विशेष रिपोर्ट : ब्रजेश गोप स्थान: जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम राँची। दिनांक: 14 अगस्त 2026 झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा वर्ष 2016 में निकाली गई TGT (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) भर्ती के अभ्यर्थियों का धैर्य अब पूरी तरह जवाब दे चुका है। पिछले एक दशक से अपनी नियुक्ति की आस लगाए बैठे सैकड़ों चयनित अभ्यर्थियों ने रांची जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अभ्यर्थियों की स्पष्ट मांग है कि सरकार और आयोग अब उन्हें कागजी आश्वासनों में न उलझाएं; वे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के चक्कर काट-काटकर मानसिक रूप से टूट चुके हैं, अब उन्हें सीधे नियुक्ति पत्र (Joining Letter) चाहिए। "सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी सिर्फ तारीखें मिल रही हैं" धरने का नेतृत्व कर रहे अभ्यर्थी सुरेश महतो ने मीडिया से बातचीत में अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, "हमने 2016 में परीक्षा दी, मेरिट लिस्ट में आए, लेकिन नियोजन नीति के विवादों ने हमारा भविष्य अधर में लटका दिया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा रास्ता साफ किए जाने के बावजूद, सरकार और शिक्षा विभाग हमें सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। 10 साल से हम कोर्ट-कचहरी और जेएसएससी के चक्कर काट रहे हैं। अब हमारी उम्र भी निकल रही है। हमें कोई दिलासा नहीं, हमारा नियुक्ति पत्र चाहिए।" धरने में शामिल महिला अभ्यर्थी सुनीता मुर्मू ने नम आंखों से कहा, "हम ग्रामीण इलाकों से कर्ज लेकर रांची आते हैं। हर बार अधिकारी कहते हैं कि 'फाइल आगे बढ़ गई है', लेकिन हकीकत में कुछ नहीं होता। सालों तक मानसिक प्रताड़ना झेलने के बाद अब हम थक चुके हैं। जब तक हमारे हाथों में जॉइनिंग लेटर नहीं आता, हम रांची की सड़कों से वापस नहीं लौटेंगे।" अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें: तत्काल नियुक्ति पत्र निर्गत हो: मेरिट सूची में शामिल और दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification) करा चुके सभी अर्ह अभ्यर्थियों को बिना किसी देरी के विद्यालयों में पदस्थापित किया जाए। अदालती उलझनों का बहाना बंद हो: न्यायालय द्वारा जिन विषयों और जिलों का रास्ता साफ कर दिया गया है, उन पर राज्य सरकार और आयोग तुरंत कार्रवाई करे। लिखित गांरटी: जब तक शिक्षा सचिव या उच्चाधिकारियों द्वारा नियुक्ति की तिथि लिखित रूप में घोषित नहीं की जाती, तब तक धरना जारी रहेगा। मुख्यमंत्री आवास के घेराव की चेतावनी धरना स्थल पर राजेश सोरेन, अनीता कच्छप और मनोज यादव समेत राज्य के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों चयनित अभ्यर्थी डटे हुए हैं। अभ्यर्थियों ने सर्वसम्मति से चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने 48 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेकर नियुक्ति पत्र बांटने की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। खबर लिखे जाने तक JSSC प्रशासन या शिक्षा विभाग के किसी भी वरिष्ठ अधिकारी की ओर से प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से वार्ता की कोई ठोस पहल नहीं की गई थी।
विशेष रिपोर्ट : ब्रजेश गोप स्थान: जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम राँची। दिनांक: 14 अगस्त 2026 झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा वर्ष 2016 में निकाली गई TGT (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) भर्ती के अभ्यर्थियों का धैर्य अब पूरी तरह जवाब दे चुका है। पिछले एक दशक से अपनी नियुक्ति की आस लगाए बैठे सैकड़ों चयनित अभ्यर्थियों ने रांची जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अभ्यर्थियों की स्पष्ट मांग है कि सरकार और आयोग अब उन्हें कागजी आश्वासनों में न उलझाएं; वे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के चक्कर काट-काटकर मानसिक रूप से टूट चुके हैं, अब उन्हें सीधे नियुक्ति