नागौर में इस्लामी महीने मोहर्रम की 10 तारीख, यानी 26 जून को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, अदब और गमगीन माहौल में संपन्न हो गया। इस दिन शहर में ताजियों की भव्यता और अखाड़ों के हैरतअंगेज करतबों को देखने के लिए बड़ी संख्या में अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ा। शुक्रवार शाम 5 बजे से शहर के ऐतिहासिक क़ाज़ियों के चौक में पारंपरिक अखाड़े का प्रदर्शन शुरू हुआ। इस दौरान नकास अखाड़ा और दरगाह डोडी अखाड़ा के जांबाज कलाकारों ने अपने अद्भुत हुनर और पारंपरिक शस्त्र संचालन का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ मौजूद रही। इससे पहले, दोपहर की जुमा नमाज़ के बाद शहर के विभिन्न मोहल्लों से ताजिये पूरी शानो-शौकत के साथ निकले। नकास, पिंजारा मोहल्ला, दड़ा मोहल्ला, दरगाह डोडी, दरगाह बड़े पीर और सर्फा दरवाज़ा के मुख्य ताजिये अपने-अपने मुकाम से क़ाज़ियों के चौक पहुंचे। यहां से सभी ताजिये एक विशाल जुलूस की शक्ल में माही दरवाजा की तरफ बढ़े, जहां पारंपरिक मिलान के बाद पूरा कारवां तय रास्तों से होता हुआ कर्बला मैदान पहुंचा। देर शाम नम आंखों और गमगीन माहौल में ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। वहीं, लोहारपुरा और नियारों के ताजियों ने अपने संबंधित इलाकों में गश्त की, जहां स्थानीय लोगों ने निर्धारित मुकाम पर पहुंचकर अकीदत के साथ जियारत की। शहर क़ाज़ी मोहम्मद मेराज उस्मानी और नायब शहर क़ाज़ी मुफ़्ती मोहम्मद सादिक़ उस्मानी ने पर्व के शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न होने पर संतोष व्यक्त किया। इस मौके पर हनुमान बांगड़ा, परवीन सोलंकी, मोहन मेघवाल, पार्षद मकबूल अंसारी, उप सभापति नागौर परिषद् सदाक़त सुलेमानी और सदर दरगाह सूफ़ी साहब शमशेर खान मुन्ना सहित कई लोग मौजूद रहे।
नागौर में इस्लामी महीने मोहर्रम की 10 तारीख, यानी 26 जून को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, अदब और गमगीन माहौल में संपन्न हो गया। इस दिन शहर में ताजियों की भव्यता और अखाड़ों के हैरतअंगेज करतबों को देखने के लिए बड़ी संख्या में अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ा। शुक्रवार शाम 5 बजे से शहर के ऐतिहासिक क़ाज़ियों के चौक में पारंपरिक अखाड़े का प्रदर्शन शुरू हुआ। इस
दौरान नकास अखाड़ा और दरगाह डोडी अखाड़ा के जांबाज कलाकारों ने अपने अद्भुत हुनर और पारंपरिक शस्त्र संचालन का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ मौजूद रही। इससे पहले, दोपहर की जुमा नमाज़ के बाद शहर के विभिन्न मोहल्लों से ताजिये पूरी शानो-शौकत के साथ निकले। नकास, पिंजारा मोहल्ला, दड़ा मोहल्ला, दरगाह डोडी, दरगाह बड़े पीर और सर्फा दरवाज़ा के मुख्य ताजिये अपने-अपने मुकाम
से क़ाज़ियों के चौक पहुंचे। यहां से सभी ताजिये एक विशाल जुलूस की शक्ल में माही दरवाजा की तरफ बढ़े, जहां पारंपरिक मिलान के बाद पूरा कारवां तय रास्तों से होता हुआ कर्बला मैदान पहुंचा। देर शाम नम आंखों और गमगीन माहौल में ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। वहीं, लोहारपुरा और नियारों के ताजियों ने अपने संबंधित इलाकों में गश्त की, जहां स्थानीय लोगों ने निर्धारित
मुकाम पर पहुंचकर अकीदत के साथ जियारत की। शहर क़ाज़ी मोहम्मद मेराज उस्मानी और नायब शहर क़ाज़ी मुफ़्ती मोहम्मद सादिक़ उस्मानी ने पर्व के शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न होने पर संतोष व्यक्त किया। इस मौके पर हनुमान बांगड़ा, परवीन सोलंकी, मोहन मेघवाल, पार्षद मकबूल अंसारी, उप सभापति नागौर परिषद् सदाक़त सुलेमानी और सदर दरगाह सूफ़ी साहब शमशेर खान मुन्ना सहित कई लोग मौजूद रहे।
