सिसई : खान - खनिज संशोधन कानून के खिलाफ झामुमो का धरना, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन राज्यों के संवैधानिक अधिकार, झारखंड की वित्तीय स्वायतता और आदिवासी - मूलवासी समाज के अधिकारों की उठाई आवाज़ सिसई (गुमला)। केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के विरोध में झामुमो सिसई प्रखंड कमिटी ने शनिवार को प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष कार्यकर्ता पार्टी का झंडा लेकर धरना में शामिल हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरने के दौरान झामुमो नेताओं ने राज्यों के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों, झारखंड की वित्तीय स्वायत्तता तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के जल, जंगल, जमीन और खनिज अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम छह सूत्री ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में संशोधन अधिनियम की धारा 9डी के राज्यों के संवैधानिक अधिकारों पर प्रभाव का गंभीर परीक्षण कराने, खनिज उत्पादक राज्यों से संस्थागत परामर्श सुनिश्चित करने तथा राज्यों के खनिज संसाधनों से जुड़े वित्तीय अधिकारों और विकास आवश्यकताओं के बीच संवैधानिक संतुलन कायम करने की मांग की गई। साथ ही झारखंड के लंबित खनन संबंधी आर्थिक दावों के शीघ्र निपटारे, आदिवासी-मूलवासी समाज, विस्थापित परिवारों एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारों को खनिज नीति में प्राथमिकता देने की मांग रखी गई। ज्ञापन में 25 जुलाई 2024 को सर्वोच्च न्यायालय की नौ सदस्यीय संविधान पीठ द्वारा मिनिरल एरिया डेवलेपमेंट ऑथोरिटी बनाम स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड मामले में राज्यों के खनिज अधिकारों एवं खनिजयुक्त भूमि पर कराधान संबंधी संवैधानिक शक्तियों पर दिए गए निर्णय को अंगीकार करने की मांग भी की गई। मौके पर विधायक प्रतिनिधि सह कुदरा पंचायत मुखिया प्रकाश उरांव, जिप सदस्य सिसई उत्तरी विजयलक्ष्मी कुमारी, प्रखंड अध्यक्ष दुर्गेश तिर्की, शशि साहू, सलमान अली, मकीम अंसारी, उमर फारूक अंसारी, पंसस जाकिर अली, राजा अंसारी, राशिद करीम, दिलीप साहू, विकास महली, सहाबीर उरांव सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सिसई : खान - खनिज संशोधन कानून के खिलाफ झामुमो का धरना, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन राज्यों के संवैधानिक अधिकार, झारखंड की वित्तीय स्वायतता और आदिवासी - मूलवासी समाज के अधिकारों की उठाई आवाज़ सिसई (गुमला)। केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के विरोध में झामुमो सिसई प्रखंड कमिटी ने शनिवार को प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष कार्यकर्ता पार्टी
का झंडा लेकर धरना में शामिल हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरने के दौरान झामुमो नेताओं ने राज्यों के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों, झारखंड की वित्तीय स्वायत्तता तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के जल, जंगल, जमीन और खनिज अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम छह सूत्री ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में संशोधन अधिनियम की धारा 9डी के राज्यों के संवैधानिक अधिकारों पर प्रभाव का गंभीर परीक्षण कराने,
खनिज उत्पादक राज्यों से संस्थागत परामर्श सुनिश्चित करने तथा राज्यों के खनिज संसाधनों से जुड़े वित्तीय अधिकारों और विकास आवश्यकताओं के बीच संवैधानिक संतुलन कायम करने की मांग की गई। साथ ही झारखंड के लंबित खनन संबंधी आर्थिक दावों के शीघ्र निपटारे, आदिवासी-मूलवासी समाज, विस्थापित परिवारों एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारों को खनिज नीति में प्राथमिकता देने की मांग रखी गई। ज्ञापन में 25 जुलाई 2024 को सर्वोच्च न्यायालय की नौ सदस्यीय संविधान पीठ द्वारा मिनिरल एरिया डेवलेपमेंट ऑथोरिटी बनाम स्टील
ऑथोरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड मामले में राज्यों के खनिज अधिकारों एवं खनिजयुक्त भूमि पर कराधान संबंधी संवैधानिक शक्तियों पर दिए गए निर्णय को अंगीकार करने की मांग भी की गई। मौके पर विधायक प्रतिनिधि सह कुदरा पंचायत मुखिया प्रकाश उरांव, जिप सदस्य सिसई उत्तरी विजयलक्ष्मी कुमारी, प्रखंड अध्यक्ष दुर्गेश तिर्की, शशि साहू, सलमान अली, मकीम अंसारी, उमर फारूक अंसारी, पंसस जाकिर अली, राजा अंसारी, राशिद करीम, दिलीप साहू, विकास महली, सहाबीर उरांव सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।
- सिसई : घाघरा - कोटाम के लिए सीधी बस सेवा शुरू, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत रांची से कोटाम वाया सिसई बरगांव, अरंगी, पुटो, खरका और घाघरा चलेगी न्यू सिसई रोडवेज बस; रांची से कोटाम आना -जाना हुआ आसान सिसई (गुमला)। क्षेत्रवासियों के लिए आवागमन को लेकर राहत भरी खबर है। ग्रामीण यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए रांची से कोटाम वाया सिसई, बरगांव, अरंगी, पुटो, खरका और घाघरा के लिए न्यू सिसई रोडवेज बस सेवा का शनिवार को सिसई बस स्टैंड से शुभारंभ किया गया। बस सेवा शुरू होने से सिसई समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को घाघरा और कोटाम आने-जाने में समय और किराये की बचत होगी। बस सेवा के शुभारंभ से पहले सिसई अंजुमन इस्लामिया की ओर से बस के सफल एवं सुरक्षित संचालन के लिए विशेष दुआ की गई। इसके बाद विधायक प्रतिनिधि सह कुदरा पंचायत मुखिया प्रकाश उरांव, सिसई सदर सलमान अली, आजाद अंसारी, जाकिर अली, बैबुल अंसारी, राजा अंसारी, समाजसेवी मुकेश श्रीवास्तव डेविड, मनोज वर्मा और निलेश उरांव ने संयुक्त रूप से विधिवत् फीता काटकर बस को रवाना किया। इस अवसर पर बस ऑनर राशिद करीम सहित स्थानीय लोग और यात्री मौजूद रहे। बस सेवा शुरू होने से लोगों में उत्साह देखने को मिला। निर्धारित समय से होगा परिचालन बस रांची से सुबह 7:40 बजे कोटाम के लिए रवाना होगी। निर्धारित समय के अनुसार बस सिसई सुबह 10 बजे, घाघरा 11 बजे और कोटाम 11:30 बजे पहुंचेगी। वापसी में बस कोटाम से दोपहर 1:30 बजे रवाना होकर घाघरा 2 बजे और सिसई 3:20 बजे पहुंचेगी। इससे इन क्षेत्रों के ग्रामीणों, विद्यार्थियों, व्यापारियों एवं नौकरीपेशा लोगों समेत अन्य यात्रियों को रांची आने - जाने में सुविधा मिलेगी। बस ऑनर मो. राशिद करीम ने बताया कि सिसई से बरगांव और घाघरा होते हुए कोटाम तक यात्री बसों की कमी के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी होती थी। घाघरा जाने वाले यात्रियों को कई बार गुमला होकर जाना पड़ता था, जिससे अतिरिक्त समय के साथ अधिक किराया भी खर्च करना पड़ता था। ग्रामीण लंबे समय से इस मार्ग पर सीधी बस सेवा शुरू करने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए इस रूट पर बस सेवा शुरू की गई है। इससे यात्रियों को सीधे और सुविधाजनक आवागमन का विकल्प मिलेगा तथा समय और यात्रा खर्च में भी कमी आएगी। मौके पर युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष आजाद अंसारी, प्रखंड उप प्रमुख सह कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष निलेश उरांव, पूर्व कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष बैबुल अंसारी, माही बस के ऑनर मुकेश श्रीवास्तव डेविड, मनोज वर्मा, प्रखंड डीलर संघ अध्यक्ष मकीम अंसारी, पंसस जाकिर अली समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे।4
- केंद्र सरकार द्वारा पारित खान व खनिज संशोधन के विरुद्ध में झामुमो का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम अंचल अधिकारी को सौंपा 6 सूत्री मांग पत्र। सिसई प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में शनिवार को झामुमो प्रखंड कमिटी सिसई के द्वारा केंद्र सरकार द्वारा पारित खान व खनिज संशोधन के विरुद्ध में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। धरना प्रदर्शन में प्रखंड के सभी पंचायत से हाथ में झामुमो का झंडा लेकर भारी संख्या में झामुमो के कार्यकर्ता पहुंचे थे। जो केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ जोरदार नारेबाजी कर रहे थे। धरना प्रदर्शन में विधायक प्रतिनिधि प्रकाश उरांव, शशि साहु, विजय लक्ष्मी कुमारी, प्रखंड अध्यक्ष दुर्गेश्वर तिर्की, सलमान अली, मकीन अंसारी, जाकिर अली, उमर फारूक अंसारी, राजा अंसारी, शशि साहु, दिलीप साहु, विकास महली, सहाबीर उरांव, सहित भारी संख्या में झामुमो के कार्यकर्ता उपस्थित थे।1
- खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में गुमला में झामुमो का जोरदार धरना! गुमला में खान एवं खनिज संशोधन विधेयक-2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इसमें गुमला विधायक भूषण तिर्की समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। झामुमो ने विधेयक को ‘काला कानून’ बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। विधायक भूषण तिर्की ने कहा कि इससे झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकार प्रभावित होने की आशंका है। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।1
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- केंद्र सरकार के विरुद्ध झामुमो ने प्रखंड स्तर पर दिया धरना राष्ट्रपति के नाम बीडीओ को दिया ज्ञापन धरना प्रदर्शन कार्यक्रम लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड मुख्यालय में प्रखंड स्तर पर झामुमो के बैनर तले खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में कार्यकर्ताओं ने शनिवार को धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार पर ताना शाही का लगया आरोप कहा राज्य के खनिज संपदा को केंद्र सरकार अपने कब्जे में लेकर जनहित व विकास कार्य को अवरुद्ध करने का कार्य किया है। राज्य में राजस्व की कमी होने की बात बताते हुए राज्य के जनता की विकास पर प्रहार किया है। सहित विभिन्न बिंदुओं पर विचार प्रकट करते हुए खान एवं खनिज संशोधक विधेयक स्थगित नही होने पर बड़े पैमाने पर आंदोलन का घोषणा किया।1
- कर्रा प्रखंड मुख्यालय में एमएमडीआर संशोधन के विरोध में झामुमो का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी। कर्रा प्रखंड मुख्यालय में शनिवार को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक के विरोध में झामुमो का एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन सम्पन्न हुआ। धरना प्रदर्शन के दौरान झामुमो कार्यकताओं द्वारा माननीय राष्ट्रपति के नाम सीओ कर्रा को ज्ञापन सौंपा गया। धरना प्रदर्शन में तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया एवं खूंटी विधायक राम सूर्या मुंडा मुख्य रुप से उपस्थित थे। धरना प्रदर्शन के दौरान केन्द्र सरकार एम एम डी आर काला कानून वापस लो, वापस लो, केन्द्र सरकार कि तानाशाही नही चलेंगी नहीं चलेंगी, खान,खनिज,संपदा हमारा है, हमारा है। बिरसा मुंडा जिन्दाबाद, सिद्धू- कान्हो जिन्दाबाद, शिबू सोरेन जिन्दाबाद, हेमंत सोरेन जिन्दाबाद के नारे लगाए गये। तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार झारखंड के आदिवासी मूलवासी को आगे बढ़ाते हुए नहीं देखना चाहती है भाजपा की सरकार अमीरों व पूंजी पंक्तियों कि सरकार है झारखंड के खनिज संपदा पर झारखंड वासियों का अधिकार है झारखंड से एक बोरी भी कोयला बाहर नहीं जाने देंगे। केन्द्र सरकार अपना काला क़ानून वापस ले नहीं तो इट्ट से इट्ट बाजा देंगे। खूंटी विधायक राम सूर्या मुंडा ने कहा कि भाजपा सरकार हमलोग को लूटना चाहती है हमारे राज्य के खनिज संपदा को राज्य सरकार के आदेश के बिना लूटने का काम कर रहीं हैं केंद्र सरकार झारखंड की अवुबा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को को बंद करना चाहतीं हैं। हम सभी को एकजुट होकर केन्द्र सरकार के विरुद्ध आन्दोलन करना होगा। सभा को केंद्रीय सदस्य मकसूद अंसारी, जिला प्रवक्ता तौकीर आलम, जिला अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष शेख फिरोज, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष राहुल केशरी, प्रखंड सचिव बिनोद उरांव, किसान मोर्चा जिला सचिव महादेव मुंडा, क्रीड़ा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष उपेंद्र पाहन, विरेन्द्र सिंह, विनोद उरांव, क्षति हेमरोम, पौलूस होरो, मार्शल होरो, राजेश मुंडा, लाल मुंडा, लक्की खान, बिरसा होरो, सोशन होरो, दुर्गा लकड़ा, सतन देवी, रौसलया केरकेट्टा, जोसेफ आईन्द समेत अन्य कार्यकर्ता ने भी खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक के विरोध में सभा बारी-बारी से संबोधित किया। कार्यक्रम में सैकड़ों महिला पुरुष मौजूद रहे।1
