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उत्तर प्रदेश के कौशांबी में भरत तिवारी, जो कथित तौर पर अपने क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों के हक के लिए पिछले दो वर्षों से अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे थे, अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके समर्थक दावा कर रहे हैं कि भरत तिवारी कोई अपराधी नहीं थे, बल्कि उन्हें 'इनाम के रूप में' एनकाउंटर में 6 गोलियां लगीं, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।
Journalist Shubham Pandey
उत्तर प्रदेश के कौशांबी में भरत तिवारी, जो कथित तौर पर अपने क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों के हक के लिए पिछले दो वर्षों से अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे थे, अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके समर्थक दावा कर रहे हैं कि भरत तिवारी कोई अपराधी नहीं थे, बल्कि उन्हें 'इनाम के रूप में' एनकाउंटर में 6 गोलियां लगीं, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।
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- कौशांबी जिले के मंझनपुर में प्रशासन ने जिलाधिकारी के आदेश पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) शालिनी प्रभाकर द्वारा गठित राजस्व टीम और नगर पालिका परिषद मंझनपुर के अधिशासी अधिकारी की मौजूदगी में यह अभियान चलाया गया। तहसील मंझनपुर के मौजा मंझनपुर स्थित आराजी संख्या 193 (नाली), 185 (चकमार्ग), 218 (तालाब), 312 (विद्युत उपकेंद्र) और 220 (बंजर) भूमि पर अवैध प्लाटरों द्वारा किए गए कब्जे और प्लाटिंग को जेसीबी लगाकर ध्वस्त कर दिया गया। मौके पर सरकारी भूमि को पूरी तरह से खाली करा लिया गया। अतिक्रमण मुक्त कराई गई सरकारी भूमि को नगर पालिका परिषद मंझनपुर द्वारा पिलर लगाकर चारों तरफ से घेराबंदी करके सुरक्षित किया गया। इस कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार ओम प्रकाश सिंह, राजस्व निरीक्षक कृष्णदेव त्रिपाठी, क्षेत्रीय लेखपाल और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।1
- कौशाम्बी में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) पूर्वांचल उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में एक 'दलित चौपाल/सामाजिक समरसता भोज/निःशुल्क स्वास्थ्य मेला एवं कार्यकर्ता जनसंवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुख्य सचेतक, उत्तर प्रदेश प्रभारी और सह सांसद माननीय अरुण भारती जी थे। विशिष्ट अतिथि के तौर पर माननीय धीरेन्द्र कुमार मुन्ना जी उपस्थित थे, और कार्यक्रम के आयोजक लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष माननीय राजीव पासी थे। मुख्य अतिथि अरुण भारती ने कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए कहा कि यह चौपाल केवल एक बैठक नहीं, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने का एक सशक्त मंच है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के तीन मूल मंत्रों—शिक्षित बनो, संगठित रहो, और संघर्ष करो—को दोहराते हुए बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के महत्व पर जोर दिया, क्योंकि शिक्षा के बिना समाज में बराबरी का हक नहीं मिल सकता। उन्होंने आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने का भी आह्वान किया। भारती जी ने संविधान द्वारा दिए गए वोट की ताकत और समानता के अधिकार को पहचानने और अपने विकास के लिए सही-गलत का चुनाव करने की बात कही। उन्होंने सरकार द्वारा दलित और वंचित समाज के उत्थान के लिए चलाई जा रही छात्रवृत्ति, कौशल विकास और आवास जैसी विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने और दूसरों को भी इनके प्रति जागरूक करने पर बल दिया। चौपाल का एक मुख्य उद्देश्य गांव में छुआछूत और सामाजिक भेदभाव जैसी कुरीतियों को जड़ से खत्म करना और जाति के आधार पर किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव न होने देने का संकल्प लेना भी बताया गया। अंत में, उन्होंने सभी से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, बच्चों को अच्छी शिक्षा देने और बाबा साहेब के सपनों का भारत बनाने में योगदान देने का प्रण लेने का आग्रह किया।1
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के सराय अकिल थाना क्षेत्र के नेवादा गांव में गुरुवार को एक हृदय विदारक घटना में पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बालू भंडारण के लिए अवैध रूप से खोदे गए गड्ढे ही इस हादसे का कारण बने हैं। मृतक बच्चों की पहचान नेवादा गांव निवासी 10 वर्षीय दीपांशु पुत्र राजेश पासी और 6 वर्षीय आदित्य पुत्र राकेश के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चे घर के पास खेल रहे थे तभी वे पानी से भरे एक गहरे गड्ढे के पास पहुँच गए और उसमें डूब गए। काफी देर तक बच्चों के दिखाई न देने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें तलाशना शुरू किया। बाद में जब दोनों बच्चों को गड्ढे से बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस दुखद खबर के फैलते ही गांव में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुँची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि बालू माफियाओं द्वारा अवैध रूप से गहरे गड्ढे खोदे गए थे, जिनमें बारिश और अन्य स्रोतों का पानी भर गया था। लोगों का कहना है कि यदि खनन एवं राजस्व विभाग समय रहते कार्रवाई करता और ऐसे अवैध गड्ढों पर रोक लगाता तो इस हादसे को टाला जा सकता था। घटना के बाद से ग्रामीण अवैध खनन करने वालों और गड्ढे खोदने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इस मामले में प्रशासन और संबंधित विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या गड्ढे खोदने के लिए वैध अनुमति ली गई थी या नहीं। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। दो मासूम बच्चों की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।2
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के सिराथू में एक दारोगा का रिश्वत मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में दारोगा एक व्यक्ति से 10 हजार रुपये की मांग करते हुए दिख रहे हैं, लेकिन अंत में 5 हजार रुपये में डील तय होती है। यह वीडियो सामने आने के बाद इलाके में इसकी काफी चर्चा हो रही है।1
- कौशांबी जिले के सराय अकील थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें बालू खनन के बाद बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम चचेरे भाइयों, 8 वर्षीय आदित्य और 6 वर्षीय दिव्यांशु की मौत हो गई। दोनों बच्चे नेवादा चौराहे के पास खेलते-खेलते इस गड्ढे के करीब पहुँच गए और दुर्घटना का शिकार हो गए। ग्रामीणों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मृतक आदित्य अपने पिता राकेश और दिव्यांशु अपने पिता राजेश के इकलौते बेटे थे। एक ही परिवार के इन दोनों इकलौते बच्चों की मौत से पूरे गांव में गहरा शोक है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने खनन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि गहरे गड्ढों के आसपास न तो कोई बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- समाजवादी पार्टी (सपा) की गतिविधियों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जहां एक ओर सपा के नेता ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ब्राह्मणों के साथ बैठकें कर रहे हैं। पार्टी के इस विरोधाभासी रवैये पर सवाल उठ रहे हैं और यह समझ से परे है कि समाजवादी पार्टी आखिर क्या करना चाह रही है।1
- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, जिसके बाद से यह चर्चा तेज है कि बसपा कितनी सीटें जीत पाएगी। इसी बीच, खबर है कि बसपा 'फर्स्ट 100' के दांव पर चलते हुए अपने 100 उम्मीदवारों की पहली सूची कभी भी जारी कर सकती है। यह संभव है कि बसपा सबसे पहले अपने उम्मीदवारों के टिकटों का ऐलान करे।1
- उत्तर प्रदेश के मंझनपुर में समाजवादी पार्टी ने महंगाई, भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन किया। इस 'हल्ला बोल' प्रदर्शन के माध्यम से पार्टी ने इन समस्याओं के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई।1
- Post by D.D.NEWS UTTER PRADESH1