत्र में पटेल छात्रावास की आवश्यकता है, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके। उन्होंने लोगों से छात्रावास निर्माण में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि आने वाला समय शिक्षा का है और जो समाज शिक्षित होगा वही विकास करेगा। उन्होंने कहा कि “यह कलयुग नहीं, बल्कि कलम युग है”, इसलिए सभी लोगों को ट्रस्ट से जुड़कर शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उदय पटेल ने कहा कि जिले में जल्द से जल्द पटेल छात्रावास का निर्माण होना चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र यहां रहकर बेहतर ढंग से पढ़ाई कर सकें। गोष्ठी में शिवनाथ पटेल, रमाशंकर पटेल, रवि पटेल, नवल पटेल, शेषनाथ पटेल, रविंद्र पटेल, ओम पटेल, वीरू पटेल, मुरारी पटेल, रामानंद पटेल, मनोज पटेल, सुमन पटेल, दिलीप सिंह, बिहारी बाबू, कृष्णा पटेल सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। पश्चिम चंपारण में कुर्मी महासभा के बैनर तले पटेल छात्रावास निर्माण को लेकर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन शहर के एक निजी होटल के सभागार में हुआ, जिसकी अध्यक्षता उदय पटेल ने की, जबकि मंच संचालन उमाशंकर पटेल ने किया। इस दौरान पटेल छात्रावास निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष सह विधायक कृष्ण कुमार मंटू पटेल ने कहा कि हर घर से सांसद, विधायक या मुखिया बनना संभव नहीं है, लेकिन हर परिवार से डॉक्टर, इंजीनियर, जज, वकील और प्रशासनिक अधिकारी जरूर बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य को लेकर हर क्षेत्र में पटेल छात्रावास की आवश्यकता है, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके। उन्होंने लोगों से छात्रावास निर्माण में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि आने वाला समय शिक्षा का है और जो समाज शिक्षित होगा वही विकास करेगा। उन्होंने कहा कि “यह कलयुग नहीं, बल्कि कलम युग है”, इसलिए सभी लोगों को ट्रस्ट से जुड़कर शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उदय पटेल ने कहा कि जिले में जल्द से जल्द पटेल छात्रावास का निर्माण होना चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र यहां रहकर बेहतर ढंग से पढ़ाई कर सकें। गोष्ठी में शिवनाथ पटेल, रमाशंकर पटेल, रवि पटेल, नवल पटेल, शेषनाथ पटेल, रविंद्र पटेल, ओम पटेल, वीरू पटेल, मुरारी पटेल, रामानंद पटेल, मनोज पटेल, सुमन पटेल, दिलीप सिंह, बिहारी बाबू, कृष्णा पटेल सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।1