मागंथला में आदमखोर तेंदुआ पिंजरे में हुआ कैद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस, वन विभाग के अधिकारी पहुंचे मौके पर उदयपुर जिले के मावली उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत मागंथला में पिछले कई दिनों से दहशत का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया। जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने तेंदुए को पिंजरे में देखा, तो पूरे गांव में इसकी सूचना फैल गई। आपको बता दे कि गत 9 फरवरी को खेत पर सिंचाई कर रहे ग्रामीण श्यामलाल डांगी पर तेंदुए ने अचानक हमला कर घायल कर दिया था। इस घटना के बाद से ही ग्रामीणों में भय व्याप्त था। सरपंच युधिष्ठिर पुरोहित की मांग पर वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पिंजरा लगाया था। तेंदुए को ललचाने के लिए पिंजरे में श्वान को भी छोड़ा गया। जिसे पकड़ने के प्रयास में तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। पिंजरे में तेंदुए के कैद होने की सूचना मिलते ही सरपंच ने वन विभाग को सूचित किया। वन विभाग की टीम से कमलेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की सहायता से भारी मशक्कत के बाद पिंजरे को पिकअप गाड़ी में लोड कर वन क्षेत्र की तरफ ले जाया गया। इस दौरान वन विभाग के कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
मागंथला में आदमखोर तेंदुआ पिंजरे में हुआ कैद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस, वन विभाग के अधिकारी पहुंचे मौके पर उदयपुर जिले के मावली उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत मागंथला में पिछले कई दिनों से दहशत का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया। जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने तेंदुए को पिंजरे में देखा, तो पूरे गांव में इसकी सूचना फैल गई। आपको बता दे कि गत 9 फरवरी को खेत पर सिंचाई कर रहे ग्रामीण श्यामलाल डांगी पर तेंदुए ने अचानक हमला कर घायल कर दिया था। इस घटना के बाद से ही ग्रामीणों में भय व्याप्त था। सरपंच युधिष्ठिर पुरोहित की मांग पर वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पिंजरा लगाया था। तेंदुए को ललचाने के लिए पिंजरे में श्वान को भी छोड़ा गया। जिसे पकड़ने के प्रयास में तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। पिंजरे में तेंदुए के कैद होने की सूचना मिलते ही सरपंच ने वन विभाग को सूचित किया। वन विभाग की टीम से कमलेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की सहायता से भारी मशक्कत के बाद पिंजरे को पिकअप गाड़ी में लोड कर वन क्षेत्र की तरफ ले जाया गया। इस दौरान वन विभाग के कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
- उदयपुर जिले के मावली उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत मागंथला में पिछले कई दिनों से दहशत का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया। जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने तेंदुए को पिंजरे में देखा, तो पूरे गांव में इसकी सूचना फैल गई। आपको बता दे कि गत 9 फरवरी को खेत पर सिंचाई कर रहे ग्रामीण श्यामलाल डांगी पर तेंदुए ने अचानक हमला कर घायल कर दिया था। इस घटना के बाद से ही ग्रामीणों में भय व्याप्त था। सरपंच युधिष्ठिर पुरोहित की मांग पर वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पिंजरा लगाया था। तेंदुए को ललचाने के लिए पिंजरे में श्वान को भी छोड़ा गया। जिसे पकड़ने के प्रयास में तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। पिंजरे में तेंदुए के कैद होने की सूचना मिलते ही सरपंच ने वन विभाग को सूचित किया। वन विभाग की टीम से कमलेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की सहायता से भारी मशक्कत के बाद पिंजरे को पिकअप गाड़ी में लोड कर वन क्षेत्र की तरफ ले जाया गया। इस दौरान वन विभाग के कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- Post by Mukesh Lal1
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान4
- आज शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार उदयपुर जिले के खेरवाड़ा थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 18 वर्षीय आरोपी विशाल उर्फ दीपु को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई उदयपुर पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देशन में की गई। पूछताछ के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू की गई है। घटना में प्रयुक्त केटीएम पावर बाइक भी जब्त कर ली गई है। मामले में अग्रिम अनुसंधान जारी है और पुलिस टीम अन्य तथ्यों की जांच में जुटी है।1
- Post by Alert Nation News1
- श्री लक्ष्मी नाथ भगवान के पास ही चरणों में विराजमान श्री राम भक्त हनुमान जी महाराज जय श्री राम जय जय श्री राम श्री राम जय राम जय जय राम श्री सीतारामाय नमः1
- Post by Jikenadra Singh Rawat1
- उदयपुर जिले के मावली क्षेत्र में विद्यालय सहायक पंचायत शिक्षक संघ ने बजट का विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम एडीएम रमेश सीरवी को ज्ञापन दिया। जानकारी के अनुसार जिलाध्यक्ष दिनेश सिंह बुटडेंचा ने बजट का पूर्ण विरोध करते हुए बताया कि संविदा सेवा नियम 2022 में बिंदु संख्या 20 के अनुसार समस्त संविदा कर्मियों को 9 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर नियमित किया जाना वर्णित है। पिछले बजट वर्ष 2024 - 25 में भी उप मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा अनुभव में 2 वर्ष की छूट के साथ नियमित किया जाना प्रस्तावित था। लेकिन भाजपा सरकार ने तीसरे बजट में विद्यालय सहायक पंचायत शिक्षकों के साथ शिक्षा विभाग के समस्त संविदा कर्मियों को नियमित करने की घोषणा नहीं की। जिस कारण से राजस्थान के शिक्षा विभाग के साथ समस्त विभागों के संविदा कर्मियों में भारी आक्रोश है। संघ के सभी कार्मिको ने बजट की कड़ी निंदा व विरोध करते हुए कहा कि हम सरकार के संज्ञान में लाना चाहते हैं कि अगर इस पूरक बजट में संशोधित बजट में मुख्यमंत्री द्वारा नियमित की घोषणा नहीं होती है तो बहुत जल्द जयपुर में प्रदेश स्तरीय आंदोलन करेंगे। जरूरत पड़ने पर आमरण अनशन करेंगे। जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार की होगी इस दौरान तेज प्रकाश, भंवरलाल, नरेंद्र बडगुर्जर, हितेश पालीवाल, रमेश खटीक सहित कई विद्यालय सहायक मौजूद थे।1