राजस्थान के कामां क्षेत्र के नौगावां गांव में विधायक नौक्षम चौधरी का भव्य स्वागत किया गया। सरपंच पद के प्रत्याशी सद्दीक खान और कासिम खान के निवास पर ग्रामीणों ने उन्हें फूलों की मालाएं पहनाईं और चांदी का मुकुट भेंट कर सम्मानित किया। इस स्वागत समारोह से पहले, सद्दीक खान के नेतृत्व में बामनी से नौगावां तक मोटरसाइकिलों और चार पहिया वाहनों का एक विशाल काफिला निकाला गया। डीजे की धुन पर निकले इस काफिले में युवाओं और ग्रामीणों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, पूरे रास्ते विधायक के समर्थन में नारे लगाए गए और जगह-जगह उनका अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक नौक्षम चौधरी ने गांव के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कब्रिस्तान और श्मशान घाट की चारदीवारी निर्माण, टीन शेड लगाने तथा उनके सौंदर्यीकरण के कार्य कराने का ऐलान किया। इसके अतिरिक्त, गांव में पेयजल समस्या के समाधान के लिए डीप बोरिंग करवाने, विद्यालय में अतिरिक्त कमरों का निर्माण कराने और गांव के प्रमुख मार्गों व संपर्क सड़कों के विकास कार्य कराने का आश्वासन भी दिया। विधायक ने जोर देकर कहा कि उनकी प्राथमिकता क्षेत्र के हर गांव तक विकास पहुंचाना और जनता की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि घोषित सभी विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा। ग्रामीणों ने विधायक द्वारा की गई इन घोषणाओं का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया, जिससे पूरे कार्यक्रम स्थल पर उत्साह और जनसमर्थन का माहौल बना रहा। इस अवसर पर प्रधान मास्टर केसरी सिंह राजपूत कामवन, सरपंच मस्तु पाई, पूर्व प्रधान नोमान कामवन, सरपंच देवेंद्र बोलखेड़ा, भाजपा जिला मंत्री अली हुसैन, साबिर बिलग, पूर्व चेयरमैन निहाल सिंह मीणा, विजय वकील कनवाड़ा, फनटू लाल जूरहेड़ा, सरपंच आकिल बामनी, बलराम गुर्जर बरौली धाऊ और उप सरपंच शिव नारायण कणवाड़ा सहित कई भाजपा कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।
राजस्थान के कामां क्षेत्र के नौगावां गांव में विधायक नौक्षम चौधरी का भव्य स्वागत किया गया। सरपंच पद के प्रत्याशी सद्दीक खान और कासिम खान के निवास पर ग्रामीणों ने उन्हें फूलों की मालाएं पहनाईं और चांदी का मुकुट भेंट कर सम्मानित किया। इस स्वागत समारोह से पहले, सद्दीक खान के नेतृत्व में बामनी से नौगावां तक मोटरसाइकिलों और चार पहिया वाहनों का एक विशाल काफिला निकाला गया। डीजे की धुन पर निकले इस काफिले में युवाओं
और ग्रामीणों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, पूरे रास्ते विधायक के समर्थन में नारे लगाए गए और जगह-जगह उनका अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक नौक्षम चौधरी ने गांव के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कब्रिस्तान और श्मशान घाट की चारदीवारी निर्माण, टीन शेड लगाने तथा उनके सौंदर्यीकरण के कार्य कराने का ऐलान किया। इसके अतिरिक्त, गांव में पेयजल समस्या के समाधान के लिए डीप बोरिंग करवाने, विद्यालय में अतिरिक्त
कमरों का निर्माण कराने और गांव के प्रमुख मार्गों व संपर्क सड़कों के विकास कार्य कराने का आश्वासन भी दिया। विधायक ने जोर देकर कहा कि उनकी प्राथमिकता क्षेत्र के हर गांव तक विकास पहुंचाना और जनता की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि घोषित सभी विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा। ग्रामीणों ने विधायक द्वारा की गई इन घोषणाओं का गर्मजोशी से स्वागत
करते हुए उनका आभार व्यक्त किया, जिससे पूरे कार्यक्रम स्थल पर उत्साह और जनसमर्थन का माहौल बना रहा। इस अवसर पर प्रधान मास्टर केसरी सिंह राजपूत कामवन, सरपंच मस्तु पाई, पूर्व प्रधान नोमान कामवन, सरपंच देवेंद्र बोलखेड़ा, भाजपा जिला मंत्री अली हुसैन, साबिर बिलग, पूर्व चेयरमैन निहाल सिंह मीणा, विजय वकील कनवाड़ा, फनटू लाल जूरहेड़ा, सरपंच आकिल बामनी, बलराम गुर्जर बरौली धाऊ और उप सरपंच शिव नारायण कणवाड़ा सहित कई भाजपा कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।
