सतना जिले में जर्जर सड़कों की वजह से एक बार फिर एक ट्रक चालक को नुकसान उठाना पड़ा है। सतना-पन्ना रोड पर सोहावल मोड़ के पास एक ट्रक पलट गया, जिसने सड़कों के सुदृढ़ीकरण के प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे का शिकार हुए ट्रक के चालक ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए प्रशासन पर सीधा निशाना साधा है। चालक का कहना है कि वे नियमित रूप से रोड टैक्स और टोल टैक्स का भुगतान करते हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़कों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सारी मेहनत की कमाई टैक्स भरने में चली जाती है, जबकि सड़कें आज भी बड़े-बड़े गड्ढों से भरी हुई हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क पर बने ये गहरे गड्ढे कई सालों से मौजूद हैं और इन्हें भरने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया है। लोगों ने सवाल उठाया है कि इस लापरवाही के कारण हुए लाखों के नुकसान की भरपाई आखिर कौन करेगा। सड़क पर बिखरी मिट्टी और जानलेवा गड्ढे अक्सर वाहन चालकों के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं, लेकिन शासन ने अभी तक इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया है। सड़क की इस बदहाली को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी गुस्सा है। वाहन चालकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इन गड्ढों को नहीं भरा, तो भविष्य में और भी बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर विषय पर क्या कार्रवाई करता है।
सतना जिले में जर्जर सड़कों की वजह से एक बार फिर एक ट्रक चालक को नुकसान उठाना पड़ा है। सतना-पन्ना रोड पर सोहावल मोड़ के पास एक ट्रक पलट गया, जिसने सड़कों के सुदृढ़ीकरण के प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे का शिकार हुए ट्रक के चालक ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए प्रशासन पर सीधा निशाना साधा है। चालक का कहना है कि वे नियमित रूप से रोड टैक्स और टोल टैक्स का भुगतान करते हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़कों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सारी मेहनत की कमाई टैक्स भरने में चली जाती है, जबकि सड़कें आज भी बड़े-बड़े गड्ढों से भरी हुई हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क पर बने ये गहरे गड्ढे कई सालों से मौजूद हैं और इन्हें भरने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया है। लोगों ने सवाल उठाया है कि इस लापरवाही के कारण हुए लाखों के नुकसान की भरपाई आखिर कौन करेगा। सड़क पर बिखरी मिट्टी और जानलेवा गड्ढे अक्सर वाहन चालकों के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं, लेकिन शासन ने अभी तक इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया है। सड़क की इस बदहाली को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी गुस्सा है। वाहन चालकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इन गड्ढों को नहीं भरा, तो भविष्य में और भी बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर विषय पर क्या कार्रवाई करता है।
- पीड़ित की कहानी उसके भाई की जुबानी?पीड़ित की कहानी उसके भाई की जुबानी?पीड़ित की कहानी उसके भाई की जुबानी?पीड़ित की कहानी उसके भाई की जुबानी?पीड़ित की कहानी उसके भाई की जुबानी?1
- मैहर के वार्ड क्रमांक 9 में मुक्तिधाम मार्ग पर चल रही सीवर लाइन परियोजना आठ माह से अधर में लटकी हुई है, जिसके कारण खोदे गए विशाल गड्ढे आज भी वैसे ही पड़े हैं और कार्य ठप है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मैहर नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने जिला प्रशासन और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कलेक्टर से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। द्विवेदी ने एक वीडियो बयान में बताया कि मुक्तिधाम मार्ग पर सीवर लाइन के लिए बड़े-बड़े गड्ढे खोदे गए, लेकिन महीनों बाद भी न तो कार्य पूरा हुआ और न ही नागरिकों की सुरक्षा के लिए कोई प्रभावी उपाय किए गए। मार्ग का एक हिस्सा लगभग अवरुद्ध हो चुका है, जिससे स्थानीय रहवासियों, बुजुर्गों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा के नाम पर केवल हरे रंग की साधारण जाली लगाई गई है, जिससे रात के अंधेरे या बारिश में दुर्घटना होने पर जवाबदेही तय करना मुश्किल होगा। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इतने लंबे समय से कार्य अधूरा होने के बावजूद नगर पालिका स्तर पर कोई प्रभावी निगरानी या नियंत्रण नहीं दिखाई देता। जनता यह जानना चाहती है कि आखिर यह लापरवाही किसकी है — कार्यदायी एजेंसी की, तकनीकी अधिकारियों की, या परियोजना की निगरानी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की। द्विवेदी ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की परियोजनाओं में समयसीमा, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन न होना केवल प्रशासनिक शिथिलता नहीं, बल्कि जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष ने मैहर कलेक्टर से निष्पक्ष जांच कराने, आठ माह से कार्य अधूरा रहने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और परियोजना की निगरानी में हुई चूक के लिए दोषी अधिकारियों तथा संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने कार्यस्थलों पर तत्काल मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था लागू करने को कहा है ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके। द्विवेदी ने जोर दिया कि प्रशासन को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए।1
