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उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के मुजेहना विकासखंड में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। यह जन आंदोलन 3 जुलाई, 2026 से शुरू हुआ था, जिसमें ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर लगातार नारेबाजी करते नजर आए। आंदोलनकारी ग्रामीणों का आरोप है कि भ्रष्ट प्रशासन ने अभी तक उनकी शिकायतों का कोई संज्ञान नहीं लिया है। वे इसे तानाशाही सरकार और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जन आंदोलन बताते हुए कहते हैं कि इस सरकार में अधिकारी अपनी ही 'सही' पर अड़े हुए हैं, जिसके कारण उनकी मनमानी बढ़ती जा रही है।
Amar nand giri
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के मुजेहना विकासखंड में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। यह जन आंदोलन 3 जुलाई, 2026 से शुरू हुआ था, जिसमें ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर लगातार नारेबाजी करते नजर आए। आंदोलनकारी ग्रामीणों का आरोप है कि भ्रष्ट प्रशासन ने अभी तक उनकी शिकायतों का कोई संज्ञान नहीं लिया है। वे इसे तानाशाही सरकार और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जन आंदोलन बताते हुए कहते हैं कि इस सरकार में अधिकारी अपनी ही 'सही' पर अड़े हुए हैं, जिसके कारण उनकी मनमानी बढ़ती जा रही है।
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- अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस संबंध में गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों से न्यायिक हिरासत के दौरान लगातार पूछताछ की जा रही है, जबकि जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। इधर, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्ष इस मामले को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है, वहीं जांच एजेंसियां तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने की बात कह रही हैं। इसी बीच, राम मंदिर ट्रस्ट के ऑफिस इंचार्ज प्रकाश गुप्ता ने मामले को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है, जिससे यह प्रकरण और अधिक चर्चा में आ गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के लिए जिम्मेदार कौन है। इस पूरे प्रकरण पर सभी की निगाहें जांच और आगे आने वाली आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी हैं।1
- अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के तरीके सामने आए हैं, जहाँ चढ़ावा चोरों ने विभिन्न तरकीबों से नियमों की धज्जियाँ उड़ाई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ लोग नोटों के बंडल अपने मोजों में भरकर ले जाते हैं, जबकि अन्य उन्हें कपड़ों में छिपाकर काउंटिंग रूम से बाहर ले जाते हैं। उल्लेखनीय है कि काउंटिंग रूम में बिना जेब के कपड़े पहनने का एक नियम निर्धारित था, परंतु समय के साथ इस नियम की अनदेखी की गई।1
- आज लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने 9वें आम महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बताया गया कि उत्तर प्रदेश के आम अब यूके, यूएई, मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, न्यूजीलैंड, बेल्जियम, जापान, इटली, कतर, रूस और अन्य कई देशों में निर्यात किए जा रहे हैं।1
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने एक वक्तव्य जारी कर अयोध्या में श्री रामलला मंदिर के दान पात्रों से हुई दुर्भाग्यपूर्ण चोरी की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना संपूर्ण समाज और करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं तथा श्रद्धा को आघात पहुँचाने वाली है, क्योंकि भव्य राम मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष और भक्तों के समर्पण, त्याग एवं बलिदान का केंद्र है। वक्तव्य में बताया गया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के निवेदन पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विशेष जाँच दल का गठन किया है, जिसकी अनुशंसा पर कानूनी प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है। RSS ने इस बात पर जोर दिया है कि जाँच में दोषी पाए जाने वाले हर व्यक्ति को कठोर से कठोर दंड मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। RSS सहित संपूर्ण हिंदू समाज की न्यास से अपेक्षा है कि इस घोर निंदनीय घटना को असाधारण मानते हुए, व्यवस्था और संचालन की सभी कमियों को गंभीरता से दूर करने के लिए परिणामकारक कदम उठाए जाएँ। इसका उद्देश्य करोड़ों रामभक्तों की आस्था और श्रद्धा को अखंड बनाए रखना है, साथ ही वर्तमान भ्रम और असमंजस की स्थिति को समाप्त करना भी। RSS ने उम्मीद जताई है कि मंदिर प्रबंधन और शासन द्वारा गठित विशेष जाँच दल इस दिशा में सभी आवश्यक पहल करेंगे, जिससे समुचित वित्तीय प्रबंधन, निर्दोष पारदर्शी व्यवस्थाओं और पवित्रता से परिपूर्ण धार्मिक वातावरण के माध्यम से हिंदू समाज का विश्वास सुदृढ़ हो। अंत में, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने संपूर्ण हिंदू समाज से इस कठिन क्षण में धैर्य और संयम बरतने का आह्वान किया है। संघ ने आग्रह किया है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का लाभ उठाकर हिंदू विरोधी और राष्ट्र विरोधी शक्तियाँ, हिंदू धर्म और समाज को बदनाम करने की जो साजिशें रच सकती हैं, उन्हें विफल किया जाए।1