- नागौर में इस्लामी महीने मोहर्रम की 10 तारीख, यानी 26 जून को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, अदब और गमगीन माहौल में संपन्न हो गया। इस दिन शहर में ताजियों की भव्यता और अखाड़ों के हैरतअंगेज करतबों को देखने के लिए बड़ी संख्या में अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ा। शुक्रवार शाम 5 बजे से शहर के ऐतिहासिक क़ाज़ियों के चौक में पारंपरिक अखाड़े का प्रदर्शन शुरू हुआ। इस दौरान नकास अखाड़ा और दरगाह डोडी अखाड़ा के जांबाज कलाकारों ने अपने अद्भुत हुनर और पारंपरिक शस्त्र संचालन का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ मौजूद रही। इससे पहले, दोपहर की जुमा नमाज़ के बाद शहर के विभिन्न मोहल्लों से ताजिये पूरी शानो-शौकत के साथ निकले। नकास, पिंजारा मोहल्ला, दड़ा मोहल्ला, दरगाह डोडी, दरगाह बड़े पीर और सर्फा दरवाज़ा के मुख्य ताजिये अपने-अपने मुकाम से क़ाज़ियों के चौक पहुंचे। यहां से सभी ताजिये एक विशाल जुलूस की शक्ल में माही दरवाजा की तरफ बढ़े, जहां पारंपरिक मिलान के बाद पूरा कारवां तय रास्तों से होता हुआ कर्बला मैदान पहुंचा। देर शाम नम आंखों और गमगीन माहौल में ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। वहीं, लोहारपुरा और नियारों के ताजियों ने अपने संबंधित इलाकों में गश्त की, जहां स्थानीय लोगों ने निर्धारित मुकाम पर पहुंचकर अकीदत के साथ जियारत की। शहर क़ाज़ी मोहम्मद मेराज उस्मानी और नायब शहर क़ाज़ी मुफ़्ती मोहम्मद सादिक़ उस्मानी ने पर्व के शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न होने पर संतोष व्यक्त किया। इस मौके पर हनुमान बांगड़ा, परवीन सोलंकी, मोहन मेघवाल, पार्षद मकबूल अंसारी, उप सभापति नागौर परिषद् सदाक़त सुलेमानी और सदर दरगाह सूफ़ी साहब शमशेर खान मुन्ना सहित कई लोग मौजूद रहे।4
- मूंडवा शहर में मुहर्रम के अवसर पर शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय द्वारा पारंपरिक ताजिए का जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। बूंदाबांदी के चलते ताजिए को पॉलीथिन से पैक किया गया था, जिसे देखने के लिए मार्ग में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यह जुलूस शहर के नागोरीफ्लेस की विभिन्न गलियों से होकर गुजरा। इस दौरान 'या हुसैन' के नारों और मातमी धुनों के बीच अकीदतमंदों ने मातम किया। जुलूस में युवाओं ने अखाड़े का प्रदर्शन भी किया। कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों द्वारा शर्बत और पेयजल की व्यवस्था कर जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत किया गया। जुलूस को ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिसमें मूंडवा वृत्ताधिकारी विनोद और थाना अधिकारी सुरेश चौधरी सहित पुलिस टीम साथ रही। जुलूस शाम करीब साढ़े सात बजे करबला में ताजिए के दफन के साथ संपन्न हुआ। जुलूस निर्धारित मार्ग से होते हुए अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचा और पूरे आयोजन के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का माहौल देखने को मिला।4
- मेड़ता सिटी में रिया बड़ी बजरी मामले में पकड़े गए 16 व्यक्तियों को आज जमानत मिल गई है। पुलिस ने इन लोगों को 11 महीने पहले बजरी काटते समय हुई तोड़फोड़ और जेसीबी मशीन जलाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के 11 दिन बाद आज इन सभी को जमानत मिली है।1
- बाड़मेर में हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद गरीब परिवारों को भारी पीड़ा का सामना करना पड़ा है। इस कार्रवाई के कारण उनके घर पूरी तरह से टूट गए और सारा घरेलू सामान बिखर गया। परिवारों के सिर से छत छिन जाने की इस घटना ने आम लोगों को अत्यधिक भावुक कर दिया है।1
- शुक्रवार को रियां बड़ी कस्बे में मोहर्रम पर्व के अवसर पर भव्य ताजिया सवारी निकाली गई, जिसने हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच असाधारण सांप्रदायिक सौहार्द का परिचय दिया। कस्बे के विभिन्न मोहल्लों से पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ ताजिया की सवारियां निकलीं, जिसमें युवा डीजे की धुन पर नाचते-झूमते नजर आए और तलवारबाजी सहित अन्य पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन किया गया। इस जुलूस में महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। यह ताजिया जुलूस कस्बे की विभिन्न गलियों से होते हुए बड़ी मस्जिद पहुंचा, और फिर वहां