पत्र (Joining Letter) चाहिए। "सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी सिर्फ तारीखें मिल रही हैं" धरने का नेतृत्व कर रहे अभ्यर्थी सुरेश महतो ने मीडिया से बातचीत में अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, "हमने 2016 में परीक्षा दी, मेरिट लिस्ट में आए, लेकिन नियोजन नीति के विवादों ने हमारा भविष्य अधर में लटका दिया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा रास्ता साफ किए जाने के बावजूद, सरकार और शिक्षा विभाग हमें सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। 10 साल से हम कोर्ट-कचहरी और जेएसएससी के चक्कर काट रहे हैं। अब हमारी उम्र भी निकल रही है। हमें कोई दिलासा नहीं, हमारा नियुक्ति पत्र चाहिए।" धरने में शामिल महिला अभ्यर्थी सुनीता मुर्मू ने नम आंखों से कहा, "हम ग्रामीण इलाकों से कर्ज लेकर रांची आते हैं। हर बार अधिकारी कहते हैं कि 'फाइल आगे बढ़ गई है', लेकिन हकीकत में कुछ नहीं होता। सालों तक मानसिक प्रताड़ना झेलने के बाद अब हम थक चुके हैं। जब तक हमारे हाथों में जॉइनिंग लेटर नहीं आता, हम रांची की सड़कों से वापस नहीं लौटेंगे।" अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें: तत्काल नियुक्ति पत्र निर्गत हो: मेरिट सूची में शामिल और दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification) करा चुके सभी अर्ह अभ्यर्थियों को बिना किसी देरी के विद्यालयों में पदस्थापित किया जाए। अदालती उलझनों का बहाना बंद हो: न्यायालय द्वारा जिन विषयों और जिलों का रास्ता साफ कर दिया गया है, उन पर राज्य सरकार और आयोग तुरंत कार्रवाई करे। लिखित गांरटी: जब तक शिक्षा सचिव या उच्चाधिकारियों द्वारा नियुक्ति की तिथि लिखित रूप में घोषित नहीं की जाती, तब तक धरना जारी रहेगा। मुख्यमंत्री आवास के घेराव की चेतावनी धरना स्थल पर राजेश सोरेन, अनीता कच्छप और मनोज यादव समेत राज्य के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों चयनित अभ्यर्थी डटे हुए हैं। अभ्यर्थियों ने सर्वसम्मति से चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने 48 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेकर नियुक्ति पत्र बांटने की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। खबर लिखे जाने तक JSSC प्रशासन या शिक्षा विभाग के किसी भी वरिष्ठ अधिकारी की ओर से प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से वार्ता की कोई ठोस पहल नहीं की गई थी।
- विशेष रिपोर्ट : ब्रजेश गोप स्थान: जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम राँची। दिनांक: 14 अगस्त 2026 झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा वर्ष 2016 में निकाली गई TGT (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) भर्ती के अभ्यर्थियों का धैर्य अब पूरी तरह जवाब दे चुका है। पिछले एक दशक से अपनी नियुक्ति की आस लगाए बैठे सैकड़ों चयनित अभ्यर्थियों ने रांची जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अभ्यर्थियों की स्पष्ट मांग है कि सरकार और आयोग अब उन्हें कागजी आश्वासनों में न उलझाएं; वे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के चक्कर काट-काटकर मानसिक रूप से टूट चुके हैं, अब उन्हें सीधे नियुक्ति पत्र (Joining Letter) चाहिए। "सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी सिर्फ तारीखें मिल रही हैं" धरने का नेतृत्व कर रहे अभ्यर्थी सुरेश महतो ने मीडिया से बातचीत में अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, "हमने 2016 में परीक्षा दी, मेरिट लिस्ट में आए, लेकिन नियोजन नीति के विवादों ने हमारा भविष्य अधर में लटका दिया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा रास्ता साफ किए जाने के बावजूद, सरकार और शिक्षा विभाग हमें सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। 