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उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के सिराथू में एक दारोगा का रिश्वत मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में दारोगा एक व्यक्ति से 10 हजार रुपये की मांग करते हुए दिख रहे हैं, लेकिन अंत में 5 हजार रुपये में डील तय होती है। यह वीडियो सामने आने के बाद इलाके में इसकी काफी चर्चा हो रही है।

4 hrs ago
user_सच के साथ
सच के साथ
सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के सिराथू में एक दारोगा का रिश्वत मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में दारोगा एक व्यक्ति से 10 हजार रुपये की मांग करते हुए दिख रहे हैं, लेकिन अंत में 5 हजार रुपये में डील तय होती है। यह वीडियो सामने आने के बाद इलाके में इसकी काफी चर्चा हो रही है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • कौशांबी: सुबह-सुबह हाईवे पर पलटी फल लदी ट्रक सैनी क्षेत्र के गुलामीपुर ओवरब्रिज पर ट्रक अनियंत्रित होकर पलटी। हादसे के बाद हाईवे पर लगा लंबा जाम, चालक सुरक्षित। मौके पर पहुंची पुलिस ने संभाला मोर्चा।
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    कौशांबी: सुबह-सुबह हाईवे पर पलटी फल लदी ट्रक

सैनी क्षेत्र के गुलामीपुर ओवरब्रिज पर ट्रक अनियंत्रित होकर पलटी। हादसे के बाद हाईवे पर लगा लंबा जाम, चालक सुरक्षित। मौके पर पहुंची पुलिस ने संभाला मोर्चा।
    user_कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    13 min ago
  • उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले की चायल तहसील के परसरा गाँव में भूमि विवाद का एक मामला सामने आया है, जहाँ एक भूमिधर स्वामी भैया लाल को अपनी ही जमीन पर निर्माण कार्य करवाने के दौरान दबंगों द्वारा परेशान किया जा रहा है। पीड़ित भैया लाल का आरोप है कि परसरा निवासी पंकज केसरवानी और कपिल केसरवानी जबरन उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, काम रुकवा दिया है और इसे अपनी जमीन बता रहे हैं। भैया लाल ने बताया कि यह मामला परसरा गाँव की गाटा संख्या 739 से जुड़ा है। उन्होंने वर्ष 2003 में उत्तम कुमार पुत्तन से यह जमीन अपनी पत्नी रंजना देवी के नाम बैनामा करवाकर खरीदी थी। तब से वह उस जमीन पर बाउंड्री करवाकर किसानी कर रहे थे और अब उसी बाउंड्री के अंदर निर्माण कार्य करवा रहे हैं। आरोप है कि निर्माण शुरू होते ही पंकज केसरवानी और कपिल केसरवानी मौके पर पहुँच गए और जमीन को अपनी बताकर काम रुकवा दिया तथा जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। न्याय के लिए पीड़ित भैया लाल कौशाम्बी के जिला अधिकारी से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक कई चक्कर लगा चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भी दिए हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों की तरफ से उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। पीड़ित ने सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें न्याय दिलाया जाए और विपक्षी दबंगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
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    उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले की चायल तहसील के परसरा गाँव में भूमि विवाद का एक मामला सामने आया है, जहाँ एक भूमिधर स्वामी भैया लाल को अपनी ही जमीन पर निर्माण कार्य करवाने के दौरान दबंगों द्वारा परेशान किया जा रहा है। पीड़ित भैया लाल का आरोप है कि परसरा निवासी पंकज केसरवानी और कपिल केसरवानी जबरन उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, काम रुकवा दिया है और इसे अपनी जमीन बता रहे हैं।

भैया लाल ने बताया कि यह मामला परसरा गाँव की गाटा संख्या 739 से जुड़ा है। उन्होंने वर्ष 2003 में उत्तम कुमार पुत्तन से यह जमीन अपनी पत्नी रंजना देवी के नाम बैनामा करवाकर खरीदी थी। तब से वह उस जमीन पर बाउंड्री करवाकर किसानी कर रहे थे और अब उसी बाउंड्री के अंदर निर्माण कार्य करवा रहे हैं। आरोप है कि निर्माण शुरू होते ही पंकज केसरवानी और कपिल केसरवानी मौके पर पहुँच गए और जमीन को अपनी बताकर काम रुकवा दिया तथा जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।

