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मुजफ्फरनगर में जिलाधिकारी (डीएम) उमेश मिश्रा ने जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक के दौरान अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी लंबित विकास कार्यों और उद्यमियों की समस्याओं का शीघ्रता से समाधान करने की चेतावनी दी है। डीएम मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि जिन अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरती जाएगी, उनके खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Anuj Kumar patrakaar
मुजफ्फरनगर में जिलाधिकारी (डीएम) उमेश मिश्रा ने जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक के दौरान अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी लंबित विकास कार्यों और उद्यमियों की समस्याओं का शीघ्रता से समाधान करने की चेतावनी दी है। डीएम मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि जिन अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरती जाएगी, उनके खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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- मुजफ्फरनगर जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई एक पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ाने के लिए पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी टीम के घायल जवानों का हालचाल जाना तथा चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। एसपी सिटी ने डॉक्टरों को घायल पुलिसकर्मियों के समुचित और बेहतर उपचार के निर्देश दिए, साथ ही यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और उनका मनोबल विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घायल जवानों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका उत्साहवर्धन किया और उनकी बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा तथा साहस की सराहना की। अमृत जैन ने इस अवसर पर दोहराया कि मुजफ्फरनगर पुलिस अपराध और अपराधियों के विरुद्ध पूरी दृढ़ता से कार्रवाई कर रही है, और विश्वास व्यक्त किया कि घायल पुलिसकर्मी जल्द ही स्वस्थ होकर अपने कर्तव्यों का पुनः निर्वहन करेंगे।1
- मुजफ्फरनगर में ईंट भट्ठों पर कार्यरत मजदूरों को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी न मिलने के आरोप में मंगलवार को दर्जनों मजदूरों और पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन असंगठित मजदूर मोर्चा (ट्रेड यूनियन) के बैनर तले हुआ, जिसे समाजवादी पार्टी के नेता और शिक्षक सभा प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र पाल का समर्थन मिला। सत्येंद्र पाल ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की समस्या का आज समाधान नहीं हुआ, तो वे एक बहुत बड़ा प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सुबह से धरने पर बैठे होने के बावजूद कोई सक्षम अधिकारी वार्ता करने नहीं आया। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी, उपश्रमायुक्त और सहायक श्रमायुक्त के नाम एक ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने आरोप लगाया है कि जिले में लगभग 300 ईंट भट्ठों पर लाखों मजदूर काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित ₹718 प्रति हजार ईंट की न्यूनतम मजदूरी के बजाय काफी कम भुगतान किया जा रहा है। उनका यह भी दावा है कि श्रम विभाग के कुछ कर्मचारी और अधिकारी ईंट भट्ठा संचालकों के साथ मिलीभगत कर मजदूरों का शोषण करवा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि मजदूरों को मजबूरी में बंधुआ मजदूरी जैसी परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है, जहां महिलाओं के लिए सुरक्षित शौचालय, पीने का साफ पानी, चिकित्सा सुविधा, श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, लेबर रजिस्ट्रेशन, पीएफ, बोनस और अन्य कानूनी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। असंगठित मजदूर मोर्चा ने प्रशासन को सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी की एक प्रति भी ज्ञापन के साथ सौंपी। उन्होंने मांग की है कि जिले के सभी ईंट भट्ठों की जांच कराई जाए और मजदूरों को तय मजदूरी तथा सभी श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।4
