नशे के सौदागरों पर सिंगरौली पुलिस का कड़ा प्रहार: 21 सीसी प्रतिबंधित कफ सिरप के साथ कुख्यात आरोपी दबोचा! हेडिंग 2: चितरंगी पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: पुलिस को देख भाग रहा था 'बंटा साहू', घेराबंदी कर भेजा सलाखों के पीछे। हेडिंग 3: खानदानी हिस्ट्रीशीटर चढ़ा पुलिस के हत्थे: मारपीट और अवैध शराब के बाद अब एनडीपीएस एक्ट में फंसे पिता-पुत्र! चितरंगी (सिंगरौली)। जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ छेड़ी गई जंग में चितरंगी पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री (IPS) के कुशल निर्देशन और थाना प्रभारी सुधेश तिवारी के नेतृत्व में टीम ने ग्राम बसाही पुलिया के पास घेराबंदी कर एक शातिर अपराधी को प्रतिबंधित कोडिन युक्त कफ सिरप की खेप के साथ गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर सटीक कार्रवाई बीते 16 अप्रैल को पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि बसाही पुलिया के पास एक संदिग्ध व्यक्ति नशे की खेप बेचने की फिराक में है। थाना प्रभारी सुधेश तिवारी ने बिना वक्त गंवाए टीम के साथ धावा बोला। पुलिस की गाड़ी देखते ही आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे चारों तरफ से घेर कर दबोच लिया। आरोपी का काला चिट्ठा पकड़े गए आरोपी की पहचान राजन उर्फ बंटा साहू (26 वर्ष), निवासी ग्राम रेही के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से 21 सीसी 'आनरेक्स' कफ सिरप बरामद हुई, जिसकी बाजार में कीमत करीब 16,000 रुपये आंकी गई है। पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी और उसका परिवार पुराना हिस्ट्रीशीटर है। इनके खिलाफ पहले से ही मारपीट, अवैध शराब की तस्करी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। कानूनी शिकंजा कसा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 158/2026, धारा 8, 21, 22 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे विशेष न्यायालय बैढ़न में पेश किया है। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक सुधेश तिवारी, सउनि रामजी पाण्डेय, रमेश प्रसाद कोल और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। विंध्य बलराम न्यूज अपने पाठकों को सचेत करता है कि नशे के इस कारोबार से दूर रहें और क्षेत्र को नशामुक्त बनाने में पुलिस का सहयोग करें।
नशे के सौदागरों पर सिंगरौली पुलिस का कड़ा प्रहार: 21 सीसी प्रतिबंधित कफ सिरप के साथ कुख्यात आरोपी दबोचा! हेडिंग 2: चितरंगी पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: पुलिस को देख भाग रहा था 'बंटा साहू', घेराबंदी कर भेजा सलाखों के पीछे। हेडिंग 3: खानदानी हिस्ट्रीशीटर चढ़ा पुलिस के हत्थे: मारपीट और अवैध शराब के बाद अब एनडीपीएस एक्ट में फंसे पिता-पुत्र! चितरंगी (सिंगरौली)। जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ छेड़ी गई जंग में चितरंगी पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री (IPS) के कुशल निर्देशन और थाना प्रभारी सुधेश तिवारी के नेतृत्व में टीम ने ग्राम बसाही पुलिया के पास घेराबंदी कर एक शातिर अपराधी को प्रतिबंधित कोडिन युक्त कफ सिरप की खेप के साथ गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर सटीक कार्रवाई बीते 16 अप्रैल को पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि बसाही पुलिया के पास एक संदिग्ध व्यक्ति नशे की खेप बेचने की फिराक में है। थाना प्रभारी सुधेश तिवारी ने बिना वक्त गंवाए टीम के साथ धावा बोला। पुलिस की गाड़ी देखते ही आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे चारों तरफ से घेर कर दबोच लिया। आरोपी का काला चिट्ठा पकड़े गए आरोपी की पहचान राजन उर्फ बंटा साहू (26 वर्ष), निवासी ग्राम रेही के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से 21 सीसी 'आनरेक्स' कफ सिरप बरामद हुई, जिसकी बाजार में कीमत करीब 16,000 रुपये आंकी गई है। पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी और उसका परिवार पुराना हिस्ट्रीशीटर है। इनके खिलाफ पहले से ही मारपीट, अवैध शराब की तस्करी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। कानूनी शिकंजा कसा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 158/2026, धारा 8, 21, 22 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे विशेष न्यायालय बैढ़न में पेश किया है। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक सुधेश तिवारी, सउनि रामजी पाण्डेय, रमेश प्रसाद कोल और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। विंध्य बलराम न्यूज अपने पाठकों को सचेत करता है कि नशे के इस कारोबार से दूर रहें और क्षेत्र को नशामुक्त बनाने में पुलिस का सहयोग करें।
- Post by Rajendra rajak1