10 साल से हम कोर्ट-कचहरी और जेएसएससी के चक्कर काट रहे हैं। अब हमारी उम्र भी निकल रही है। हमें कोई दिलासा नहीं, हमारा नियुक्ति पत्र चाहिए।" धरने में शामिल महिला अभ्यर्थी सुनीता मुर्मू ने नम आंखों से कहा, "हम ग्रामीण इलाकों से कर्ज लेकर रांची आते हैं। हर बार अधिकारी कहते हैं कि 'फाइल आगे बढ़ गई है', लेकिन हकीकत में कुछ नहीं होता। सालों तक मानसिक प्रताड़ना झेलने के बाद अब हम थक चुके हैं। जब तक हमारे हाथों में जॉइनिंग लेटर नहीं आता, हम रांची की सड़कों से वापस नहीं लौटेंगे।" अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें: तत्काल नियुक्ति पत्र निर्गत हो: मेरिट सूची में शामिल और दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification) करा चुके सभी अर्ह अभ्यर्थियों को बिना किसी देरी के विद्यालयों में पदस्थापित किया जाए। अदालती उलझनों का बहाना बंद हो: न्यायालय द्वारा जिन विषयों और जिलों का रास्ता साफ कर दिया गया है, उन पर राज्य सरकार और आयोग तुरंत कार्रवाई करे। लिखित गांरटी: जब तक शिक्षा सचिव या उच्चाधिकारियों द्वारा नियुक्ति की तिथि लिखित रूप में घोषित नहीं की जाती, तब तक धरना जारी रहेगा। मुख्यमंत्री आवास के घेराव की चेतावनी धरना स्थल पर राजेश सोरेन, अनीता कच्छप और मनोज यादव समेत राज्य के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों चयनित अभ्यर्थी डटे हुए हैं। अभ्यर्थियों ने सर्वसम्मति से चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने 48 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेकर नियुक्ति पत्र बांटने की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। खबर लिखे जाने तक JSSC प्रशासन या शिक्षा विभाग के किसी भी वरिष्ठ अधिकारी की ओर से प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से वार्ता की कोई ठोस पहल नहीं की गई थी।1
- सिसई : सिसई पेंशनर समाज की बैठक में पेंशन संबंधी समस्याओं पर मंथन हर माह की 13 तारीख को होता है आयोजन 42 सदस्यों ने लिया हिस्सा सिसई (गुमला)। सिसई प्रखंड पेंशनर समाज की मासिक बैठक गुरुवार को पुराने प्रखंड कार्यालय परिसर में अध्यक्ष बंधु साहु की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में प्रखंड क्षेत्र के सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर पेंशन से जुड़ी समस्याओं, उनके समाधान और संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की। पेंशनर समाज की यह बैठक प्रत्येक माह की 13 तारीख को आयोजित की जाती है। बैठक का उद्देश्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बीच आपसी समन्वय एवं मिलन के साथ-साथ पेंशन से संबंधित समस्याओं को सामने लाना और उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल करना है। सदस्यों ने कहा कि किसी भी पेंशनभोगी को पेंशन, भुगतान अथवा अन्य संबंधित मामलों में परेशानी होने पर सामूहिक रूप से संबंधित अधिकारी से संपर्क कर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में संगठन की आगामी गतिविधियों और पेंशनभोगियों के हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने पेंशनभोगियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आपसी एकजुटता और नियमित संवाद को जरूरी बताया। इस अवसर पर संरक्षक एवं सेवानिवृत्त शिक्षक पीतांबर झा, सचिव रहमान अली अंसारी, उपाध्यक्ष रवींद्रनाथ अधिकारी, सुलेमान अंसारी, कोषाध्यक्ष रंथु साहु, वरिष्ठ सदस्य छेदी साहु सहित कुल 42 सदस्य उपस्थित रहे।4
- 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस की तैयारी में जुटे विद्यार्थी 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस की तैयारी में जुटे विद्यार्थी सिसई प्रखंड अंतर्गत संत तुलसीदास प्लस टू उच्च विद्यालय के छात्र छात्राओं ने बृहस्परिवार को आगामी 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस की तैयारी करते दिखे। शिक्षकों के मार्गदर्शन पर खेल मैदान में सामूहिक अभ्यास किया। जहां वीर शहीद स्वतंत्रता सेनानी के जोरदार नारे लगाए गए।1
- भाजपा जिला कार्यालय में संगठनात्मक बैठक आयोजित, उपस्थित थे पूर्व केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी।1
