बरेली के भमोरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह बरेली-बदायूं रोड पर निर्माणाधीन हाईवे और तेज रफ्तार के खतरनाक मेल के कारण एक दर्दनाक हादसा हो गया। गांव खुली और जारत के पास एक अनियंत्रित डीसीएम ने दो बाइक और एक बर्फ के ठेले को रौंद दिया, जिसके बाद वह सड़क किनारे बनी लगभग 15 फीट गहरी खाई में पलट गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो मासूम बच्चों सहित कुल तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई। मृतक की पहचान गांव खुली निवासी नरेंद्र कुमार मौर्य उर्फ नारद (48) पुत्र चुन्नीलाल के रूप में हुई है, जो गल्ला आढ़त का काम करते थे और शुक्रवार सुबह बाइक से बिनावर थाना क्षेत्र में मक्का खरीदने जा रहे थे। तेज रफ्तार डीसीएम ने उनकी बाइक को टक्कर मारी और अनियंत्रित होकर अन्य वाहनों को चपेट में लेते हुए खाई में गिर गई, जिससे नारद की मौके पर ही मृत्यु हो गई। नारद अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे थे और उनके परिवार में पत्नी हंसा देवी, दो बेटे और एक बेटी हैं। इस दुर्घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और परिवार पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसी दुर्घटना में गांव यूसुफपुर निवासी इंतजार अपने 10 वर्षीय बेटे बिलाल के साथ मोटरसाइकिल से बदायूं लौट रहे थे, वे एक दिन पहले खेती-बाड़ी देखने गांव आए थे। हादसे में दोनों पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, गांव सिरोही निवासी सोनू उर्फ प्रियांशु (10) पुत्र मनोज कुमार, जो बर्फ का ठेला लगाकर परिवार की मदद करता था, भी डीसीएम की चपेट में आ गया। परिजनों के अनुसार उसके एक हाथ और एक पैर में गंभीर चोटें आई हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अपने बच्चे के इलाज को लेकर चिंतित है। सूचना मिलने पर भमोरा पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से डीसीएम के नीचे फंसे घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया है, जबकि डीसीएम का चालक और परिचालक मौके से फरार हो गए। एसएचओ भमोरा पवन कुमार सिंह ने बताया कि सभी वाहनों को कब्जे में ले लिया गया है और दो मासूमों सहित घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। मृतक नारद के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, और मृतक के बड़े भाई हरीश की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने इस दुर्घटना के लिए निर्माणाधीन बरेली-मथुरा हाईवे की अव्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि कई स्थानों पर सड़क को बिना पर्याप्त संकेतों के वनवे किया गया है। जिस कट पर यह हादसा हुआ, वहां मोड़ अत्यधिक तीव्र होने के कारण तेज रफ्तार वाहन अक्सर अनियंत्रित हो जाते हैं। ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से तत्काल सुरक्षा इंतजाम और सुधार की मांग की है।
बरेली के भमोरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह बरेली-बदायूं रोड पर निर्माणाधीन हाईवे और तेज रफ्तार के खतरनाक मेल के कारण एक दर्दनाक हादसा हो गया। गांव खुली और जारत के पास एक अनियंत्रित डीसीएम ने दो बाइक और एक बर्फ के ठेले को रौंद दिया, जिसके बाद वह सड़क किनारे बनी लगभग 15 फीट गहरी खाई में पलट गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो मासूम बच्चों सहित कुल तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई। मृतक की पहचान गांव खुली निवासी नरेंद्र कुमार मौर्य उर्फ नारद (48) पुत्र चुन्नीलाल के रूप में हुई है, जो गल्ला आढ़त का काम करते थे और शुक्रवार सुबह बाइक से बिनावर थाना क्षेत्र में मक्का खरीदने जा रहे थे। तेज रफ्तार डीसीएम ने उनकी बाइक को टक्कर मारी और अनियंत्रित होकर अन्य वाहनों को चपेट में लेते हुए खाई में गिर गई, जिससे नारद की मौके पर ही मृत्यु हो गई। नारद अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे थे और उनके परिवार में पत्नी हंसा देवी, दो बेटे और एक बेटी हैं। इस दुर्घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और परिवार पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसी दुर्घटना में गांव यूसुफपुर निवासी इंतजार अपने 10 वर्षीय बेटे बिलाल के साथ मोटरसाइकिल से बदायूं लौट रहे थे, वे एक दिन पहले खेती-बाड़ी देखने गांव आए थे। हादसे में दोनों पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, गांव सिरोही निवासी सोनू उर्फ प्रियांशु (10) पुत्र मनोज कुमार, जो बर्फ का ठेला लगाकर परिवार की मदद करता था, भी डीसीएम की चपेट में आ गया। परिजनों के अनुसार उसके एक हाथ और एक पैर में गंभीर चोटें आई हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अपने बच्चे के इलाज को लेकर चिंतित है। सूचना मिलने पर भमोरा पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से डीसीएम के नीचे फंसे घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया है, जबकि डीसीएम का चालक और परिचालक मौके से फरार हो गए। एसएचओ भमोरा पवन कुमार सिंह ने बताया कि सभी वाहनों को कब्जे में ले लिया गया है और दो मासूमों सहित घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। मृतक नारद के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, और मृतक के बड़े भाई हरीश की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने इस दुर्घटना के लिए निर्माणाधीन बरेली-मथुरा हाईवे की अव्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि कई स्थानों पर सड़क को बिना पर्याप्त संकेतों के वनवे किया गया है। जिस कट पर यह हादसा हुआ, वहां मोड़ अत्यधिक तीव्र होने के कारण तेज रफ्तार वाहन अक्सर अनियंत्रित हो जाते हैं। ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से तत्काल सुरक्षा इंतजाम और सुधार की मांग की है।
