आज बदायूं के उझानी स्थित पटपरागंज गांव के ग्रामीणों ने नगर पालिका परिषद के कूड़ा वाहनों को पटपरागंज डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने से रोक दिया। ग्राम प्रधान पति मनोज कुमार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने नगर पालिका परिषद के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नगर पालिका के वाहन पुलिस बल के साथ कूड़ा डालने पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों को इसकी जानकारी पहले ही मिल चुकी थी। गांव में प्रवेश करते ही ग्रामीणों ने कूड़ा वाहनों को डंपिंग ग्राउंड से पहले ही रोक लिया। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों से कूड़ा डालने का अनुरोध किया, परंतु ग्रामीणों ने इसे अस्वीकार कर दिया और वाहनों को उझानी वापस भेज दिया। प्रधान पति मनोज कुमार ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को नगर पालिका परिषद के डंपिंग ग्राउंड के संबंध में नगर पालिका परिषद के विरुद्ध एक तहरीर दी थी। उन्होंने अधिशासी अधिकारी से मुलाकात कर डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने का विरोध भी जताया था। इस विरोध प्रदर्शन में प्रधान पति के साथ नरेंद्र यादव, ओमेंद्र यादव, अवनीश राजीव, जयपाल, प्रदीप, नेमसिंह, मास्टर होशियार सिंह, नीलेश, श्रीकृष्ण, राजेश, सचिन, विश्राम सिंह, सुभाष समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने गए वाहनों को बैरंग लौटा दिया।
आज बदायूं के उझानी स्थित पटपरागंज गांव के ग्रामीणों ने नगर पालिका परिषद के कूड़ा वाहनों को पटपरागंज डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने से रोक दिया। ग्राम प्रधान पति मनोज कुमार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने नगर पालिका परिषद के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नगर पालिका के वाहन पुलिस बल के साथ कूड़ा डालने पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों को इसकी जानकारी पहले ही मिल चुकी थी। गांव में प्रवेश करते ही ग्रामीणों ने कूड़ा वाहनों को डंपिंग ग्राउंड से पहले ही रोक लिया। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों से कूड़ा डालने का अनुरोध किया, परंतु ग्रामीणों ने इसे अस्वीकार कर दिया और वाहनों को उझानी वापस भेज दिया। प्रधान पति मनोज कुमार ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को नगर पालिका परिषद के डंपिंग ग्राउंड के संबंध में नगर पालिका परिषद के विरुद्ध एक तहरीर दी थी। उन्होंने अधिशासी अधिकारी से मुलाकात कर डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने का विरोध भी जताया था। इस विरोध प्रदर्शन में प्रधान पति के साथ नरेंद्र यादव, ओमेंद्र यादव, अवनीश राजीव, जयपाल, प्रदीप, नेमसिंह, मास्टर होशियार सिंह, नीलेश, श्रीकृष्ण, राजेश, सचिन, विश्राम सिंह, सुभाष समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने गए वाहनों को बैरंग लौटा दिया।
- दातागंज कस्बे में स्थित चिरंजीलाल धर्मपाल इंटर कॉलेज पहुँचने पर शंकराचार्य ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं में मासूम के साथ कथित दरिंदगी की एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। यहां एक 4 साल की बच्ची को ताजिया जुलूस के दौरान अगवा कर लिया गया था, जो लगभग 12 घंटे बाद एक खेत में घायल अवस्था में मिली। इस गंभीर मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए अपहरण, दुष्कर्म (Rape) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। इस घटना के बाद से गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है।1
- आगरा से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पार्षद किशन नायक अपना जन्मदिन एक नाले में खड़े होकर मनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बारिश का मौसम निकट है और क्षेत्र में नालों की सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पार्षद किशन नायक का कहना है कि उन्होंने नालों की सफाई के लिए कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उनके इस अनूठे विरोध प्रदर्शन वाले वीडियो ने सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है, जहां लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि अगर एक जनप्रतिनिधि को अपनी समस्या उजागर करने के लिए खुद नाले में उतरना पड़ रहा है, तो आम जनता की परेशानियों का स्तर कितना अधिक होगा। यह घटना जनसमस्याओं के प्रति नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल खड़ा करती है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि अभी नहीं की जा सकी है। इस पूरे मामले पर संबंधित विभाग और अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- दातागंज विधान सभा क्षेत्र के चिरौंजी लाल धर्मपाल कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित गौ रक्षा जनजागरण यात्रा के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ संरक्षण, हिंदुत्व की राजनीति और राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर कई तीखे बयान दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी यात्रा का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि गौ माता के संरक्षण के लिए जन जागरूकता फैलाना है। हालांकि, उनके संबोधन और पत्रकारों से बातचीत ने भाजपा की नीतियों और राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने लोगों से आगामी चुनाव में गौ माता की रक्षा को एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल हिंदुत्व की बातें करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि गौ माता के संरक्षण और सम्मान के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने सरकार से गौ माता को 'राज्यमाता' घोषित करने की मांग करते हुए भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि सनातन परंपरा व वेद-शास्त्रों की मूल भावना के अनुरूप कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि जब तक गौ संरक्षण पर कोई स्पष्ट नीति सामने न आए, तब तक अपने वोट का सोच-समझकर इस्तेमाल करें। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के गठन से लेकर उसके संचालन तक में पारदर्शिता के अभाव पर भी सवाल उठाए। शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि परंपरागत साधु-संतों और आचार्यों की अपेक्षा राजनीतिक लोगों को अधिक महत्व दिया गया। उन्होंने चंदे के उपयोग में किसी भी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की। शंकराचार्य ने काशी में मंदिरों के ध्वस्तीकरण का मुद्दा उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए और धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए समान दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम का आयोजन सपा के जिला कोषाध्यक्ष रचित गुप्ता एवं उनके पिता, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य राजीव गुप्ता ने किया, जिन्होंने शंकराचार्य का स्वागत-सम्मान किया। पूजा-अर्चना के बाद कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें पूर्व विधायक प्रेमपाल सिंह यादव, पूर्व ब्लाक सतीश यादव, अवनीश यादव, महिला प्रदेश सचिव सुनीता पाल, अशोक यादव, वालेश यादव, सर्वेस यादव, अजय पाल, पप्पू गुप्ता, रक्षित गुप्ता, अंगद गुप्ता, अंकित गुप्ता, रक्षपाल, ग्रीश पाल यादव और जापानी गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।4
- त्रिण्दडी देव सेवा आश्रम, बल्लिया में वर्षों से चल रहे लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के अंतर्गत शनिवार को भगवान लक्ष्मी नारायण की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव से पहले एक भव्य नगर भ्रमण शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा आश्रम से शुरू होकर कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आश्रम के संस्थापक वैकुंठ वासी स्वामी राजेन्द्राचार्य महाराज का यह वर्षों पुराना संकल्प था कि बल्लिया कस्बे में वैष्णव धर्म के प्रचार-प्रसार हेतु भगवान लक्ष्मी नारायण का भव्य मंदिर स्थापित किया जाए। श्रद्धालुओं के सहयोग और अथक प्रयासों से अब यह संकल्प साकार होने जा रहा है। यह पूरा कार्यक्रम आश्रम के उत्तराधिकारी जगद्गुरु स्वामी गोविंदाचार्य महाराज के सान्निध्य और तत्वावधान में आयोजित किया गया है। नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और जयघोष करते हुए भगवान की शोभायात्रा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस महायज्ञ के यजमानों में प्रमोद पाठक, अवनीश शर्मा, अमित दीक्षित, रामपाल जायसवाल, रामनिवास वर्मा, कुलदीप गुप्ता और सुनील यादव शामिल हैं। यज्ञाचार्य के रूप में काशी से पधारे पंडित मधुरंजन तिवारी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराएंगे, उनके साथ अन्य विद्वान आचार्य भी उपस्थित हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए यज्ञ समिति के सभी सदस्य, आश्रम के सेवादार संजू शर्मा, राजाराम शर्मा, ठाकुर नत्थू सिंह, भूरे यादव, पं. सुदीप शर्मा सहित कई अन्य श्रद्धालु भी सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। आश्रम के पुजारी दामोदर दास (दुर्गपाल) ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस धार्मिक आयोजन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।4
- बदायूं से सांसद आदित्य यादव ने राम मंदिर चोरी के एक मामले पर विस्तार से जानकारी साझा करते हुए मांग की है कि जिसने भी इस घटना को अंजाम दिया है, उसे कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में जो भी लोग दोषी पाए जाएं, उन्हें ऐसी कड़ी सजा दी जाए जिससे भविष्य में ऐसी कोई गलती न हो और आगे भी ऐसा कोई मामला सामने न आए। सांसद यादव ने इस घटना को राम भक्तों के लिए एक गलत संदेश करार दिया। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब प्रभु श्रीराम के दरबार में ही ऐसी चोरी होगी, तो आम जनता सोचेगी कि अब तो राम भक्त भी मंदिरों में चोरी करते हैं, और यह कैसा हिंदू धर्म है जो सनातन को बदनाम करने में लगा है। इसलिए, सांसद आदित्य यादव ने ऐसे लोगों पर 'कड़ी से कड़ी' कार्रवाई की मांग की है।1