- मुजफ्फरनगर के तितावी थाना क्षेत्र के ग्राम मांडी स्थित एक फैक्ट्री में पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त कार्रवाई के दौरान 12 श्रमिकों को बंधक बनाकर रखे जाने से मुक्त कराया गया है। इस अभियान में पुलिस ने मौके से 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि इन श्रमिकों को नौकरी, अच्छे वेतन, भोजन और रहने की सुविधा का लालच देकर विभिन्न राज्यों से लाया गया था। आरोप है कि उन्हें बंधुआ मजदूर बनाकर दिन-रात 24 घंटे तक काम कराया जाता था, जबकि उन्हें दिन में केवल एक बार सूखी रोटी दी जाती थी। यदि वे वेतन की मांग करते या बाहर जाने की बात करते, तो उनके साथ मारपीट की जाती थी। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि कुछ श्रमिकों को लगभग डेढ़ वर्ष से फैक्ट्री में बंधक बनाकर रखा गया था, और मुक्त कराए गए श्रमिकों में कुछ नाबालिग भी शामिल हैं। सूचना मिलने पर पुलिस, एसओजी, श्रम विभाग और प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने फैक्ट्री पर छापा मारा। मुक्त कराए गए श्रमिक बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा और राजस्थान के निवासी बताए जा रहे हैं। मामले में आगे की विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।3
- दिनांक 19.06.2026 को मुजफ्फरनगर के थाना सिविल लाइन में एक वादी ने अपनी नाबालिग बेटी के ओरा कार से अपहरण होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए 10 टीमें गठित कीं। इन टीमों ने 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों, टोल बूथों और अन्य माध्यमों से अभियुक्त की पहचान सुनिश्चित की। दिनांक 22/23.06.2026 की रात को थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम बामनहेड़ी रुड़की रोड पर चेकिंग कर रही थी, तभी एक संदिग्ध ओरा कार आती दिखाई दी। पुलिस द्वारा रुकने का इशारा करने पर अभियुक्त तेजी से भागने लगा, जिसके बाद पुलिस ने उसका पीछा कर घेराबंदी की। खुद को घिरा देख, बदमाश ने कार छोड़कर पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। इस फायरिंग में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए और पुलिस वाहन में भी गोली लगी। आत्मरक्षा में पुलिस टीम ने नियंत्रित जवाबी फायरिंग की, जिसमें बदमाश घायल हो गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। घायल/गिरफ्तार बदमाश की पहचान सतपाल उर्फ सत्तू पुत्र मुन्नु राम निवासी 365 रामदरबार थाना सैक्टर 32, चण्डीगढ के रूप में हुई। उसके कब्जे से अपहृता की 01 जोड़ी पीली धातु की बालियां, 01 ओरा कार (पीबी 01ई 5793), 01 कूटरचित आधार कार्ड, 01 मोबाइल फोन, और 01 पिस्टल 32 बोर के साथ 01 जिंदा व खोखा कारतूस 32 बोर बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, सतपाल उर्फ सत्तू एक शातिर और दुर्दांत अपराधी है, जिसके विरुद्ध हत्या, लूट, दुष्कर्म जैसे अपराधों में विभिन्न राज्यों में करीब 02 दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। वह पूर्व में लगभग 15 साल जेल में रह चुका है और उसके कुख्यात छोटा राजन गैंग से संबंध भी रहे हैं। अभियुक्त फरवरी माह से लुधियाना जेल से फरार था, और फरार होने के बाद उसने पंजाब से आकर उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर नाबालिग लड़कियों के अपहरण और दुष्कर्म की घटनाओं को अंजाम दिया है। अभियुक्त थाना सिविल लाइन पर पंजीकृत मु0अ0सं0- 149/2026 में वांछित था, जिसकी गिरफ्तारी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा द्वारा ₹25,000/- का इनाम घोषित किया गया था। घायल बदमाश और पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मुठभेड़ में घायल अभियुक्त को हायर सेंटर रेफर किया गया है, जबकि घायल पुलिसकर्मी जिला अस्पताल में उपचाराधीन हैं और उनकी स्थिति स्थिर है। पुलिस अधीक्षक नगर श्री अमृत जैन ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिसकर्मियों के उपचार का निरीक्षण किया और उनके बेहतर इलाज के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1
- मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक मुठभेड़ के बाद कुख्यात अपराधी सतपाल उर्फ सत्तू को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। 22/23 जून 2026 की रात को बामनहेड़ी रुड़की रोड पर चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध ओरा कार को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करते हुए तेजी से भागने लगा। इस जवाबी कार्रवाई में बदमाश की गोली लगने से दो पुलिसकर्मी घायल हो गए और एक पुलिस वाहन में भी गोली लगी, जिसके बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी फायरिंग की, जिसमें बदमाश घायल हो गया। पुलिस द्वारा घायल अवस्था में गिरफ्तार किए गए इस बदमाश की पहचान सतपाल उर्फ सत्तू पुत्र मुन्नु राम, निवासी 365 रामदरबार थाना सेक्टर 32, चंडीगढ़ के रूप में हुई। उसके कब्जे से एक जोड़ी पीली धातु की बालियां (अपहृता की), एक ओरा कार (PB 01E 5793), एक कूटरचित आधार कार्ड, एक मोबाइल फोन और एक 32 बोर की पिस्टल के साथ एक जिंदा व एक खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक नगर श्री अमृत जैन द्वारा दिए गए बयान के अनुसार, दिनांक 19.06.2026 को थाना सिविल लाइन में एक नाबालिग लड़की के अपहरण के संबंध में मिली तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0- 149/2026 पंजीकृत किया गया था, जिसमें यह अभियुक्त वांछित था। इसकी गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा द्वारा 25,000/- रुपये का इनाम घोषित किया गया था। अभियुक्त की पहचान और गिरफ्तारी के लिए 10 टीमें गठित की गई थीं, जिन्होंने 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों, टोल बूथों और अन्य माध्यमों से उसकी पहचान की। पुलिस के अनुसार, सतपाल उर्फ सत्तू एक शातिर किस्म का दुर्दांत अपराधी है, जिसके विरुद्ध हत्या, लूट और दुष्कर्म जैसे अपराधों में विभिन्न राज्यों में करीब 2 दर्जन से अधिक अभियोग पंजीकृत हैं। वह पूर्व में करीब 15 वर्ष जेल में रह चुका है और उसके संबंध कुख्यात छोटा राजन गैंग से बताए गए हैं। फरवरी माह से लुधियाना जेल से फरार होने के बाद, अभियुक्त ने पंजाब से आकर उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर नाबालिग किशोरियों का अपहरण और दुष्कर्म करने की घटनाओं को अंजाम दिया है। घायल अभियुक्त और पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है; अभियुक्त को उपचार के लिए उच्च केंद्र रेफर किया गया है, जबकि घायल पुलिसकर्मी जिला अस्पताल में उपचाराधीन हैं और उनकी स्थिति स्थिर है। पुलिस अधीक्षक नगर श्री अमृत जैन ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिसकर्मियों के उपचार का निरीक्षण किया और चिकित्सकों को बेहतर उपचार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।1
- मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक दोना पत्तल फैक्ट्री से बंधक बनाकर रखे गए श्रमिकों को सफलतापूर्वक मुक्त करा लिया है, जिसके बाद इन श्रमिकों ने पुलिस के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। मुक्त कराए गए श्रमिकों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक सहित पूरी पुलिस टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि पुलिस ने उन्हें एक नई ज़िंदगी दी है। श्रमिकों ने बताया कि उन्हें नौकरी, अच्छे वेतन, भोजन और रहने की सुविधाओं का झांसा देकर फैक्ट्री में लाया गया था, जहाँ उनसे जबरन काम कराया जा रहा था और उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तितावी थाना पुलिस और एसओजी देहात की एक संयुक्त टीम ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री में छापा मारा और 12 श्रमिकों को बंधन से मुक्त कराया। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस मुस्तैद कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है।1
- मुज़फ्फरनगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बामनहेड़ी गांव में पुलिस और एक बदमाश के बीच मुठभेड़ हुई है, जिसमें ₹25 हजार का इनामी अपराधी सतपाल उर्फ सत्तू घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मुठभेड़ में एक सब-इंस्पेक्टर और एक सिपाही भी घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी सतपाल उर्फ सत्तू पर अपहरण, दुष्कर्म, लूट, हत्या, रंगदारी और डकैती समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसके कब्जे से हथियार, कारतूस और एक कार बरामद की है, और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।1