आज औरैया नगर में भानु किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे, जहां विभिन्न जिलों से आए बड़ी संख्या में किसान संगठन के सदस्य भी मौजूद थे। मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किसानों, पत्रकारों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा का दावा किया, और स्पष्ट किया कि यदि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ तो संगठन चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी दी कि यदि किसी किसान, पत्रकार, अधिवक्ता या आम नागरिक की जमीन पर अवैध कब्जा करने या उसे सरकारी भूमि घोषित करने का प्रयास किया गया, तो भानु किसान यूनियन इसका पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने औरैया नगर पालिका अध्यक्ष और संबंधित अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि अभी संगठन के 100-150 लोग ही आए हैं, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर हजारों कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन के लिए पहुंचेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह भी कहा कि उनके लिए सभी नागरिक समान हैं और किसी भी वर्ग के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा माफियाओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ "एनकाउंटर" जैसी हिंसक कार्रवाई संबंधी एक विवादित बयान भी दिया। यह बयान उनके कथन के रूप में ही देखा जाना चाहिए, क्योंकि कानून अपने हाथ में लेने या हिंसा के लिए किसी भी प्रकार का आह्वान कानून के विरुद्ध है। कार्यक्रम के दौरान, संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों और आम नागरिकों के हितों से जुड़े कई अन्य मुद्दों को भी उठाया और प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
आज औरैया नगर में भानु किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे, जहां विभिन्न जिलों से आए बड़ी संख्या में किसान संगठन के सदस्य भी मौजूद थे। मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किसानों, पत्रकारों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा का दावा किया, और स्पष्ट किया कि यदि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ तो संगठन चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी दी कि यदि किसी किसान, पत्रकार, अधिवक्ता या आम नागरिक की जमीन पर अवैध कब्जा करने या उसे सरकारी भूमि घोषित करने का प्रयास किया गया, तो भानु किसान यूनियन इसका पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने औरैया नगर पालिका अध्यक्ष और संबंधित अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि अभी संगठन के 100-150 लोग ही आए हैं, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर हजारों कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन के लिए पहुंचेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह भी कहा कि उनके लिए सभी नागरिक समान हैं और किसी भी वर्ग के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा माफियाओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ "एनकाउंटर" जैसी हिंसक कार्रवाई संबंधी एक विवादित बयान भी दिया। यह बयान उनके कथन के रूप में ही देखा जाना चाहिए, क्योंकि कानून अपने हाथ में लेने या हिंसा के लिए किसी भी प्रकार का आह्वान कानून के विरुद्ध है। कार्यक्रम के दौरान, संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों और आम नागरिकों के हितों से जुड़े कई अन्य मुद्दों को भी उठाया और प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
- औरैया शहर में कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन का लगातार जांच अभियान जारी है। इसी क्रम में, सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित पुरानी कलेक्ट्रेट के पीछे संचालित एक लाइब्रेरी का एसडीएम और अग्निशमन विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, लाइब्रेरी में फायर सेफ्टी से जुड़े आवश्यक मानकों का पालन नहीं पाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने संचालक को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्धारित समय तक लाइब्रेरी खाली कराने के निर्देश दिए। सदर एसडीएम ने मौके पर ही लाइब्रेरी को सुबह 10 बजे तक खाली करने का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह ने बताया कि निरीक्षण में फायर सेफ्टी के कोई भी आवश्यक मानक पूरे नहीं मिले, और उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में दुर्घटना या आग लगने पर गंभीर जनहानि हो सकती है। इसलिए, उन्होंने सभी कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी संचालकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने पर जोर दिया। प्रशासन ने साफ किया है कि शहर में कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी की जांच आगे भी लगातार जारी रहेगी, और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- औरैया जिले की दिबियापुर पुलिस ने छिनैती की एक बड़ी घटना के मुख्य आरोपी और 20,000 रुपये के इनामी अभियुक्त संजय उर्फ संजू उर्फ शुभम को असैनी पुलिया से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी गुलखरा (जीवा सिरसानी), थाना सहार निवासी अभियुक्त की हुई है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और पुलिस की कार्यशैली की सराहना हो रही है। यह पूरा मामला 17 अप्रैल 2026 का है, जब दिबियापुर थाना क्षेत्र के वी.