न्याय के लिए पीड़ित भैया लाल कौशाम्बी के जिला अधिकारी से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक कई चक्कर लगा चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भी दिए हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों की तरफ से उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। पीड़ित ने सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें न्याय दिलाया जाए और विपक्षी दबंगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
    user_आर्या शुक्ला पत्रकार दारानगर भारत न्यूज
    आर्या शुक्ला पत्रकार दारानगर भारत न्यूज
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जनपद के सिराथू विकास खंड में स्थित बारीपुर ग्राम सभा राज्य के लिए एक रोल मॉडल के रूप में उभरी है। यहाँ के युवा ग्राम प्रधान विवेक मौर्य ने केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की योगी सरकार की नीतियों को धरातल पर उतारकर गाँव की तस्वीर बदल दी है। गाँव में अब आवास और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ आधुनिकता का नया अध्याय लिखा जा रहा है। कभी पानी की किल्लत झेलने वाले इस गाँव में, प्रधानमंत्री की 'जल जीवन मिशन' और 'स्वजल धारा योजना' के तहत 300 से अधिक घरों को सीधे नल से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिल रहा है। इसके अतिरिक्त, सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए एक आधुनिक कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किया गया है। गाँव के युवाओं के भविष्य को संवारने के उद्देश्य से एक अत्याधुनिक सचिवालय सभागार और एक शानदार डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा भी शुरू की गई है। बारीपुर ग्राम सभा ने यह दर्शाया है कि सही नेतृत्व से कोई भी गाँव डिजिटल और आत्मनिर्भर बन सकता है।
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    उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जनपद के सिराथू विकास खंड में स्थित बारीपुर ग्राम सभा राज्य के लिए एक रोल मॉडल के रूप में उभरी है। यहाँ के युवा ग्राम प्रधान विवेक मौर्य ने केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की योगी सरकार की नीतियों को धरातल पर उतारकर गाँव की तस्वीर बदल दी है। गाँव में अब आवास और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ आधुनिकता का नया अध्याय लिखा जा रहा है।

कभी पानी की किल्लत झेलने वाले इस गाँव में, प्रधानमंत्री की 'जल जीवन मिशन' और 'स्वजल धारा योजना' के तहत 300 से अधिक घरों को सीधे नल से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिल रहा है। इसके अतिरिक्त, सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए एक आधुनिक कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किया गया है। गाँव के युवाओं के भविष्य को संवारने के उद्देश्य से एक अत्याधुनिक सचिवालय सभागार और एक शानदार डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा भी शुरू की गई है। बारीपुर ग्राम सभा ने यह दर्शाया है कि सही नेतृत्व से कोई भी गाँव डिजिटल और आत्मनिर्भर बन सकता है।
    user_रवि कुमार वैश्य पत्रकार
    रवि कुमार वैश्य पत्रकार
    Local News Reporter सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कौशाम्बी में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) पूर्वांचल उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में एक 'दलित चौपाल/सामाजिक समरसता भोज/निःशुल्क स्वास्थ्य मेला एवं कार्यकर्ता जनसंवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुख्य सचेतक, उत्तर प्रदेश प्रभारी और सह सांसद माननीय अरुण भारती जी थे। विशिष्ट अतिथि के तौर पर माननीय धीरेन्द्र कुमार मुन्ना जी उपस्थित थे, और कार्यक्रम के आयोजक लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष माननीय राजीव पासी थे। मुख्य अतिथि अरुण भारती ने कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए कहा कि यह चौपाल केवल एक बैठक नहीं, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने का एक सशक्त मंच है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के तीन मूल मंत्रों—शिक्षित बनो, संगठित रहो, और संघर्ष करो—को दोहराते हुए बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के महत्व पर जोर दिया, क्योंकि शिक्षा के बिना समाज में बराबरी का हक नहीं मिल सकता। उन्होंने आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने का भी आह्वान किया। भारती जी ने संविधान द्वारा दिए गए वोट की ताकत और समानता के अधिकार को पहचानने और अपने विकास के लिए सही-गलत का चुनाव करने की बात कही। उन्होंने सरकार द्वारा दलित और वंचित समाज के उत्थान के लिए चलाई जा रही छात्रवृत्ति, कौशल विकास और आवास जैसी विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने और दूसरों को भी इनके प्रति जागरूक करने पर बल दिया। चौपाल का एक मुख्य उद्देश्य गांव में छुआछूत और सामाजिक भेदभाव जैसी कुरीतियों को जड़ से खत्म करना और जाति के आधार पर किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव न होने देने का संकल्प लेना भी बताया गया। अंत में, उन्होंने सभी से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, बच्चों को अच्छी शिक्षा देने और बाबा साहेब के सपनों का भारत बनाने में योगदान देने का प्रण लेने का आग्रह किया।
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    कौशाम्बी में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) पूर्वांचल उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में एक 'दलित चौपाल/सामाजिक समरसता भोज/निःशुल्क स्वास्थ्य मेला एवं कार्यकर्ता जनसंवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुख्य सचेतक, उत्तर प्रदेश प्रभारी और सह सांसद माननीय अरुण भारती जी थे। विशिष्ट अतिथि के तौर पर माननीय धीरेन्द्र कुमार मुन्ना जी उपस्थित थे, और कार्यक्रम के आयोजक लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष माननीय राजीव पासी थे।