- *बसिया में झामुमो का एक दिवसीय धरना: MMDR संशोधन बिल 2026 वापस लेने की मांग, आंदोलन की दी चेतावनी बसिया (गुमला): प्रखंड मुख्यालय में शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा प्रखंड अध्यक्ष सुकरात उरांव की अध्यक्षता में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं और नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्र सरकार से हाल ही में लाए गए 'एमएमडीआर (MMDR) संशोधन बिल 2026' को तत्काल वापस लेने की पुरजोर मांग की। धरना को संबोधित करते हुए प्रखंड अध्यक्ष सुकरात उरांव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा झारखंड में लागू किया गया एमएमडीआर संशोधन बिल राज्य के हित में नहीं है। खनिज संसाधनों से मिलने वाला राजस्व झारखंड के विकास का मुख्य आधार है। यदि केंद्र सरकार इस संशोधन बिल को लागू करती है, तो इससे राज्य के राजस्व पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा और झारखंड का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प हो जाएगा। इस दौरान प्रखंड सचिव जयंत दास में ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार उनकी मांगों को जल्द स्वीकार कर इस बिल को वापस नहीं लेती है, तो पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार आगे और भी जोरदार व चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इस धरना प्रदर्शन में झामुमो के केंद्रीय सदस्य अलीम खान, प्रखंड सचिव जयंत दास, सोनू पाण्डेय, एमलेन कुल्लू सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता व स्थानीय लोग उपस्थित थे।2
- सिसई : खान - खनिज संशोधन कानून के खिलाफ झामुमो का धरना, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन राज्यों के संवैधानिक अधिकार, झारखंड की वित्तीय स्वायतता और आदिवासी - मूलवासी समाज के अधिकारों की उठाई आवाज़ सिसई (गुमला)। केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के विरोध में झामुमो सिसई प्रखंड कमिटी ने शनिवार को प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष कार्यकर्ता पार्टी का झंडा लेकर धरना में शामिल हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरने के दौरान झामुमो नेताओं ने राज्यों के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों, झारखंड की वित्तीय स्वायत्तता तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के जल, जंगल, जमीन और खनिज अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम छह सूत्री ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में संशोधन अधिनियम की धारा 9डी के राज्यों के संवैधानिक अधिकारों पर प्रभाव का गंभीर परीक्षण कराने, खनिज उत्पादक राज्यों से संस्थागत परामर्श सुनिश्चित करने तथा राज्यों के खनिज संसाधनों से जुड़े वित्तीय अधिकारों और विकास आवश्यकताओं के बीच संवैधानिक संतुलन कायम करने की मांग की गई। साथ ही झारखंड के लंबित खनन संबंधी आर्थिक दावों के शीघ्र निपटारे, आदिवासी-मूलवासी समाज, विस्थापित परिवारों एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारों को खनिज नीति में प्राथमिकता देने की मांग रखी गई। ज्ञापन में 25 जुलाई 2024 को सर्वोच्च न्यायालय की नौ सदस्यीय संविधान पीठ द्वारा मिनिरल एरिया डेवलेपमेंट ऑथोरिटी बनाम स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड मामले में राज्यों के खनिज अधिकारों एवं खनिजयुक्त भूमि पर कराधान संबंधी संवैधानिक शक्तियों पर दिए गए निर्णय को अंगीकार करने की मांग भी की गई। मौके पर विधायक प्रतिनिधि सह कुदरा पंचायत मुखिया प्रकाश उरांव, जिप सदस्य सिसई उत्तरी विजयलक्ष्मी कुमारी, प्रखंड अध्यक्ष दुर्गेश तिर्की, शशि साहू, सलमान अली, मकीम अंसारी, उमर फारूक अंसारी, पंसस जाकिर अली, राजा अंसारी, राशिद करीम, दिलीप साहू, विकास महली, सहाबीर उरांव सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।4