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शिक्षा को हर नागरिक का बुनियादी अधिकार बताते हुए छात्रों ने जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में एकजुट होकर शासन और प्रशासन से तीखे सवाल पूछे हैं। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए। जौहर यूनिवर्सिटी विवाद को लेकर छात्रों ने "बेटी पढ़ाओ या यूनिवर्सिटी तोड़ो?" जैसा तीखा सवाल उठाते हुए शासन-प्रशासन की नीयत पर सीधी उंगली उठाई है।
Faheem Khan
शिक्षा को हर नागरिक का बुनियादी अधिकार बताते हुए छात्रों ने जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में एकजुट होकर शासन और प्रशासन से तीखे सवाल पूछे हैं। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए। जौहर यूनिवर्सिटी विवाद को लेकर छात्रों ने "बेटी पढ़ाओ या यूनिवर्सिटी तोड़ो?" जैसा तीखा सवाल उठाते हुए शासन-प्रशासन की नीयत पर सीधी उंगली उठाई है।
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- शिक्षा को हर नागरिक का बुनियादी अधिकार बताते हुए छात्रों ने जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में एकजुट होकर शासन और प्रशासन से तीखे सवाल पूछे हैं। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए। जौहर यूनिवर्सिटी विवाद को लेकर छात्रों ने "बेटी पढ़ाओ या यूनिवर्सिटी तोड़ो?" जैसा तीखा सवाल उठाते हुए शासन-प्रशासन की नीयत पर सीधी उंगली उठाई है।1
- भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर किसानों की चिंताएँ लगातार बढ़ रही हैं। किसानों का कहना है कि यदि कृषि आयात पर शुल्क कम किया गया तो अमेरिकी सब्सिडी वाले कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे। इससे देश के छोटे और मध्यम किसानों की आजीविका पर बेहद गंभीर असर पड़ सकता है। इस मामले में किसान संगठनों की मुख्य मांग है कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करे। इसके साथ ही, किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते से पहले भारतीय किसानों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट और पारदर्शी प्रावधान बनाए जाने की मांग की गई है।1
- समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की जोहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में सपा के 10 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने पहले जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और ध्वस्तीकरण का आदेश वापस लेने की मांग की। इसके बाद सांसदों ने जोहर यूनिवर्सिटी पहुंचकर पिछले आठ दिनों से धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं से भी मुलाकात की। विरोध दर्ज कराते हुए सपा सांसद इकरा हसन ने कहा कि जोहर यूनिवर्सिटी को किसी भी कीमत पर गिरने नहीं दिया जाएगा और जरूरत पड़ी तो एक-एक ईंट की जगह वे अपना सिर लगा देंगे। सांसद रुचि वीरा ने इसे शिक्षा का मंदिर बताते हुए चेतावनी दी कि मांग न मानने पर वे उच्च अधिकारियों और अदालत का रुख करेंगे। संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने आदेश वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इस मुद्दे को संसद में भी उठाया जाएगा, जबकि मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक और राज्यसभा सांसद जावेद अली खान ने सरकार पर शिक्षा विरोधी होने का आरोप लगाया। प्रतिनिधिमंडल दोपहर करीब 3:30 बजे डीएम कार्यालय पहुंचा। इस दौरान जिला कलेक्ट्रेट से लेकर यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे, जिसमें तीन थानों की पुलिस, सीओ, वज्र वाहन और फायर ब्रिगेड की टीमें तैनात रहीं। इस प्रतिनिधिमंडल में रामपुर जिलाध्यक्ष अजय सागर, सांसद जावेद अली खान, इकरा हसन, मोहितुल्लाह नदवी, नीरज मौर्य, जियाउर्रहमान बर्क, रामजीलाल सुमन, राजीव राय, वीरेंद्र सिंह मलिक और रामशिरोमणि वर्मा शामिल रहे, हालांकि सूची में नाम होने के बावजूद सांसद मोहिबुल्लाह नदवी मौके पर दिखाई नहीं दिए।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ करीब डेढ़ साल पहले मृत मानकर जिस व्यक्ति का अंतिम संस्कार कर दिया गया था, वह अचानक जिंदा वापस लौट आया है। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के कमल सिंह नाम के इस शख्स के अचानक सामने आने से जहाँ परिजनों में खुशी और हैरानी का माहौल है, वहीं पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। दरअसल, डेढ़ साल पहले पारिवारिक विवाद के कारण कमल सिंह घर छोड़कर चले गए थे। इसी दौरान हाईवे किनारे मिले एक अज्ञात शव को पुलिस और परिजनों ने कमल सिंह मानकर नियमानुसार अंतिम संस्कार कर दिया था। इस रहस्य से पर्दा तब उठा जब कमल सिंह की पत्नी सुनीता से पूछताछ के दौरान आए एक फोन कॉल से उनके इटावा में होने की जानकारी मिली। देर शाम गाँव पहुँचे कमल सिंह ने बताया कि वे पानीपत, इटावा और ग्वालियर में मजदूरी कर रहे थे, लेकिन एक सड़क हादसे में पैर टूटने और अपाहिज होने के कारण परिजनों से संपर्क नहीं कर सके थे। कमल सिंह के जिंदा लौटने के बाद अब औरैया पुलिस की शिनाख्त प्रक्रिया पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर डेढ़ साल पहले जिस अज्ञात शव का अंतिम संस्कार किया गया था, वह किसका था। क्या पुलिस ने शिनाख्त की कार्रवाई में लापरवाही बरती थी? इस मामले के बाद अब पुलिस महकमा फाइल दोबारा खोलकर मामले की जांच में जुट गया है।2
- अलीगढ़ जिले के टप्पल थाना क्षेत्र अंतर्गत जट्टारी स्थित नई बस्ती, रावण टीला में एक सरसों एक्सपेलर की दुकान से लाखों रुपये मूल्य की सरसों और सरसों का तेल चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित दुकान संचालक ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर छह लोगों को नामजद करते हुए टप्पल थाने में तहरीर दी है, जिसमें आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी किया गया माल बरामद करने की मांग की गई है। नागल खुर्द निवासी पीड़ित अर्जुन सिंह के अनुसार, 24 और 25 जुलाई की मध्य रात्रि करीब 1:30 बजे चोरों ने उनकी दुकान का ताला और शटर तोड़कर 30 कट्टे सरसों तथा छह टिन सरसों का तेल चोरी कर लिया। 25 जुलाई की सुबह करीब 8:15 बजे दुकान खोलने पर चोरी की जानकारी हुई, जिसके बाद तुरंत डायल-112 पर सूचना दी गई। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर तीन लोग सामान ले जाते दिखे, जिनमें से एक की पहचान लोकेश के रूप में हुई। लोकेश ने पूछताछ में अपने साथियों दीपक और कन्हैया के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने और माल राजकुमार को सौंपने की बात कही। तहरीर में आगे बताया गया है कि पुलिस की मौजूदगी में राजकुमार के फार्म हाउस पर पहुंचने पर उसने चोरी का सामान परवेज की अर्टिगा कार से चालक सोनी के जरिए दूसरी जगह ठिकाने लगाने की बात स्वीकार की। पीड़ित का दावा है कि सभी आरोपी संगठित गिरोह चलाकर चोरी करते हैं और उनके खिलाफ सीसीटीवी व वीडियो साक्ष्य सुरक्षित हैं। वहीं, इस मामले में फिलहाल पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस का कहना है कि मिली तहरीर और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच जारी है।1
- सर सैयद अहमद खान ने शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा, बल्कि चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और अनुशासन को सबसे अधिक महत्व दिया। उनका मानना था कि असली शिक्षा वही है जो व्यक्ति के आचरण और नैतिकता में सुधार लाए। अपने इस विज़न को साकार करने के लिए उन्होंने एक आवासीय शिक्षा प्रणाली (Residential System) विकसित की। इस व्यवस्था के अंतर्गत छात्र ड्रेस कोड, सामूहिक नमाज़, सामूहिक भोजन, खेल, वाद-विवाद और छात्र संघ जैसी गतिविधियों में भाग लेकर अपने व्यक्तित्व का समग्र विकास करते थे। इसी मॉडल से 'अलीगढ़ संस्कृति' (Aligarh Culture) की नींव पड़ी, जिसने समाज में सामाजिक समानता, सभ्यता, शिष्टाचार और नैतिकता को बढ़ावा दिया। इस व्यवस्था ने ऐसे नागरिक तैयार किए जिनकी पहचान दुनिया भर में उनके उत्कृष्ट व्यवहार और उच्च चरित्र के कारण बनी।1
- गाजियाबाद में भाजपा के नेता छात्रों को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दिए हैं। सामने आई इस घटना में भाजपा नेता द्वारा स्टूडेंटों के साथ मारपीट करते और उन पर थप्पड़ चलाते देखा गया है।1