उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के एक कथित बयान को लेकर गुरुवार को बलिया में राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया। जनपद के गौरव के विपरीत बताए जा रहे इस बयान के विरोध में युवाओं ने निरीक्षण भवन पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने "संजय निषाद वापस जाओ", "संजय निषाद माफी मांगो" और "संजय निषाद मुर्दाबाद" के नारे लगाए, साथ ही मंत्री से बलिया की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। विरोध प्रदर्शन में जैनेन्द्र पांडे (मिंटू), रूपेश चौबे, सागर सिंह राहुल, अनुराग पटेल, अभिजीत तिवारी, सत्यम, हार्दिक पांडे, किशन पांडे और राहुल पांडे सहित कई युवा शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसी भी जनप्रतिनिधि को बलिया के इतिहास और गौरव पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। प्रदर्शन के दौरान जैनेन्द्र पांडे (मिंटू) ने बलिया के इतिहास को पूरे देश में गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह महर्षि भृगु की तपोभूमि है और 1857 की क्रांति में मंगल पांडे ने यहीं से अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ पहली गोली चलाकर आजादी की लड़ाई का बिगुल फूंका था। इसके अलावा, 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में चित्तू पांडे के नेतृत्व में बलिया ने खुद को सबसे पहले स्वतंत्र घोषित किया और उन्हें स्वतंत्र बलिया का प्रथम कलेक्टर माना गया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बलिया ने देश को पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर, समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र, साहित्यकार आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी और परशुराम चतुर्वेदी जैसी महान विभूतियां दी हैं। ऐसे गौरवशाली जनपद के बारे में मंत्री का कथित बयान करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। जैनेन्द्र पांडे ने मंत्री पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उनके बयान से प्रतीत होता है कि उन्हें इतिहास का सही ज्ञान नहीं है। उन्होंने मंत्री पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे बयान देने पर उनकी मानसिक स्थिति पर सवाल उठते हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मंत्री संजय निषाद अपने बयान पर खेद व्यक्त कर माफी नहीं मांगते हैं, तो उनके खिलाफ जनपद में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान निरीक्षण भवन परिसर में कुछ देर तक नारेबाजी होती रही, जिससे वहाँ हलचल का माहौल बना रहा।
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के एक कथित बयान को लेकर गुरुवार को बलिया में राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया। जनपद के गौरव के विपरीत बताए जा रहे इस बयान के विरोध में युवाओं ने निरीक्षण भवन पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने "संजय निषाद वापस जाओ", "संजय निषाद माफी मांगो" और "संजय निषाद मुर्दाबाद" के नारे लगाए, साथ ही मंत्री से बलिया की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। विरोध प्रदर्शन में जैनेन्द्र पांडे (मिंटू), रूपेश चौबे, सागर सिंह राहुल, अनुराग
पटेल, अभिजीत तिवारी, सत्यम, हार्दिक पांडे, किशन पांडे और राहुल पांडे सहित कई युवा शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसी भी जनप्रतिनिधि को बलिया के इतिहास और गौरव पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। प्रदर्शन के दौरान जैनेन्द्र पांडे (मिंटू) ने बलिया के इतिहास को पूरे देश में गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह महर्षि भृगु की तपोभूमि है और 1857 की क्रांति में मंगल पांडे ने यहीं से अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ पहली गोली चलाकर आजादी की लड़ाई का बिगुल फूंका था। इसके
अलावा, 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में चित्तू पांडे के नेतृत्व में बलिया ने खुद को सबसे पहले स्वतंत्र घोषित किया और उन्हें स्वतंत्र बलिया का प्रथम कलेक्टर माना गया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बलिया ने देश को पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर, समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र, साहित्यकार आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी और परशुराम चतुर्वेदी जैसी महान विभूतियां दी हैं। ऐसे गौरवशाली जनपद के बारे में मंत्री का कथित बयान करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। जैनेन्द्र पांडे ने मंत्री पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उनके
बयान से प्रतीत होता है कि उन्हें इतिहास का सही ज्ञान नहीं है। उन्होंने मंत्री पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे बयान देने पर उनकी मानसिक स्थिति पर सवाल उठते हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मंत्री संजय निषाद अपने बयान पर खेद व्यक्त कर माफी नहीं मांगते हैं, तो उनके खिलाफ जनपद में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान निरीक्षण भवन परिसर में कुछ देर तक नारेबाजी होती रही, जिससे वहाँ हलचल का माहौल बना रहा।
- बलिया में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए संगठनात्मक स्तर पर मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। बैरिया विधानसभा के बेलहरी ब्लॉक के भाजपा महामंत्री मुकेश प्रजापति ने अपनी ही सरकार, संगठन और जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुकेश प्रजापति का आरोप है कि वह अपनी ही सरकार में भूमाफियाओं से सबसे अधिक पीड़ित हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने गांव के अन्य पीड़ित लोगों की लड़ाई भी लड़ी, लेकिन हिस्ट्रीशीटर भूमाफिया अब उनकी खुद की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। मुकेश प्रजापति ने कहा कि उन्होंने इस मामले को लेकर जिला प्रशासन, भाजपा जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक से कई बार गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। न्याय न मिलने से नाराज भाजपा महामंत्री ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वह भाजपा कार्यकर्ताओं और गांव के लोगों के साथ अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठेंगे।1
