आरोपी को छोड़ने का आरोप, पुलिस पर युवक और परिजनों से मारपीट का गंभीर आरोप कौशांबी। चरवा थाना क्षेत्र के चरवा गांव निवासी सचिन पुत्र राम भवन ने पुलिस अधीक्षक कौशांबी को लिखित तहरीर देकर थाना चरवा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सचिन का आरोप है कि 07 अगस्त 2026 को वह अपने घर पर मौजूद था, तभी थाना चरवा में तैनात सिपाही अंकित कुमार पाण्डेय, अपसर खान, गंगा सागर समेत करीब 10-11 लोग, जिनमें कुछ सादे कपड़ों में भी थे, उसके घर पहुंचे। पीड़ित के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने बिना कोई स्पष्ट कारण बताए उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि पत्नी नीता देवी ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो उसके साथ भी मारपीट और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप है। पीड़ित का कहना है कि उसे मारते-पीटते हुए घर से बाहर तक घसीटकर लाया गया। सचिन के अनुसार, पुलिसकर्मी उसके पिता रामभवन पुत्र रामजस की दुकान के पास भी पहुंचे और उनके साथ भी मारपीट की। इस दौरान मोहल्ले के लोगों ने विरोध किया और घटना का वीडियो भी बनाया। पीड़ित का दावा है कि कथित मारपीट में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि ग्रामीणों के विरोध और भीड़ बढ़ने पर पुलिसकर्मी वाहनों से वापस थाने चले गए। इसके बाद परिजन और ग्रामीण घायल सचिन को अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे। पीड़ित का कहना है कि बाद में दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। हालांकि, उसके अनुसार बाद में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने किसी के साथ अभद्रता नहीं की और घायल की मदद भी की। पीड़ित ने पूरे मामले की जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पुलिस अधीक्षक कौशांबी से की है। उसका दावा है कि घटना से संबंधित वीडियो भी उसके पास मौजूद हैं। पुलिस का पक्ष वहीं, घटना के संबंध में चरवा थाना प्रभारी से फोन पर जानकारी ली गई। थाना पुलिस ने महिलाओं के साथ मारपीट किए जाने के आरोप से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि मौके पर पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की गई थी। मामले में पीड़ित की तहरीर, उपलब्ध वीडियो और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। आरोपी को छोड़ने का आरोप, पुलिस पर युवक और परिजनों से मारपीट का गंभीर आरोप कौशांबी। चरवा थाना क्षेत्र के चरवा गांव निवासी सचिन पुत्र राम भवन ने पुलिस अधीक्षक कौशांबी को लिखित तहरीर देकर थाना चरवा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सचिन का आरोप है कि 07 अगस्त 2026 को वह अपने घर पर मौजूद था, तभी थाना चरवा में तैनात सिपाही अंकित कुमार पाण्डेय, अपसर खान, गंगा सागर समेत करीब 10-11 लोग, जिनमें कुछ सादे कपड़ों में भी थे, उसके घर पहुंचे। पीड़ित के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने बिना कोई स्पष्ट कारण बताए उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि पत्नी नीता देवी ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो उसके साथ भी मारपीट और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप है। पीड़ित का कहना है कि उसे मारते-पीटते हुए घर से बाहर तक घसीटकर लाया गया। सचिन के अनुसार, पुलिसकर्मी उसके पिता रामभवन पुत्र रामजस की दुकान के पास भी पहुंचे और उनके साथ भी मारपीट की। इस दौरान मोहल्ले के लोगों ने विरोध किया और घटना का वीडियो भी बनाया। पीड़ित का दावा है कि कथित मारपीट में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि ग्रामीणों के विरोध और भीड़ बढ़ने पर पुलिसकर्मी वाहनों से वापस थाने चले गए। इसके बाद परिजन और ग्रामीण घायल सचिन को अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे। पीड़ित का कहना है कि बाद में दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। हालांकि, उसके अनुसार बाद में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने किसी के साथ अभद्रता नहीं की और घायल की मदद भी की। पीड़ित ने पूरे मामले की जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पुलिस अधीक्षक कौशांबी से की है। उसका दावा है कि घटना से संबंधित वीडियो भी उसके पास मौजूद हैं। पुलिस का पक्ष वहीं, घटना के संबंध में चरवा थाना प्रभारी से फोन पर जानकारी ली गई। थाना पुलिस ने महिलाओं के साथ मारपीट किए जाने के आरोप से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि मौके पर पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की गई थी। मामले में पीड़ित की तहरीर, उपलब्ध वीडियो और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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