मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचेहरा क्षेत्र में संचालित एक शराब दुकान पर प्रिंट रेट (एमआरपी) से अधिक कीमत वसूलने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में कथित तौर पर दुकानदार और एक ग्राहक के बीच हुई बातचीत के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि ₹230 एमआरपी वाली शराब की बोतल ₹270 में बेची जा रही है, यानी प्रति बोतल ₹40 अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। इस वायरल वीडियो के बाद क्षेत्र में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इन आरोपों के सही पाए जाने पर इसे उपभोक्ता अधिकारों और आबकारी नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाएगा। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब की पैकारी (खुदरा बिक्री) की जा रही है, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है और नियमों की अनदेखी भी हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने या अवैध पैकारी की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासन एवं आबकारी विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। संबंधित पक्षों को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिए जाने की बात कही गई है।
मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचेहरा क्षेत्र में संचालित एक शराब दुकान पर प्रिंट रेट (एमआरपी) से अधिक कीमत वसूलने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में कथित तौर पर दुकानदार और एक ग्राहक के बीच हुई बातचीत के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि ₹230 एमआरपी वाली शराब की बोतल ₹270 में बेची जा रही है, यानी प्रति बोतल ₹40 अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। इस वायरल वीडियो के बाद क्षेत्र में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इन आरोपों के सही पाए जाने पर इसे उपभोक्ता अधिकारों और आबकारी नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाएगा। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब की पैकारी (खुदरा बिक्री) की जा रही है, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है और नियमों की अनदेखी भी हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने या अवैध पैकारी की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासन एवं आबकारी विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। संबंधित पक्षों को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिए जाने की बात कही गई है।
- पोस्ट में संस्कृत श्लोक "सर्व मंगल मांगल्ये, शिवेसर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्रयम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते।" के साथ मां शारदा मैया के प्रात:कालीन दिव्य श्रृंगार दर्शन का उल्लेख किया गया है। इसमें यह भाव व्यक्त किया गया है कि मां शारदा मैया की कृपा से सभी कार्य संपन्न हो रहे हैं और उन्हीं की वजह से नाम बन रहा है। यह पोस्ट "जय मां शारदा भवानी", "जय माई की" और "जय हो माई शारदा की" जैसे जयघोषों के साथ मां के प्रति गहरी भक्ति और कृतज्ञता दर्शाती है।2
- मैहर स्थित भारत पेट्रोलियम के सरदार पेट्रोल पंप पर पीने के पानी की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पेट्रोल पंप परिसर में लगे वाटर कूलर के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जहां पानी के पास ही कचरा जमा है। इस गंदगी से उठने वाली दुर्गंध वहां आने वाले लोगों, ग्राहकों और राहगीरों की परेशानी बढ़ा रही है, जिससे उन्हें स्वच्छ पानी के बजाय गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि साफ-सफाई की इस कमी के कारण यहां से संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, जिससे पानी पीने वाले लोगों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां यात्रियों और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए, वहां घोर लापरवाही बरती जा रही है। ऐसे में यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इस गंदगी की जानकारी नहीं है, और क्या उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ इस तरह की लापरवाही को बर्दाश्त किया जाएगा। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से इस मामले का संज्ञान लेने और विस्तृत जांच करने की मांग की है। उनकी यह भी अपेक्षा है कि यदि जांच में लापरवाही सामने आती है, तो पेट्रोल पंप संचालक के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।2
- मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचेहरा में स्थित शराब दुकानों पर नियमों का उल्लंघन कर ग्राहकों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार, शराब की बोतलें उनके निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत पर बेची जा रही हैं। वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि ग्राहक से एमआरपी से ज़्यादा पैसे लिए जा रहे हैं; उदाहरण के लिए, एक बोतल पर 230 रुपये एमआरपी अंकित होने के बावजूद, उससे अधिक राशि वसूली जा रही है। इन दुकानों पर अनिवार्य आधिकारिक रेट लिस्ट भी प्रदर्शित नहीं की गई है, जो सीधे तौर पर सरकारी नियमों का उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय निवासियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि इस शराब कंपनी से जुड़े लोग उचेहरा के ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से शराब की 'पैकरी' (बिक्री) भी करवा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग द्वारा कभी-कभार की गई कार्रवाई का कोई स्थायी असर नहीं दिख रहा है, जिससे प्रशासनिक उदासीनता साफ झलकती है। जनता ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से इस मामले की तत्काल जांच करने की मांग की है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित ठेकेदार और प्रबंधन के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि आम उपभोक्ताओं को हो रहे आर्थिक शोषण से बचाया जा सके।1
