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दूध का भाव बढ़ने को लेकर भाव बढ़ाना चाहिए या नहीं अपनी राय बताएं दूध का भाव बढ़ने की मांग आखिर उनकी सब चीज लेंगे हमारा दूध क्यों सस्ता
Ajay
दूध का भाव बढ़ने को लेकर भाव बढ़ाना चाहिए या नहीं अपनी राय बताएं दूध का भाव बढ़ने की मांग आखिर उनकी सब चीज लेंगे हमारा दूध क्यों सस्ता
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- दूध का भाव बढ़ने को लेकर भाव बढ़ाना चाहिए या नहीं अपनी राय बताएं दूध का भाव बढ़ने की मांग आखिर उनकी सब चीज लेंगे हमारा दूध क्यों सस्ता1
- राजगढ़ में नेताजी की कार में लगा था हूटर यातायात पुलिस ने काट दिया चालान राजगढ़ में बुधवार शाम को यातायात पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया जिसमे वाहनों की चेकिंग की गई। इस दौरान एक नेताजी की गाड़ी में प्रतिबंध के बाद भी हूटर लगाया गया जिसका चालान बनाकर रवाना किया।1
- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जन- विश्वास पोर्टल का क्या हुआ शुभारंभ {श्याम रानोलिया राजगढ़} 7049220386 *कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायतों को दिए महत्वपूर्ण निर्देश* *जन-विश्वास अभियान की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी शिकायतों एवं आवेदनों के निराकरण की होगी सतत समीक्षा* *नमो सेवा गाथा से लेकर रंगोली राष्ट्र तक आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा बेहतर प्लानिंग, मॉनिटरिंग एवं दस्तावेजीकरण पर दिया जोर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायतों के साथ बैठक कर जन-विश्वास अभियान सहित आगामी जनभागीदारी एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-विश्वास पोर्टल का शुभारंभ करते हुए अभियान के प्रभावी, पारदर्शी एवं व्यवस्थित क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जन-विश्वास पोर्टल के माध्यम से अभियान के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों, आवेदनों एवं उनके निराकरण की प्रगति की ऑनलाइन निगरानी की जा सकेगी। अधिकारियों द्वारा प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जाएगी, जिससे निराकरण की स्थिति की सतत समीक्षा एवं प्रभावी अनुश्रवण संभव होगा। उन्होंने कहा कि जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना, लंबित शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करना तथा शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति की प्रभावी मॉनिटरिंग करना है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने ‘नमो सेवा गाथा’ के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक, ‘आंगन का उत्सव’, ‘मातृ संवाद’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प’, ‘स्वच्छता तथा विकास एवं सौंदर्यीकरण’, ‘सेवा सेतु अभियान’ एवं ‘रंगोली राष्ट्र’ सहित विभिन्न कार्यक्रमों की प्रभावी प्लानिंग एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज एवं जनसेवक महाकुंभ जैसे आगामी कार्यक्रमों के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने तथा स्थानीय स्तर पर प्रभावी गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि सभी कार्यक्रमों का सुव्यवस्थित दस्तावेजीकरण एवं नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रमों की गतिविधियों, जनभागीदारी, नवाचारों एवं प्राप्त परिणामों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से तैयार किया जाए, ताकि इनकी प्रगति एवं प्रभाव का प्रभावी आकलन किया जा सके। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान राजगढ़ जिला मुख्यालय से कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. इच्छित गढ़पाले सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।4