मुख्य अतिथि अरुण भारती ने कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए कहा कि यह चौपाल केवल एक बैठक नहीं, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने का एक सशक्त मंच है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के तीन मूल मंत्रों—शिक्षित बनो, संगठित रहो, और संघर्ष करो—को दोहराते हुए बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के महत्व पर जोर दिया, क्योंकि शिक्षा के बिना समाज में बराबरी का हक नहीं मिल सकता। उन्होंने आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने का भी आह्वान किया।

भारती जी ने संविधान द्वारा दिए गए वोट की ताकत और समानता के अधिकार को पहचानने और अपने विकास के लिए सही-गलत का चुनाव करने की बात कही। उन्होंने सरकार द्वारा दलित और वंचित समाज के उत्थान के लिए चलाई जा रही छात्रवृत्ति, कौशल विकास और आवास जैसी विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने और दूसरों को भी इनके प्रति जागरूक करने पर बल दिया। चौपाल का एक मुख्य उद्देश्य गांव में छुआछूत और सामाजिक भेदभाव जैसी कुरीतियों को जड़ से खत्म करना और जाति के आधार पर किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव न होने देने का संकल्प लेना भी बताया गया। अंत में, उन्होंने सभी से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, बच्चों को अच्छी शिक्षा देने और बाबा साहेब के सपनों का भारत बनाने में योगदान देने का प्रण लेने का आग्रह किया।
    user_रामकिशन
    रामकिशन
    News Anchor सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के सराय अकिल थाना क्षेत्र के नेवादा गांव में गुरुवार को एक हृदय विदारक घटना में पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बालू भंडारण के लिए अवैध रूप से खोदे गए गड्ढे ही इस हादसे का कारण बने हैं। मृतक बच्चों की पहचान नेवादा गांव निवासी 10 वर्षीय दीपांशु पुत्र राजेश पासी और 6 वर्षीय आदित्य पुत्र राकेश के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चे घर के पास खेल रहे थे तभी वे पानी से भरे एक गहरे गड्ढे के पास पहुँच गए और उसमें डूब गए। काफी देर तक बच्चों के दिखाई न देने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें तलाशना शुरू किया। बाद में जब दोनों बच्चों को गड्ढे से बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस दुखद खबर के फैलते ही गांव में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुँची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि बालू माफियाओं द्वारा अवैध रूप से गहरे गड्ढे खोदे गए थे, जिनमें बारिश और अन्य स्रोतों का पानी भर गया था। लोगों का कहना है कि यदि खनन एवं राजस्व विभाग समय रहते कार्रवाई करता और ऐसे अवैध गड्ढों पर रोक लगाता तो इस हादसे को टाला जा सकता था। घटना के बाद से ग्रामीण अवैध खनन करने वालों और गड्ढे खोदने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इस मामले में प्रशासन और संबंधित विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या गड्ढे खोदने के लिए वैध अनुमति ली गई थी या नहीं। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। दो मासूम बच्चों की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
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    उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के सराय अकिल थाना क्षेत्र के नेवादा गांव में गुरुवार को एक हृदय विदारक घटना में पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बालू भंडारण के लिए अवैध रूप से खोदे गए गड्ढे ही इस हादसे का कारण बने हैं।

