कटिहार कस्टडी डेथ मामला गरमाया, AIMIM ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उठाई मांग उप-शीर्षक: फल्का थाना में युवक की मौत पर राजनीति तेज, हाईकोर्ट, मानवाधिकार आयोग और राज्य सरकार से हस्तक्षेप की अपील कटिहार कस्टडी डेथ मामला गरमाया, AIMIM ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उठाई मांग उप-शीर्षक: फल्का थाना में युवक की मौत पर राजनीति तेज, हाईकोर्ट, मानवाधिकार आयोग और राज्य सरकार से हस्तक्षेप की अपील कटिहार (बिहार): कटिहार जिले के फल्का थाना में पुलिस कस्टडी में हुई युवक की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट आदिल हसन ने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। आदिल हसन ने अपने बयान में कहा कि मोटरसाइकिल चोरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए युवक राकेश यादव की पुलिस कस्टडी में मौत बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस को इस तरह की कार्रवाई करने का अधिकार किसने दिया है। उन्होंने पटना हाईकोर्ट, नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्य के गृहमंत्री सम्राट चौधरी से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। आदिल हसन ने यह भी कहा कि इससे पहले अररिया समेत बिहार के अन्य जिलों में भी इस प्रकार की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के 72 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक न तो सरकार के किसी मंत्री ने और न ही कटिहार के सांसद तारिक अनवर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। मामले में केवल थाना प्रभारी को निलंबित कर औपचारिकता निभाई गई है, जबकि उनके खिलाफ हत्या (धारा 302) का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। AIMIM ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग दोहराई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
कटिहार कस्टडी डेथ मामला गरमाया, AIMIM ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उठाई मांग उप-शीर्षक: फल्का थाना में युवक की मौत पर राजनीति तेज, हाईकोर्ट, मानवाधिकार आयोग और राज्य सरकार से हस्तक्षेप की अपील कटिहार कस्टडी डेथ मामला गरमाया, AIMIM ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उठाई मांग उप-शीर्षक: फल्का थाना में युवक की मौत पर राजनीति तेज, हाईकोर्ट, मानवाधिकार आयोग और राज्य सरकार से हस्तक्षेप की अपील कटिहार (बिहार): कटिहार जिले के फल्का थाना में पुलिस कस्टडी में हुई युवक की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट आदिल हसन ने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। आदिल हसन ने अपने बयान में कहा कि मोटरसाइकिल चोरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए युवक राकेश यादव की पुलिस कस्टडी में मौत बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस को इस तरह की कार्रवाई करने का अधिकार किसने दिया है। उन्होंने पटना हाईकोर्ट, नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्य के गृहमंत्री सम्राट चौधरी से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। आदिल हसन ने यह भी कहा कि इससे पहले अररिया समेत बिहार के अन्य जिलों में भी इस प्रकार की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के 72 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक न तो सरकार के किसी मंत्री ने और न ही कटिहार के सांसद तारिक अनवर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। मामले में केवल थाना प्रभारी को निलंबित कर औपचारिकता निभाई गई है, जबकि उनके खिलाफ हत्या (धारा 302) का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। AIMIM ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग दोहराई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
- कटिहार में एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन चचेरे भाइयों की मौत हो गई है। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र की है, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार तीन युवकों को रौंद दिया। बताया जा रहा है कि भारतीय खाद्य निगम की खाली ट्रक रॉन्ग साइड में चल रही थी। इसी दौरान मनिहारी से कटिहार आ रहे बाइक सवार युवकों को ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान नितेश कुमार उरांव, राजीव कुमार और राहुल के रूप में हुई है, जो आपस में चचेरे भाई थे। परिजनों के अनुसार, राहुल आज ही गुजरात से लौटा था और दोनों भाइयों को कटिहार स्टेशन छोड़ने जा रहा था, जहां से वे मजदूरी के लिए जाने वाले थे। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को संभालने की कोशिश की। पुलिस अधिकारी के अनुसार, ट्रक रॉन्ग साइड में थी और सड़क पर पर्याप्त लाइट की भी व्यवस्था नहीं थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- Post by Mukesh Kumar1
