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कुछ लोग उत्तराखंड घूमने आए और ठंडी वादियों का आनंद लिया। उन्होंने यहां के नज़ारों का अनुभव किया।

2 hrs ago
user_Sameer
Sameer
दिल्ली छावनी, नई दिल्ली, दिल्ली•
2 hrs ago

कुछ लोग उत्तराखंड घूमने आए और ठंडी वादियों का आनंद लिया। उन्होंने यहां के नज़ारों का अनुभव किया।

More news from New Delhi and nearby areas
  • रेल बनाने को लेकर योगी जी ने एक नया नियम बनाया है। इस नए नियम के कारण लोगों के लिए अब 'सर दर्द' जैसी स्थिति पैदा हो गई है।
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    रेल बनाने को लेकर योगी जी ने एक नया नियम बनाया है। इस नए नियम के कारण लोगों के लिए अब 'सर दर्द' जैसी स्थिति पैदा हो गई है।
    user_रवि मौर्या राज वंश
    रवि मौर्या राज वंश
    Farmer Vasant Vihar, New Delhi•
    14 min ago
  • प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका में तत्कालीन राष्ट्रपति ट्रंप के बगल में बैठकर अमेरिकी हमले में मारे गए तीन भारतीयों का उल्लेख किया और इस घटना पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सच्ची दोस्ती बड़े-बड़े शब्दों से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे सहयोग और सम्मान से परिलक्षित होती है।
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    प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका में तत्कालीन राष्ट्रपति ट्रंप के बगल में बैठकर अमेरिकी हमले में मारे गए तीन भारतीयों का उल्लेख किया और इस घटना पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सच्ची दोस्ती बड़े-बड़े शब्दों से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे सहयोग और सम्मान से परिलक्षित होती है।
    user_Pro hindustan tv
    Pro hindustan tv
    कोतवाली, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    22 min ago
  • कुछ लोग उत्तराखंड घूमने आए और ठंडी वादियों का आनंद लिया। उन्होंने यहां के नज़ारों का अनुभव किया।
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    कुछ लोग उत्तराखंड घूमने आए और ठंडी वादियों का आनंद लिया। उन्होंने यहां के नज़ारों का अनुभव किया।
    user_Sameer
    Sameer
    दिल्ली छावनी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • दिल्ली पुलिस के उप-निरीक्षक (SI) अनिल शर्मा ने महिपालपुर फ्लाईओवर पर आत्महत्या का प्रयास कर रहे एक युवक की जान अपनी सूझबूझ, धैर्य और साहस से बचाई। SI अनिल शर्मा मौके पर पहुंचे और बातचीत के ज़रिए युवक को शांत किया। उन्होंने युवक को पानी पिलाया और अपना मोबाइल देकर उसका ध्यान भटकाने का प्रयास किया। जैसे ही उचित अवसर मिला, उन्होंने तत्परता दिखाते हुए युवक को सुरक्षित पकड़ लिया और उसे फ्लाईओवर से दूर ले गए। उनकी संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के कारण एक अनमोल जीवन बचाया जा सका।
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    दिल्ली पुलिस के उप-निरीक्षक (SI) अनिल शर्मा ने महिपालपुर फ्लाईओवर पर आत्महत्या का प्रयास कर रहे एक युवक की जान अपनी सूझबूझ, धैर्य और साहस से बचाई।

