राजगढ़ जिले में महिलाओं और नाबालिग बालिकाओं से संबंधित अपराधों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक श्री अमित तोलानी ने सभी थाना प्रभारियों को विशेष निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में राजगढ़ पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है, जिसमें 12 वर्षीय नाबालिग बालिका का बाल विवाह, दैहिक शोषण, प्रताड़ना और उसकी खरीद-फरोख्त की गई थी। पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए 6 नामजद आरोपियों में से 5 को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। शिकायत के अनुसार, पीड़िता के पिता की जनवरी 2025 में अत्यधिक शराब के सेवन से मृत्यु हो गई थी। पिता की मौत के बाद, पीड़िता की मां का दूसरा विवाह गुना निवासी पवन उर्फ परमाल गुर्जर से करा दिया गया। इसके बाद आरोपी पवन गुर्जर, पीड़िता और उसकी मां को राजगढ़ ले आया। यहाँ मिलीभगत के तहत, 3 फरवरी 2025 को आरोपियों ने 12 वर्षीय बालिका की शादी 26 वर्षीय भोला उर्फ भोलाराम गुर्जर से करवा दी। इस बाल विवाह के एवज में आरोपियों ने ₹8,00,000 नकद और ₹4,00,000 के जेवरात भी लिए। शादी की रात ही आरोपी भोलाराम ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। बाद में, आरोपी पवन गुर्जर ने भी नाबालिग पर गलत नजर रखते हुए उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। कुछ समय बाद, पवन पीड़िता की मां को छोड़कर भाग गया। इसके उपरांत, पीड़िता की मां का तीसरा विवाह राजस्थान में करा दिया गया और पीड़िता को राजगढ़ में आरोपी शैतानबाई के घर छोड़ दिया गया। वहाँ एक साल रहने के दौरान आरोपी देवराज गुर्जर ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया और उससे घर का सारा काम कराया जाता था। मामला कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक मंजू मखैनिया के संज्ञान में आने पर, उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्ची को मनोवैज्ञानिक रूप से सहज किया, जिसके बाद पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई। थाना कोतवाली राजगढ़ में अपराध क्रमांक 350/2026 के तहत सभी 6 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 64(2)F, 64(2)M (सामूहिक/अवैध दुष्कर्म), 65(2) (नाबालिग से दुष्कर्म), 98, 99 (अपहरण/तस्करी), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना), 142, 143(4) (मानव तस्करी) सहित पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 5(L), 5(N), 5(M)/6, जे.जे. (JJ) एक्ट की धारा 75, और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 9/10 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने भोला उर्फ भोलाराम गुर्जर (कथित पति), देवराज गुर्जर (दुष्कर्म का आरोपी), सागर गुर्जर (कृत्य में सहयोगी), शैतानबाई वर्मा (बंधक बनाकर प्रताड़ित करने वाली) और पीड़िता की मां सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, एक अन्य आरोपी पवन उर्फ परमाल गुर्जर (निवासी- लहरचा चक, चाचौड़ा, गुना) अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। राजगढ़ पुलिस अधीक्षक द्वारा फरार आरोपी की गिरफ्तारी हेतु ₹10,000 का इनाम भी घोषित किया गया है।
राजगढ़ जिले में महिलाओं और नाबालिग बालिकाओं से संबंधित अपराधों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक श्री अमित तोलानी ने सभी थाना प्रभारियों को विशेष निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में राजगढ़ पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है, जिसमें 12 वर्षीय नाबालिग बालिका का बाल विवाह, दैहिक शोषण, प्रताड़ना और उसकी खरीद-फरोख्त की गई थी। पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए 6 नामजद आरोपियों में से 5 को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। शिकायत के अनुसार, पीड़िता के पिता की जनवरी 2025 में अत्यधिक शराब के सेवन से मृत्यु हो गई थी। पिता की मौत के बाद, पीड़िता की मां का दूसरा विवाह गुना निवासी पवन उर्फ परमाल गुर्जर से करा दिया गया। इसके बाद आरोपी पवन गुर्जर, पीड़िता और उसकी मां को राजगढ़ ले आया। यहाँ मिलीभगत के तहत, 3 फरवरी 2025 को आरोपियों ने 12 वर्षीय बालिका की शादी 26 वर्षीय भोला उर्फ भोलाराम गुर्जर से करवा दी। इस बाल विवाह के एवज में आरोपियों ने ₹8,00,000 नकद और ₹4,00,000 के जेवरात भी लिए। शादी की रात ही आरोपी भोलाराम ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। बाद में, आरोपी पवन गुर्जर ने भी नाबालिग पर गलत नजर रखते हुए उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। कुछ समय बाद, पवन पीड़िता की मां को छोड़कर भाग गया। इसके उपरांत, पीड़िता की मां का तीसरा विवाह राजस्थान में करा दिया गया और पीड़िता को राजगढ़ में आरोपी शैतानबाई के घर छोड़ दिया गया। वहाँ एक साल रहने के दौरान आरोपी देवराज गुर्जर ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया और उससे घर का सारा काम कराया जाता था। मामला कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक मंजू मखैनिया के संज्ञान में आने पर, उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्ची को मनोवैज्ञानिक रूप से सहज किया, जिसके बाद पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई। थाना कोतवाली राजगढ़ में अपराध क्रमांक 350/2026 के तहत सभी 6 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 64(2)F, 64(2)M (सामूहिक/अवैध दुष्कर्म), 65(2) (नाबालिग से दुष्कर्म), 98, 99 (अपहरण/तस्करी), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना), 142, 143(4) (मानव तस्करी) सहित पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 5(L), 5(N), 5(M)/6, जे.जे. (JJ) एक्ट की धारा 75, और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 9/10 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने भोला उर्फ भोलाराम गुर्जर (कथित पति), देवराज गुर्जर (दुष्कर्म का आरोपी), सागर गुर्जर (कृत्य में सहयोगी), शैतानबाई वर्मा (बंधक बनाकर प्रताड़ित करने वाली) और पीड़िता की मां सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, एक अन्य आरोपी पवन उर्फ परमाल गुर्जर (निवासी- लहरचा चक, चाचौड़ा, गुना) अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। राजगढ़ पुलिस अधीक्षक द्वारा फरार आरोपी की गिरफ्तारी हेतु ₹10,000 का इनाम भी घोषित किया गया है।
- राजगढ़ जिले में महिलाओं और नाबालिग बालिकाओं से संबंधित अपराधों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक श्री अमित तोलानी ने सभी थाना प्रभारियों को विशेष निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में राजगढ़ पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है, जिसमें 12 वर्षीय नाबालिग बालिका का बाल विवाह, दैहिक शोषण, प्रताड़ना और उसकी खरीद-फरोख्त की गई थी। पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए 6 नामजद आरोपियों में से 5 को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। शिकायत के अनुसार, पीड़िता के पिता की जनवरी 2025 में अत्यधिक शराब के सेवन से मृत्यु हो गई थी। पिता की मौत के बाद, पीड़िता की मां का दूसरा विवाह गुना निवासी पवन उर्फ परमाल गुर्जर से करा दिया गया। इसके बाद आरोपी पवन गुर्जर, पीड़िता और उसकी मां को राजगढ़ ले आया। यहाँ मिलीभगत के तहत, 3 फरवरी 2025 को आरोपियों ने 12 वर्षीय बालिका की शादी 26 वर्षीय भोला उर्फ भोलाराम गुर्जर से करवा दी। इस बाल विवाह के एवज में आरोपियों ने ₹8,00,000 नकद और ₹4,00,000 के जेवरात भी लिए। शादी की रात ही आरोपी भोलाराम ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। बाद में, आरोपी पवन गुर्जर ने भी नाबालिग पर गलत नजर रखते हुए उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। कुछ समय बाद, पवन पीड़िता की मां को छोड़कर भाग गया। इसके उपरांत, पीड़िता की मां का तीसरा विवाह राजस्थान में करा दिया गया और पीड़िता को राजगढ़ में आरोपी शैतानबाई के घर छोड़ दिया गया। वहाँ एक साल रहने के दौरान आरोपी देवराज गुर्जर ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया और उससे घर का सारा काम कराया जाता था। मामला कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक मंजू मखैनिया के संज्ञान में आने पर, उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्ची को मनोवैज्ञानिक रूप से सहज किया, जिसके बाद पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई। थाना कोतवाली राजगढ़ में अपराध क्रमांक 350/2026 के तहत सभी 6 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 64(2)F, 64(2)M (सामूहिक/अवैध दुष्कर्म), 65(2) (नाबालिग से दुष्कर्म), 98, 99 (अपहरण/तस्करी), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना), 142, 143(4) (मानव तस्करी) सहित पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 5(L), 5(N), 5(M)/6, जे.जे. (JJ) एक्ट की धारा 75, और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 9/10 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने भोला उर्फ भोलाराम गुर्जर (कथित पति), देवराज गुर्जर (दुष्कर्म का आरोपी), सागर गुर्जर (कृत्य में सहयोगी), शैतानबाई वर्मा (बंधक बनाकर प्रताड़ित करने वाली) और पीड़िता की मां सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, एक अन्य आरोपी पवन उर्फ परमाल गुर्जर (निवासी- लहरचा चक, चाचौड़ा, गुना) अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। राजगढ़ पुलिस अधीक्षक द्वारा फरार आरोपी की गिरफ्तारी हेतु ₹10,000 का इनाम भी घोषित किया गया है।1
