मझौलिया प्रखंड की सभी पंचायत सरकार भवन परिसरों में रविवार को पंचायत विकास शिविर का शुभारंभ किया गया है। यह पहल ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पंचायत स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है, जिससे ग्रामीणों में नई उम्मीद जगी है। अमवामझार पंचायत के नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन एवं पंचायत विकास शिविर का उद्घाटन अनुसूचित जनजाति विभाग के मंत्री सह जिला प्रभारी लखेंद्र पासवान, जिलाधिकारी तरनजोत सिंह, एडीएम डॉ. राजीव रंजन सिन्हा, पूर्व विधायक उमाकांत सिंह, मुखिया लालदेव राम तथा बीडीओ डॉ. राजीव रंजन कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ का लाइव प्रसारण सामूहिक रूप से सुना गया, और उपस्थित लोगों ने बिहार राज्य गीत का भी श्रवण किया। इस अवसर पर मंत्री लखेंद्र पासवान ने घोषणा की कि अब प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को ऐसे पंचायत विकास शिविर आयोजित किए जाएंगे। उनका कहना था कि सरकार की मंशा है कि आम लोगों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि उन्हें पंचायत स्तर पर ही समाधान मिल सके। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि यह पहल ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत प्रशासनिक व्यवस्था को गांवों तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि अब लोगों को प्रखंड या जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता कम होगी, क्योंकि विभिन्न विभागों के अधिकारी पंचायतों में उपस्थित रहकर जनसमस्याओं का मौके पर ही निपटारा करेंगे। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल भी लगाए गए, जहां ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई और पात्र लाभुकों के बीच विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्रों का वितरण भी किया गया। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। पंचायत विकास शिविर की इस शुरुआत को ग्रामीण प्रशासन को मजबूत करने और आम जनता तक सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे गांवों में ही समस्याओं के समाधान का रास्ता खुलेगा और लोगों का समय व संसाधन दोनों बचेंगे। मझौलिया में इस शिविर की शुरुआत से ग्रामीणों को अब अपनी हर समस्या का समाधान पंचायत में ही मिलने से बड़ी राहत मिली है।
मझौलिया प्रखंड की सभी पंचायत सरकार भवन परिसरों में रविवार को पंचायत विकास शिविर का शुभारंभ किया गया है। यह पहल ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पंचायत स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है, जिससे ग्रामीणों में नई उम्मीद जगी है। अमवामझार पंचायत के नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन एवं पंचायत विकास शिविर का उद्घाटन अनुसूचित जनजाति विभाग के मंत्री सह जिला प्रभारी लखेंद्र पासवान, जिलाधिकारी तरनजोत सिंह, एडीएम डॉ. राजीव रंजन सिन्हा, पूर्व विधायक उमाकांत सिंह, मुखिया लालदेव राम तथा बीडीओ डॉ. राजीव रंजन कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ का लाइव प्रसारण सामूहिक रूप से सुना गया, और उपस्थित लोगों ने बिहार राज्य गीत का भी श्रवण किया। इस अवसर पर मंत्री लखेंद्र पासवान ने घोषणा की कि अब प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को ऐसे पंचायत विकास शिविर आयोजित किए जाएंगे। उनका कहना था कि सरकार की मंशा है कि आम लोगों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि उन्हें पंचायत स्तर पर ही समाधान मिल सके। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि यह पहल ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत प्रशासनिक व्यवस्था को गांवों तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि अब लोगों को प्रखंड या जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता कम होगी, क्योंकि विभिन्न विभागों के अधिकारी पंचायतों में उपस्थित रहकर जनसमस्याओं का मौके पर ही निपटारा करेंगे। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल भी लगाए गए, जहां ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई और पात्र लाभुकों के बीच विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्रों का वितरण भी किया गया। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। पंचायत विकास शिविर की इस शुरुआत को ग्रामीण प्रशासन को मजबूत करने और आम जनता तक सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे गांवों में ही समस्याओं के समाधान का रास्ता खुलेगा और लोगों का समय व संसाधन दोनों बचेंगे। मझौलिया में इस शिविर की शुरुआत से ग्रामीणों को अब अपनी हर समस्या का समाधान पंचायत में ही मिलने से बड़ी राहत मिली है।
