मध्य प्रदेश के रतनगढ़ माता मंदिर की पहाड़ी पर बने मुख्य मार्ग पर लगभग 11 लाख रुपये की लागत से निर्मित 365 मीटर लंबी सीसी रोड महज 11 महीने में ही पूरी तरह उखड़ गई है। ग्राम पंचायत खमरोली द्वारा विधायक निधि से बनवाई गई इस सड़क की बदहाली के कारण रतनगढ़ माता मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों से मंदिर तक पहुंचना जोखिम भरा हो गया है, खासकर बरसात के मौसम में फिसलने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका है। नागरिकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसकी निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सड़क मानकों के अनुरूप बनी होती तो इतनी कम अवधि में क्षतिग्रस्त नहीं होती। ग्रामीणों ने संबंधित इंजीनियर, जनपद पंचायत के अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। यदि निर्माण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क का शीघ्र गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि रतनगढ़ माता मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, और ऐसे धार्मिक स्थल तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।
मध्य प्रदेश के रतनगढ़ माता मंदिर की पहाड़ी पर बने मुख्य मार्ग पर लगभग 11 लाख रुपये की लागत से निर्मित 365 मीटर लंबी सीसी रोड महज 11 महीने में ही पूरी तरह उखड़ गई है। ग्राम पंचायत खमरोली द्वारा विधायक निधि से बनवाई गई इस सड़क की बदहाली के कारण रतनगढ़ माता मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों से मंदिर तक पहुंचना जोखिम भरा हो गया है, खासकर बरसात के मौसम में फिसलने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका है। नागरिकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसकी निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सड़क मानकों के अनुरूप बनी होती तो इतनी कम अवधि में क्षतिग्रस्त नहीं होती। ग्रामीणों ने संबंधित इंजीनियर, जनपद पंचायत के अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। यदि निर्माण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क का शीघ्र गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि रतनगढ़ माता मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, और ऐसे धार्मिक स्थल तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले के सेवढ़ा विकासखंड के तहत आने वाले संकुल केंद्र थरेट के शासकीय प्राथमिक विद्यालय चपरा में शनिवार, 27 जून को शिक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही उजागर हुई। दोपहर 2:19 बजे जब विद्यालय का मुख्य गेट देखा गया तो उस पर ताला लटका मिला और परिसर पूरी तरह सूना था; न तो कोई शिक्षक मौजूद था और न ही कोई छात्र दिखाई दिया। निर्धारित समय से काफी पहले विद्यालय बंद मिलने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय का समय से पहले बंद होना और शिक्षकों का अनुपस्थित रहना कोई नई घटना नहीं है, बल्कि यह एक सामान्य बात बन गई है। उनकी शिकायत है कि इस लापरवाही के कारण बच्चों की नियमित पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे उनका शैक्षणिक भविष्य संकट में पड़ गया है। लोगों का आरोप है कि यदि सरकारी विद्यालयों में इसी तरह की अनदेखी जारी रही तो लोगों का भरोसा शिक्षा व्यवस्था से उठ जाएगा। गांव की सरपंच नीरज यादव ने भी इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे 'शिक्षकों की बिल्कुल गलत कार्यप्रणाली' बताया। उन्होंने कहा कि यह उनके गांव के बच्चों का भविष्य खराब कर रहा है और वे इस मामले की शिकायत शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से करेंगी ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो और बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, विद्यालय के निर्धारित समय से पहले बंद होने और शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारणों का पता लगाने तथा दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, सीएसी राकेश अहिरवार ने बताया कि वह इस संबंध में एक प्रतिवेदन तैयार कर वरिष्ठ कार्यालय को भेजेंगे। अब यह देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और जांच के उपरांत दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर क्या कदम उठाता है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते ऐसी लापरवाहियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो इसका सीधा और नकारात्मक असर गांव के बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य पर पड़ेगा।1
- मिहोना नगर के ऐतिहासिक बालाजी धाम मंदिर के पास स्थित कछवाहा राजवंश की कुलदेवी जमवाय माता मंदिर में बीते सप्ताह चोरों ने वारदात को अंजाम दिया था। अज्ञात चोर दो चांदी के छत्र और एक चांदी का मुकुट चोरी कर ले गए थे, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। हालांकि, मिहोना थाना पुलिस लगातार हो रही चोरियों और विशेष रूप से इस मामले का खुलासा करने में नाकाम रही है, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चोरी का खुलासा न होने से आक्रोशित होकर, जमवाय माता मंदिर से एकत्रित हुए लोग मिहोना तहसील कार्यालय पहुँचे। वहाँ, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद और मिहोना पुलिस चोर है जैसे नारे लगाए। लोगों ने मिहोना तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों और बीते सप्ताह हुए जमवाय माता मंदिर की चोरी के मामलों में कार्रवाई की मांग की गई।1