- अयोध्या में अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद ने राम मंदिर गबन प्रकरण के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिषद के प्रदेश महासचिव सूर्यभान सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन मंडलायुक्त राजेश कुमार को सौंपा। इस ज्ञापन में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में दान चोरी में संलिप्त व्यक्तियों पर कठोर कार्यवाही की मांग की गई है, जिसमें बुलडोजर कार्यवाही भी शामिल है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में श्रीराम जी के भक्तों की आस्था के साथ कोई खिलवाड़ न कर सके। इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में क्षत्रियों को भी प्रतिनिधित्व प्रदान करने की मांग की गई है। प्रदेश महासचिव सूर्यभान सिंह ने बताया कि मंदिर में दान चोरी की घटना से सभी सनातनी और उनका संगठन आहत हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्यवाही नहीं होती है, तो वे आंदोलन करेंगे। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अनिल सिंह, कार्यकारी जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, जिला संरक्षक दुर्गेश प्रताप सिंह छोटू, जिला महासचिव समर बहादुर सिंह, पृथ्वीराज सिंह, मीडिया प्रभारी अमरदीप सिंह, महिला जिला उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह, शिवकुमार सिंह, और पत्रकार राकेश सिंह सहित संगठन के तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे।3
- बहराइच जिले की कैसरगंज तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत गोडहिया नंबर-3 और मंझारा तैकली क्षेत्र के ग्यारह सौ रेती बॉर्डर पर लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद को सुलझाने के लिए तहसील एवं पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में पैमाइश का कार्य शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया गया। इस दौरान गोडहिया नंबर-3 के प्रधान प्रतिनिधि चंदन और ग्यारह सौ रेती के प्रधान भी मौके पर मौजूद रहे। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गोडहिया नंबर-3 और ग्यारह सौ रेती क्षेत्र के कुछ दबंग व्यक्ति, जिनमें रामप्रवेश यादव, मोहन यादव, भोला यादव, विनोद यादव और रामायण यादव शामिल हैं, प्रभाव के बल पर सरकारी और अन्य भूमियों पर कब्जा करके खेती करते रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, आजादी के बाद से इस इलाके में भूमि का ठीक से सर्वेक्षण नहीं हो पाया है, जिसके कारण जमीन को लेकर अक्सर विवाद होते रहते हैं। यह क्षेत्र घाघरा नदी के बाढ़ प्रभावित इलाके में आता है, जिससे हर साल कटान के कारण भूमि का स्वरूप भी बदल जाता है और विवाद और गहरे हो जाते हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पहले भी कई बार पैमाइश कराई गई थी, लेकिन वास्तविक कब्जा नहीं दिलवाया गया। हालांकि, इस बार दोनों ग्राम प्रधानों की मौजूदगी और प्रशासनिक निगरानी में पैमाइश की पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया गया है।1
- गोंडा शहर के रेलवे स्टेशन स्थित रेलटेल टावर पर शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला अपने तीन छोटे-छोटे बच्चों के साथ टावर पर चढ़ गई। महिला ने ऊपर से कूदकर जान देने की धमकी दी, जिसके बाद तत्काल जीआरपी, आरपीएफ, सिविल पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब 8 घंटे तक चले इस बचाव अभियान के दौरान, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने लगातार महिला को समझाने का प्रयास किया। अंततः, एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने अपनी सूझबूझ और धैर्य का परिचय देते हुए महिला और उसके तीनों बच्चों को सकुशल नीचे उतार लिया।4
- अखिलेश यादव के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं छेड़ दी हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "आप भी चंदा दीजिए।" उनके इस कथन के बाद, राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं और नई बहसें शुरू होने की संभावना है। माना जा रहा है कि इस बयान को लेकर जल्द ही विभिन्न राजनीतिक खेमों से अलग-अलग टिप्पणियां सामने आ सकती हैं, जिससे राजनीतिक परिदृश्य में गरमागरम बहस छिड़ जाएगी।1
- यह नगरी उदास दिख रही है, और यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या दशरथ के लाल फिर से वनवास चले गए हैं। यही एक गहन प्रार्थना और पुकार है, जिसमें दशरथ के लाल से वापस आने का आग्रह किया जा रहा है ताकि नगरी की उदासी समाप्त हो सके।1