जैसलमेर नगर परिषद ने सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। प्रशासन ने बस्तियों का दौरा कर अवैध निर्माणों पर लाल निशान लगाए हैं और अतिक्रमणकारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए तीन दिन का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से तोता राम की ढाणी के पास, होटल कॉम्प्लेक्स और बब्बर मगरा के पीछे स्थित बस्तियों में की गई है। नगर परिषद के अनुसार, इन सरकारी जमीनों पर 'बृजराज सिंह कॉलोनी' विकसित की जानी है, लेकिन यहां कच्चे और पक्के, दोनों तरह के अवैध कब्जे किए गए हैं। राजस्व अधिकारी पवन कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि लोग तीन दिनों के भीतर अपने कब्जे खुद नहीं हटाते हैं, तो नगर परिषद की जेसीबी बिना किसी और पूर्व सूचना के कार्रवाई करेगी। प्रशासन ने यह चेतावनी भी दी है कि अतिक्रमण हटाने का खर्च भी कब्जाधारकों से वसूला जा सकता है। यह ध्यान देने योग्य है कि इससे पहले भी यहां अतिक्रमण हटाने के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार प्रशासन पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर चुका है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या लोग तय समय-सीमा के भीतर खुद ही अवैध कब्जे हटाते हैं, या फिर जैसलमेर को एक बार फिर बुलडोजर की कार्रवाई देखने को मिलेगी।
जैसलमेर नगर परिषद ने सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। प्रशासन ने बस्तियों का दौरा कर अवैध निर्माणों पर लाल निशान लगाए हैं और अतिक्रमणकारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए तीन दिन का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से तोता राम की ढाणी के पास, होटल कॉम्प्लेक्स और बब्बर मगरा के पीछे स्थित बस्तियों में की गई है। नगर परिषद के अनुसार, इन सरकारी जमीनों पर 'बृजराज सिंह कॉलोनी' विकसित की जानी है, लेकिन यहां कच्चे और पक्के, दोनों तरह के अवैध कब्जे किए गए हैं। राजस्व अधिकारी पवन कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि लोग तीन दिनों के भीतर अपने कब्जे खुद नहीं हटाते हैं, तो नगर परिषद की जेसीबी बिना किसी और पूर्व सूचना के कार्रवाई करेगी। प्रशासन ने यह चेतावनी भी दी है कि अतिक्रमण हटाने का खर्च भी कब्जाधारकों से वसूला जा सकता है। यह ध्यान देने योग्य है कि इससे पहले भी यहां अतिक्रमण हटाने के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार प्रशासन पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर चुका है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या लोग तय समय-सीमा के भीतर खुद ही अवैध कब्जे हटाते हैं, या फिर जैसलमेर को एक बार फिर बुलडोजर की कार्रवाई देखने को मिलेगी।
- जैसलमेर नगर परिषद ने सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। प्रशासन ने बस्तियों का दौरा कर अवैध निर्माणों पर लाल निशान लगाए हैं और अतिक्रमणकारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए तीन दिन का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से तोता राम की ढाणी के पास, होटल कॉम्प्लेक्स और बब्बर मगरा के पीछे स्थित बस्तियों में की गई है। नगर परिषद के अनुसार, इन सरकारी जमीनों पर 'बृजराज सिंह कॉलोनी' विकसित की जानी है, लेकिन यहां कच्चे और पक्के, दोनों तरह के अवैध कब्जे किए गए हैं। राजस्व अधिकारी पवन कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि लोग तीन दिनों के भीतर अपने कब्जे खुद नहीं हटाते हैं, तो नगर परिषद की जेसीबी बिना किसी और पूर्व सूचना के कार्रवाई करेगी। प्रशासन ने यह चेतावनी भी दी है कि अतिक्रमण हटाने का खर्च भी कब्जाधारकों से वसूला जा सकता है। यह ध्यान देने योग्य है कि इससे पहले भी यहां अतिक्रमण हटाने के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार प्रशासन पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर चुका है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या लोग तय समय-सीमा के भीतर खुद ही अवैध कब्जे हटाते हैं, या फिर जैसलमेर को एक बार फिर बुलडोजर की कार्रवाई देखने को मिलेगी।1
- राजस्थान में तेज बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। धौलपुर में मूसलाधार बारिश के चलते एक मकान ढह गया, जिसके मलबे में 6 लोग दब गए। इसी कड़ी में, अजमेर शहर में सड़कों पर भारी मात्रा में पानी भर गया है, जिससे आवागमन में मुश्किलें आ रही हैं। बारिश के व्यापक प्रभाव के चलते रेल यातायात भी बाधित हुआ है और 6 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। यह सभी घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं जब पिछले 7 दिनों के भीतर पूरे राजस्थान में मानसून सक्रिय रूप से छा गया है।1
- बालोतरा में एक पत्रकार और विद्युत विभाग के एक अधिकारी के बीच हुई फोन पर वार्तालाप इन दिनों वायरल हो रही है। इस बातचीत के संबंध में जानकारी स्थानीय स्तर पर फैल रही है।1
- फलोदी शहर के जाम्बा चौराहा स्थित रेलवे अंडरब्रिज में लगातार बारिश के कारण पानी भर गया है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। इस स्थिति के चलते अंडरब्रिज के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र अंडरब्रिज से आवाजाही को तुरंत रोक दिया और पानी निकासी की व्यवस्था शुरू कराई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक अंडरब्रिज से पानी नहीं निकल जाता, तब तक वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और अनावश्यक जोखिम उठाकर पानी से भरे अंडरब्रिज को पार करने का प्रयास न करें।1
- एक गंभीर आरोप में कहा गया है कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने श्री अयोध्या धाम तथा प्रभु श्री राम की विरासत को बदनाम करने का ठेका ले लिया है। इस बयान में दोनों राजनीतिक दलों पर अयोध्या की पवित्रता और भगवान राम से जुड़ी सांस्कृतिक-धार्मिक विरासत को जानबूझकर अपमानित करने का सीधा इल्जाम लगाया गया है।1
- फलोदी किन्नर समाज ने अपने समुदाय के लिए एक अलग मोक्षधाम (श्मशान भूमि) आवंटित किए जाने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर एवं नगर परिषद आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से समाज ने प्रशासन से किन्नर समुदाय के अंतिम संस्कार के लिए पृथक भूमि चिन्हित कर मोक्षधाम विकसित करने की मांग की है, ताकि समुदाय के सदस्यों को गरिमापूर्ण तरीके से अंतिम संस्कार की सुविधा मिल सके। किन्नर समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी मांग का कारण बताते हुए कहा कि वर्तमान में अंतिम संस्कार के दौरान उन्हें कई सामाजिक और व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं को देखते हुए, समाज ने प्रशासन से आग्रह किया है कि वे शीघ्र ही उचित भूमि का चयन करें, उसके आवंटन की प्रक्रिया शुरू करें और आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराएं। इस दौरान किन्नर समाज के कई सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने अपनी मांग पर प्रशासन से सकारात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया।1
- राजस्थान के बाड़मेर में छात्राओं से छेड़छाड़ का एक मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर मोहल्लेवासियों में आक्रोश देखा गया, जिन्होंने कथित तौर पर छेड़छाड़ करने वाले एक युवक को पकड़ लिया। इसके बाद, मोहल्लेवासियों ने इस युवक को पुलिस के हवाले कर दिया।1