- Post by Aßíf ælæm1
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- जब भाई बड़ा नाम किया तो बहन का खुशी का ठिकाना नहीं हैं पूर्णिया बिहार का रहने वाले लक्की अंसारी ने रचा इतिहास आर्ट्स विषय मैं बिहार मैं दूसरा स्थान प्राप्त किया हैं1
- आजमनगर थाना क्षेत्र के कुशहा गांव में बीते 10 महीने पहले लापता हुई लख्खी देवी के मामले में अब चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। जिस महिला को मृत मानकर हत्या का मामला दर्ज किया गया था वह जीवित पाई गई है जानकारी के अनुसार लख्खी देवी के भाई ने लख्खी देवी के चचेरे देवर राजेश यादव पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में आवेदन दिया था जिसके आधार पर आजमनगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजेश यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था मामले में उस समय कोई ठोस सुराग या लख्खी देवी के लाश नहीं मिलने के बावजूद पुलिस ने हत्या की आशंका के आधार पर कार्रवाई की थी लेकिन अब पुलिस ने लख्खी देवी को सुधानी थाना क्षेत्र से बरामद कर लिया है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई बदल गई है इस खुलासे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर राजेश यादव 10 महीनों तक बेगुनाह होकर जेल में कैसे बंद रहा क्या पुलिसिया जांच में लापरवाही हुई या फिर किसी ने साजिश के तहत गलत आरोप लगाया? फिलहाल पुलिस पूरे मामले की दोबारा जांच में जुट गई है साथ ही निर्दोष राजेश यादव को न्याय दिलाने और मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है मामले को लेकर राजेश यादव के परिजनों ने कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाया है कहा , साजिश के तहत राजेश यादव को हत्या के आरोप में फंसा दिया जबकि लख्खी देवी सुधानी थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति के साथ विवाह कर 10 महीना से लापता थी और राजेश यादव के परिजन सहित उसकी बीवी पुलिस के डर से 10 महीना से घर से दर-दर भटक रही थी आखिर राजेश यादव को न्याय कैसे मिलेगा बेगुनाह राजेश यादव को जेल में 10 महीने तक बंद रखा गया1
- 🙏Char Tarah ka video yah video😭 AI ke dwara Banaya Gaya aap log is 😱video ko asali mat 👌samajhna 👌🥹yah video Maine Khud Se banaya hai agar Janna Chahte to 🥵kaise banate👌 hain is video ko comment Mein yas Likh dijiyega banaa dijiye bhaiya 🙏4
- कटिहार कस्टडी डेथ मामला गरमाया, AIMIM ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उठाई मांग उप-शीर्षक: फल्का थाना में युवक की मौत पर राजनीति तेज, हाईकोर्ट, मानवाधिकार आयोग और राज्य सरकार से हस्तक्षेप की अपील कटिहार (बिहार): कटिहार जिले के फल्का थाना में पुलिस कस्टडी में हुई युवक की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट आदिल हसन ने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। आदिल हसन ने अपने बयान में कहा कि मोटरसाइकिल चोरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए युवक राकेश यादव की पुलिस कस्टडी में मौत बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस को इस तरह की कार्रवाई करने का अधिकार किसने दिया है। उन्होंने पटना हाईकोर्ट, नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्य के गृहमंत्री सम्राट चौधरी से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। आदिल हसन ने यह भी कहा कि इससे पहले अररिया समेत बिहार के अन्य जिलों में भी इस प्रकार की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के 72 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक न तो सरकार के किसी मंत्री ने और न ही कटिहार के सांसद तारिक अनवर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। मामले में केवल थाना प्रभारी को निलंबित कर औपचारिकता निभाई गई है, जबकि उनके खिलाफ हत्या (धारा 302) का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। AIMIM ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग दोहराई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।1