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बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी ने राम मंदिर के लिए इकट्ठा किए गए चंदे में कथित चोरी के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर सरकार को इस मामले में घेरा है।
Eslam Ali
बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी ने राम मंदिर के लिए इकट्ठा किए गए चंदे में कथित चोरी के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर सरकार को इस मामले में घेरा है।
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- जनपद संभल में 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 38 बीघा ग्रामसभा की सरकारी जमीन अवैध रूप से निजी भू-स्वामियों के नाम दर्ज कर बेचने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। इस प्रकरण में पूर्व ईओ (पालिका) और डीडीसी चकबंदी सहित 31 नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह बेशकीमती 'नवीन परती' भूमि संभल-मुरादाबाद हाईवे पर स्थित है, जिसके चार प्लॉट नंबर एक साथ जुड़े हुए हैं। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि इस पूरे मामले में गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। यह भूमि वर्ष 1954 में नगर पालिका परिषद संभल को प्रबंधन के लिए सौंपी गई थी। हालांकि, 13 साल बाद, वर्ष 1967 में, नगर पालिका परिषद ने कथित तौर पर कुछ पट्टेदारों को इस जमीन का पट्टा आवंटित कर दिया, जबकि पालिका को प्रबंधन के लिए मिली जमीन का पट्टा करने का अधिकार नहीं था, जिसके चलते यह पट्टा शुरू से ही शून्य था। इसके बाद यह जमीन पट्टेदारों के कब्जे में आ गई। वर्ष 1991 में, अपर तहसीलदार कोर्ट ने सईदउल्लाह सहित इन अवैध कब्जाधारियों को अवैध घोषित करते हुए उनकी बेदखली का आदेश दिया था। इसके खिलाफ की गई अपील वर्ष 1992 में अपर जिलाधिकारी कोर्ट में भी खारिज हो गई और कोर्ट ने इसे सरकारी जमीन घोषित किया था। बाद में, कब्जाधारियों द्वारा चकबंदी कोर्ट में वाद दायर किया गया, जहां डीडीसी के स्तर से उन्हें पुनः सुनवाई का अवसर दिया गया। वर्ष 2005 में चकबंदी अधिकारी ने सुनवाई के बाद इसे ग्राम सभा की भूमि के रूप में यथावत रखने का आदेश दिया। इस आदेश के विरुद्ध की गई अपील भी खारिज हो गई और एक बार फिर इसे सरकारी जमीन मानते हुए राज्य सरकार की भूमि बताया गया। लेकिन, वर्ष 2008 में तत्कालीन डीडीसी प्रेम सिंह खड़क ने अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर और गलत तथ्यों के आधार पर इस जमीन को निजी खातेदारों का बता दिया तथा उन्हें कब्जा दिए जाने के आदेश भी जारी कर दिए। इस आदेश के खिलाफ नगर पालिका प्रबंधन ने हाईकोर्ट में अपील दायर करने का प्रयास किया, लेकिन वर्ष 2013 में तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता ने हाईकोर्ट में एक आवेदन दायर कर कहा कि नगर पालिका इस मामले में पैरवी करने की इच्छुक नहीं है, जिसके बाद यह मामला कई स्तरों पर जांच के दायरे में आ गया था। अब, 60 साल बाद डीडीसी कोर्ट के आदेश पर खतौनी से निजी खातेदारों के नाम हटा दिए गए हैं और भूमि को राज्य सरकार तथा ग्राम सभा के नाम दर्ज कर दिया गया है। रविवार को जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने तहसील संभल के थाना रायसत्ती क्षेत्र के गांव तख्त गोसाईं का दौरा कर गाटा संख्या 206, 207, 233, 242/378 और 279 में लगभग डेढ़ घंटे तक जांच की थी। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के अनुसार, संभल से मुरादाबाद की ओर जाने वाले हाईवे पर स्थित 101 करोड़ रुपये की 38 बीघा ग्राम समाज की जमीन को नगर पालिका और चकबंदी के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से खुर्दबुर्द कर दिया गया था, जबकि ग्राम समाज की सरकारी जमीन को बेचने या किसी व्यक्ति को देने का अधिकार न तो नगर पालिका को है और न ही चकबंदी को। यह पूरी कार्रवाई चकबंदी न्यायालय से विधिवत सुनवाई कराकर की गई है और अब आगे की कार्रवाई के साथ-साथ आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।4
- ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) द्वारा नजीबाबाद में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया।1
- उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के तहत आने वाले बेनाज़ीर पोस्ट के जगतपुर गाँव में ग्रामीणों को सड़क निर्माण न होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत है कि गाँव में घर के पास अभी तक सड़क नहीं डाली गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव के प्रधान इस संबंध में कोई काम नहीं करवा रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के मीरगंज क्षेत्र में निकासी की समस्या से लोग परेशान हैं।1
- AIMIM ने मुरादाबाद से अपना शक्ति प्रदर्शन किया है। पार्टी के 170 से अधिक कार्यकर्ता नजीबाबाद में आयोजित होने वाली ओवैसी की सभा में शामिल होने के लिए मुरादाबाद से रवाना हुए।1
- मध्य प्रदेश के रीवा में दो हिंदू लड़कियों को गौ मांस ले जाते हुए पकड़ा गया। इस घटना से संबंधित एक वीडियो को गौ रक्षकों तक तत्काल भेजने की पुरजोर अपील की गई है, जिसमें लड़कियों पर गौ मांस के कथित अवैध परिवहन का गंभीर आरोप लगाया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के पाकबड़ा क्षेत्र में एक दिव्यांग व्यक्ति मनोज कुमार नाले में गिर गए। इस घटना के बाद, मनोज कुमार ने स्वयं योगी जी महाराज और नगर निगम से सीधा सवाल पूछा है। उन्होंने अपनी अपील में जानना चाहा कि ऐसी स्थिति में योगी जी और नगर निगम कहाँ हैं। इस घटना को सोनू दास ने बीबीसी न्यूज़ उत्तर प्रदेश के लिए अपने कैमरामैन समीर के साथ पाकबड़ा से कवर किया।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने बरेली दौरे पर पहुंचे, जहाँ उन्होंने विकास, स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सौगातें प्रदान कीं। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने पंडित राधेश्याम की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने नगर निगम के वेस्ट मैनेजमेंट वाहनों को और एक नेत्र परीक्षण अभियान वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके अतिरिक्त, 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत उन्होंने पौधरोपण भी किया। मुख्यमंत्री के इस दौरे को देखते हुए शहर भर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसमें जगह-जगह भारी पुलिस बल तैनात रहा।1
- मोरादाबाद में एक महिला ने एक शख्स की सरेआम पिटाई कर दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला उस व्यक्ति पर चप्पलें और थप्पड़ बरसाती हुई दिख रही है, वहीं कुछ अन्य लोग उस शख्स को पकड़े हुए हैं। महिला का आरोप है कि इस व्यक्ति ने उसे अश्लील मैसेज भेजे थे। इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि अगर व्यक्ति ने गलत मैसेज भेजे थे, तो क्या महिला को पुलिस का सहारा लेने के बजाय खुद अपने साथियों के साथ बीच सड़क पर मारपीट और गुंडागर्दी दिखानी चाहिए थी? यह पूरी घटना दर्शाती है कि अब कानून से किसी को मतलब नहीं रहा।1