- सिंगरौली/चितरंगी। विंध्य क्षेत्र की एक साहसी बेटी का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तूफान मचा रहा है। बघेली भाषा में अपनी बात रखते हुए इस महिला ने सीधे तौर पर उन लोगों को चुनौती दी है जो उसकी आवाज को दबाना चाहते हैं। वीडियो में महिला ने साफ कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी यह जंग तब तक जारी रहेगी, जब तक गांव के आखिरी घर तक सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं पहुंच जाता। "साजिशों से नहीं डरती बघेलखंड की शेरनी" महिला ने वीडियो में आरोप लगाया है कि जब से उसने जनता के अधिकारों के लिए आवाज उठानी शुरू की है, तब से उसके खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं। उसने कहा, "जब जनता की आवाज उठती है, तो किसी न किसी को मिर्ची जरूर लगती है।" महिला ने स्पष्ट किया कि वह कोई डॉक्टर या इंजीनियर नहीं है, बल्कि एक साधारण ग्रामीण महिला है जो अपने क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और विकास की कमी को देख रही है। डॉ. मोहन यादव की सरकार और जमीनी हकीकत महिला ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ऊपर से तो सुविधाएं भेज रही है, लेकिन भ्रष्टाचार की वजह से वह आम जनता तक नहीं पहुंच पा रही हैं। उसने कहा कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में वह सोशल मीडिया का उपयोग कर सच्चाई को सबके सामने लाएगी। संविधान की धारा 19 का दिया हवाला अपने तेवरों से विरोधियों को पस्त करते हुए महिला ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 का जिक्र किया। उसने कहा कि संविधान ने उसे बोलने, लड़ने और संघर्ष करने की आजादी दी है। बघेली अंदाज में उसने चेतावनी दी, "अपना पचे चाहे जितना साजिश कर लेई, लेकिन हमार मुंह बंद न होई।" विंध्य बलराम न्यूज ऐसी जांबाज आवाजों का समर्थन करता है जो समाज में बदलाव और विकास के लिए खड़ी होती हैं।1
- Post by पब्लिक मीडिया न्यूज़ चैनल1
- मामा की समझाइश बनी मौत की वजह: भांजे ने डंडे से पीट-पीटकर की हत्या रीवा जिले के पनवार थाना अंतर्गत मदरी गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां भांजे ने अपने ही मामा की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार, मृतक मामा ने अपने भांजे की शादी तय कराई थी, जो इसी महीने होने वाली थी। लेकिन भांजा इस शादी से खुश नहीं था और वह पिछले कई दिनों से अपने माता-पिता से इस बात को लेकर विवाद कर रहा था। बताया जा रहा है कि भांजे के माता-पिता ने स्थिति को संभालने के लिए जवा-भनिगवां से मामा को मदरी गांव बुलाया था, ताकि वह भांजे को समझा सके। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि भांजे ने गुस्से में आकर मामा पर डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पनवार पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी भांजे को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, शव को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल जवा भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- Post by Bablu Namdev1
- मऊगंज में NH 135 पर सड़क हादसे का खौफनाक ‘लाइव वीडियो’ : मौत की रेस का वो आखिरी मंजर, जिसे देख कांप उठेगा हर दिल, स्टंटबाजी और चीखों के बीच ट्रेलर से टकराकर एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों की दर्दनाक मौत, कैमरे में कैद हुआ जिंदगी का आखिरी पल! रिपोर्ट — दीपक सिंह गहरवार विस्तार न्यूज़ मऊगंज मो.89650741301
- ब्रेकिंग न्यूज़ | मऊगंज रेलबाजी के चक्कर में जानलेवा स्टंट, तीन युवकों की दर्दनाक मौत। बाइक पर सवार तीन युवक हाथ में कट्टा लेकर स्टंट करते हुए नजर आए। कुछ ही दूरी पर चलती ट्रक से भिड़ंत, मौके पर ही तीनों की मौत। घटना के बाद इलाके में सनसनी, पुलिस जांच में जुटी।1
- सीधी। जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र कुसमी जनपद के पोड़ी बस्तुआ में उस समय एक सुखद और भावुक दृश्य देखने को मिला, जब जिले के मुखिया कलेक्टर विकास मिश्रा ने सादगी की मिसाल पेश की। कलेक्टर ने न केवल छात्रावास का औचक निरीक्षण किया, बल्कि वहां रह रहे छात्रों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन भी साझा किया। छात्र की प्रतिभा देख गदगद हुए कलेक्टर निरीक्षण के दौरान कलेक्टर विकास मिश्रा ने छात्रावास में रह रहे छात्र सत्यम से बातचीत की। छात्र की बुद्धिमत्ता और पढ़ाई के प्रति उसकी लगन देखकर कलेक्टर इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तुरंत सत्यम के पिता को फोन लगाया। पिता से बोले- "आपका बेटा बहुत होशियार है" फोन पर बातचीत के दौरान कलेक्टर ने खुद का परिचय देते हुए कहा, “नमस्ते, मैं सीधी कलेक्टर बोल रहा हूं। मैं आज आपके बेटे सत्यम से मिलने आया था। आपका बेटा पढ़ाई में बहुत होशियार है, इसे आप अच्छे से पढ़ाते रहना।” कलेक्टर ने छात्र के पिता को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वे बिल्कुल भी चिंता न करें और बच्चे की पढ़ाई में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर उन्हें सीधे सूचित करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन छात्र की पढ़ाई के लिए हर संभव मदद करेगा। सादगी ने जीता सबका दिल पूरी बातचीत के दौरान कलेक्टर विकास मिश्रा जमीन पर बैठकर भोजन करते रहे। उनकी इस संवेदनशीलता और सादगी की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। लोगों का कहना है कि एक प्रशासनिक अधिकारी का इस तरह बच्चों के बीच जाकर उनसे जुड़ना और उनके अभिभावकों को प्रोत्साहित करना, जिले में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाई प्रदान करेगा। अंत में कलेक्टर ने सत्यम की बात उसके पिता से कराई और बच्चे को उज्जवल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया। मुख्य बातें: स्थान: पोड़ी बस्तुआ छात्रावास, कुसमी जनपद। उद्देश्य: छात्रों का मनोबल बढ़ाना और शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेना। संदेश: "बच्चा बहुत आगे जाएगा, बस आप मेहनत करते रहें और उसकी पढ़ाई मत रुकने दें।"1