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Puranpur
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- 60 मी पल चोरी हो गया रातों-रात पता ही नहीं चला कौन कर लेकर गया फिर शासन दुखी है1
- Jan Kalyan ankheda1
- बरेली के भुता क्षेत्र स्थित गिरधरपुर जयदेव गांव में सड़क किनारे एक 55 वर्षीय व्यक्ति का शव मिला है। मृतक की पहचान लीलाधर के रूप में हुई है। यह घटना तब सामने आई जब राहगीर सौरभ राजीव ने शव देखकर पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचना दी। जानकारी मिलते ही 112 की टीम और भुता थाना प्रभारी रविंद्र कुमार सिंह अपनी टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने राहगीरों की सहायता से मृतक की शिनाख्त की। लीलाधर पीलीभीत जिले की बीसलपुर तहसील के बिलसंडा थाना क्षेत्र के घनश्यामपुर गांव के निवासी थे। बताया गया है कि वह अपने घर से बरेली जिले के खांडसरा गांव निवासी अपने रिश्तेदार प्रेमपाल के यहां आए हुए थे। मामले की आगे की जांच जारी है।1
- सत्यार्थ न्यूज़ रिपोर्टर: अमित दीक्षित पीलीभीत के ड्रमण्ड राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित इस महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल पर आधारित एक विस्तृत समाचार रिपोर्ट यहाँ दी गई है: पीलीभीत: ड्रमण्ड इंटर कॉलेज में 'ब्लैक आउट' मॉक ड्रिल, युद्ध और आपदा से निपटने का सिखाया मंत्र पीलीभीत। भविष्य की चुनौतियों और आपातकालीन स्थितियों के प्रति नागरिकों को तैयार करने के उद्देश्य से जनपद के प्रतिष्ठित ड्रमण्ड राजकीय इंटर कॉलेज में 'ब्लैक आउट' मॉक ड्रिल का भव्य आयोजन किया गया। आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस अभ्यास का नेतृत्व जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने संयुक्त रूप से किया। क्या है 'ब्लैक आउट' और क्यों है जरूरी? मॉक ड्रिल के दौरान जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने छात्रों और शहरवासियों को संबोधित करते हुए बताया कि 'ब्लैक आउट' की स्थिति मुख्य रूप से हवाई हमलों या सुरक्षा कारणों से पैदा होती है, जहाँ पूरे शहर की रोशनी बंद कर दी जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का सजग होना अनिवार्य है। "आपदा के समय घबराने के बजाय अनुशासन बनाए रखना ही सबसे बड़ा बचाव है। सजग नागरिक ही किसी भी विषम परिस्थिति में प्रशासन की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं।" — ज्ञानेन्द्र सिंह, जिलाधिकारी अफवाहों से बचने और सुरक्षा मानकों पर जोर अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी आपदा या युद्ध जैसी स्थिति में 'अफवाहें' सबसे अधिक घातक साबित होती हैं। उन्होंने जनता से केवल आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करने की अपील की। प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु: अभ्यास के दौरान विशेषज्ञों ने विभिन्न जीवन-रक्षक तकनीकों का प्रदर्शन किया, जिनमें प्रमुख थे: विद्युत सुरक्षा: ब्लैक आउट के दौरान बिजली उपकरणों का सही प्रबंधन। प्राथमिक उपचार: घायल व्यक्तियों को तत्काल सहायता देना। राहत-बचाव: मलबे या आग जैसी स्थितियों से सुरक्षित निकलना। आपसी समन्वय: प्रशासन और मोहल्ला समितियों के बीच तालमेल। प्रशासनिक उपस्थिति इस मॉक ड्रिल में नगर मजिस्ट्रेट विजय वर्धन सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर दीपक चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवक और भारी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने सभी से इन प्रशिक्षणों को गंभीरता से लेने और सुरक्षा मानकों को आत्मसात करने का आह्वान किया। संदेश स्पष्ट है: संयम, अनुशासन और सही जानकारी ही आपदा के समय सबसे सशक्त हथियार हैं।3
- प्रेमी को किया संदूक में बंद। उत्तर प्रदेश के जिला कानपुर में एक युवक अपनी प्रेमिका से उसके घर मिलने गया तभी प्रेमिका की चाची आ गई वह घबरा गई और प्रेमिका ने अपने प्रेमी को बड़े बॉक्स में बंद कर दिया उसकी चाची ने और शोर शराबा करने लगी तभी किसी ने पुलिस को सूचना दे दी सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रेमिका को डराया और धमकाया तभी पुलिस ने बड़े संदूक का ताला खुलवाया उसमें से प्रेमी को बाहर निकाल1
- बीसलपुर बरेली मार्ग पर भूसी से भरे ओवरलोड बाहन दे रहे मौत को दावत इस मार्ग से अक्सर धड़ल्ले से दौड़ते हैं भूसी भरे ट्रक विभागीय अधिकारी की अनदेखी के चलते कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा इस मार्ग पर फोर व्हीलर बाइक वालों को अक्सर दिक्कत उठानी पड़ती है व हादसे का शिकार भी हो जाते हैं1
- paliya badlega or aage badhega ek hi baat Mandeep singh paliya ke sath1
- एक मोबाइल फोन लिया वह भी हो गया चोरी और उसकी पार्टी बहुत महंगी पड़ गई आपका ही बताइए कमेंट करके कुछ उपाय1