- *शिक्षक के तबादले पर Gen Alpha का उग्र आंदोलन, थाना पर पथराव* गढ़वा के कांडी में शिक्षक मलय सिंह के तबादले के विरोध में छात्रों का आंदोलन उग्र हो गया। छात्र तीन दिनों से सड़क जाम कर शिक्षक को वापस स्कूल में पदस्थापित करने की मांग कर रहे थे। गुरुवार को विवाद बढ़ने पर छात्रों ने कांडी थाना परिसर में पथराव किया, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। वहीं, प्रखंड प्रमुख पिंकू पांडेय की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई। छात्रों का आरोप है कि शिक्षक के तबादले के पीछे साजिश थी। प्रदर्शन के दौरान प्रखंड प्रमुख छात्रों को समझाने पहुंचे, जहां विवाद हो गया। छात्रों ने प्रमुख पर एक छात्र को थप्पड़ मारने का आरोप लगाया। हालांकि, प्रमुख ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनकी गाड़ी पर विधायक नरेश सिंह के लोगों ने हमला किया। आंदोलन के बीच शिक्षा विभाग ने छात्रों की मांग मानते हुए शिक्षक मलय सिंह का तबादला रोक दिया और उन्हें दोबारा कांडी हाई स्कूल में पदस्थापित करने का फैसला लिया। शिक्षक से वीडियो कॉल पर बात होने के बाद छात्रों ने आंदोलन समाप्त कर दिया। हालांकि, छात्र प्रखंड प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अब भी कायम हैं।1
- .एस. कॉलेज स्टेडियम में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह के मद्देनजर फुल ड्रेस परेड रिहर्सल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उनके द्वारा परेड की तैयारियों, अनुशासन और आपसी समन्वय का बारीकी से जायजा लिया गया तथा संबंधित पदाधिकारियों को लोहरदगा के उपायुक्त द्वारा स्वतंत्रता दिवस-2026 के अंतर्गत बी.एस. कॉलेज स्टेडियम में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह के मद्देनजर फुल ड्रेस परेड रिहर्सल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उनके द्वारा परेड की तैयारियों, अनुशासन और आपसी समन्वय का बारीकी से जायजा लिया गया तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए ताकि समारोह का आयोजन पूरी भव्यता, सुरक्षा और अनुशासन के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।1
- एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में रिक्त चतुर्थवर्गीय कर्मियों के भर्ती में ग्रामीणों ने लगाया आरोप उक्त मामला लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत उगरा पंचायत में संचालित विद्यालय का बताया गया। जहां ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा चतुर्थवर्गीय कर्मियों के नियुक्ति करवाने के नाम पर पद के अनुसार 60 हजार से लेकर 80 हजार तक लिया जा रहा है। फिलहाल इस बिंदु पर अधिकारी पुष्टि नही है। लेकिन ग्रामीणों की मांग पर विचार करने का आश्वासन कल्याण पदाधिकारी द्वारा दिया गया।1
- रांची: झारखंड की राजधानी रांची की सड़कें 10 अगस्त को रणक्षेत्र में तब्दील हो गईं। JPSC, JSSC CGL, FRO और SCF परीक्षाओं में हुई कथित धांधली को लेकर आंदोलनरत अभ्यर्थियों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को आयोजित 'विधानसभा घेराव' कार्यक्रम के दौरान छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, वाटर कैनन से बौछारें कीं और आंसू गैस के गोले दागे। इस कार्रवाई के बाद से अभ्यर्थियों और विपक्षी दलों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मुख्य मांगें जिस पर अड़े हैं छात्र: परीक्षाएं हों रद्द: JPSC, JSSC CGL, FRO और SCF की हालिया विवादित परीक्षाओं को तुरंत रद्द किया जाए। निष्पक्ष जांच: परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों की CBI या उच्चस्तरीय स्वतंत्र कमेटी से जांच कराई जाए। पारदर्शिता: भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में जवाबदेही और पूर्ण पारदर्शिता तय हो। आगे क्या? लाठीचार्ज और पुलिसिया कार्रवाई के बावजूद अभ्यर्थियों का हौसला पस्त नहीं हुआ है। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक विवादित परीक्षाएं रद्द नहीं की जातीं और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।1