जी.एम. डिग्री कॉलेज के पास बेला रोड निवासी बृजेश कुमार गुप्ता अपने गोदाम सहार से मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। असैनी बरू के बीच सफेद अपाचे सवार तीन बदमाशों ने उन्हें टक्कर मारकर उनका बैग छीन लिया था। बैग में लैपटॉप, मोबाइल, मोटरसाइकिल और ई-रिक्शा-पिकअप के कागजात के साथ दो दिन का कलेक्शन भी था। इस घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात अपाचे सवारों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती और अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा के निर्देशन तथा सीओ के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई हुई। थाना प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह, उप-निरीक्षक धर्मेन्द्र सिंह, कॉन्स्टेबल प्रवीण कुमार, अनिल कुमार और दिलीप शर्मा की टीम ने मुखबिर की सूचना पर यह गिरफ्तारी की। पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर मुठभेड़ के बाद तीन अन्य अभियुक्तों, शिवम (पचपेड़ा), आशीष कुमार (फतेहपुर) और असद उर्फ पोपे (विवेकानंद स्कूल के पास), सभी थाना सहार निवासी, को पहले ही पकड़ लिया था। अब चौथे अभियुक्त संजय की गिरफ्तारी से यह मामला पूरी तरह सुलझ गया है। पुलिस ने संजय के पास से एक तमंचा, दो जिंदा कारतूस और 20,230 रुपये बरामद किए हैं। पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।1
- आज औरैया नगर में भानु किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे, जहां विभिन्न जिलों से आए बड़ी संख्या में किसान संगठन के सदस्य भी मौजूद थे। मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किसानों, पत्रकारों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा का दावा किया, और स्पष्ट किया कि यदि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ तो संगठन चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी दी कि यदि किसी किसान, पत्रकार, अधिवक्ता या आम नागरिक की जमीन पर अवैध कब्जा करने या उसे सरकारी भूमि घोषित करने का प्रयास किया गया, तो भानु किसान यूनियन इसका पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने औरैया नगर पालिका अध्यक्ष और संबंधित अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि अभी संगठन के 100-150 लोग ही आए हैं, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर हजारों कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन के लिए पहुंचेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह भी कहा कि उनके लिए सभी नागरिक समान हैं और किसी भी वर्ग के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा माफियाओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ "एनकाउंटर" जैसी हिंसक कार्रवाई संबंधी एक विवादित बयान भी दिया। यह बयान उनके कथन के रूप में ही देखा जाना चाहिए, क्योंकि कानून अपने हाथ में लेने या हिंसा के लिए किसी भी प्रकार का आह्वान कानून के विरुद्ध है। कार्यक्रम के दौरान, संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों और आम नागरिकों के हितों से जुड़े कई अन्य मुद्दों को भी उठाया और प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।1
- औरैया जिले के सीएचसी सहार में अग्निशमन विभाग ने अग्नि सुरक्षा को लेकर एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास के दौरान, फायर स्टेशन अधिकारी (एफएसओ) के नेतृत्व में अधिकारियों और कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में आग से बचाव के तरीके, सुरक्षित निकासी के उपाय और प्राथमिक कार्रवाई की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कर्मचारियों को फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन करके अभ्यास भी करवाया गया। इस अवसर पर आपातकालीन परिस्थितियों में सतर्कता बरतने और अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने की अपील भी की गई।1
- अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद, औरैया द्वारा आज दिनांक 28 जून 2026, दिन रविवार को दोपहर 3 बजे शहीद पार्क, औरैया में महान दानवीर राष्ट्रभक्त भामाशाह की 479वीं जयंती भव्य रूप से मनाई गई। इस आयोजन में अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के संरक्षक और नगर पालिका परिषद, औरैया के अध्यक्ष अनूप कुमार गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि प्रांतीय युवा प्रभारी एवं समाजसेवी अभिषेक गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा दानवीर भामाशाह के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलन कर किया गया। युवा टीम के सदस्यों, जिनमें क्रिश पोरवाल, राज बिश्नोई, दीपक पुरवार, अंकित बिश्नोई और सागर पोरवाल शामिल थे, ने मंचासीन अतिथियों का माल्यार्पण कर हार्दिक अभिनंदन किया। इस अवसर पर परिषद के जिला प्रभारी आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने दानवीर भामाशाह के जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 28 जून 1547 को राजस्थान के पाली जिले के सादड़ी गाँव में श्रेतांबर मूर्ति पूजक जैन ओसवाल परिवार में हुआ था। भामाशाह मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप के बचपन के मित्र थे, और उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति और खजाना महाराणा प्रताप के राजकोष में दान कर दिया था जब वे मुगल सम्राट अकबर के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे और आर्थिक तंगी का सामना कर रहे थे। इसी दान के कारण भामाशाह महान दानवीर भामाशाह के नाम से प्रसिद्ध हुए। मुख्य अतिथि ने बताया कि हल्दीघाटी युद्ध के बाद जब महाराणा प्रताप के पास धन का अभाव हो गया और वे जंगलों में भटक रहे थे, तब भामाशाह ने अपनी संपूर्ण संपत्ति, जिसमें ₹25 लाख और स्वर्ण मोहरें शामिल थीं, महाराणा प्रताप के चरणों में अर्पित कर दी थी। विशिष्ट अतिथि ने इस बात पर जोर दिया कि भामाशाह द्वारा स्वेच्छा से दी गई इस अपार धनराशि की बदौलत महाराणा प्रताप ने मुगलों से लड़ते हुए 25,000 सैनिकों की सेना को 12 वर्षों तक पोषित किया और मुगलों से अपना खोया हुआ राज्य वापस प्राप्त किया। कार्यक्रम को जिलाध्यक्ष विपिन कुमार पोरवाल (बंटू) और जिला महामंत्री नरेश चंद्र शिवहरे सहित कई अन्य लोगों ने भी संबोधित किया। जयंती समारोह के समापन के उपरांत पार्क में स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और अंग्रेजों से लोहा लेने वाले भारत वीर मुकुंदी लाल गुप्ता की मूर्तियों पर, तथा सुभाष चौक, औरैया पर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र की मूर्ति पर सामूहिक माल्यार्पण किया गया। इस भव्य आयोजन में लगभग तीन सौ वैश्य बंधु उपस्थित रहे, जिन्होंने दानवीर भामाशाह को श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि अर्पित की।4
- सिकंदरा तहसील के अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल पंजीयन (रजिस्ट्री) विभाग के निजीकरण के विरोध में सोमवार को भी जारी रही। बार एसोसिएशन सिकंदरा के तत्वावधान में अधिवक्ता बीते 18 जून से न्यायिक कार्य से विरत रहकर लगातार अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार सुबह करीब 10 बजे तहसील परिसर स्थित बार एसोसिएशन सभागार में संगठन के अध्यक्ष कुलदीप सिंह यादव एडवोकेट की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रदेश सरकार द्वारा पंजीयन विभाग के निजीकरण के प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करते हुए, सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पूर्व में पारित प्रस्ताव के अनुसार कलमबंद हड़ताल को अनिश्चितकाल तक जारी रखा जाएगा। अधिवक्ताओं ने बैठक में स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन और विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। आंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त, बैठक में यह भी तय किया गया कि बार एसोसिएशन सिकंदरा की ओर से क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन के समर्थन की मांग की जाएगी। साथ ही, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल को पत्र भेजकर अधिवक्ताओं की मांगों के पक्ष में हस्तक्षेप करने और सहयोग प्रदान करने का अनुरोध भी किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए दोहराया कि पंजीयन विभाग के निजीकरण के विरोध में उनका संघर्ष पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा और मांगें पूरी होने तक कलमबंद हड़ताल समाप्त नहीं होगी।1
- औरैया में सोलर वेंडर विद्युत विभाग पहुँचे, जहाँ उन्होंने अपनी बात रखते हुए स्मार्ट मीटर लगाए जाने का पुरजोर विरोध किया। यह कदम सोलर वेंडरों द्वारा स्मार्ट मीटर की स्थापना के प्रति अपने असंतोष को व्यक्त करने के लिए उठाया गया।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना डीह थाना क्षेत्र के कनकपुर गांव में सामने आई है, जहाँ एक घरेलू विवाद के चलते एक पत्नी ने अपने भाईयों के साथ मिलकर अपने पति की लाठियों से बेरहमी से पिटाई कर दी। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि साले ने अपने जीजा को कसकर पकड़ा हुआ है, जबकि पत्नी लगातार लाठियों से उस पर वार कर रही है। पिटाई के दौरान पीड़ित पति लगातार मदद के लिए गुहार लगाता रहा।1