- बरेली में इज्जतनगर पुलिस के साथ हुई एक मुठभेड़ के दौरान ₹25,000 का इनामी और जेल से फरार एक सिद्धदोष बंदी घायल हो गया। पुलिस कार्रवाई के बाद इज्जतनगर पुलिस ने इस अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है।1
- आज बदायूं के उझानी स्थित पटपरागंज गांव के ग्रामीणों ने नगर पालिका परिषद के कूड़ा वाहनों को पटपरागंज डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने से रोक दिया। ग्राम प्रधान पति मनोज कुमार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने नगर पालिका परिषद के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नगर पालिका के वाहन पुलिस बल के साथ कूड़ा डालने पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों को इसकी जानकारी पहले ही मिल चुकी थी। गांव में प्रवेश करते ही ग्रामीणों ने कूड़ा वाहनों को डंपिंग ग्राउंड से पहले ही रोक लिया। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों से कूड़ा डालने का अनुरोध किया, परंतु ग्रामीणों ने इसे अस्वीकार कर दिया और वाहनों को उझानी वापस भेज दिया। प्रधान पति मनोज कुमार ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को नगर पालिका परिषद के डंपिंग ग्राउंड के संबंध में नगर पालिका परिषद के विरुद्ध एक तहरीर दी थी। उन्होंने अधिशासी अधिकारी से मुलाकात कर डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने का विरोध भी जताया था। इस विरोध प्रदर्शन में प्रधान पति के साथ नरेंद्र यादव, ओमेंद्र यादव, अवनीश राजीव, जयपाल, प्रदीप, नेमसिंह, मास्टर होशियार सिंह, नीलेश, श्रीकृष्ण, राजेश, सचिन, विश्राम सिंह, सुभाष समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने गए वाहनों को बैरंग लौटा दिया।1
- बरेली के सिरौली थाना पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 27 जून 2026 को एक तस्कर को 28 किलो 802 ग्राम अवैध डोडा पोस्त के साथ गिरफ्तार किया है। हालांकि, पुलिस को देखकर एक अन्य आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है। यह गिरफ्तारी सुबह 06:45 बजे उ0नि0 मनोज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा क्षेत्र में गश्त के दौरान हुई। ग्राम रुखाड़ा मोड़ के पास मुखबिर की सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति सफेद बोरों में अवैध डोडा पोस्त लेकर मुगलपुर प्रथम की ओर आ रहे हैं, जिसके बाद पुलिस ने भजनई से मुगलपुर जाने वाले मार्ग पर घेराबंदी की। घेराबंदी के दौरान पुलिस को देखकर एक व्यक्ति फरार हो गया, जबकि दूसरे आरोपी यादराम पुत्र बुद्धसेन, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम मुगलपुर प्रथम, थाना सिरौली को मौके पर ही दबोच लिया गया। पकड़े गए यादराम ने फरार आरोपी की पहचान अपने भाई सुरेश पुत्र बुद्धसेन के रूप में कराई। पुलिस ने आरोपी यादराम के कब्जे से 02 बोरों में भरा कुल 28 किलो 802 ग्राम अवैध डोडा पोस्त बरामद किया। पूछताछ में यादराम ने बताया कि वह अपने भाई सुरेश के साथ अधिक लाभ कमाने के उद्देश्य से डोडा पोस्त बेचने जा रहा था। इस कार्रवाई में उ0नि0 मनोज कुमार और उ0नि0 वीरेश भारद्वाज सहित पुलिस टीम शामिल थी। बरामदगी के आधार पर, आरोपी यादराम के विरुद्ध थाना सिरौली में मु0अ0सं0 211/26, धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है, और फरार सुरेश की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि नशे के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- दातागंज कस्बे में स्थित चिरंजीलाल धर्मपाल इंटर कॉलेज पहुँचने पर शंकराचार्य ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा।1
- बदायूं जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ मामूली कहासुनी ने बड़े बवाल का रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, दो पक्षों के बीच हुए छोटे से विवाद के बाद दोनों आमने-सामने आ गए और जमकर ईंट-पत्थर चलने लगे, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और मोर्चा संभालते हुए स्थिति को नियंत्रण में किया। पुलिस ने दोनों पक्षों से कुल 9 लोगों को गिरफ्तार कर थाने भेज दिया है। इस पूरे मामले में पुलिस आगे की जाँच में जुट गई है।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं में मासूम के साथ कथित दरिंदगी की एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। यहां एक 4 साल की बच्ची को ताजिया जुलूस के दौरान अगवा कर लिया गया था, जो लगभग 12 घंटे बाद एक खेत में घायल अवस्था में मिली। इस गंभीर मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए अपहरण, दुष्कर्म (Rape) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। इस घटना के बाद से गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है।1
- जनपद बदायूं के इस्लामनगर थाना क्षेत्र में एक टेम्पो और बाइक की टक्कर के बाद दो पक्ष आमने-सामने आ गए। यह मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। इस पथराव में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसने हालात पर काबू पाते हुए 10 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की तैयारी में जुटी है। फिलहाल, इस्लामनगर क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का पूरा सहयोग करें।1