SI अनिल शर्मा मौके पर पहुंचे और बातचीत के ज़रिए युवक को शांत किया। उन्होंने युवक को पानी पिलाया और अपना मोबाइल देकर उसका ध्यान भटकाने का प्रयास किया। जैसे ही उचित अवसर मिला, उन्होंने तत्परता दिखाते हुए युवक को सुरक्षित पकड़ लिया और उसे फ्लाईओवर से दूर ले गए। उनकी संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के कारण एक अनमोल जीवन बचाया जा सका।
    user_Ravi Kashyap
    Ravi Kashyap
    Video Creator साकेत, दक्षिण दिल्ली, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में बड़े बदलावों की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ये बदलाव जल्द ही देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री के इस ऐलान से संकेत मिलता है कि आगामी समय में उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए जाएंगे।
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    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में बड़े बदलावों की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ये बदलाव जल्द ही देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री के इस ऐलान से संकेत मिलता है कि आगामी समय में उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए जाएंगे।
    user_Vinod Rastogi
    Vinod Rastogi
    चाणक्यपुरी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • भारतीय रेलवे में बच्चों के टिकट और सीट आवंटन को लेकर अक्सर यात्रियों के मन में भ्रम रहता है, खासकर यह कि हाफ टिकट बुक कराने पर क्या बच्चे को अलग सीट मिलेगी या नहीं। यह नियम समझना उन अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपने बच्चों के साथ ट्रेन यात्रा की योजना बना रहे हैं ताकि उन्हें यात्रा के दौरान असुविधा का सामना न करना पड़े। रेलवे के नियमों के अनुसार, 5 साल तक की उम्र के बच्चों के लिए टिकट लेना अनिवार्य नहीं होता। ऐसे बच्चे अपने माता-पिता या अभिभावक के साथ मुफ्त यात्रा कर सकते हैं, लेकिन उन्हें कोई अलग सीट या बर्थ आवंटित नहीं की जाती; उन्हें अपने अभिभावक के साथ ही बैठना या सोना होता है। हालांकि, 5 साल से अधिक और 12 साल तक की उम्र के बच्चों के लिए टिकट लेना अनिवार्य है। इसी श्रेणी में रियायती यानी हाफ टिकट का नियम लागू होता है। यदि 5 से 12 साल के बच्चे के लिए हाफ टिकट ली जाती है, तो आमतौर पर बच्चे को अलग सीट या बर्थ नहीं मिलती। इस स्थिति में बच्चे को अपने माता-पिता या साथ यात्रा कर रहे व्यक्ति की सीट पर ही बैठना पड़ता है। इसका अर्थ यह है कि कम किराया देकर टिकट बुक कराने पर बच्चे को अलग सीट नहीं मिलती। यदि यात्री चाहते हैं कि बच्चे को ट्रेन में अपनी अलग सीट या बर्थ मिले, तो उन्हें टिकट बुक करते समय बच्चे के लिए पूरा किराया देना होगा। ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान यह विकल्प उपलब्ध होता है, और पूरा किराया देने पर उपलब्धता के अनुसार बच्चे के नाम पर भी सीट आवंटित की जाती है। लंबी दूरी की यात्रा, खासकर रात के समय, में बच्चों के लिए अलग सीट आरामदायक हो सकती है, क्योंकि एक ही बर्थ पर माता-पिता और बच्चे का सोना मुश्किल हो सकता है। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान भीड़भाड़ में अलग सीट न होने पर यात्रा असुविधाजनक हो सकती है। इसलिए यात्रा की अवधि और बच्चे की उम्र को ध्यान में रखते हुए पूरा किराया देकर सीट वाला टिकट बुक करना बेहतर माना जाता है। टिकट बुक करते समय बच्चे की सही उम्र दर्ज करना और सीट चाहिए होने पर पूरा किराया देकर सीट वाला विकल्प चुनना महत्वपूर्ण है, ताकि यात्रा आरामदायक और परेशानी मुक्त हो।
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    भारतीय रेलवे में बच्चों के टिकट और सीट आवंटन को लेकर अक्सर यात्रियों के मन में भ्रम रहता है, खासकर यह कि हाफ टिकट बुक कराने पर क्या बच्चे को अलग सीट मिलेगी या नहीं। यह नियम समझना उन अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपने बच्चों के साथ ट्रेन यात्रा की योजना बना रहे हैं ताकि उन्हें यात्रा के दौरान असुविधा का सामना न करना पड़े।

रेलवे के नियमों के अनुसार, 5 साल तक की उम्र के बच्चों के लिए टिकट लेना अनिवार्य नहीं होता। ऐसे बच्चे अपने माता-पिता या अभिभावक के साथ मुफ्त यात्रा कर सकते हैं, लेकिन उन्हें कोई अलग सीट या बर्थ आवंटित नहीं की जाती; उन्हें अपने अभिभावक के साथ ही बैठना या सोना होता है। हालांकि, 5 साल से अधिक और 12 साल तक की उम्र के बच्चों के लिए टिकट लेना अनिवार्य है। इसी श्रेणी में रियायती यानी हाफ टिकट का नियम लागू होता है।