- हक और इंसाफ की लड़ाई को मजबूती से लड़ने के लिए शौकत अली ने पार्टी और बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी की आवाज़ को बुलंद करने का आह्वान किया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि समर्थकों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। अपनी अपील के माध्यम से शौकत अली ने लोगों से संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की अपील की है।1
- बॉलिया और आसपास के निवासियों के लिए बॉलिया क्लिनिक की शुरुआत हो गई है। इस क्लिनिक में स्किन और गायनेकोलॉजी (बाँझपन) विशेषज्ञ डॉ. जेबा खान अपनी सेवाएँ दे रही हैं। डॉ. जेबा खान के पास 12 साल से अधिक का अनुभव है और उन्होंने दिल्ली के नामी अस्पतालों में अपनी सेवाएँ दी हैं। यहाँ महिलाओं से जुड़े हर तरह के रोगों, बाँझपन और स्किन संबंधी समस्याओं के विशेष इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। क्लिनिक का पता हॉस्पिटल रोड, सीतापुर आँखों का अस्पताल के पास, काली मंदिर, बॉलिया (पिन कोड- 277001) है। अपॉइंटमेंट या अधिक जानकारी के लिए 9278253339, 8115253339 या 9999368220 नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के एक कथित बयान को लेकर गुरुवार को बलिया में राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया। जनपद के गौरव के विपरीत बताए जा रहे इस बयान के विरोध में युवाओं ने निरीक्षण भवन पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने "संजय निषाद वापस जाओ", "संजय निषाद माफी मांगो" और "संजय निषाद मुर्दाबाद" के नारे लगाए, साथ ही मंत्री से बलिया की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। विरोध प्रदर्शन में जैनेन्द्र पांडे (मिंटू), रूपेश चौबे, सागर सिंह राहुल, अनुराग पटेल, अभिजीत तिवारी, सत्यम, हार्दिक पांडे, किशन पांडे और राहुल पांडे सहित कई युवा शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसी भी जनप्रतिनिधि को बलिया के इतिहास और गौरव पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। प्रदर्शन के दौरान जैनेन्द्र पांडे (मिंटू) ने बलिया के इतिहास को पूरे देश में गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह महर्षि भृगु की तपोभूमि है और 1857 की क्रांति में मंगल पांडे ने यहीं से अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ पहली गोली चलाकर आजादी की लड़ाई का बिगुल फूंका था। इसके अलावा, 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में चित्तू पांडे के नेतृत्व में बलिया ने खुद को सबसे पहले स्वतंत्र घोषित किया और उन्हें स्वतंत्र बलिया का प्रथम कलेक्टर माना गया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बलिया ने देश को पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर, समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र, साहित्यकार आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी और परशुराम चतुर्वेदी जैसी महान विभूतियां दी हैं। ऐसे गौरवशाली जनपद के बारे में मंत्री का कथित बयान करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। जैनेन्द्र पांडे ने मंत्री पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उनके बयान से प्रतीत होता है कि उन्हें इतिहास का सही ज्ञान नहीं है। उन्होंने मंत्री पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे बयान देने पर उनकी मानसिक स्थिति पर सवाल उठते हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मंत्री संजय निषाद अपने बयान पर खेद व्यक्त कर माफी नहीं मांगते हैं, तो उनके खिलाफ जनपद में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान निरीक्षण भवन परिसर में कुछ देर तक नारेबाजी होती रही, जिससे वहाँ हलचल का माहौल बना रहा।4
- बलिया के रसड़ा में बैजलपुर स्थित विवादित जमीन की पैमाइश को लेकर मामला सामने आया है। कोतवाल योगेंद्र बहादुर ने इस मामले में स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि उक्त जमीन की पैमाइश एसडीएम की उपस्थिति में ही संपन्न कराई जाए।1
- सिवान के सिसवन में श्रावणी मेले के आयोजन को लेकर अंचलाधिकारी उदयन सिंह ने बाबा महेंद्र नाथ धाम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर, सरोवर और आसपास के मार्गों की सफाई के लिए निर्देश जारी किए और स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा की व्यवस्था करने की भी योजना है। अंचलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मेले को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए वे रोजाना निरीक्षण करेंगे।1
- बलिया में 9 जुलाई 2026 को संजय निषाद की निषाद पार्टी का 'भूत कार्यक्रम सम्मेलन' आयोजित होना है। इस कार्यक्रम के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने निषाद पार्टी को बलिया से 'भागो' का नारा दिया है। कांग्रेस पार्टी ने डाक बंगला में इस संबंध में अपना प्रदर्शन भी किया।2
- बलिया के सिकंदरपुर कस्बे में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी उद्देश्य के साथ जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने गुरुवार की शाम कस्बे में पैदल मार्च किया और सुरक्षा व्यवस्था का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया। अधिकारीद्वय ने जुलूस के लिए निर्धारित पूरे मार्ग का दौरा किया और तैयारियों का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई ताकि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।1