- आज बदायूं के उझानी स्थित पटपरागंज गांव के ग्रामीणों ने नगर पालिका परिषद के कूड़ा वाहनों को पटपरागंज डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने से रोक दिया। ग्राम प्रधान पति मनोज कुमार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने नगर पालिका परिषद के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नगर पालिका के वाहन पुलिस बल के साथ कूड़ा डालने पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों को इसकी जानकारी पहले ही मिल चुकी थी। गांव में प्रवेश करते ही ग्रामीणों ने कूड़ा वाहनों को डंपिंग ग्राउंड से पहले ही रोक लिया। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों से कूड़ा डालने का अनुरोध किया, परंतु ग्रामीणों ने इसे अस्वीकार कर दिया और वाहनों को उझानी वापस भेज दिया। प्रधान पति मनोज कुमार ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को नगर पालिका परिषद के डंपिंग ग्राउंड के संबंध में नगर पालिका परिषद के विरुद्ध एक तहरीर दी थी। उन्होंने अधिशासी अधिकारी से मुलाकात कर डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने का विरोध भी जताया था। इस विरोध प्रदर्शन में प्रधान पति के साथ नरेंद्र यादव, ओमेंद्र यादव, अवनीश राजीव, जयपाल, प्रदीप, नेमसिंह, मास्टर होशियार सिंह, नीलेश, श्रीकृष्ण, राजेश, सचिन, विश्राम सिंह, सुभाष समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने गए वाहनों को बैरंग लौटा दिया।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के इस्लामनगर कस्बे में एक बाइक और टेम्पो के बीच टक्कर के बाद भीषण हिंसा भड़क उठी, जिससे पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल छा गया। इस टक्कर के बाद दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर खूनी बवाल शुरू हो गया, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर पथराव किया। इस हिंसक झड़प में कई लोग घायल हुए हैं। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 10 लोगों को हिरासत में लिया है। कस्बे में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन लगातार हालात पर कड़ी निगरानी रख रहा है। इस पूरे मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई जारी है।1
- बरेली के भमोरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह बरेली-बदायूं रोड पर निर्माणाधीन हाईवे और तेज रफ्तार के खतरनाक मेल के कारण एक दर्दनाक हादसा हो गया। गांव खुली और जारत के पास एक अनियंत्रित डीसीएम ने दो बाइक और एक बर्फ के ठेले को रौंद दिया, जिसके बाद वह सड़क किनारे बनी लगभग 15 फीट गहरी खाई में पलट गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो मासूम बच्चों सहित कुल तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई। मृतक की पहचान गांव खुली निवासी नरेंद्र कुमार मौर्य उर्फ नारद (48) पुत्र चुन्नीलाल के रूप में हुई है, जो गल्ला आढ़त का काम करते थे और शुक्रवार सुबह बाइक से बिनावर थाना क्षेत्र में मक्का खरीदने जा रहे थे। तेज रफ्तार डीसीएम ने उनकी बाइक को टक्कर मारी और अनियंत्रित होकर अन्य वाहनों को चपेट में लेते हुए खाई में गिर गई, जिससे नारद की मौके पर ही मृत्यु हो गई। नारद अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे थे और उनके परिवार में पत्नी हंसा देवी, दो बेटे और एक बेटी हैं। इस दुर्घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और परिवार पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसी दुर्घटना में गांव यूसुफपुर निवासी इंतजार अपने 10 वर्षीय बेटे बिलाल के साथ मोटरसाइकिल से बदायूं लौट रहे थे, वे एक दिन पहले खेती-बाड़ी देखने गांव आए थे। हादसे में दोनों पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, गांव सिरोही निवासी सोनू उर्फ प्रियांशु (10) पुत्र मनोज कुमार, जो बर्फ का ठेला लगाकर परिवार की मदद करता था, भी डीसीएम की चपेट में आ गया। परिजनों के अनुसार उसके एक हाथ और एक पैर में गंभीर चोटें आई हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अपने बच्चे के इलाज को लेकर चिंतित है। सूचना मिलने पर भमोरा पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से डीसीएम के नीचे फंसे घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया है, जबकि डीसीएम का चालक और परिचालक मौके से फरार हो गए। एसएचओ भमोरा पवन कुमार सिंह ने बताया कि सभी वाहनों को कब्जे में ले लिया गया है और दो मासूमों सहित घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। मृतक नारद के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, और मृतक के बड़े भाई हरीश की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने इस दुर्घटना के लिए निर्माणाधीन बरेली-मथुरा हाईवे की अव्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि कई स्थानों पर सड़क को बिना पर्याप्त संकेतों के वनवे किया गया है। जिस कट पर यह हादसा हुआ, वहां मोड़ अत्यधिक तीव्र होने के कारण तेज रफ्तार वाहन अक्सर अनियंत्रित हो जाते हैं। ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से तत्काल सुरक्षा इंतजाम और सुधार की मांग की है।1