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जमीन विवाद के चलते आपस में लड़े पैर टूटे ट्रैक्टर गाड़ी खुद के ही भाई पर चढ़ा दिया
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जमीन विवाद के चलते आपस में लड़े पैर टूटे ट्रैक्टर गाड़ी खुद के ही भाई पर चढ़ा दिया
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- Post by AAM JANATA1
- री एडमिशन लेने वाले प्राइवेट विद्यालय पर होगी कार्रवाई बोले जिला परिषद उपाध्यक्ष विनोद उरांव1
- लातेहार। जिले के विभिन्न प्रखंडों में केंद्रीय टीम का दौरा जारी है। सूत्रों की मानें, तो राज्य के कई जिलों को पीएम अवार्ड के लिए चयनित किया गया है। जिसमें लातेहार जिला भी है। अभी तक लातेहार जिले के कई प्रखंडों को केंद्रीय टीम दौरा कर कई विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की जांच एवं मूल्यांकन कर चुकी है। इसी क्रम में बुधवार को लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड के लुकुइया आंगनवाड़ी केंद्र का मूल्यांकण, एवं ट्रामा सेंटर का निरीक्षण, चंदवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण-मूल्यांकन, नगर आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों का रखरखाव-मूल्यांकन और जमीरा मेंआम बागवानी का निरीक्षण किया गया। उसके बाद बालूमाथ में सेविका ट्रेनिंग कार्यक्रम को बालूमाथ प्रखंड कार्यालय के साथ ही बारीखाप पीएचसी का निरीक्षण और मूल्यांकन किया गया। इसी तरह जिला प्रशासन की देखरेख में केंद्रीय टीम लातेहार के विभिन्न प्रखंडों में घूम-घूम कर सभी स्थलों का निरीक्षण एवं मूल्यांकन कर रही है।4
- लातेहार महुआडांड़ प्रखंड में जेएलकेएम प्रखंड कमिटी के बीच चल रहे आपसी मतभेद को बैठक के माध्यम से समाप्त कर दिया गया। बैठक में संगठन को मजबूत करने और बेहतर कार्य करने पर विशेष चर्चा की गई।इस मौके पर जिला सचिव प्रेम पांडेय, प्रखंड अध्यक्ष कुलदीप नायक और प्रखंड सचिव दीपक सोनी की मौजूदगी में सर्वसम्मति से प्रकाश कुमार को जेएलकेएम का नया युवा प्रखंड अध्यक्ष चुना गया।बैठक में उपस्थित नेताओं ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने और युवाओं को जोड़ने के लिए सभी कार्यकर्ता मिलकर काम करेंगे। नव नियुक्त युवा प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश कुमार ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे संगठन के विस्तार और मजबूती के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगे।नव नियुक्त युवा प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश कुमार को प्रखंड कमिटी के सदस्यों ने बधाई दी। वहीं महिला मोर्चा अध्यक्ष मंजू टोप्पो सहित दर्जनों सक्रिय सदस्यों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए संगठन को मजबूत बनाने की उम्मीद जताई।1
- एंकर :जिले के कोर्ट को अज्ञात ईमेल से बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद को न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह करीब 10 बजे न्यायालय के सरकारी ई-मेल पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा बम से उड़ाने की धमकी दी गई। ई-मेल मिलने के बाद न्यायालय प्रशासन ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक (एसपी) को दी।सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। एसपी के निर्देश पर मुख्यालय डीएसपी संजीव मिश्रा तथा थाना प्रभारी प्रमोद सिन्हा दल-बल के साथ तुरंत सिविल कोर्ट परिसर पहुंचे। इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर में सघन जांच अभियान चलाया गया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की मदद से न्यायालय परिसर के विभिन्न कक्षों, कार्यालयों और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से तलाशी ली गई। जांच के दौरान पुलिस ने कोर्ट के सभी कमरों और परिसर के कोने-कोने की जांच की, लेकिन किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच में जुटा हुआ है। ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए तकनीकी टीम भी सक्रिय कर दी गई है। धमकी मिलने के बाद एहतियातन कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही धमकी देने वाले की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।मामले पर एसपी कुमार गौरव ने पुष्टि किया है. गौरतलब है कि इससे पहले भी झारखंड के रांची, धनबाद और बोकारो के सिविल कोर्ट को ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। ऐसे मामलों को देखते हुए राज्यभर में न्यायालय परिसरों की सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है।2
- जंगली हाथियों का आतंक: एक ही घर को कई बार किया क्षतिग्रस्त, पीड़ित को अब तक नहीं मिला मुआवजा गांव – समसेरा, प्रखंड – भरनो, जिला – गुमला | तिथि – 11/03/2026 झारखंड के गांव समसेरा, प्रखंड भरनो, जिला गुमला में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। 11 मार्च 2026 की रात लगभग 2:30 बजे जंगली हाथियों के झुंड ने गांव में घुसकर परमिला उरांव के घर को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है। जंगली हाथियों ने इससे पहले भी लगभग 3 से 4 बार परमिला उरांव के घर को नुकसान पहुंचाया है। बार-बार घर टूटने से परिवार को भारी आर्थिक नुकसान और रहने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि हर घटना के बाद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी गई, लेकिन अब तक सरकार की ओर से किसी भी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया गया है। इससे परिवार काफी परेशान है और अस्थायी जगहों पर रहने को मजबूर है। ग्रामीणों ने सरकार और वन विभाग से मांग की है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए और गांव में जंगली हाथियों के आतंक से बचाव के लिए ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही राहत और सुरक्षा की व्यवस्था नहीं की गई, तो गांव के लोगों को लगातार खतरे का सामना करना पड़ेगा।1
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