- सोमवार दोपहर भिंड शहर के मुड़िया खेड़ा स्थित एक कागज फैक्ट्री में अचानक एक सांप निकल आने से कर्मचारियों में दहशत फैल गई। कर्मचारियों ने तुरंत इस घटना की सूचना फैक्ट्री मालिक को दी। इसके बाद, सोमवार दोपहर करीब 12 बजे फैक्ट्री मालिक ने सर्पमित्र जग्गू परिहार को सांप निकलने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही सर्पमित्र जग्गू परिहार बिना देर किए मौके पर पहुंचे और फैक्ट्री के अंदर सांप की तलाश शुरू की। लगभग आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने जहरीले धामन सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। सांप को एक बोरी में सुरक्षित रखा गया और फिर उसके प्राकृतिक आवास जंगल में छोड़ दिया गया। सर्पमित्र जग्गू परिहार ने लोगों से अपील की है कि घर, फैक्ट्री या किसी भी जगह सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं और न ही उसे मारने का प्रयास करें। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे तत्काल किसी प्रशिक्षित सर्पमित्र या वन विभाग को सूचना दें, ताकि सांप और लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- भिंड जिले के मिहोना नगर में लगातार हो रही चोरियों और विशेषकर बीते सप्ताह जमवाय माता मंदिर से हुई चोरी के विरोध में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए हैं। नगर के ऐतिहासिक बालाजी धाम मंदिर के पास स्थित कछवाहा राजवंश की कुलदेवी जमवाय माता मंदिर से अज्ञात चोरों ने दो चांदी के छत्र और एक चांदी का मुकुट चुरा लिया था। इस घटना को लेकर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला तो दर्ज किया था, लेकिन मिहोना थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि वे लगातार हो रही चोरियों का खुलासा करने में नाकाम रही है। पुलिस की इस विफलता से आक्रोशित होकर जमवाय माता मंदिर से एकत्रित हुए लोग मिहोना तहसील कार्यालय पहुंचे। तहसील कार्यालय पर प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की, जिसमें "पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद" और "मिहोना पुलिस चोर है" जैसे नारे लगाए गए, जिनसे पूरा नगर गूंज उठा। आक्रोशित जनता ने मिहोना तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपकर इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।2
- भिण्ड जिले में 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत एक व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत, अटेर, एंडोरी, नयागांव, गोहद चौराहा, मिहोना, सुरपुरा, रावतपुरा, आलमपुर, देहात, सिटीकोटवाली, बरोही, मेहगांव, मौ और गोहद असवार सहित विभिन्न थानों की पुलिस टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में आमजन को ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, फर्जी कॉल और सोशल मीडिया फ्रॉड जैसे विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों से बचने के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। नागरिकों को सतर्क और जागरूक रहने, अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया। यह अभियान लोगों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और साइबर अपराधों की प्रभावी रोकथाम के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।4
- मध्य प्रदेश के भिंड जिले में, लहार असवार थाना क्षेत्र में एक दीवानजी पर ड्यूटी के दौरान शराब पीकर ग्रामीणों से बदतमीजी करने और मकान तुड़वाने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार, जमीन का एक विवाद सुलझाने पहुंचे दीवानजी उमेश कुमार कथित तौर पर अत्यधिक नशे की हालत में थे और उन्होंने मर्यादा भूलकर बुजुर्गों से दुर्व्यवहार किया। पीड़ित महाराणा जादौन और अन्य ग्रामीणों ने जब दीवानजी को उनकी हरकतों के लिए घेरा, तो इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे खाकी एक बार फिर शर्मसार हुई है। इस पूरे मामले पर थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि वायरल वीडियो के आधार पर जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा भोपाल में दिए गए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबंधित 'चड्डी और पट्टी' वाले बयान पर कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मंत्री विजयवर्गीय ने कथित तौर पर कहा था कि जो भी अधिकारी आता है, वह यह दावा करता है कि उसने भी संघ की पट्टी बांध रखी है। सज्जन सिंह वर्मा ने विजयवर्गीय के इस बयान को मध्य प्रदेश के सभी अधिकारियों पर एक बहुत बड़ा कटाक्ष बताया। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों के लिए इस तरह की भाषा का प्रयोग किया गया है, उन्हें डूब मरना चाहिए। वर्मा ने अधिकारियों से यह भी आह्वान किया कि वे कैलाश विजयवर्गीय से पूछें कि उन्हें ऐसी बात कहने की हिम्मत कैसे हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी सरकार और संविधान के वफादार होते हैं, और किसी संगठन या दल का सदस्य बताकर उनकी गरिमा को कम नहीं किया जाना चाहिए। यह प्रतिक्रिया सज्जन सिंह वर्मा ने देवास में कांग्रेस के संगठन सर्जन अभियान की एक बैठक में शामिल होने के दौरान दी।1
- मध्य प्रदेश के रतनगढ़ माता मंदिर की पहाड़ी पर बने मुख्य मार्ग पर लगभग 11 लाख रुपये की लागत से निर्मित 365 मीटर लंबी सीसी रोड महज 11 महीने में ही पूरी तरह उखड़ गई है। ग्राम पंचायत खमरोली द्वारा विधायक निधि से बनवाई गई इस सड़क की बदहाली के कारण रतनगढ़ माता मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों से मंदिर तक पहुंचना जोखिम भरा हो गया है, खासकर बरसात के मौसम में फिसलने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका है। नागरिकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसकी निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सड़क मानकों के अनुरूप बनी होती तो इतनी कम अवधि में क्षतिग्रस्त नहीं होती। ग्रामीणों ने संबंधित इंजीनियर, जनपद पंचायत के अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। यदि निर्माण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क का शीघ्र गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि रतनगढ़ माता मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, और ऐसे धार्मिक स्थल तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।1