से सामूहिक रूप से ईदगाह की ओर रवाना हुआ। ईदगाह में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मोहर्रम के मौके पर विशेष नमाज़ अदा की, जिसमें अमन, शांति और भाईचारे की दुआ मांगी गई। इस दौरान सांप्रदायिक सौहार्द का एक मनमोहक दृश्य देखने को मिला, जब जुलूस मार्ग में हिंदू समाज के लोगों ने विभिन्न स्थानों पर फूलों की वर्षा कर उसका स्वागत किया और एक-दूसरे को भाईचारे व सौहार्द का संदेश दिया। मोहर्रम पर्व के मद्देनजर, सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। डेगाना डिप्टी अजीत पाल के निर्देशन में पादुकला थाना अधिकारी उमाशंकर शर्मा और डेगाना थाना अधिकारी हरीश कुमार के नेतृत्व में दोनों थानों का पुलिस जाप्ता और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। थाना अधिकारी उमाशंकर शर्मा ने पूरे जुलूस मार्ग पर लगातार गश्त की और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पुलिसकर्मी ताजिया सवारी के साथ पूरे समय मौजूद रहे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। नायब तहसीलदार प्रेम कुमार ढबाना ने भी मौके पर पहुंचकर शांति व्यवस्था और अन्य इंतजामों का निरीक्षण किया।1
- शुक्रवार को राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बहरोड़ क्षेत्र में हाईवे किंग होटल के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। दूध से भरा एक टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसमें भरा हजारों लीटर दूध सड़क पर बह गया। इस घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग बाल्टी, डिब्बे और अन्य बर्तन लेकर बहते दूध को भरने के लिए मौके पर पहुंच गए, जिसके चलते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा। हादसे में टैंकर चालक घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची।1
- नागौर जिले के पादूकलां थाना क्षेत्र के नथावड़ी गांव में एक दर्दनाक सड़क हादसे में ट्रैक्टर की टक्कर से एक महिला की मौत हो गई। यह घटना 25 जून की शाम करीब 7:15 बजे हुई, जब नथावड़ी निवासी रामनिवास अपनी साली घेवरी देवी के साथ पैदल जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए एक ट्रैक्टर ने कथित तौर पर तेज गति और लापरवाही से घेवरी देवी को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल महिला को तुरंत राजकीय चिकित्सालय पादूकलां ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के तुरंत बाद, आरोपी चालक ट्रैक्टर सहित मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पादूकलां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने ट्रैक्टर चालक ओमप्रकाश जाट के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।3
- नागौर जिले के थांवला के पास नेशनल हाईवे रोड पर एक ट्रेक्टर और बाईक की भीषण टक्कर में बाईक सवार युवक सांवर मल प्रजापत की दर्दनाक मौत हो गई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे यह हादसा हुआ, जब गुढ़ा गांव निवासी सांवर मल प्रजापत (पुत्र विश्राम लाल) थांवला से अपने गांव गुढ़ा जगमालोता जा रहे थे। नेशनल हाईवे स्थित शंकर जी की बाड़ी होटल के पास ट्रेक्टर से टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सांवर मल गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना स्थल पर मौजूद लोगों और राहगीरों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए एक निजी वाहन की सहायता से घायल सांवर मल को थांवला के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही थांवला पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक जानकारी जुटाने के बाद अस्पताल पहुंची और परिजनों को घटना की सूचना दी। दुर्घटना की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। थांवला पुलिस थाना के हेड कांस्टेबल विक्रम सिंह ने पुलिस और परिजनों की मौजूदगी में शव को शवगृह में रखवाया। शुक्रवार सुबह डॉक्टर प्रकाश चौधरी ने शव का पोस्टमार्टम कर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस द्वारा इस मामले में आगे की जांच जारी है।2