- मझौलिया प्रखंड की सभी पंचायत सरकार भवन परिसरों में रविवार को पंचायत विकास शिविर का शुभारंभ किया गया है। यह पहल ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पंचायत स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है, जिससे ग्रामीणों में नई उम्मीद जगी है। अमवामझार पंचायत के नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन एवं पंचायत विकास शिविर का उद्घाटन अनुसूचित जनजाति विभाग के मंत्री सह जिला प्रभारी लखेंद्र पासवान, जिलाधिकारी तरनजोत सिंह, एडीएम डॉ. राजीव रंजन सिन्हा, पूर्व विधायक उमाकांत सिंह, मुखिया लालदेव राम तथा बीडीओ डॉ. राजीव रंजन कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ का लाइव प्रसारण सामूहिक रूप से सुना गया, और उपस्थित लोगों ने बिहार राज्य गीत का भी श्रवण किया। इस अवसर पर मंत्री लखेंद्र पासवान ने घोषणा की कि अब प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को ऐसे पंचायत विकास शिविर आयोजित किए जाएंगे। उनका कहना था कि सरकार की मंशा है कि आम लोगों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि उन्हें पंचायत स्तर पर ही समाधान मिल सके। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि यह पहल ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत प्रशासनिक व्यवस्था को गांवों तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि अब लोगों को प्रखंड या जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता कम होगी, क्योंकि विभिन्न विभागों के अधिकारी पंचायतों में उपस्थित रहकर जनसमस्याओं का मौके पर ही निपटारा करेंगे। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल भी लगाए गए, जहां ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई और पात्र लाभुकों के बीच विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्रों का वितरण भी किया गया। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। पंचायत विकास शिविर की इस शुरुआत को ग्रामीण प्रशासन को मजबूत करने और आम जनता तक सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे गांवों में ही समस्याओं के समाधान का रास्ता खुलेगा और लोगों का समय व संसाधन दोनों बचेंगे। मझौलिया में इस शिविर की शुरुआत से ग्रामीणों को अब अपनी हर समस्या का समाधान पंचायत में ही मिलने से बड़ी राहत मिली है।1
- पश्चिमी चंपारण के बेतिया स्थित बाजार में ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। ट्रांसफार्मर की इस खराबी के चलते बाजार के लोगों को आर्थिक और शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।1
- पश्चिम चंपारण के अमवा मझार पंचायत में एक मिनी सचिवालय का उद्घाटन किया गया है। इस अवसर पर, प्रभारी मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि एक विकसित पंचायत के माध्यम से ही एक विकसित बिहार का निर्माण संभव हो पाएगा।1
- भारतीय टीम को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।1
- एक संदेश के माध्यम से माननीय विधायक जी से अपील की गई है कि वे एक विशेष मामले को गंभीरता से लें। इस संदेश में विधायक जी से उक्त मुद्दे पर तत्काल और गंभीर ध्यान देने का अनुरोध किया गया है।1
- हल्की बारिश के कारण थाना परिसर पूरी तरह से जलमग्न हो गया, जहां करीब आधा फीट तक पानी भर गया है। इस जलभराव से पुलिसकर्मियों को अपने दैनिक कार्यों को करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति नगर पंचायत की शहरी विकास व्यवस्था की पोल खोल रही है, खासकर तब जब शहरी विकास के नाम पर अब तक करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं।1
- हाई कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश भरत तिवारी के गांव पहुंचे।1
- बेतिया-सुगौली रेल मार्ग के समीप रविवार को हुए एक दर्दनाक हादसे में एक 20 वर्षीय युवक की अज्ञात ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना थ्वाईया एवं बखरिया पंचायत के वार्ड संख्या-7 स्थित कुर्मी टोला के पास हुई। हादसे की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक रेलवे ट्रैक के पास मौजूद था, तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात ट्रेन उसे चपेट में ले लिया, जिससे उसकी तुरंत मौत हो गई। घटना इतनी दर्दनाक थी कि मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की। मझौलिया थानाध्यक्ष अमर कुमार ने मृतक की पहचान सुगौली थाना क्षेत्र के बिशुनपुरा निवासी रामबाबू महतो के पुत्र निकेश कुमार (20) के रूप में की है। पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निकेश के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और हर पहलू पर गौर कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है। युवक की असामयिक मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया, वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि निकेश किन परिस्थितियों में रेलवे ट्रैक तक पहुंचा और यह हादसा आखिर कैसे हुआ। पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।1