सतना रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने रेल यात्रा के दौरान यात्रियों को साइबर ठगी से सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को डिजिटल युग में सुरक्षित रखना और उन्हें साइबर अपराधों से सतर्क रहने की अपील करना था। अभियान के दौरान, जीआरपी के अधिकारियों ने लाउडस्पीकर के माध्यम से यात्रियों को संबोधित करते हुए साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इनमें किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने की सलाह शामिल थी, क्योंकि ऐसे लिंक निजी जानकारी चुरा सकते हैं या फोन को हैक कर सकते हैं। यात्रियों को यह भी बताया गया कि ऑनलाइन शॉपिंग या किसी भी वित्तीय लेनदेन के लिए केवल आधिकारिक और विश्वसनीय वेबसाइटों का ही उपयोग करें। इसके अतिरिक्त, उन्हें फर्जी फिशिंग ईमेल से सावधान रहने और किसी भी लुभावने ऑफर के झांसे में न आने की चेतावनी दी गई। इस जागरूकता अभियान के तहत, जीआरपी के जवानों और उनके सहयोगियों ने हाथों में पोस्टर लेकर भी यात्रियों को जागरूक किया। इस पूरी कवायद का लक्ष्य यात्रियों को साइबर अपराधियों की कार्यप्रणाली से परिचित कराना था, ताकि वे अपनी यात्रा के दौरान या बाद में किसी भी बड़ी आर्थिक हानि से सुरक्षित रह सकें।
सतना रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने रेल यात्रा के दौरान यात्रियों को साइबर ठगी से सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को डिजिटल युग में सुरक्षित रखना और उन्हें साइबर अपराधों से सतर्क रहने की अपील करना था। अभियान के दौरान, जीआरपी के अधिकारियों ने लाउडस्पीकर के माध्यम से यात्रियों को संबोधित करते हुए साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इनमें किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने की सलाह शामिल थी, क्योंकि ऐसे लिंक निजी जानकारी चुरा सकते हैं या फोन को हैक कर सकते हैं। यात्रियों को यह भी बताया गया कि ऑनलाइन शॉपिंग या किसी भी वित्तीय लेनदेन के लिए केवल आधिकारिक और विश्वसनीय वेबसाइटों का ही उपयोग करें। इसके अतिरिक्त, उन्हें फर्जी फिशिंग ईमेल से सावधान रहने और किसी भी लुभावने ऑफर के झांसे में न आने की चेतावनी दी गई। इस जागरूकता अभियान के तहत, जीआरपी के जवानों और उनके सहयोगियों ने हाथों में पोस्टर लेकर भी यात्रियों को जागरूक किया। इस पूरी कवायद का लक्ष्य यात्रियों को साइबर अपराधियों की कार्यप्रणाली से परिचित कराना था, ताकि वे अपनी यात्रा के दौरान या बाद में किसी भी बड़ी आर्थिक हानि से सुरक्षित रह सकें।
- रामनगर नगर पालिका अध्यक्ष दीपा मिश्रा ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले स्थित नागौद राजघराने की परसमनिया गढ़ी में हुई फायरिंग की घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस वारदात में राजपरिवार की बहू योगिता सिंह पर गोली चलाई गई थी। अब इस मामले की आरोपी महिला सुनीता सिंह की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें वह थाने के अंदर कुर्सी पर पैर पर पैर रखकर बैठी दिख रही है और उसके हाथ में कोल्ड ड्रिंक की बोतल है। इस तस्वीर को देखने के बाद ये सवाल उठ रहे हैं कि क्या पुलिस कस्टडी में आरोपी महिला को कोई विशेष या VIP ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले में उचेहरा पुलिस ने एक आरोपी महिला को जेल पहुँचाया है।1
- सतना शहर के पश्चिमी प्रवेश द्वार सोहावल मोड़ पर, सड़क में मौजूद गड्ढों के कारण एक ट्रक पलट गया।1
- आज शुक्रवार, 13 जून 2026 को संध्या काल में, जगत जननी माँ शारदा भवानी जी के मैहर स्थित श्री शारदा शक्तिपीठ में दिव्य दर्शन हुए।2
- मैहर के वार्ड क्रमांक 2 से उदयपुर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क, जो लंबे समय से बदहाल थी, अब लोक निर्माण विभाग (PWD) और एक ठेकेदार के कथित भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। रिपोर्टों के अनुसार, पीडब्ल्यूडी के भ्रष्ट तंत्र और ठेकेदार की अनियंत्रित मुनाफाखोरी ने हजारों नागरिकों के सुरक्षित सफर के सपने को तोड़ दिया है, क्योंकि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ग्राउंड जीरो की रिपोर्टें बताती हैं कि सड़क का निर्माण कार्य केवल औपचारिकता बनकर रह गया है, जिसमें ठेकेदार ने खस्ताहाल रास्ते पर 'फटी चादर' डालने जैसा काम किया है। निर्माण के सभी अनिवार्य तकनीकी मापदंडों और गुणवत्ता मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। सबसे चिंताजनक बात PWD की रहस्यमयी चुप्पी है, जिस पर आरोप है कि विभाग में व्याप्त भारी कमीशनखोरी के कारण कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इस घटिया निर्माण की सुध नहीं ले रहा। जानकारों ने चेतावनी दी है कि यदि इस निम्न गुणवत्ता वाले कार्य को तुरंत नहीं रोका गया, तो यह सड़क पहली बारिश भी नहीं झेल पाएगी, जिससे जनता के टैक्स का करोड़ों रुपया बर्बाद हो जाएगा और लोग फिर से जानलेवा बदहाली पर चलने को मजबूर होंगे। सड़क के इस शर्मनाक निर्माण पर पूर्व पार्षद प्रमोद सिंह ने PWD और ठेकेदार के कथित सिंडिकेट के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने तीखे शब्दों में विभाग को घेरते हुए कहा कि PWD और ठेकेदार की सांठगांठ ने क्षेत्र की जनता को ठगने का काम किया है। उन्होंने इस घटिया निर्माण को भ्रष्ट तंत्र के लिए कमाई का जरिया बताते हुए सालों से नारकीय जीवन जी रही जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा बताया है। प्रमोद सिंह ने जिला प्रशासन और PWD के शीर्ष अधिकारियों को चेतावनी दी है कि इस घटिया निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाई जाए। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच, दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और निर्धारित एस्टीमेट व सही मापदंडों के आधार पर वार्डवासियों को एक मजबूत सड़क मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो PWD कार्यालय का घेराव कर उग्र जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा।3
- पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के अलीपुर इलाके में स्थित एक बहुमंजिला सरकारी प्रशासनिक भवन में भीषण आग लगने से हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में उपयोग की गई लगभग 4,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) जलकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। यह एक बड़ी घटना है, जिसने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना पर राज्य के अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा राज्यमंत्री कौशिक चौधरी ने गहरा संदेह व्यक्त किया है। उनके अनुसार, आग की शुरुआत दूसरी और तीसरी मंजिल पर हुई थी, लेकिन यह सामान्य बात नहीं लगती कि आग बीच की चौथी, पांचवीं और छठी मंजिलों को छोड़कर सीधे सातवीं, आठवीं और नौवीं मंजिलों तक कैसे पहुंच गई। इसी असामान्य पैटर्न के कारण इसमें तोड़फोड़ या किसी गहरी साजिश की आशंका जताई जा रही है। इस गंभीर घटना के संबंध में एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है, और कोलकाता पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।1