- आजकल लोगों को तुरंत कर्ज दिलाने का लालच देकर फेक लोन ऐप्स द्वारा बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की जा रही है। इन ऐप्स के झांसे में आकर कई लोग मुश्किल में फंस रहे हैं, क्योंकि ये ऐप्स उपयोगकर्ताओं के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गई हैं। ये ऐप्स यूज़र्स के पर्सनल डेटा, कॉन्टैक्ट्स और फोटोज़ को एक्सेस करके उन्हें परेशान करती हैं, जिसका सीधा असर उनकी निजता और सुरक्षा पर पड़ता है। साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे किसी भी अज्ञात लोन ऐप से बेहद सावधान रहें और उसे डाउनलोड करने से बचें। धोखाधड़ी से बचने के लिए, किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) रजिस्ट्रेशन, यूज़र रिव्यूज़ और मांगी गई परमिशन की जांच करना अनिवार्य है। इसके साथ ही, लोगों को सचेत किया गया है कि वे अपना ओटीपी, पिन और बैंक डिटेल्स जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ भी साझा न करें। सभी को सुरक्षित रहने और अपने आस-पास के लोगों को भी इस बढ़ते खतरे के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है।1
- बड़ोदिया के ग्राम गोविंदा स्थित ईदगाह में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईद-उल-अजहा (बकरीद) की विशेष नमाज सामूहिक रूप से अदा की। नमाज के दौरान मुस्लिम लोगों ने देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ मांगी। नमाज पूरी होने के बाद सभी लोगों ने एक-दूसरे के गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी। ईद उल अजहा के इस मुबारक मौके पर गांववासियों ने भी सभी को मुबारकबाद दी। गांव के इमाम समीउल्लाह साहब ने अपने बयान में मुल्क में अमन-शांति से रहने का संदेश समझाया। त्योहार की शुरुआत गुरुवार सुबह नमाज अदा करने के साथ हुई, जिसके बाद लोगों ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के घर जाकर बधाई दी। इस अवसर पर सरपंच राउप लाला, पूर्व सरपंच मकसूद लाला, सोनू यादव और पायलट रिजवान खान (108) सहित सभी मुस्लिम लोग उपस्थित रहे।1
- शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया में नवीन और नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 'सोलर पीवी इंस्टॉलेशन हेल्पर' का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण एफ्टेल आईटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा एक्सीलेंस कंप्यूटर सेंटर मोहन बड़ोदिया में आयोजित किया जा रहा है और इसे ग्रीन जॉब सेक्टर स्किल काउंसलिंग तथा आरईसी लिमिटेड द्वारा संचालित किया जा रहा है। एफ्टेल आईटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड ने अब तक दो बैचों में कुल 60 प्रत्याशियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया है। तीसरी बैच के छठे दिन, बुधवार को मोहन बड़ोदिया विद्युत विभाग के कनिष्ठ यंत्री दक्षिण राहुल गौतम और उत्तर सहायक यंत्री उदय भान सिंह किरार, अपने कर्मचारियों गब्बर सिंह, मुरली मालवीय और संतोष राव के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को विद्युत की बचत कैसे करें, आवश्यकतानुसार उपकरणों का उपयोग, गर्मी में बिजली की बढ़ती खपत और ऊर्जा के विभिन्न स्त्रोतों के बारे में विस्तार से जानकारी दी, साथ ही सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भी जागरूक किया। इस अवसर पर प्रशिक्षण ले रहे बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और ट्रेनर भी मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में सेंटर संचालक सचिन पटेल ने सभी का आभार व्यक्त किया।1
- सीहोर जिले में ईद-उल-अजहा का पर्व गुरुवार को आपसी सद्भाव और भाईचारे के साथ हर्षोल्लास से मनाया गया। इस दौरान बरखेड़ा हसन स्थित ईदगाह पर मुस्लिमजनों ने ईद की नमाज अदा की, जिसके बाद सभी ने एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। बरखेड़ा हसन सहित पूरे क्षेत्र में बकरे की कुर्बानियों का सिलसिला देर रात तक जारी रहा, और दावतों का दौर भी देर रात तक चलता रहा।2
- शाम के समय हुई एक घटना में, एक बाइक से अचानक बंदर टकरा गया। इस टक्कर के परिणामस्वरूप, बाइक सवार घायल हो गया।1
- सुसनेर के निपानिया जोड़ पर एक बाइक अनियंत्रित हो गई, जिससे उस पर सवार दो लोग घायल हो गए। इस घटना में घायल हुए लोगों में से एक को आगर जिला अस्पताल रैफर किया गया है।1
- राजगढ़ के खिलचीपुर में एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है, जहाँ एक बेटे ने अपने ही जीवित पिता को मृत घोषित कर दिया। इस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए बेटे ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए और पिता की संपत्ति को अपने तथा अपनी माँ के नाम पर बेईमानी से हस्तांतरित करवा लिया। संपत्ति हथियाने के बाद, आरोपी बेटे ने उस पर बैंकों से लाखों रुपये का कर्ज भी ले लिया। पिता को जब इस पूरी करतूत की जानकारी मिली और उन्होंने बैंक में जाकर पूछताछ की, तो सच्चाई जानकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। इस घटना ने एक जीवित पिता को मृत बताकर संपत्ति अपने नाम करवाने और फिर बैंकों से लाखों का लोन लेने के बेटे की पोल खोल दी।1