- अधिक मास के पावन अवसर पर रविवार को गोवर्धन में लाखों श्रद्धालुओं ने गिरिराज जी की परिक्रमा कर अपनी मनौती माँगी। इस दौरान 21 किलोमीटर का संपूर्ण परिक्रमा मार्ग भक्तों की मानव श्रृंखला से भर गया, जिससे पूरा तलहटी क्षेत्र गिरिराज जी के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धा के इस विराट जनसैलाब के कारण चारों ओर व्यापक जाम लग गया, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। प्रशासन को स्थिति को संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। बताया गया है कि अधिक मास, जो कि हर तीन वर्ष बाद आता है, में भक्तजन विशेष श्रद्धा भाव से गिरिराज जी की परिक्रमा और दंडवती लगाते हैं। यह श्रद्धा का सैलाब अभी 15 जून तक जारी रहेगा।3
- एसडीएम सुशील सिंह राधाकुंड पहुँचे और परिक्रमा मार्ग में हो रहे जल भराव की समस्या का समाधान कराया। उन्होंने श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी से बचाने के उद्देश्य से जल निकासी का कार्य करवाया।1
- 7 जून 2026 को नई दिल्ली के ऐतिहासिक तालकटोरा स्टेडियम में मथुरा अंतर्राष्ट्रीय धर्म संसद का आयोजन सनातन समाज और भगवान श्री कृष्ण के भक्तों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक घटना होगी। दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलने वाला यह तीन घंटे का जन जागरण कार्यक्रम न केवल वैचारिक क्रांति का सूत्रपात करेगा, बल्कि संपूर्ण सनातन जगत को एकजुट करने में भी एक बड़ी भूमिका निभाएगा। इस संसद का मुख्य उद्देश्य मथुरा में स्थित भगवान श्री कृष्ण की वास्तविक जन्मभूमि की पूर्ण मुक्ति के लिए संतों और श्रद्धालुओं द्वारा एक सामूहिक तथा शक्तिशाली हुंकार भरना है। देश-विदेश से आने वाले पूज्य संतों, महामंडलेश्वरों और विचारकों के मार्गदर्शन में सनातन धर्म के गौरव, इसकी रक्षा और सांस्कृतिक चेतना को जगाने पर गहन मंथन किया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के इस मंच से उठने वाली आवाज पूरी दुनिया में रह रहे सनातनी भक्तों तक पहुंचेगी, जिससे इस आंदोलन को एक नई दिशा और वैश्विक समर्थन प्राप्त होगा। "जहां धर्म है, वहीं विजय है" के सिद्धांत पर आधारित यह समागम भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि की गरिमा और उसके वैभव को पुनःस्थापित करने हेतु हर राष्ट्रभक्त और सनातन प्रेमी के लिए प्रेरणादायक बताया गया है।4
- गोवर्धन में, बहुत सांख्य में श्रद्धालु गोवर्धन मानचित्र परिक्रमा कर रहे हैं।1
- मथुरा के राधा कुंड से छटीकरा के पास एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई, जहाँ एक इलेक्ट्रॉनिक बस ने एक ऑटो रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में ऑटो में सवार कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। इस टक्कर के कारण राधा कुंड मार्ग पर भारी जाम लग गया, जिससे यह मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया। दुर्घटना के लगभग आधे घंटे बाद भी, कोई भी पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे जाम की स्थिति और बिगड़ गई तथा मौके पर अफरा-तफरी मची रही। इस बीच, ऑटो में सवार श्रद्धालु बस चालक पर गंभीर आरोप लगा रहे थे। प्रशासन की इस निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, क्योंकि सड़क पर जाम की स्थिति बनने या किसी घटना के घटित होने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाना और सुचारू रूप से यातायात बहाल करना पुलिस प्रशासन का ही काम है।1
- बरसाना राधारानी मंदिर में सेवायतों के बीच एक 'गृहयुद्ध' छिड़ा हुआ है। इस आंतरिक कलह के कारण, मंदिर के अधिग्रहण को लेकर चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं, जिससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आख़िर इसकी ज़रूरत क्यों महसूस की जा रही है।1