यदि 5 से 12 साल के बच्चे के लिए हाफ टिकट ली जाती है, तो आमतौर पर बच्चे को अलग सीट या बर्थ नहीं मिलती। इस स्थिति में बच्चे को अपने माता-पिता या साथ यात्रा कर रहे व्यक्ति की सीट पर ही बैठना पड़ता है। इसका अर्थ यह है कि कम किराया देकर टिकट बुक कराने पर बच्चे को अलग सीट नहीं मिलती। यदि यात्री चाहते हैं कि बच्चे को ट्रेन में अपनी अलग सीट या बर्थ मिले, तो उन्हें टिकट बुक करते समय बच्चे के लिए पूरा किराया देना होगा। ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान यह विकल्प उपलब्ध होता है, और पूरा किराया देने पर उपलब्धता के अनुसार बच्चे के नाम पर भी सीट आवंटित की जाती है।

लंबी दूरी की यात्रा, खासकर रात के समय, में बच्चों के लिए अलग सीट आरामदायक हो सकती है, क्योंकि एक ही बर्थ पर माता-पिता और बच्चे का सोना मुश्किल हो सकता है। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान भीड़भाड़ में अलग सीट न होने पर यात्रा असुविधाजनक हो सकती है। इसलिए यात्रा की अवधि और बच्चे की उम्र को ध्यान में रखते हुए पूरा किराया देकर सीट वाला टिकट बुक करना बेहतर माना जाता है। टिकट बुक करते समय बच्चे की सही उम्र दर्ज करना और सीट चाहिए होने पर पूरा किराया देकर सीट वाला विकल्प चुनना महत्वपूर्ण है, ताकि यात्रा आरामदायक और परेशानी मुक्त हो।
    user_Sunita Jain
    Sunita Jain
    Vasant Vihar, New Delhi•
    3 hrs ago
  • अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने दोनों देशों के बीच कई महीनों से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर कर दिए हैं। दोनों देशों के अधिकारियों के अनुसार, इस MoU पर बुधवार को हस्ताक्षर किए गए, जिसके साथ यह समझौता तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस के पैलेस ऑफ वर्सेलिस में मैक्रों के साथ रात्रिभोज के दौरान अमेरिका-ईरान समझौते की हार्ड कॉपी पर भी आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षरित समझौते की प्रतियाँ ईरान और मध्यस्थता करा रहे देशों को भेज दी गई हैं। इससे पहले रविवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने इलेक्ट्रॉनिक रूप से MoU पर हस्ताक्षर किए थे। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि MoU पर हस्ताक्षर होने से दोनों देशों के बीच लगभग चार महीने से चला आ रहा संघर्ष खत्म हो गया है। हालांकि, शुक्रवार को दोनों देशों के वार्ता दलों का जिनेवा में इकट्ठा होने का कार्यक्रम अभी भी तय है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्विट्जरलैंड में होने वाली बैठक का उद्देश्य समझौते पर हस्ताक्षर करना नहीं है, क्योंकि दस्तावेज़ पर पहले ही डिजिटल रूप से हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। इस बैठक के वास्तव में होने या न होने पर अंतिम निर्णय अगले कुछ घंटों में लिए जाने की उम्मीद है, जिसका अर्थ है कि स्विट्जरलैंड में आमने-सामने हस्ताक्षर समारोह का आयोजन नहीं किया जाएगा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि तेहरान को अपने तेल की बिक्री बिना किसी परिवहन या बीमा संबंधी प्रतिबंध के करने की अनुमति मिलनी चाहिए, और उस बिक्री से होने वाली आय तक उसकी पूरी पहुँच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान की फ्रीज़ की गई संपत्तियों तक उसकी पहुँच में मौजूद बाधाओं को हटाने की प्रतिबद्धता जताई है। ईरान का कहना है कि अगले 60 दिनों तक दोनों देशों को संयम बरतना होगा और ऐसे किसी भी राजनीतिक, आर्थिक या सैन्य कदम से बचना होगा जिससे समझौते के क्रियान्वयन और आपसी विश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड़े। इससे पहले, स्विट्जरलैंड के लूजर्न शहर के पास बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में शुक्रवार को होने वाले हस्ताक्षर समारोह की तैयारी के बीच अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि यह समझौता केवल एक प्रारंभिक ढाँचा है, और दोनों पक्ष किसी भी समय अंतिम समझौते से पीछे हट सकते हैं। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, स्विट्जरलैंड में होने वाली आगे की वार्ता यह तय करेगी कि यह ढाँचा एक पूर्ण और स्थायी समझौते में बदल पाएगा या नहीं। दोनों देशों के बीच बनी सहमति के अनुसार, हस्ताक्षर के बाद 60 दिनों की बातचीत की अवधि शुरू होगी, जिसे दोनों पक्षों की सहमति से बढ़ाया जा सकता है, और इसी अवधि में अंतिम समझौते के विवरण तय किए जाएंगे।
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    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने दोनों देशों के बीच कई महीनों से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर कर दिए हैं। दोनों देशों के अधिकारियों के अनुसार, इस MoU पर बुधवार को हस्ताक्षर किए गए, जिसके साथ यह समझौता तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस के पैलेस ऑफ वर्सेलिस में मैक्रों के साथ रात्रिभोज के दौरान अमेरिका-ईरान समझौते की हार्ड कॉपी पर भी आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षरित समझौते की प्रतियाँ ईरान और मध्यस्थता करा रहे देशों को भेज दी गई हैं। इससे पहले रविवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने इलेक्ट्रॉनिक रूप से MoU पर हस्ताक्षर किए थे। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि MoU पर हस्ताक्षर होने से दोनों देशों के बीच लगभग चार महीने से चला आ रहा संघर्ष खत्म हो गया है।