- प्रदर्शन मामलों में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! सुप्रीम कोर्ट ने 20 से 25 जुलाई के बीच हुए प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में दर्ज FIR रद्द करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आर्टिकल 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि इन मामलों में आगे जांच या कार्रवाई नहीं होगी। साथ ही 20 से 26 जुलाई के बीच हुई घटनाओं पर नई FIR दर्ज नहीं करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को आवेदन में बताए गए 2,873 लोगों के खिलाफ नई FIR दर्ज करने की छूट दी गई है। प्रदर्शन मामलों में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! सुप्रीम कोर्ट ने 20 से 25 जुलाई के बीच हुए प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में दर्ज FIR रद्द करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आर्टिकल 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि इन मामलों में आगे जांच या कार्रवाई नहीं होगी। साथ ही 20 से 26 जुलाई के बीच हुई घटनाओं पर नई FIR दर्ज नहीं करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को आवेदन में बताए गए 2,873 लोगों के खिलाफ नई FIR दर्ज करने की छूट दी गई है।1
- शमशाबाद में किरार धाकड़ समाज ने निकाला भव्य चल समारोह, धरणीधर भगवान बलराम के जयकारों से गूंजा नगर। एंकर :- शमशाबाद में धरणीधर भगवान बलराम जयंती के अवसर पर( किरार )धाकड़ समाज द्वारा भव्य चल समारोह निकाला गया। धार्मिक उत्साह और श्रद्धा से सराबोर इस भव आयोजन में नगर सहित आसपास के ग्रामों और नगरों से बड़ी संख्या में धाकड़ समाजजन शामिल हुए। चल समारोह की शुरुआत महानीम चौराहा नवनिर्मित भगवान बलराम मंदिर से शुरू हुई। भगवान बलरामजी की पूजा-अर्चना के बाद निकला यह चल समारोह नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए प्रसिद्ध भगवान द्वारिकाधीश, रामदेव बाबा मंदिर पहुंचा, जहां इसका समापन किया गया। चल समारोह में बाहर से आए कलाकार धरणीधर भगवान बलराम के भजनों पर नृत्य करते हुए चल रहे थे। भक्ति गीतों और जयकारों से पूरा नगर भक्तिमय नजर आया। इस दौरान ‘जय धरणीधर जय बलराम’ के जयकारों से सारा शमशाबाद नगर गूंज उठा । चल समारोह का नगर में जगह-जगह लोगों द्वारा स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने धरणीधर भगवान बलरामजी की आरती कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की।1
- “आलकी के पालकी, जय कन्हैया लाल की” सादनखेड़ी में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर भक्ति में झूमे श्रद्धालु, जयकारों से गूंजा कथा पंडाल। “आलकी के पालकी, जय कन्हैया लाल की” सादनखेड़ी में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर भक्ति में झूमे श्रद्धालु, जयकारों से गूंजा कथा पंडाल। #श्रीकृष्णजन्मोत्सव #कृष्णजन्माष्टमी #जयकन्हैयालालकी #आलकीकेपालकी #श्रीमद्भागवतकथा #सादनखेड़ी #कालापीपल #कृष्णभक्ति #भागवतकथा #सनातनधर्म #भक्तिरस #श्रीकृष्ण #जन्माष्टमी #धार्मिकआयोजन #विशालभंडारा1
- शमशाबाद में धाकड़ समाज का भव्य चल समारोह #शमशाबाद #बलरामजयंती #धाकड़समाज #जनताखबर शमशाबाद में धाकड़ समाज का भव्य चल समारोह #शमशाबाद #बलरामजयंती #धाकड़समाज #जनताखबर1
- *‘’हर मंदिर की कहानी, आस्था की जुबानी’’* *घुरेल पहाड़ी पर विराजे पशुपतिनाथ* *जहां पहाड़ी की खामोशी में सुनाई देती है शिव-भक्ति की धुन* {श्याम रानोलिया राजगढ़ } " राजगढ़ की धार्मिक विरासत की कहानी को पढ़ा नहीं महसूस किया जा सकता है" सुबह की पहली किरण जब घुरेल पहाड़ी की चोटियों को छूती है, तो हरियाली के बीच विराजमान भगवान पशुपतिनाथ की भव्य प्रतिमा एक अलग ही आभा से भर उठती है। चारों ओर पसरा शांत प्राकृतिक परिवेश, पहाड़ी की ठंडी हवा और मंदिर की ओर बढ़ते श्रद्धालुओं के कदम—मानो यहां प्रकृति स्वयं शिव की आराधना में लीन हो। राजगढ़ के सुठालिया क्षेत्र की घुरेल पहाड़ी पर स्थित भगवान पशुपतिनाथ मंदिर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था, प्रकृति