- सतना के उचेहरा स्थित वाइन शॉप पर निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक कीमत पर शराब बेचने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने इस मामले में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में कथित तौर पर ग्राहक और दुकानदार के बीच हुई बातचीत के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि ₹230 एमआरपी वाली शराब की बोतल ₹270 में बेची जा रही है, यानी प्रति बोतल ₹40 अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी तीखे सवाल उठाए हैं। आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी शराब की अवैध पैकारी (खुलेआम थोक या खुदरा बिक्री) हो रही है, जिससे नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। यदि वीडियो में किए गए दावे सत्य पाए जाते हैं, तो इसे उपभोक्ता अधिकारों और आबकारी नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाएगा। स्थानीय नागरिकों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- सतना जिले के नागौद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गोबरांव कला गांव में स्थित अति प्राचीन और जन-आस्था के केंद्र सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में आज अज्ञात चोरों ने चोरी की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। चोर मंदिर परिसर से लगभग 11-11 किलोग्राम वजनी दो ऐतिहासिक पीतल के घंटे चुरा ले गए। इस घटना का पता आज शाम तब चला जब मुख्य पुजारी और ग्रामीण पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुँचे, जिसके बाद पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। चोरी की सूचना मिलते ही भाजपा युवा मोर्चा के उंचेहरा मंडल अध्यक्ष शिवम बड़गइयां तुरंत मौके पर पहुँचे। उन्होंने ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को सांत्वना दी और मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई। इस शिकायत में पुलिस प्रशासन से चोरों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करने और मंदिर की चोरी हुई सामग्री बरामद करने की माँग की गई है। भाजयुमो मंडल अध्यक्ष शिवम बड़गइयां ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सिद्धेश्वर नाथ मंदिर हमारी आस्था और अटूट श्रद्धा का केंद्र है, और धार्मिक स्थलों पर इस तरह की चोरियाँ न केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती देती हैं, बल्कि समाज की धार्मिक भावनाओं को भी गहरा आघात पहुँचाती हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पुलिस को तुरंत खोजी कुत्तों तथा साइबर सेल की मदद से चोरों को गिरफ्तार कर मंदिर की प्राचीन धरोहर को ससम्मान वापस स्थापित करवाना चाहिए। बड़गइयां ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही चोरों की धरपकड़ नहीं हुई, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।1
- सोमवार को मैहर के घंटाघर चौराहा से 'ऑपरेशन सेफ क्लिक' के तहत एक जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना है। इस अवसर पर मैहर विधायक श्री कांत चतुर्वेदी और श्री अवधेश प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने रथ को रवाना करते हुए इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के लिए नागरिकों का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। यह जागरूकता रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करेगा और लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी एवं बैंकिंग धोखाधड़ी सहित अन्य साइबर अपराधों से बचने के उपायों की विस्तृत जानकारी देगा। इस अभियान का लक्ष्य लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना और उन्हें साइबर सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक बनाना है।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में ओबीसी महासभा द्वारा एक बहुजन महायज्ञ सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ-साथ समाज के प्रबुद्धजनों ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई। यह कार्यक्रम पूर्व विधायक आर. डी. प्रजापति के आमंत्रण पर आयोजित हुआ था, जिसमें ओबीसी महासभा मध्य प्रदेश के एडवोकेट धर्मेंद्र कुशवाहा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। सम्मेलन को संबोधित करते हुए एडवोकेट धर्मेंद्र कुशवाहा ने सामाजिक न्याय, समान अवसर, शिक्षा और संगठन की मजबूती पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज की प्रगति के लिए आपसी एकता, जागरूकता और संवैधानिक अधिकारों के प्रति सजगता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान किया कि वे शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ें और समाज के हित में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी सामाजिक समरसता, बहुजन समाज के उत्थान तथा संगठन को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी, युवा और महिलाएं मौजूद रहे, जिसका समापन समाज में एकता, भाईचारे और सामाजिक न्याय के संकल्प के साथ हुआ।1
- मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार राज्यभर में 24 जून से 8 जुलाई तक चलाए जा रहे विशेष साइबर जागरूकता अभियान 'सेफ क्लिक 2.0' के तहत रीवा पुलिस सक्रिय भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में, पुलिस अधीक्षक रीवा के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी गुढ़, उपनिरीक्षक शैल यादव के नेतृत्व में गुढ़ थाना पुलिस टीम लगातार ग्रामीण अंचलों में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। आज इसी क्रम में पुलिस टीम ग्राम इटार पहुंची, जहाँ आयोजित चौपाल में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण महिलाएं, बुजुर्ग और युवा शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने ग्रामीणों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों और ठगी के नए-नए तौर-तरीकों के प्रति सचेत किया। थाना प्रभारी शैल यादव और पुलिस टीम ने बताया कि साइबर अपराधी आजकल फर्जी कॉल और मैसेज के जरिए लोगों को बैंक खाते की केवाईसी अपडेट करने, भारी भरकम लॉटरी लगने, घर बैठे आसान नौकरी का झांसा देने, कम समय में पैसा दोगुना करने वाली फर्जी निवेश योजनाओं और संदिग्ध लिंक भेजकर ठगी का शिकार बना रहे हैं। उन्होंने बातचीत में फंसाकर वन टाइम पासवर्ड मांगने जैसे तरीकों का भी उल्लेख किया। पुलिस टीम ने ग्रामीणों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति या फोन कॉल पर अपनी बैंकिंग जानकारी, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी, पिन या ओटीपी साझा न करें। मोबाइल पर आने वाले किसी भी अज्ञात या प्रलोभन देने वाले लिंक पर क्लिक न करने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक आदि पर आने वाली किसी भी भ्रामक, संदिग्ध या आपत्तिजनक सूचनाओं को बिना जांचे-परखे आगे साझा न करने की भी सलाह दी गई। पुलिस ने ग्रामीणों को त्वरित प्रतिक्रिया के महत्व को समझाते हुए बताया कि यदि किसी के साथ किसी भी प्रकार की वित्तीय साइबर ठगी हो जाती है, तो बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी शिकायत होगी, ठगी गई राशि को बैंक खातों में होल्ड कराने की संभावना उतनी ही अधिक होगी। गुढ़ पुलिस की इस जमीनी और प्रभावी जन जागरूकता मुहिम की ग्राम इटार के नागरिकों ने सराहना की। गांव की महिलाओं और युवाओं ने पुलिस अधिकारियों से सीधे संवाद कर अपनी शंकाओं का समाधान किया और भविष्य में सजग रहने का संकल्प लिया। गुढ़ पुलिस का यह अभियान क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में प्रतिदिन निरंतर जारी रहेगा।1
- आज, रविवार, 28 जून 2026 को माँ शारदा शक्तिपीठ मैहर में प्रातःकालीन दर्शन, आरती और दिव्य श्रंगार का आयोजन किया गया।3