हालांकि, शुक्रवार को दोनों देशों के वार्ता दलों का जिनेवा में इकट्ठा होने का कार्यक्रम अभी भी तय है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्विट्जरलैंड में होने वाली बैठक का उद्देश्य समझौते पर हस्ताक्षर करना नहीं है, क्योंकि दस्तावेज़ पर पहले ही डिजिटल रूप से हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। इस बैठक के वास्तव में होने या न होने पर अंतिम निर्णय अगले कुछ घंटों में लिए जाने की उम्मीद है, जिसका अर्थ है कि स्विट्जरलैंड में आमने-सामने हस्ताक्षर समारोह का आयोजन नहीं किया जाएगा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि तेहरान को अपने तेल की बिक्री बिना किसी परिवहन या बीमा संबंधी प्रतिबंध के करने की अनुमति मिलनी चाहिए, और उस बिक्री से होने वाली आय तक उसकी पूरी पहुँच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान की फ्रीज़ की गई संपत्तियों तक उसकी पहुँच में मौजूद बाधाओं को हटाने की प्रतिबद्धता जताई है।

ईरान का कहना है कि अगले 60 दिनों तक दोनों देशों को संयम बरतना होगा और ऐसे किसी भी राजनीतिक, आर्थिक या सैन्य कदम से बचना होगा जिससे समझौते के क्रियान्वयन और आपसी विश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड़े। इससे पहले, स्विट्जरलैंड के लूजर्न शहर के पास बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में शुक्रवार को होने वाले हस्ताक्षर समारोह की तैयारी के बीच अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि यह समझौता केवल एक प्रारंभिक ढाँचा है, और दोनों पक्ष किसी भी समय अंतिम समझौते से पीछे हट सकते हैं। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, स्विट्जरलैंड में होने वाली आगे की वार्ता यह तय करेगी कि यह ढाँचा एक पूर्ण और स्थायी समझौते में बदल पाएगा या नहीं। दोनों देशों के बीच बनी सहमति के अनुसार, हस्ताक्षर के बाद 60 दिनों की बातचीत की अवधि शुरू होगी, जिसे दोनों पक्षों की सहमति से बढ़ाया जा सकता है, और इसी अवधि में अंतिम समझौते के विवरण तय किए जाएंगे।
    user_Vipin Singh
    Vipin Singh
    Delhi Cantonment, New Delhi•
    6 hrs ago
  • भारत में अब चीनी का सेवन भाग्यशाली लोगों द्वारा ही किए जाने की संभावना है, क्योंकि इसकी उपलब्धता को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बाजार में चीनी की क्या स्थिति है, इस बात को लेकर लोगों के मन में कई सवाल घूम रहे हैं।
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    भारत में अब चीनी का सेवन भाग्यशाली लोगों द्वारा ही किए जाने की संभावना है, क्योंकि इसकी उपलब्धता को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बाजार में चीनी की क्या स्थिति है, इस बात को लेकर लोगों के मन में कई सवाल घूम रहे हैं।
    user_रवि मौर्या राज वंश
    रवि मौर्या राज वंश
    Farmer Vasant Vihar, New Delhi•
    16 min ago
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