और आध्यात्मिक अनुभूति का ऐसा संगम है, जहां पहुंचकर मन कुछ पल के लिए ठहर जाता है। *भव्य प्रतिमा में दिखाई देती है आस्था की विराटता* घुरेल पहाड़ी पर भगवान पशुपतिनाथ की भव्य प्रतिमा मंदिर की सबसे आकर्षक विशेषताओं में से एक है। पहाड़ी के शांत परिवेश के बीच स्थापित यह विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं को दूर से ही अपनी ओर आकर्षित करती है। प्रतिमा की भव्यता मंदिर के धार्मिक स्वरूप को और प्रभावशाली बनाती है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, विशाल प्रतिमा के निर्माण के लिए विशेष पत्थर विदेश से लाया गया था, जबकि इसकी नक्काशी जयपुर में कराई गई। शिल्प, आकार और धार्मिक भावनाओं का यह मेल इस प्रतिमा को मंदिर की विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। *महाशिवरात्रि पर उमड़ता है आस्था का सैलाब* भगवान पशुपतिनाथ के इस धाम में वर्षभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। विशेष रूप से महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक पर्वों पर मंदिर परिसर भक्ति और उल्लास से भर उठता है। विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु घुरेल पहाड़ी पहुंचते हैं। कोई भगवान शिव से सुख-शांति की कामना करता है, तो कोई परिवार की समृद्धि और मंगल के लिए प्रार्थना करता है। घंटियों की ध्वनि और शिव-भक्ति के जयघोष से पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग जाता है। *जहां प्रकृति भी करती है शिव का अभिनंदन* घुरेल पहाड़ी की खूबसूरती इस धार्मिक स्थल की अनुभूति को और गहरा करती है। चारों ओर फैली हरियाली, शांत वातावरण और पहाड़ी का प्राकृतिक सौंदर्य यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। यहां भगवान शिव की आराधना केवल मंदिर की सीमाओं तक सिमटी नहीं लगती। प्रकृति की शांति, खुला आकाश और पहाड़ी की हवा मिलकर ऐसा वातावरण रचते हैं, जहां कुछ पल बिताना भी अपने आप में एक अनुभव बन जाता है। यहां आने वाला श्रद्धालु केवल भगवान के दर्शन नहीं करता, बल्कि प्रकृति के सान्निध्य में स्वयं से भी मिलने का अवसर पाता है। *मान्यताओं और परंपराओं से जुड़ा आस्था का केंद्र* घुरेल पहाड़ी का यह मंदिर स्थानीय धार्मिक आस्थाओं और परंपराओं से लंबे समय से जुड़ा हुआ है। भगवान पशुपतिनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था इस धाम को क्षेत्र की धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती है। पीढ़ियों से चली आ रही धार्मिक मान्यताएं और पर्व-त्योहारों पर होने वाले आयोजन इस स्थल की आध्यात्मिक महत्ता को जीवंत बनाए हुए हैं। *धार्मिक पर्यटन की नई संभावनाएं* भव्य प्रतिमा, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व—इन तीनों का संगम घुरेल पहाड़ी को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी विशेष बनाता है। शांत वातावरण में स्थित यह धाम आने वाले समय में श्रद्धालुओं के साथ-साथ उन पर्यटकों को भी आकर्षित कर सकता है, जो धार्मिक स्थलों के साथ प्रकृति और आध्यात्मिक अनुभव की तलाश में रहते हैं। घुरेल पहाड़ी पर विराजमान भगवान पशुपतिनाथ राजगढ़ की उन धार्मिक धरोहरों में शामिल हैं, जहां आस्था केवल पूजा में नहीं, बल्कि पूरे परिवेश में महसूस होती है। *एक अनुभव, जो साथ लौटता है...* घुरेल की पहाड़ी पर चढ़ते हुए जब नजर भगवान पशुपतिनाथ की विराट प्रतिमा पर ठहरती है, तो कुछ पल के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं। सामने शिव का भव्य स्वरूप, चारों ओर प्रकृति की शांति और भीतर उमड़ती श्रद्धा—यही घुरेल की सबसे बड़ी पहचान है। यहां मंदिर है, तो प्रकृति भी है। यहां परंपरा है, तो आस्था भी है। और इन सबके बीच विराजमान हैं—भगवान पशुपतिनाथ। घुरेल पहाड़ी का यह पवित्र धाम राजगढ़ की धार्मिक विरासत की वह कहानी है,़् जिसे केवल पढ़ा नहीं, महसूस किया जा सकतता हैं.2