मृतक बच्चों की पहचान नेवादा गांव निवासी 10 वर्षीय दीपांशु पुत्र राजेश पासी और 6 वर्षीय आदित्य पुत्र राकेश के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चे घर के पास खेल रहे थे तभी वे पानी से भरे एक गहरे गड्ढे के पास पहुँच गए और उसमें डूब गए। काफी देर तक बच्चों के दिखाई न देने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें तलाशना शुरू किया। बाद में जब दोनों बच्चों को गड्ढे से बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

इस दुखद खबर के फैलते ही गांव में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुँची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि बालू माफियाओं द्वारा अवैध रूप से गहरे गड्ढे खोदे गए थे, जिनमें बारिश और अन्य स्रोतों का पानी भर गया था। लोगों का कहना है कि यदि खनन एवं राजस्व विभाग समय रहते कार्रवाई करता और ऐसे अवैध गड्ढों पर रोक लगाता तो इस हादसे को टाला जा सकता था। घटना के बाद से ग्रामीण अवैध खनन करने वालों और गड्ढे खोदने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इस मामले में प्रशासन और संबंधित विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या गड्ढे खोदने के लिए वैध अनुमति ली गई थी या नहीं।

फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। दो मासूम बच्चों की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
    user_सन्त लाल मौर्य पत्रकार
    सन्त लाल मौर्य पत्रकार
    Media and information sciences faculty सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के सिराथू में एक दारोगा का रिश्वत मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में दारोगा एक व्यक्ति से 10 हजार रुपये की मांग करते हुए दिख रहे हैं, लेकिन अंत में 5 हजार रुपये में डील तय होती है। यह वीडियो सामने आने के बाद इलाके में इसकी काफी चर्चा हो रही है।
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    उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के सिराथू में एक दारोगा का रिश्वत मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में दारोगा एक व्यक्ति से 10 हजार रुपये की मांग करते हुए दिख रहे हैं, लेकिन अंत में 5 हजार रुपये में डील तय होती है। यह वीडियो सामने आने के बाद इलाके में इसकी काफी चर्चा हो रही है।
    user_सच के साथ
    सच के साथ
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • कौशांबी के सराय अकील थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहाँ बालू खनन के बाद बने एक गहरे पानी भरे गड्ढे में डूबने से दो चचेरे भाई, 8 वर्षीय आदित्य और 6 वर्षीय दिव्यांशु की दर्दनाक मौत हो गई। नेवादा चौराहे के पास हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चे खेलते-खेलते इस जानलेवा गड्ढे के पास पहुँच गए और अनजाने में हादसे का शिकार हो गए। ग्रामीणों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मृतक आदित्य अपने पिता राकेश और दिव्यांशु अपने पिता राजेश के इकलौते बेटे थे। एक ही परिवार के इन दो इकलौते चिरागों के बुझने से पूरे गाँव में गहरा मातम पसर गया है, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दर्दनाक घटना के बाद ग्रामीणों ने खनन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की घोर कमी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि गहरे पानी से भरे इन गड्ढों के आसपास न तो कोई बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था, जिससे इस तरह के हादसे को रोका जा सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए खनन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है।
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    कौशांबी के सराय अकील थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहाँ बालू खनन के बाद बने एक गहरे पानी भरे गड्ढे में डूबने से दो चचेरे भाई, 8 वर्षीय आदित्य और 6 वर्षीय दिव्यांशु की दर्दनाक मौत हो गई। नेवादा चौराहे के पास हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चे खेलते-खेलते इस जानलेवा गड्ढे के पास पहुँच गए और अनजाने में हादसे का शिकार हो गए। ग्रामीणों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मृतक आदित्य अपने पिता राकेश और दिव्यांशु अपने पिता राजेश के इकलौते बेटे थे। एक ही परिवार के इन दो इकलौते चिरागों के बुझने से पूरे गाँव में गहरा मातम पसर गया है, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

इस दर्दनाक घटना के बाद ग्रामीणों ने खनन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की घोर कमी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि गहरे पानी से भरे इन गड्ढों के आसपास न तो कोई बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था, जिससे इस तरह के हादसे को रोका जा सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए खनन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है।
    user_कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by D.D.NEWS UTTER PRADESH
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    user_D.D.NEWS UTTER PRADESH
    D.D.NEWS UTTER PRADESH
    Journalist सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
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