- मैहर जिले की ग्राम पंचायत सेमरा के अंतर्गत आने वाले माडा गांव में गंभीर सड़क समस्या बताई गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, गांव की सड़क की हालत इतनी खराब है कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ जाती है, तो उन्हें अस्पताल या अन्य जगहों पर आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।1
- मध्य प्रदेश के रीवा संभाग से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है, जहाँ गर्भवती महिलाओं के बीच गंभीर रक्ताल्पता (एनीमिया) एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती के रूप में उभरी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पूरे संभाग में 2 हजार से अधिक गर्भवती महिलाएं शरीर में खून की भारी कमी से जूझ रही हैं। इस गंभीर समस्या से रीवा के साथ-साथ सतना, सिंगरौली और सीधी जिले भी प्रमुख रूप से प्रभावित हैं, जहाँ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन का स्तर खतरनाक रूप से कम पाया गया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने इस पर त्वरित संज्ञान लिया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार इस स्थिति को लेकर बेहद गंभीर है और विभाग जल्द ही इन प्रभावित जिलों में विशेष अभियान चलाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वस्त किया कि गर्भवती महिलाओं तक उचित पोषण, आयरन-फॉलिक एसिड की गोलियां और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुचारु रूप से पहुंचाई जाएंगी ताकि एनीमिया के इस ग्राफ को नीचे लाया जा सके। जमीनी स्तर पर सरकारी अस्पतालों के प्रसूति वार्डों पर मरीजों का भारी दबाव और स्वास्थ्य सुविधाओं व मरीजों की भारी भीड़ साफ बताती है कि अभी भी बहुत काम किया जाना बाकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर सही पोषण न मिलना, जागरूकता की कमी और स्वास्थ्य केंद्रों तक देर से पहुंचना महिलाओं में खून की कमी के मुख्य कारण हैं। गर्भावस्था के दौरान एनीमिया न सिर्फ मां के स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि होने वाले बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास को भी प्रभावित करता है। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग के इन नए आंकड़ों और स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद रीवा संभाग के सतना, सीधी और सिंगरौली जैसे जिलों में स्वास्थ्य व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितनी जल्दी सुधरती है।1
- सतना जिले में जर्जर सड़कों की वजह से एक बार फिर एक ट्रक चालक को नुकसान उठाना पड़ा है। सतना-पन्ना रोड पर सोहावल मोड़ के पास एक ट्रक पलट गया, जिसने सड़कों के सुदृढ़ीकरण के प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे का शिकार हुए ट्रक के चालक ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए प्रशासन पर सीधा निशाना साधा है। चालक का कहना है कि वे नियमित रूप से रोड टैक्स और टोल टैक्स का भुगतान करते हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़कों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सारी मेहनत की कमाई टैक्स भरने में चली जाती है, जबकि सड़कें आज भी बड़े-बड़े गड्ढों से भरी हुई हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क पर बने ये गहरे गड्ढे कई सालों से मौजूद हैं और इन्हें भरने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया है। लोगों ने सवाल उठाया है कि इस लापरवाही के कारण हुए लाखों के नुकसान की भरपाई आखिर कौन करेगा। सड़क पर बिखरी मिट्टी और जानलेवा गड्ढे अक्सर वाहन चालकों के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं, लेकिन शासन ने अभी तक इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया है। सड़क की इस बदहाली को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी गुस्सा है। वाहन चालकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इन गड्ढों को नहीं भरा, तो भविष्य में और भी बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर विषय पर क्या कार्रवाई करता है।1
- शनिवार को असम के जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना के लिए एक दुखद दिन में एक बड़ा विमान हादसा हुआ। भारतीय वायुसेना का एक AN-32 परिवहन विमान रूटीन सॉर्टी के दौरान दुर्घटना का शिकार हो गया, जिसमें वायुसेना के पांच जाबांज जवान शहीद हो गए। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह विमान अरुणाचल प्रदेश से जोरहाट वापस आ रहा था। लैंडिंग के दौरान विमान में तकनीकी खराबी आने के कारण वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसके बाद उसमें भीषण आग लग गई और वह दो हिस्सों में टूट गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद वायुसेना ने वीर वायुयोद्धाओं की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। हादसे के तुरंत बाद एयरफोर्स की रेस्क्यू और फायरफाइटिंग टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया। भारतीय वायुसेना ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। राष्ट्र अपने इन वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है जिन्होंने अपनी मातृभूमि की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया।1